मुलायम सिंह यादव की मनाई गई पुण्यतिथि

गाज़ीपुर।प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में पूरे जिले में ब्लाक स्तर पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक,देश के रक्षा मंत्री एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के संरक्षक रहे श्रृद्धेय नेताजी मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई ।

इसी कड़ी में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर भी विचार गोष्ठी एवं माल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विचार गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व सभी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर इस देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम में सबसे पहले समाजवादी पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रजनीकांत यादव एवं उनके साथियों ने अपने समाजवादी गीत के माध्यम से नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया।

इस गोष्ठी में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सर्वसमाज का‌ नेता बताया और कहा कि वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ लोहिया के बाद समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे। वह लोकतंत्र के सजग प्रहरी थे। वह सामाजिक न्याय और और धर्म निरपेक्षता के प्रबल पक्षधर और सशक्त पैरोकार थे।गरीब नेता जी के राजनीति के केन्द्र में था। वह आजीवन समाज से गैरबराबरी समाप्त कर समता मूलक समाज बनाने की लड़ाई लड़ते रहे।उन्होंने नेता जी को गरीबों का रहनुमा और हर दिल अजीज बताते हुए कहा कि नेता जी एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार थे। गैरबराबरी के खिलाफ वह आजीवन संघर्ष करते रहे। उनकी संघर्ष गाथा हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। हमें उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है यदि व्यक्ति संघर्ष करेगा तो उसके लिए कोई मंजिल नामुमकिन नहीं है ।

सदर विधायक जै किशन साहू ने नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेता जी अपने कार्यों, विचारों, वसूलों और सिद्धान्तों के लिए हमेशा याद किए जायेंगे। नेता जी अमर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह जैसे नेता आज भारत की राजनीति में दुर्लभ हो गए है। उनके अंदर संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता थी। उनके मन में गरीबों के लिए गहरी वेदना और पीड़ा थी। जब भी अवसर मिला गरीबों ही नहीं समाज के हर तबके के लिए दिल खोलकर कलम चलाई। वह सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर हमें समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव ने कहा कि नेता जी ने हमेशा हम सबको संघर्ष का पाठ पढ़ाया और वह गरीबों पिछड़ों के सवाल पर आजीवन संघर्ष करते रहे। नेता जी साहस और सत्य के पर्याय थे। उनके सिद्धांतों और उसूलों को अपने जीवन में आत्मसात कर नेता जी को हमेशा के लिए जीवंत रखने की जरूरत है। वह अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आजीवन संघर्ष करते रहे।उन्होंने कहा कि नेता आंदोलन के नेता थे और हमेशा हम सबको ग़रीबों के सवाल पर आंदोलन की प्रेरणा देते थे।

इस अवसर पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा,सिंकदर कन्नौजिया,अशोक कुमार बिंद, रविन्द्र प्रताप यादव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,निजामुद्दीन खां, मदन सिंह यादव,अरुण कुमार श्रीवास्तव, डॉ सीमा यादव, विभा पाल ,सुबच्चन यादव,सदानंद यादव, पुर्व प्रमुख ममता यादव,राजकिशोर यादव, आत्मा यादव,चौथी यादव,केसरी यादव,कैलाश यादव, नरसिंह यादव,भरत यादव, डॉ समीर सिंह,दिनेश यादव,रामविजय यादव,सूर्यनाथ यादव , पंकज यादव,रमेश यादव, गोपाल जी गुप्ता, पूजा गौतम,डॉ राजेश कुमार रावत,राजेश कुमार यादव, बांबी चौधरी,कंचन रावत, विशाल मद्धेशिया,राजदीप रावत,रीना यादव,मो.जुम्मन, कमलेश यादव,द्वारिका यादव,आदित्य यादव,हरवंश यादव,बैजू यादव, राधेश्याम यादव,राजवंश‌ पासी, देवेन्द्र यादव,प्रेमनारायण राम,राजनाथ कुशवाहा, कृष्णानंद यादव,इलियास अहमद, सतिराम यादव,जगत मोहनबिंद, अनुराग यादव, देवानंद, आदि उपस्थित थे।

इस विचार गोष्ठी का संचालन सदर विधानसभा के अध्यक्ष तहसीन अहमद ने किया।

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