सरिता अग्रवाल ने छात्रा एवं महिला से संपर्क कर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के महत्व के बारे में की संवाद

महिला विरोधी है कांग्रेस,सपा और विपक्ष:सरिता अग्रवाल

गाजीपुर। स्वामी सहजानंद पी.जी. कॉलेज में ‘महिला जन आक्रोश अभियान’ के अंतर्गत छात्रा एवं महिला संपर्क कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने छात्राओं एवं मातृशक्ति से संपर्क कर ‘नारी शक्ति वंदन’ से संबंधित पत्रक वितरित करते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के महत्व के बारे में संवाद की।
संपर्क के दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पार्टियों से,नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्दी लागू करने के लिए संशोधन पर साथ देने की विनती भी की थी। लेकिन, महिला विरोधी मानसिकता से भरे कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDI गठबंधन ने एक बार फिर 17 अप्रैल 2026 को इस अधिनियम को लागू होने से रोक दिया। प्रस्ताव गिरने के बाद कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियों के सदस्यों में खुशी से तालियां बजाई और उत्सव मनाया। नारी बहुत कुछ भुला सकती है, लेकिन अपने सम्मान पर हुए अपमान को कभी नहीं भूलेंगी। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के व्यवहार का यह पीड़ा हर महिला के मन में हमेशा बनी रहेगी।
इस दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष प्रीति गुप्ता, सभासद मीनू मौर्या, भाजपा पूर्व जिला उपाध्यक्ष लालसा भारद्वाज तथा रामानुज राय सहित अन्य लोग सम्मिलित रहे।

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