गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में शनिवार को गोआश्रय स्थलों के सम्बन्ध में जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक कलेक्टेªट सभागार राईफल क्लब में आयोजित की गयी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद के समस्त गोआश्रय स्थलों की तारबन्दी कराते हुए सड़कों पर एवं खेतो में छुट्टा घूम रहे निराश्रित गोवशों को नजदीकी गोआश्रय स्थल में संरक्षित कराने के निर्देश दिये।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद के प्रत्येक ग्राम पंचायत को राज्य विल (एस०एफ०सी०) की उपलब्ध करायी गयी धनराशि में से 10 प्रतिशत की धनराशि का जनपद स्तर पर पूलिंग किया जाएगा। जनपद स्तर पर इसके लिए बैंक में खाता खोला जाएगा जिसका संचालन जिला पंचायत राज अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। गोआश्रय स्थल से सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी के मांग पर सम्बन्धित उप जिलाधिकारी की सस्तुति करने पर जनपद स्तर से गोआश्रय स्थल को एस०एफ०सी० पूलिंग की धनराशि उपलब्ध कराया जाएगा।

गोआश्रय स्थलों में सरक्षित गोवंशों के भरण पोषण के लिए कुछ गोआश्रय स्थल पर हरे चारे की व्यवस्था न होने पर जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारी को आगामी 10 दिन में गोआश्रय स्थल से सम्बद्ध चारागाह की भूमि की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर हरा चारा की बुआई कराने अथवा चारा उगाने वाले किसानों से अनुबन्ध कराने के निर्देश दिए गए। जनपद 04 गोआश्रय स्थल, जहाँ 50 से कम गोवंश संरक्षित है, के गोवंशों को आगामी तीन दिवस में नजदीका गोआश्रय स्थल में संरक्षित कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सुभाष चन्द्र सरोज, जिला विकास अधिकारी, दीन दयाल वर्मा, परियोजना निदेशक, विजय यादव, उपायुक्त, मनरेगा, रमेश चन्द्र उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी, डा० अरविन्द कुमार शाही, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डा० राकेश कुमार गौतम, नोडल अधिकारी, गोशाला, जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत, पशु चिकित्साधिकारी एवं गोआश्रय स्थलों के समस्त जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थिति रहे।