गाजीपुर। प्राकृतिक खेती अब अनिवार्य हो चुकी है,यदि हमें स्वस्थ्य रहना है तो स्वस्थ्य जीवन शैली अपनानी है जिसका एक अभिन्न अंग प्राकृतिक खेती है। यह बात गुरुवार को राज्य सभा सांसद डॉ संगीता बलवंत ने जनपदीय खरीफ गोष्ठी और प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों को सम्बोधित करते हुए कही।

उन्होने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान भाई अपने खुद के उपयोग के लिए प्राकृतिक खेती से उगाए गए अनाज, सब्जी एंव फल का उपयोग करने लगे है। जरूरत इस बात की है कि व्यावसायिक दृष्टि से भी मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रख कर प्राकृतिक खेती को अपनाया जाय। कृषि विज्ञान केन्द्र पी०जी० कॉलेज में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने कम वर्षा की आशंका के दृष्टिगत धान के अतिरिक्त दलहन, तिलहन,मक्का एवं श्री अन्न की फसलो की खेती का क्षेत्र बढ़ाने की अपील की साथ ही धान की नर्सरी के बजाय सीधी बोआई पर जोर दिया

जिससे कम पानी में भी धान की खेती सफलता पूर्वक की जा सके। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के महत्वपूर्ण अवयवो, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, बृहमास्त,नीमास्त्र, अग्निस्त्र इत्यादि को क्रमबध्द ढंग से लाइव डेमो द्वारा किसानों को प्रशिक्षित किया गया। विभिन्न स्टालो के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।

प्राकृतिक खती के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पाच प्रगतिशील कृषको को प्रशास्ति पत्र एंव अंगवस्त्रम् भेट कर सम्मानित किया गया तथा ई-बुकिंग कराने वाले कृषकों को निः शुल्क बीज का मिनीकिट भी वितरण किया गया। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती कर रही कृषि साखियां,कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकगण, कृषक उत्पादक संगठन के सदस्यगण, जिला कृषि अधिकारी, जिला वन अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी,यूपी डास्प से काजल सिंह इत्यादि ने कृषको को सम्बोधित किया।
