खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति से की केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

पूर्व छात्र संघ महामंत्री व यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुधांशु तिवारी ने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति से की केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उप जिलाधिकारी विनोद जोशी के माध्यम से किया।


गाजीपुर। देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ तथा प्रसिद्ध शिक्षाविद् व पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा है। इसी क्रम में पूर्व छात्र संघ महामंत्री (PG कॉलेज, गाजीपुर) एवं पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में शनिवार को युवाओं ने राष्ट्रपति को अपने खून से लिखा पत्र भेजकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
इस दौरान सुधांशु तिवारी ने देश के युवाओं के भविष्य और देश की गरिमा का हवाला देते हुए राष्ट्रपति के समक्ष दो प्रमुख मांगें उठाई हैं:
सोनम वांगचुक की मांगों पर तुरंत विचार: देश के युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद् सोनम वांगचुक की जायज मांगों पर सरकार तुरंत सकारात्मक निर्णय ले।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रहने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।


शशांक उपाध्याय ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में व्यापक धांधली ने देश के करोड़ों छात्रों की मेहनत और उनके भरोसे पर पानी फेर दिया है। इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ युवाओं के हक की लड़ाई लड़ना बेहद जरूरी हो गया है। प्रवीण दूबे ने कहा कि अगर सोनम वांगचुक को कुछ भी हुआ तो गाजीपुर के हजारों युवा सड़कों पर उतरने को तैयार रहेंगे। प्रकाश राय ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि देश के युवाओं को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। इस ऐतिहासिक और संघर्षपूर्ण मौके पर मुख्य रूप से शशांक उपाध्याय, प्रवीन दुबे, अंशु पांडेय, प्रकाश राय, धर्मेंद्र कुमार, राजू, ताम्रध्वज कुमार, शिवम पासवान, हर्ष पांडेय, विपुल मिश्रा, रईस अहमद, जावेद आलम , मुकुल देव, विशाल कुमार, शिव प्रकाश पांडे, सत्या यादव , सुधांशु दुबे, शिवम, रूद्रा तिवारी, संतोष कुमार , श्री राम , आलोक कुमार, सहित भारी संख्या में युवा और छात्र उपस्थित रहे।

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