जनसुनवाई में 17 प्रकरणों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में 17 प्रकरणों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

गाजीपुर। राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश की ओर से मंगलवार को सर्किट हाउस में जनसंपर्क एवं जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के कुल 17 प्रकरण प्राप्त हुए। आयोग की सदस्य ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों का नियमानुसार, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को की गई कार्रवाई एवं निस्तारण की जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के बाद आयोग की सदस्य की अध्यक्षता में संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

बैठक में महिला एवं बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं, उनकी सुरक्षा, कल्याण तथा विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं एवं बालिकाओं तक पहुंचाने और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी महिला थाना समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसी क्रम में विकासखंड जखनिया में चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं और शासन के कार्यक्रमों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। कार्यक्रम के दौरान दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।चौपाल में महिलाओं एवं परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, बाल अधिकार तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ लेने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क करने की अपील की। राज्य महिला आयोग के इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान कराने के साथ उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और महिला एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

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