स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, मेडिकल कॉलेज में तैयार 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड
गाजीपुर। राज्य में बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए जनपद का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रेसवार्ता कर स्वाइन फ्लू से बचाव और उपचार को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्रभारी सीएमओ ने बताया कि जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को अलर्ट कर दिया गया है। गंभीर सांस संबंधी बीमारी से ग्रसित मरीजों का तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज स्थित चिकित्सालय रेफर किया जाएगा, जहां जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध है। मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले तथा गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों की पहचान कर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए संदर्भित करें।
खांसी-छींक के जरिए फैलता है संक्रमण
स्वाइन फ्लू का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति की खांसी और छींक के दौरान निकलने वाली बूंदों के माध्यम से हवा के जरिए श्वसन तंत्र में पहुंच सकता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हैं।
हाथ धोने और सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को संक्रमित पदार्थों और वस्तुओं को छूने से बचने तथा हाथ मिलाने से परहेज करने की सलाह दी है। लोगों से साबुन से बार-बार और अच्छी तरह हाथ धोने तथा किसी वस्तु को छूने के बाद आंख, नाक और मुंह को छूने से बचने की अपील की गई है।
05 मरीजों के संपर्क में आए लोगों की हुई ट्रेसिंग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक सूचित 05 मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा चुकी है। राहत की बात यह है कि संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में अभी तक स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए हैं। सभी मरीजों का नियमित फॉलोअप किया जा रहा है और उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।