किसानों को बाजार भाव की गिरावट से मिलेगी राहत, हुई बैठक

आलू किसानों को बाजार भाव की गिरावट से मिलेगी राहत, भाव स्थिरता कोष व भंडारण अनुदान योजना पर हुई बैठक


अधिकतम 2 हेक्टेयर तक किसानों को मिलेगा लाभ, कोल्ड स्टोरेज भाड़े पर ₹100 प्रति कुंतल अनुदान

गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा आलू उत्पादक किसानों को बाजार में कीमतों में होने वाली गिरावट से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित भाव स्थिरता कोष योजना एवं भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को होटल गंगोत्री स्थित सभाकक्ष में प्रगतिशील किसानों एवं शीतगृह स्वामियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने उपस्थित कृषकों एवं शीतगृह स्वामियों को दोनों योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विकसित पोर्टल potato.uphorticulture.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में चरणबद्ध जानकारी दी गई। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री लोककल्याण संकल्प-पत्र के वायदे के अनुसार स्थापित भाव स्थिरता कोष का उद्देश्य आलू किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करना है। बाजार भाव में अत्यधिक गिरावट होने की स्थिति में किसानों को निर्धारित लागत के 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर में से जो भी कम होगा, उतनी अनुदान राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना का लाभ प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल तथा प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 कुंतल उत्पादन तक सीमित रहेगा। वहीं निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले किसानों को ₹100 प्रति कुंतल की दर से भंडारण शुल्क अनुदान दिया जाएगा। इसके तहत एक किसान को अधिकतम ₹20,000 तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि योजनाओं के तहत मिलने वाली अनुदान एवं सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। जिला उद्यान विभाग द्वारा पात्र किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बैठक के अंत में अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता अभियान चलाने की अपील की गई।

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