राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय गाजीपुर ने रचा कीर्तिमान, 71 पारिवारिक वादों का हुआ निस्तारण

गाजीपुर।शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय गाजीपुर के पीठासीन अधिकारी शैलोज चंद्रा द्वारा कुल 71 मुकदमों का सफल निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में निस्तारित मामलों में सबसे बड़ी संख्या भरण-पोषण से जुड़े वादों की रही। कुल 35 वाद निष्पादन के थे, जिनमें पीड़ित महिलाओं को उनके बकाया भरण-पोषण की सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान मौके पर ही पूर्ण रूपेण कराया गया। न्यायालय के इस कदम से कई महिलाओं को बड़ी राहत मिली।
इस लोक अदालत की सबसे सुखद तस्वीर तब देखने को मिली जब बिछड़े हुए दम्पति अपने समस्त विवादों को समाप्त कर पुनः साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। इन सभी 11जोड़ों ने आज न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर एक-दूसरे को माला पहनाकर खुशी का इजहार किया और आपस में मिष्ठान वितरण किया। न्यायालय परिसर में काफी देर तक खुशी का माहौल बना रहा।
प्रधान न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने बताया कि पिछले दो माह में मीडिएशन सेंटर में सुलह समझौते के लिए लगभग 200 से अधिक मामले प्रेषित किये गये थे, जिनमें से मात्र 05 मामले ही मीडिएशन के माध्यम से सफल होकर समझौते पर पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यदि मीडिएशन में सफल मामलों की संख्या अधिक होती तो लोक अदालत में निस्तारण का यह आंकड़ा और भी अधिक बढ़ सकता था।
उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि पारिवारिक विवादों को आपसी सुलह-समझौते से निपटाने का प्रयास करें, लोक अदालत इसका सबसे सशक्त माध्यम है।