शहर की बीमार सड़कों का इलाज कब?- विवेक कुमार सिंह ‘शम्मी’

शहर की बीमार सड़कों का इलाज कब?- विवेक कुमार सिंह ‘शम्मी’

गाजीपुर। शहर की बदहाल सड़कों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को प्रमुख समाजसेवी विवेक कुमार सिंह शम्मी के नेतृत्व में अंधऊ बाईपास रोड पर श्रमदान कर सड़क के गड्ढों को भरने का अभियान चलाया गया। इस दौरान उन्होंने सड़क की दुर्दशा को लेकर जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

शम्मी सिंह ने कहा कि पिछले सात वर्षों से अंधऊ बाईपास रोड के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान तीन जिलाधिकारियों का तबादला भी हो चुका है, लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य जिस ठेकेदार को मिला था, उसके द्वारा धनराशि सरेंडर कर दी गई, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हो सका।

उन्होंने दावा किया कि सड़क निर्माण के लिए करीब छह करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक धनराशि जारी नहीं होने से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि सात साल बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि इस महत्वपूर्ण सड़क का जीर्णोद्धार कब होगा।

20 गांवों के करीब 50 हजार लोगों का आवागमन

शम्मी सिंह के मुताबिक अंधऊ बाईपास रोड से प्रतिदिन करीब 50 हजार लोगों का आवागमन होता है और करीब 20 गांव सीधे इस मार्ग से जुड़े हैं। कभी यह मार्ग वीआईपी लेन के रूप में जाना जाता था और अंधऊ हवाई अड्डे को सर्किट हाउस से जोड़ता था। वर्तमान में सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि साइकिल चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है।

स्वास्थ्य शिविर के खर्च को लेकर भी उठाए सवाल

शहर में प्रस्तावित स्वास्थ्य शिविर को लेकर भी शम्मी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंका मैदान में शिविर आयोजित करने के बजाय नेहरू स्टेडियम, आईटीआई ग्राउंड, ऑडिटोरियम या ट्रामा सेंटर जैसे स्थानों पर इसे व्यवस्थित ढंग से कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि लंका मैदान में स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाओं पर करीब चार से पांच करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आ रही है। उनका सुझाव है कि यदि इस खर्च को कम किया जा सकता है तो बची धनराशि का इस्तेमाल शहर की जर्जर सड़कों के निर्माण में किया जाना चाहिए। इससे शहरवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बेहतर आवागमन की सुविधा भी मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की चिंता जरूरी है, लेकिन शहर की सड़कों की बदहाली भी जनस्वास्थ्य और रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रशासन को इस ओर भी प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। श्रमदान अभियान के दौरान मनोज सिंह, राहुल राय, सूरज, मनीष, अजय, अनिल, इंदीवर, इमरान, प्रदीप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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