6 अक्टूबर से गैस सिलेंडर वितरण बंद करने की चेतावनी
एलपीजी वितरकों ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा सात सूत्रीय मांगपत्र, 26 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान
गाजीपुर। एलपीजी वितरकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। सोमवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के एलपीजी वितरकों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को सौंपा। एलपीजी वितरकों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में कमीशन के रूप में 75 रुपये की अंतरिम वृद्धि करना शामिल है। इसके अलावा ई-केवाईसी के लिए 236 रुपये का भुगतान तेल कंपनियों द्वारा किए जाने, सभी तेल कंपनियों द्वारा एनएफआर व एआरबी उत्पादों की बिक्री के लिए वितरकों को बाध्य नहीं करने, व्यावसायिक सिलेंडर की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित नहीं करने तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू नहीं करने की मांग की गई है। वितरकों ने पीएनजी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा विक्रय अधिकारियों द्वारा वितरकों के उत्पीड़न और कथित गैरकानूनी कार्यों पर रोक लगाने की भी मांग उठाई। एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में वितरकों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर 1 सितंबर से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के प्रथम चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया। इसके बाद 21 सितंबर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने का अभियान शुरू किया गया है। वितरकों ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा बताते हुए कहा कि 5 अक्टूबर को पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। इसके बाद 6 अक्टूबर से ‘नो मनी, नो इंडेंट’ के तहत तेल कंपनियों को भुगतान जमा नहीं किया जाएगा और गैस सिलेंडर का लोड नहीं लिया जाएगा। इसके चलते गैस सिलेंडर वितरण प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। वितरकों ने बताया कि 26 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।