नियमितीकरण समेत मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
8 से 10 अक्टूबर तक कार्यक्रम बहिष्कार की चेतावनी, 12 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालय पर आंदोलन का ऐलान
गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने एनएचएम संविदा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में लंबे समय से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण समेत कई मांगों के समाधान की मांग की गई। संगठन ने प्रमुख रूप से एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि नियमितीकरण होने तक कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि कर सम्मानजनक वेतन दिया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए एवं ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की गई। रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण की सुविधा, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति तथा एनएचएम के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन की मांग भी रखी गई। संगठन ने स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटों का कोटा निर्धारित करने की भी मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ज्ञापन में मांगों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम बहिष्कार तथा इसके बाद 12 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, विशाल राय, अनिल कुमार शर्मा, सुनील कुमार, दुर्गा प्रसाद, अमित कुमार कुशवाहा, राजेश कुमार बिंद, डॉक्टर शाहबाज, राधेश्याम यादव, सोमरू कुमार, अमित कुशवाहा, संदीप पाल, अमरदीप पाल, अवनीश मित्तल समेत बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।