गाजीपुर में खाद संकट से निपटने के लिए प्रशासन सख्त, 44 कर्मचारियों को नोटिस

गाजीपुर में खाद संकट से निपटने के लिए प्रशासन सख्त, 44 कर्मचारियों को नोटिस

26 समितियों के सचिव और प्रभारी हड़ताल से लौटे, 22 समितियों से दो दिनों में 68 मीट्रिक टन खाद का वितरण

गाजीपुर। जनपद की सहकारी समितियों के सचिवों की 22 अक्टूबर 2026 से चल रही क्रमिक हड़ताल के कारण बी-पैक्स समितियों से उर्वरक बिक्री का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों और उपजिलाधिकारियों के साथ बैठक कर उर्वरक वितरण व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जानबूझकर अव्यवस्था पैदा कर उर्वरक संकट उत्पन्न करने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, समितियों पर उर्वरक वितरण व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए स्थानीय लेखपालों की ड्यूटी लगाने को कहा गया है। बी-पैक्स समितियों के अतिरिक्त सहकारिता विभाग की अन्य संस्थाओं के माध्यम से भी खाद वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवंटन किया गया है।

प्रशासन के अनुसार, जनपद की विभिन्न तहसीलों में स्थित 65 इफको केंद्रों के लिए 650 मीट्रिक टन डीएपी और 325 मीट्रिक टन एनपीएस का आवंटन कर प्रेषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सहकारिता विभाग की तहसील एवं जिला स्तरीय संस्थाओं सहित कुल 43 सहकारी उर्वरक बिक्री केंद्रों को 1,094 मीट्रिक टन डीएपी और 525 मीट्रिक टन एनपीएस आवंटित कर भेजा जा रहा है। किसानों की मांग को देखते हुए जनपद के बफर गोदाम में 8,763 मीट्रिक टन यूरिया, 4,341 मीट्रिक टन डीएपी और 1,724 मीट्रिक टन एनपीएस उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से 22 अक्टूबर को जारी आदेश में सभी बी-पैक्स सचिवों को उर्वरक बिक्री सहित विभागीय कार्य संपादित करने का निर्देश दिया गया था। आदेश का पालन नहीं करने की स्थिति में अनुशासनात्मक और विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसी क्रम में सहकारी समितियों के पांच कर्मचारियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 की धारा 38 के तहत सेवा समाप्ति की कार्रवाई के लिए संस्तुति सहित मामला उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। वहीं, एक कर्मचारी के विरुद्ध एस्मा की धारा 4 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा 44 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 29 अक्टूबर 2026 तक समिति का कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय तक काम शुरू नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता गाजीपुर ने बताया कि 28 अक्टूबर 2026 तक जनपद की 26 समितियों के सचिव या प्रभारी हड़ताल से वापस आकर काम शुरू कर चुके हैं। इनमें से 22 समितियों के प्रभारियों ने 27 और 28 अक्टूबर को पीओएस मशीन के माध्यम से कुल 68 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया। प्रशासन का कहना है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हड़ताल के बीच वैकल्पिक केंद्रों के माध्यम से उर्वरक वितरण जारी रखने के साथ ही कामकाज बाधित करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

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