गाजीपुर। त्योहारों पर रसोई का खर्च कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर रिफिल देने की योजना का शुभारंभ किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार से प्रदेश के 1.89 करोड़ लाभार्थियों के लिए 1500 करोड़ रुपये की सब्सिडी अंतरण प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इसी क्रम में गाजीपुर के राइफल क्लब में आयोजित कार्यक्रम में 265 उज्ज्वला लाभार्थियों को निःशुल्क गैस सिलेंडर वितरण का लाभ दिया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद गाजीपुर की अध्यक्ष श्रीमती सरिता अग्रवाल रहीं। उन्होंने लाभार्थियों को योजना की जानकारी देते हुए सरकार की इस पहल को महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए राहत देने वाला कदम बताया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वेद सिंह चौहान और जिला पूर्ति अधिकारी अनन्त प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

योजना के तहत लाभार्थी को पहले गैस एजेंसी पर उपभोक्ता दर के अनुसार सिलेंडर की पूरी कीमत चुकाकर रिफिल लेना होगा। इसके चार से पांच दिन बाद सब्सिडी की धनराशि आधार प्रमाणित बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की सब्सिडी अलग-अलग मिलेगी। जनपद में एक भरे सिलेंडर की कीमत लगभग 1014 रुपये निर्धारित है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 366 रुपये और प्रदेश सरकार की ओर से 648 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इस प्रकार पात्र लाभार्थी को पूरी कीमत के बराबर सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

जिले में कुल 66 घरेलू गैस एजेंसियां संचालित हैं। इनके माध्यम से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 3,21,168 सक्रिय लाभार्थी जुड़े हैं। इनमें से 2,97,967 लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक हो चुके हैं, जबकि 2,81,121 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।प्रशासन ने शेष लाभार्थियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने बैंक खाते का आधार प्रमाणीकरण और गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी करा लें, ताकि योजना का लाभ मिल सके। इसके लिए ऑयल कंपनियों की ओर से मोबाइल पर एसएमएस भेजे जा रहे हैं और गैस एजेंसियां भी फोन के माध्यम से लाभार्थियों को सूचित कर रही हैं।

योजना के प्रथम चरण में अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक तथा द्वितीय चरण में जनवरी से मार्च 2027 तक लाभ दिया जाना है। यह सुविधा उज्ज्वला योजना के पात्र कनेक्शन पर लागू होगी, दूसरे सिलेंडर यानी डीबीसी कनेक्शन पर नहीं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, विभागीय कर्मचारी और गैस एजेंसी संचालक सहित बड़ी संख्या में संबंधित लोग उपस्थित रहे।
