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मांउट लिट्रा स्कूल में विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

मांउट लिट्रा ज़ी स्कूल में विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन


गाजीपुर। शिक्षा की सार्वभौमिकता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा की उत्कृष्ठ प्रणाली प्रस्तुत करने में अग्रसर, नवीन शैक्षिक पद्धति प्रस्तुत करने में प्रयासरत शहर के बंधवा पीरनगर स्थित मांउट लिट्रा ज़ी स्कूल में विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन सोमवार को किया गया। जैसा कि पूरी दुनिया में बच्चों को प्रोत्साहित एवं उनके उत्साह को विकसित किया जा रहा है। उसी क्रम में माउंट लिट्रा जी स्कूल द्वारा भी पहल की गई। आयोजन के शुरूआत में मांउट लिट्रा ज़ी स्कूल के निदेशक मोहित श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के दो सौ से अधिक मॉडल्स व क्राफ्ट मटीरियल्स प्रदर्शित किए गए।

प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण के रुप में ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (A. I.) द्वारा तैयार किए गये कम्प्युटर के प्रोजेक्ट, लैंड एण्ड एनर्जी कंजर्वेशन, हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी, ड्रीमसिटी, रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जीव-विज्ञान पर आधारित बै्रन के पार्ट्स, एम्ब्रीयो डेवलपमेंट ब्लड सरकुलेट्री सिस्टम ई-लाइब्रेरी, डोर सिक्योर्टी अलार्म, फायर अलार्म, डोर बेल व बींसवी सदी के मांउट लिट्रा ज़ी स्कूल का अद्भुत मॉडल्स प्रदर्शित किए गए। इस विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं ने अपनी क्षमता एवं दक्षता का बेहतर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों के शिल्प कला, हस्थ कला एवं वैज्ञानिक चेतना का विकास किया गया। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए स्कूल के बच्चों के अभिभावकों के साथ-साथ अन्य स्कूलों के बच्चों एवं अभिभावकों ने भी भाग लिया। बच्चों के द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रकार के माॅडल्स एवं आर्ट एण्ड क्राफ्ट को देखकर उपस्थित लोगो ने खुब जमकर सराहना की। आयोजन के अंत में स्कूल के प्रधानाचार्य डा0 राजेश कारकून के द्वारा सभी अभिभावकों का आभार प्रकट किया गया।

अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाई गई राजेन्द्र बाबू की जयंती

गाजीपुर। शनिवार की देर शाम अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नियाजी मुहल्ले स्थित सुशील चन्द्र वर्मा एडवोकेट के आवास पर अमर शहीद खुदीराम बोस और स्वाधीनता सेनानी डॉ राजेन्द्र बाबू की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व महासभा के सभी पदाधिकारियों एवं उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया और उनके बताए रास्ते पर चल कर देश सेवा करने का संकल्प लिया। डॉ राजेन्द्र बाबू की जयंती अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया गया। अधिवक्ता दिवस के अवसर पर मशहूर अधिवक्ता रहे स्व.कामेश्वर नाथ वर्मा को मरणोपरांत डॉ राजेन्द्र बाबू स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने उनको दिया जाने वाला प्रशस्ति पत्र उनके बेटे सुशील चन्द्र वर्मा और नरेंद्र कुमार वर्मा तथा उनकी पत्नी को सौंपा। इस अवसर पर मुख्य रूप से चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव,अजय श्रीवास्तव, अरुण सहाय, राजेंद्र अस्थाना, अरविंद मिश्रा,संदीप वर्मा, पवन वर्मा,अमित खरे, प्रमोद सिन्हा,गौरव खरें,विनीत श्रीवास्तव, परमानन्द श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव,अति प्राचीन रामलीला समिति के मंत्री बच्चा तिवारी, चित्रगुप्त वंशीधर सभा के मंत्री अजय श्रीवास्तव,वेदप्रकाश,मधुरकांत,प्रीतम कुमार, राजेंद्र कुशवाहा, विजेन्द्र सिंह, बृजेश सिंह,वासिफ आलम आदि उपस्थित थे।

दिव्यांजनों में बाटा गया उपकरण


गाजीपुर। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 द्वारा संचालित योजना कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजनान्तर्गत विकास भवन परिसर में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में एक शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद के 5 दिव्यांगजन को ट्राइसाईकिल एवं 1 दिव्यांग वृद्व को छड़ी वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी नरेन्द्र विश्वकर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक, समाज कल्याण अधिकारी एवं अन्य कर्मचारीगण इत्यादि उपस्थित रहे।

मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए एसडीएम को सौंपा पत्रक

गाजीपुर। शनिवार को समाजसेवी दीपक उपाध्याय के नेतृत्व में वार्ड नंबर 6 लालबहादुर शास्त्री वार्ड के नगरवासियों ने यूपी नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने को लेकर सदर एसडीएम प्रतिभा मिश्रा को पत्रक सौंपा। दीपक उपाध्याय ने बताया कि मतदाता सूची में सैकड़ों ऐसे मतदाता हैं व कई घर ऐसे है जिसका नाम काट दिया गया है, बिना किसी कारण के और वे पिछले चुनावों में वोटर लिस्ट में शामिल थे और उन्होंने मतदान किया है। परन्तु वर्तमान मतदाता सूची में नाम नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। कुछ लोगों के परिवार में कुछ लोगों का नाम गायब कर दिया गया है और दर्जनों युवाओं ने वोटर लिस्ट में प्रथम बार नाम शामिल कराने को लेकर नाम दिया था परन्तु जब मतदाता सूची जारी हुई तो नाम ही शामिल नहीं हुआ है जिससे वे मतदान करने से वंचित हो जाएंगे, इन सभी मुद्दों को लेकर आज मैंने एसडीएम को पत्रक दिया है। पत्रक का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने जांच कराकर शीघ्र नाम शामिल कराने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर राघवेन्द्र चौबे, शशांक उपाध्याय, अभिषेक राय, गोपाल यादव,अजय यादव,जासू राय,परनामराम यादव,कृष्णा यादव इत्यादि लोग मौजूद थे।

विभाग को 7 करोड़ का घाटा

पांचवे दिन भी विद्युत कर्मियों का जारी रहा कार्य बहिष्कार


कार्य बहिष्कार से विभाग को 7 करोड़ का घाटा


गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में शनिवार को पांचवे दिन भी विद्युत कर्मियों का धरना जारी रहा। इस दौरान सह संयोजक मिथिलेश यादव ने बताया कि विद्युत कर्मियों का पंद्रह सूत्रीय मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देशन पर ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा प्रबंधन एवम विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष के प्रतिनिधियों संग बैठक जारी है। आगे उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज को तत्कल हटाकर उसके संपत्ति की जांच कराई जाय ताकि विद्युत कर्मियों में बना भय समाप्त हो और स्वच्छ वातावरण में अपने कार्य को संपादित कर सके। जिला मंत्री विजयशंकर राय ने सरकार से मांग करते हुवे बताया कि हमारे संविदा/निविदा कर्मियों को पंजाब, तेलगाना, उड़ीसा, दिल्ली के तर्ज पर विभाग में समायोजित करके नियमित किया जाय, आज के दौर में यही निविदा कर्मी अपने जान को जोखिम में डालकर आम जनता के सेवा के लिए दिन रात मेहनत करते है और इन लोगो को श्रम विभाग के द्वारा न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाती है। इन लोगो के पैसे का बंदरबाट ऊर्जा चेयरमैन एवं ठेकेदार मिलकर कर रहे है। खुलेआम दलाली ऊर्जा प्रबंधन ठेकेदारों से मिलकर कर रहा है और हमारे मुखमंत्री इस पर चुप्पी साधे हुवे है। कर्मी मुख्यमंत्री से मांग करते है की उत्तर प्रदेश में आबादी को देखते हुवे सभी संविदा/निविदा, मीटर रीडरो को विभाग में नियमित करने के लिए तत्काल कदम उठाए। सभी निविदा एवम मीटर रीडर कर्मियों को साल भर से बकाया ईपीएफ बिलिंग एजेंसी स्टर्लिंग कंपनी एवम भारत इंटरप्राइजेज द्वारा तत्काल भुगतान किया जाय। यही सब मांगों को लेकर कर्मचारियों एवम अधिकारियों में रोष व्याप्त है, जिससे यही सब मांगों को लेकर धरना विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में चल रहा है। धरने में मुख्य रूप से अधिशाषी अभियंता संजय सिंह,मनीष कुमार,हेमंत सिंह,आशीष चौहान,चंद्रपाल सिंह सहायक अभियंता शेखर सिंह,मिठाई लाल,सुधीर कुमार,विजय यादव,कमलेश कुमार,अवर अभियंता पंकज चौहान,हर्षित राय,रमेश मौर्य,चित्रसेन प्रसाद,विनोद राम, शैलेंद्र ओझा,शशिकांत पटेल,महबूब अली,इंद्रजीत पटेल विद्युत मजदूर पंचायत के ,जिला मंत्री विजयशंकर राय,भानु सिंह,विनय तिवारी,अश्वनी सिंह,प्रवीण सिंह,प्रवीण पाण्डेय,गोविंद कुशवाहा,शशिकांत मौर्य,ज्योतिकांत कुशवाहा,राजेश सिंह,जीवन वर्मा,अनीश अहमद,शशिकांत भारती,शिवशंकर,जवाहिर पटवा,बरूण राय,राकेश चौबे, इबरार अहमद, नईम अहमद सहित सैकड़ों विद्युत कर्मी,संविदा/निविदा कर्मी मौजूद रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता ई0 संतोष चौधरी एवं संचालन ई0 मिथिलेश यादव ने किया।

नियमित टीकाकरण महिलाओं और बच्चों को कई रोगों से बचाता है

नियमित टीकाकरण के साथ ही गर्भवती की नियमित जांच को लेकर हुई बैठक

गाजीपुर। नियमित टीकाकरण जो 0 से 5 साल तक के बच्चे और गर्भवती के साथ ही धात्री को कई रोगों से बचाता है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा समय-समय पर टीकाकरण करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का कार्य करती है। इसी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदबाद पर शुक्रवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय की अध्यक्षता में प्रशिक्षण देने का कार्य किया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि नियमित टीकाकरण 0 से 5 साल तक के बच्चों गर्भवती और धात्री को लगाया जाता है। जो उन्हें कई तरह के रोगों से बचाता है। इसी को लेकर शत प्रतिशत गभर्वती एवं बच्चों को समयानुसार वैक्सीनेशन हेतु आशा, आशा संगीनी , एएनएम एवं पर्यवेक्षकों का हेड काउंट सर्वे हेतु प्रशिक्षित किया गया। और आगे भी कई बैच में प्रशिक्षण दिया जायेगा।

हेडकाउंट सर्वे के दौरान क्षेत्रांतर्गत सभी परिवारों का सर्वे किया जायेगा। जिसमें वैक्सीनेशन की जानकारी परिवार से एमसीपी कार्ड के माध्यम से लिया जायेगा। एवं छूटे टीकाकरण की जानकारी दर्ज करते हुऐ कार्ययोजना अनुसार सभी की शतप्रतिशत नियमित टीकाकरण किया जायेगा। विशेष रूप से लेफ्ट आउट एवं ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान इस सर्वे के दौरान किया जायेगा।

नियमित टीकाकरण सत्र के सुचारू रुप से संचालित करने हेतु आवश्यक संसाधनों, सामग्री, औषधियों एवं आईईसी प्रयाप्त मात्रा में रहे तथा किसी भी विपरित परिस्थितियों में कैसे हम AEFI को मैनैज करे इस बताते हुए वोपेन वायल पालिसी, डुय लिस्ट, की दी जाने वाली प्रमुख संदेशों के साथ साथ एमसीपी कार्ड (टिकाकरण कार्ड ) के महत्व को बताया गया।

इस दौरान शतप्रतिशत गभर्वती महिलाओं को पूर्ण एएनसी जांच एवं समयानुसार फोलिक एसिड, आयरन फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की उपलब्धता के साथ साथ हिमोग्लोबिन जांच, सिफलिश जांच, एचआईवी जांच के साथ साथ युरिन एल्बुमिन एवं प्रोटीन की जांच शतप्रतिशत करते हुऐ प्रत्येक गभर्वती महिलाओं की कम से कम एक एएनसी जांच महिला चिकित्साधिकारी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाकर अवश्य कराएं। हाई रिस्क प्रेगनेंट महिलो का प्रसव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ही महिला चिकित्साधिकारी की निगरानी में कराया जाय। जिससे किसी भी विषम परिस्थितियों को मैनेज किया जा सके।

नियमित टीकाकरण के साथ साथ परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई विषयो पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुऐ लक्षित समुह को आवश्यकता अनुसार साधनों को अपनाने हेतु प्रोत्साहित करते हुऐ उनकी स्वीकार्यता को बढ़ाने का निर्देश दिया। बैठक में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार, बीसीपीएम मनीष कुमार, डब्ल्यूएचओ मानीटर अनिल श्रीवास्तव के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।

समाज का हर बच्चा शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़े:डीएम

गाजीपुर। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर कम्पोजिट विद्यालय बबेडी में दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक सांस्कृतिक खेलकूद का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने शनिवार को दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों से 135 बच्चों द्वारा प्रतिभाग किया गया साथ ही साथ बच्चों के द्वारा अपनी अद्वितीय प्रतिभा और क्षमता के प्रदर्शन को समाज को दर्शित कराया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में एकल गायन, एकल नृत्य, सामूहिक गायन, समवेत नृत्य, योगा के साथ-साथ लघु नाटिका का प्रदर्शन भी किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी नरेन्द्र विश्वकर्मा, समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव और कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमन्त राव ने अपने उद्बोधन में दिव्यांग बच्चों की विशिष्ट प्रतिभा की भूरी भूरी प्रशंसा की और साथ ही साथ प्रशासनिक स्तर पर हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने अपने आशीर्वचन में यह आवाहन किया कि समाज का हर बच्चा समावेशित होकर शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़े। इसके लिए शासन- प्रशासन स्तर से  किए जाने वाले हर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है। समर्थ एप्प पर दिव्यांग बच्चों के अधिगम एक्टिविटी को अंकित करने का भी निर्देश अध्यापक वर्ग को जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। मानसिक दिव्यांग बच्चों के प्रमाणीकरण हेतु जिलाधिकारी द्वारा अतिरिक्त प्रयास कर विशेष डॉक्टर्स की टीम बुलाने का भी आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले समस्त बच्चों को अपने कर कमलों से पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। ‘‘छूकर पहचानो ‘‘ प्रतियोगिता में जखनिया का चंदन प्रथम स्थान, जखनियां की लक्ष्मीना द्वितीय स्थान और जखनिया का अमित तृतीय स्थान पर रहे। सुलेख प्रतियोगिता में श्रवण, दिव्यांग बच्चों में अंकित यादव भागीरथपुर जमानिया प्रथम स्थान, अफजल खान अन्हारीपुर सदर द्वितीय स्थान, पायल परसोली लेदिहां जखनिया तृतीय स्थान प्राप्त की। जनपद के समस्त शिक्षा क्षेत्रों के विशेष शिक्षक अपने विशेष बच्चों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विशेष शिक्षक राम प्रवेश तिवारी व अतिथि का आभार जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता द्वारा किया गया।

शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही हुई तो अधिकारी होंगे जिम्मेदार:डीएम

गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील जखनियॉ में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी  की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता की उपस्थिति में शनिवार को सम्पन्न हुआ। इस समाधान दिवस मे 242 शिकायत और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर सिर्फ 9 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातो  तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 561 शिकायत व प्रार्थना प्राप्त हुए, जिसमें मौके पर 38 शिकायत व प्रार्थना पत्रो का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस मे प्राप्त शिकायत और प्रार्थना पत्रो का सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलम्ब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए निस्तारण करायी जाय। उन्होने सावजनिक भूमि, तालाब, सरकारी भूमि, ग्राम समाज के भूमि पर अवैध अतिक्रमण को एक अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया। उन्होनेे आई जी आर एस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतो को आगामी तीन दिवस में शत-प्रतिशत निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा इसकी समीक्षा सीधे शासन स्तर से होती है। इसमे लापरवाही पर सम्बन्धित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होगे। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी जखनियां, क्षेत्राधिकारी जखनियां, तहसीलदार जखनिया एवं समस्त जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मांगों को पूरा करें तभी धरना होगा स्थगित

निविदा कर्मियों को नियमित किया जाय,निर्भय सिंह।


गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में शुक्रवार को चौथे दिन भी विद्युत कर्मियों का धरना जारी रहा। इस दौरान जिलाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा ने बताया कि विद्युत कर्मियों का पंद्रह सूत्रीय मांगो को अभी तक सरकार एवम ऊर्जा प्रबंधन द्वारा नही सुना गया है, जिसमे कहि न कही विद्युत कर्मियों में प्रबंधन के खिलाफ भारी गुस्सा है। कहा कि अगर तत्काल जिला प्रशासन मामले को संज्ञान मे नही लिया तो कभी भी पूरे जिले की बिजली बेवस्था ध्वस्त हो सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि पाली ड्यूटी पर कार्यरत सब स्टेशन ऑपरेटर कभी भी कार्य बहिष्कार कर धरने पर आ सकते हैं जिसके कारण विद्युत बेवस्था कभी भी लड़खड़ा सकती है। अगर देखा जाय तो अभी तक विद्युत कर्मियों के हड़ताल को देखते हुवे जिला प्रशासन ने विद्युत सप्लाई को सुचारू रखने के लिए कोई वैकिल्प व्यवस्था नही किया गया है, जिसमे आम जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिला संयोजक निर्भय सिंह ने सरकार से मांग करते हुवे बताया कि हमारे संविदा/निविदा कर्मियों को पंजाब, तेलगाना, उड़ीसा, दिल्ली के तर्ज पर विभाग में समायोजित करके नियमित किया जाय। आज के दौर में यही निविदा कर्मी अपने जान को जोखिम में डालकर आम जनता के सेवा के लिए दिन रात मेहनत करते है और इन लोगो को श्रम विभाग के द्वारा न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाती है। इन लोगो के पैसे का बंदरबाट ऊर्जा चेयरमैन एवं ठेकेदार मिलकर कर रहे है। खुलेआम दलाली ऊर्जा प्रबंधन ठेकेदारों से मिलकर कर रहा है और हमारे मुखमंत्री इस पर चुप्पी साधे हुवे है। हम मुख्यमंत्री से मांग करते है की उत्तर प्रदेश में आबादी को देखते हुवे सभी संविदा/निविदा, मीटर रीडरो को विभाग में नियमित करने के लिए तत्काल कदम उठाए नही तो आने वाले समय में विद्युत कर्मी बहुत बड़ा आंदोलन के साथ साथ भूख हड़ताल करने को बाध्य होगे। जिला सह संयोजक अभिषेक राय ने बताया कि आज अभियंताओं में डर का माहौल बना हुवा है। कोई भी इस डरे हुवे माहौल में कार्य नही करना चाहते है। इसलिए की ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज का जो कार्य करवाने का तरीका है वह ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ है। बराबर तुगलकी फरमान, वर्क टू वर्क रूल के खिलाफ कार्य करवाना, बेवजह वीसी करके धमकी देना, बिना सूचना दिए बगैर जांच किए निलंबित करना। कहा कि कोई भी अभियंता को बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखने के लिए उपकरण भी नही मिल रहा है ना ही बिजली चेकिंग के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है, एवम ना ही किसी भी कर्मचारियों की विभागीय समस्याओं का निदान ऊर्जा प्रबंधन के द्वारा की जा रही है। सभी वर्ग के अभियंता एवम विभागीय कर्मी परेशान है सुनने वाला कोई नहीं है, सिर्फ तानाशाही रवैए से कर्मचारियों एवम अधिकारियों का आर्थिक एवम मानसिक रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है, यही सब मांगों को लेकर धरना विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में चलता रहेगा। कहा कि सबका मूल जड़ ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज है। इसको तत्काल पद से हटाया जाय एवम हमारे केंद्रीय कमेटी को बुलाकर मुख्यमंत्री एवम ऊर्जा मंत्री बैठकर हमारी पंद्रह सूत्रीय मांगो को अमल में लाए तभी धरना स्थगित किया जाएगा। धरने में मुख्य रूप से अधिशाषी अभियंता संजय सिंह,मनीष कुमार,हेमंत सिंह,आशीष चौहान,चंद्रपाल सिंह सहायक अभियंता शेखर सिंह,मिठाई लाल,सुधीर कुमार,विजय यादव,कमलेश कुमार,अवर अभियंता पंकज चौहान,हर्षित राय,रमेश मौर्य,चित्रसेन प्रसाद,विनोद राम, शैलेंद्र ओझा,शशिकांत पटेल,महबूब अली,इंद्रजीत पटेल विद्युत मजदूर पंचायत के ,जिला मंत्री विजयशंकर राय,भानु सिंह,विनय तिवारी,अश्वनी सिंह,प्रवीण सिंह,प्रवीण पाण्डेय,गोविंद कुशवाहा,शशिकांत मौर्य,ज्योतिकांत कुशवाहा,राजेश सिंह,जीवन वर्मा,अनीश अहमद सहित सैकड़ों विद्युत कर्मी,संविदा/निविदा कर्मी मौजूद रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता ई0 विजय यादव एवं संचालन ई0 मिथिलेश यादव ने किया।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर जागरूकता का हुआ आयोजन

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर जागरूकता गोष्ठी का हुआ आयोजन

गाजीपुर। हर साल सर्दियों में वायु प्रदूषण चिंताजनक स्थिति में होता है। इसी मौसम में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है। इसे मनाने की वजह 1984 में हुए एक औद्योगिक हादसा है। जिससे 2-3 दिसंबर की रात को भोपाल में एक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इसी को लेकर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनदाबाद के अंतर्गत आने वाले हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर एवं ग्रामों में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय की अध्यक्षता में किया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि वर्तमान समय में मानवीय अस्तित्व के लिए सबसे बड़े संकट की बात की जाए तो निःसंदेह ही पर्यावरण प्रदूषण धरती के लिए सबसे बड़ा खतरा है। आज विश्व का प्रत्येक भाग मानव द्वारा निर्मित प्रदूषण से जूझ रहा है जिसके कारण विभिन पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन हो गयी है। जल, स्थल, वायुमंडल सहित जीवमंडल का सम्पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र प्रदूषण के कारण संकट में है। मानवीय प्रदूषण के कारण उत्पन संकट को दूर करने के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के माध्यम से देश के नागरिको को जागरूक किया जाता है। प्रदूषण का पारिस्थितिक तंत्र सहित मानवीय जीवन पर घातक प्रभाव होता है। प्रदूषण के कारण पारिस्थितिक तंत्र में असंतुलन उत्पन हो जाता है। जिसके कारण विभिन जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है। प्रदूषण का पारिस्थितिक तंत्र सहित मानव जीवन पर घातक प्रभाव पड़ता है। इसके कारण विभिन जीवों के खाद्यान एवं आवास पर संकट उत्पन होता है। साथ ही विभिन वैज्ञानिक अनुसंधानो में भी यह बात साबित हो चुकी है की प्रदूषण ना सिर्फ हृदय, श्वसन एवं तंत्रिका तंत्र सम्बंधित बीमारियों के लिए जिम्मेदार है। अपितु यह कैंसर जैसे बीमारियों का भी प्रमुख कारक है। प्रदूषण के कारण लोगो की उम्र में 10 वर्ष तक की कमी सम्बंधित शोध भी प्रकाशित हो चुके है।

ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्या है प्रदूषण दिवस 2 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है इसका मुख्य उद्देश्य नागरिको को पर्यावरण प्रदूषण के बारे में जागरूक करना है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के माध्यम से सरकार एवं विभिन गैर-सरकारी संस्थानों के द्वारा विभिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसके माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण का कारकों, इसके नियंत्रण एवं निस्तारण में लोगों की सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्ययोजना को लागू किया जाता है। साथ ही जन-सहभागिता के अतिरिक्त राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के अवसर पर विभिन नियमों एवं कानूनो के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाता है। पर्यावरण प्रदूषण हेतु प्रभावी उपायों के बारे में भी इस दिवस के अवसर पर विभिन प्रकार की जानकारी साझा की जाती है। प्रदूषण के कारकों के आधार पर इसे विभिन प्रकार से विभाजित किया गया है जिन्हे मुख्यत निम्न प्रकार से बाँटा गया है :- जल-प्रदूषण, वायु-प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, प्रदूषण के प्रमुख कारक है। मानव निर्मित औद्योगिक गतिविधियों, रसायनों के प्रयोग, खनिज तेल का उपयोग एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुन दोहन के कारण प्रदूषण पैदा होता है।