गाजीपुर। राष्ट्रपति भवन में आयोजित बाल दिवस पर नगर के डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अपने मन की जिज्ञासा को दूर किया। राष्ट्रपति से संवाद कर बच्चे काफी प्रफुल्लित हैं। राष्ट्रपति ने भी उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी हिस्सा लेने की सीख दी। इस दौरान राष्ट्रपति भवन व संसद भवन का भी भ्रमण किया। यह जिले के लिए गौरव की बात है। राष्ट्रपति भवन के सेंट्रल हाल में आयोजित बाल दिवस पर कार्यक्रम के लिए जिले के सनबीम स्कूल के बच्चों का चयन किया गया था। स्कूल की डायरेक्टर एकता अखंड राय, शिक्षक कमलेश सिंह के साथ छात्र अभ्युदय प्रताप, निवेदिता प्रधान, आदर्श राय व सौम्या राय कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। बच्चों ने बताया कि राष्ट्रपति प्रोटोकाल तोड़कर उनके बीच आ गयीं और संवाद किया। अभ्युदय प्रताप व निवेदिता ने राष्ट्रपति से पूछा कि आपको महामहिम के पद पर आने के बाद कैसा लगा? तो उन्होंने जवाब दिया बिल्कुल, बहुत अच्छा लगा। फिर बच्चों ने सफल होने के बाद कैसा महसूस करतीं हैं। जवाब दिया सफलता का कोई अंत नहीं है। राष्ट्रपति ने सीख दी कि आप बच्चे आगे बढ़ते जाइए। आपका बचपन कैसा के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं भी आपकी तरह बगीचों और मिट्टी में खेला करती थीं। आज की तरह अच्छे स्कूल नहीं थे। उन्होंने बच्चों को मेहनत की सीख दी। साथ ही शिक्षकों से बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षण कार्य कराने के साथ ही शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेलकूद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
गाजीपुर। कांग्रेस के मजबूत कार्यकर्ता मनिहारी ब्लाक के करसाही गांव निवासी दिवांशु पाण्डेय उर्फ अंशु पर शीर्ष नेतृत्व ने भरोसा जताते हुए पदोन्नति कर युवा कांग्रेस का प्रदेश महासचिव बनाया है। गाजीपुर में युवा कांग्रेस के बैनर तले किए गए संघर्षों को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष कनिष्क पांडे ने अंशु पर भरोसा जताया और उनको दी गई नई जिम्मेदारियों के साथ संगठन को मजबूती प्रदान करने की ओर नई दिशा दिखाई। पदोन्नति होने के बाद अंशु ने कहा हमारे राष्ट्रीय पटल पर जहां एक मजदूर के बेटे के रूप में मलिकार्जुन खरगे द्वारा नेतृत्व दिया जा रहा है वही प्रदेश स्तर पर मुझ जैसे किसान के बेटे को नई जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए मैं सभी शीर्ष नेतृत्व के साथ विशेष धन्यवाद प्रदेश अध्यक्ष कनिष्क पाण्डेय को देता हूं। जिन्होंने मेरे ऊपर भरोसा जताया है।
गाजीपुर। महायोजना-2031 (प्रारूप) पर जन सामान्य से प्राप्त 236 आपत्तियों की सुनवाई शासन द्वारा गठित समिति जिलाधिकारी/अध्यक्ष नियंत्रण प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र गाजीपुर की अध्यक्षता में 14 एवं 15 नवंबर को की गयी। जिसमें 182 लोग समिति के समक्ष उपस्थित हुऐ तथा अपनी-अपनी आपत्ति/सुझाव दर्ज कराया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी द्वारा जन सामान्य से प्राप्त आपत्ति/सुझाव पर समिति के सदस्यों से शासन द्वारा समय-समय पर नर्गत शासनादेश एवं निर्धारित निर्देशों के सापेक्ष आपत्ति/सुझाव का निस्तारण समयानुसार करने हेतु निर्देश दिया गया।
कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत हुआ कार्यशाला का आयोजन
गाजीपुर। कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत लगातार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कुष्ठ रोग को दूर करने के लिए कार्यक्रम चलाए जाते हैं । इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह की अध्यक्षता में एक कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद के सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक के साथ ही एनएमए और एनएमएस शामिल रहे।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ एसडी वर्मा ने बताया कि कुष्ठ रोगी के खोजे जाने और कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी के साथ ही इसका कैसे निवारण हो इसको लेकर विभाग हमेशा सचेत रहता है। समय-समय पर कार्यक्रम भी चलाता है इसी क्रम में आज एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।। जिसमें जनपद के समस्त ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक व अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि लेप्रोसी के मरीज़ों को अक्सर छुआछूत, कोढ़ और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है। जागरुकता के अभाव की वजह से लोगों को लगता है कि यह छूने से फैलता है। जबकि ये बिल्कुल ग़लत है, संक्रामक बीमारी होने के बावजूद यह छूने या हाथ मिलाने, साथ में उठने-बैठने या कुछ समय के लिए साथ रहने से नहीं फैलती। हालांकि, यह संभव है कि लेप्रोसी पीड़ित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक रहने से परिवार के सदस्य इसकी चपेट में आ सकते हैं। लेकिन, नियमित रूप से इसका चेकअप और बचाव करने से इससे बचा जा सकता है।
लेप्रोसी या कुष्ठ रोग एक जीर्ण संक्रमण है, जिसका असर व्यक्ति की त्वचा, आंखों, श्वसन तंत्र एवं परिधीय तंत्रिकाओं पर पड़ता है। यह मायकोबैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु के कारण होता है। हालांकि यह बीमारी बहुत ज्यादा संक्रामक नहीं है, लेकिन मरीज के साथ लगातार संपर्क में रहने से संक्रमण हो सकता है।
लेप्रोसी पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर उसके श्वसन तंत्र से निकलने वाले पानी की बूंदों में लेप्रे बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया हवा के साथ मिलकर दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुंच जाते हैं। स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पहुंच कर इन बैक्टीरिया को पनपने में करीब 4-5 साल लग जाते हैं। कई मामलों में बैक्टीरिया को पनपने (इन्क्यूबेशन) में 20 साल तक लग जाते हैं। प्राइमरी स्टेज पर लेप्रोसी के लक्षणों की अनदेखी करने से व्यक्ति अपंगता का शिकार हो सकता हैं। यह संक्रामक है, पर यह लोगों को छूने, साथ खाना खाने या रहने से नहीं फैलता है। लंबे समय तक संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने से इससे संक्रमण हो सकता है, पर मरीज़ को यदि नियमित रूप से दवा दी जाए, तो इसकी आशंका भी नहीं रहती है।
लेप्रोसी के प्राइमरी स्टेज को ट्यूबरक्यूलोइड कहा जाता है। इसमें लेप्रे बैक्टीरिया शरीर के हाथ, पैर, मुंह जैसे एक्पोज या खुले अंगों और उनकी पेरीफेरल नर्व्स या गौण तंत्रिकाओं को ज़्यादा प्रभावित करता है। इसमें ब्लड या ऑक्सीजन की सप्लाई कम होने से प्रभावित अंग सुन्न होने लगते हैं। शरीर की त्वचा पर पैच पड़ने लगते हैं या त्वचा का रंग हल्का पड़ने लगता है और वह जगह सुन्न होने लगती है। वहां का सेंसेशन ख़त्म हो जाता है। समुचित इलाज न कराने से पैच दूसरे अंगों पर भी होने लगते हैं। पैच वाली स्किन ड्राइ और हार्ड होने लगती है। किसी भी प्रकार की चोट लगने या दूसरे इन्फेक्शन होने पर उनमें अल्सर हो सकता है।
आज के इस कार्यशाला में एसीएमओ डॉ जे एन सिंह,डॉ मनोज सिंह के साथ अन्य लोग भी मौजूद रहे।
गाजीपुर। 69वी जनपदीय बाल-क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक समारोह-2022 का शुभारम्भ पी जी कालेज मैदान में मंगलवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 15 व 16 नवम्बर तक आयोजित होगा। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि का स्वागत अंगवत्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। तत्पश्चात स्कूली बच्चो द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागतगीत के माघ्यम से स्वागत किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कार्यक्रम मे शान्ति का प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाकर कार्यक्रम के शुभारम्भ की घोषणा के उपरान्त खेल भावना के प्रति सच्ची निष्ठा एवं अनुशासन हेतु शपथ दिलाई एवं झण्डारोहण किया। तत्पश्चात उन्होने स्कूली छात्र-छात्राओ द्वारा निकाली गयी मार्च पास की सलामी ली। जनपदीय बाल-क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक समारोह 16 विकास खण्डो के परिषदीय विद्यालयो के छात्र-छात्राओ में प्रतिभाग कर अपने हुनर की पहचान करायी जो सराहनीय रहा। जिलाधिकारी ने जनपदीय बाल-क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक समारोह में आयोजित कार्यक्रम देखकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने सम्बोधन मे कहा कि स्कूली वर्ष मे केवल शिक्षा ही नही बल्कि शिक्षा के साथ बहुआयामी विकास के लिए खेल और कला की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खेल से केवल स्वस्थ शरीर ही नही बल्कि सेहत के साथ आपके चरित्र का भी निर्माण होता है। खेल हमे अनुशासित रहना सिखाती है, क्योकि खेल को खेलने एवं खेल में बने रहने के लिए अनुशासन की बहुत ही आवश्यकता होती है। अनुशासन ही है, जो अपने जीवन में ढाल लेता है वो आगे चलकर जीवन के संघर्ष मे महेशा विजयी होता है। उन्होने बच्चो का उत्साहवर्घन करते हुए कहा कि आज जिस स्प्रिट से इस कार्यक्रम के शुभारम्भ में अपने-अपने कला/प्रतिभा का प्रदर्शन किया है वो प्रशंसनीय है और आगे चलकर सिर्फ मण्डल ही नही बल्कि पूरे प्रदेश मे सबसे अधिक अंक पाकर प्रथम स्थान पर रहे, यही कामना है। समारोह के अन्त में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उपस्थित मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
विश्व मधुमेह दिवस पर सीएमओ कार्यालय पर आयोजित हुई गोष्ठी
गाजीपुर। विश्व मधुमेह दिवस’ यानी ‘वर्ल्ड डायबिटीज डे’ प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है। जिसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरकार द्वारा सोशल मीडिया के जरिए मधुमेह के जोखिम कारकों, स्वस्थ जीवन शैली और शीघ्र पहचान की आवश्यकता के बारे में जागरूकता अभियान चलाए जाने पर चर्चा किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि मधुमेह एक क्रोनिक रोग है, जिसमें व्यक्ति की रक्त शर्करा उच्च यानि हाइपरग्लेसीमिया हो जाती है या शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता हैं। या शरीर इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया नहीं करता है। इंसुलिन अग्न्याशय द्वारा उत्पादित हार्मोन है। यह ऊर्जा बनाने के लिए शरीर की कोशिकाओं द्वारा उपयोग किए जाने के लिए ग्लूकोज (कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थ को ग्लूकोज में विभाजित करता है) में मदद करता है।
उन्होंने बताया कि विश्व में मधुमेह (डायबिटीज) के बढ़ते मामलों को देखते हुए वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाने की पहल की गई थी। इसका मकसद लोगों में इस बीमारी के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूकता को फैलाना है। इसलिए यह दिन वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे के रूप में मधुमेह के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
यह दिवस वर्ष 1991 में अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बनाया गया था। एक सौ साठ से अधिक देशों में विश्व के सबसे बड़े मधुमेह जागरूकता अभियान के साथ विश्व मधुमेह दिवस वर्ष 2006 से संयुक्त राष्ट्र का आधिकारिक दिवस है।
एसीएमओ डॉ मनोज कुमार ने बताया की इंसुलन हार्मोन की वजह से हमारे शरीर में ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है, लेकिन जब शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। ऐसे में लोग इस बीमारी के शिंकजे में आ जाते हैं।
डायबिटीज तीन प्रकार का होता है। एक टाइप 1 और दूसरा टाइप 2 और तीसरा गर्भकालीन मधुमेह। टाइप 1 डायबिटीज का प्रमुख लक्षण शरीर में इंसुलिन का बनना बंद हो जाना होता है। जबकि टाइप 2 की स्थिति में शरीर में इंसुलिन जरूरत के हिसाब से नहीं बन पाता। ऐसे में इसका इस्तेमाल ठीक ढंग से नहीं हो पाता। ध्यान रहे डायबिटीज मोटापा, खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से हो सकता है। इनके अलावा गर्भकालीन मधुमेह में गर्भावस्था में अस्थायी स्थिति होती है।
बाल दिवस के मौके पर माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में भव्य बाल दिवस का आयोजन
गाजीपुर। आधुनिकता के दौर में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एवं लाभपरक शिक्षा प्रदान करने में अग्रणी शैक्षिक संस्थान माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में सोमवार को भव्य बाल दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल के निदेशक मोहित श्रीवास्तव ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ राजेश कारकून ने अपने वक्तव्य के द्वारा बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं के द्वारा बच्चों के लिए मनोरंजक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुत की गई। जिसमें शिक्षक शिक्षिकाओं के द्वारा म्यूजिकल चेयर, स्पून रेस, टग एंड वार जैसे कई मनोरंजक खेल के साथ प्रेरक गीतों की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सीनियर कोऑर्डिनेटर बद्रीश श्रीवास्तव ने शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न कार्यक्रमों की सराहना करते हुए बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात बच्चों को उपहार एवं मिष्ठान वितरण किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिका प्रिया सिंह के द्वारा किया गया।
गाजीपुर। सोमवार को बाल दिवस के अवसर पर शाह फैज़ पब्लिक स्कूल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी.एस.ए. हेमन्त राव तथा ए.बी.एस.ए अविनाश कुमार थे। कार्यक्रम का आरम्भ प्राइमरी की छात्राओं द्वारा प्रार्थना गीत से हुआ। इस दौरान विद्यालय के निदेशक डा० नदीम अदहमी ने अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों का स्वागत छात्राओं ने गान प्रस्तुतिकरण कर किया। उक्त अवसर पर विशेष अतिथि द्वारा नेहरू जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। बाल दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी मेधावी छात्र छात्राओं को 2021-22 के सी.बी.एस.ई. बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र, नकद एवं मेडल उपहार स्वरुप दिया गया। सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं में इथि सिंह, विशाल कुमार, लाइबा इकराम, इशान सिंह, अंशुमान सिंह कक्षा X से तथा मान्या राय, विवेक कुमार यादव, आयुषी गुप्ता, संजना सिंह, शिखा कुमारी तथा जुरका नूरैन कक्षा XII से रहे। विद्यालय की प्रबन्धिका अतिया अदहमी ने अतिथियों को उपहार स्वरुप स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस दौरान हेमन्त राव ने विद्यालय की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए बोर्ड रिजल्ट में अपना परचम लहराने हेतु शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान गाकर किया गया।
गाजीपुर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वावधान एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार सोमवार को बाल दिवस विषय पर सेमिनार/कैम्प का आयोजन प्राथमिक विद्यालय मीरनपुर सक्का में किया गया। शिविर में कामायनी दूबे, पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खण्ड विकास अधिकारी अविनाश कुमार, प्रधानाचार्य, सहायक अध्यापक एवं अन्य अध्यापिकाए व छात्र-छात्राए उपस्थित हुए। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय मीरनपुर सक्का में भाषण, सुलेख एवं चित्रकलां प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बाल अपचारियों ने देश शक्ति गीत एवं कविताएं सुनाई। प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया तथा प्रतिभाग करने वाले बच्चों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। पूर्णकालिक सचिव द्वारा बताया गया कि बाल दिवस भारत में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस पर 14 नवम्बर को मनाया जाता है। इस दौरान सचिव ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया, उन्हे जीवन में अच्छी राह पर चलने के लिए प्रेरित किया तथा समय की उपयोगिता बताई।
गाजीपुर। सोमवार को जनपद में वन स्टाप सेन्टर के कैन्टीन संचालन तथा रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के अर्न्तगत लम्बित पत्रावलियों के निष्पादन हेतु अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में महिला सम्मान कोष अर्न्तगत कुल पॉच पत्रावली समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा एक-एक पत्रावलियों का गहन अवलोकन किया गया। जिसमें से दो पत्रावलियां नियमानुसार पात्रता के श्रेणी में पायी गयी। प्रत्येक को समिति द्वारा तीन- तीन लाख रूपये दिये जाने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार वन स्टॉप सेन्टर अर्न्तगत कैन्टीन संचालन हेतु सात आवेदन पत्र सापेक्ष एक आवेदन अनुभव के आधार पर कैन्टीन संचालन किये जाने हेतु विकास स्वयं सहायता समूह गोराबाजार का चयन किया गया। बैठक मे अशोक कुमार सिंह प्रभारी महिला प्रकोष्ठ, संजय कुमार सोनी जिला प्रोबेशन अधिकारी, शिव शंकर क्षेत्रीय प्रबन्धक अग्रणी बैंक यू0बी0आई0, डा0 एस0डी0 वर्मा डी0सी0एम0ओ0, डा0 तारकेश्वर वरिष्ठ परामर्शदाता महिला चिकित्सालय, भैया प्रेमचन्द्र अभियोजन अधिकारी, डॉ0 अनुपमा राय चिकित्साधिकारी होम्योपैथिक मेडिकल कालेज गाजीपुर, डॉ0 वी0डी0 मिश्रा से0नि0 एसोशिएट प्रोफेसर मनोविज्ञान विभाग पी0जी0 कालेज, एवं रामविलास यादव जिला समाज कल्याण अधिकारी उपस्थित थे।