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गाजीपुर के लाल को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

नई दिल्ली। गाजीपुर के लाल अरुण कुमार राय ने असम में फहराया परचम,व्यवसाय के साथ साथ फिल्मी जगत में भी किया नाम रोशन।  अरुण को राष्ट्रपति ने किया राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित। 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में असम की फिल्मों और कलाकारों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। इस अवसर पर राज्य की सिनेमा परंपरा और प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला। समारोह में राष्ट्रपति द्वारा असम की चर्चित फिल्म ‘रंगतापु 1982’ के निर्माता अरुण कुमार राय को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि न केवल असमिया सिनेमा के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि स्थानीय कहानियों और कलाकारों की पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक ले गई।
मूलतः अरुण कुमार राय पुत्र स्व ओमप्रकाश राय निवासी ग्राम दहिनवर पोस्ट मछटी भांवरकोल गाजीपुर के रहने वाले हैं। अरुण का गाँव से काफी लगाव रहा है वे समय समय पर अपने गाँव आते रहते हैं। अरुण द्वारा निर्मित ‘रंगतापु 1982’ को मिला नेशनल अवॉर्ड, बयां करती है असम के दर्द-संघर्ष की कहानी 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘रंगतापु 1982’ के निर्माता अरुण कुमार राय को सम्मानित किया गया।

दर्द और संघर्ष की कहानी
फिल्म ‘रंगतापु 1982’ असम के 1980 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है. कहानी उन कथित अत्याचारों को सामने लाती है जो स्थानीय लोगों को अवैध प्रवासियों के हाथों सहने पड़े. हालांकि निर्देशक आदित्यम सै़किया का कहना है कि यह कोई राजनीतिक फिल्म नहीं है. ‘रंगतापु 1982’ की कथा मोरम (ऐमी बरुआह) नाम की गर्भवती महिला, और उसकी बहनें रुपाली (कल्पना कलिता) व माला (अलिश्मिता कलिता) के इर्द-गिर्द घूमती है. ये दोनों बहनें एक भयावह सामूहिक दुष्कर्म के आघात से गुजर रही हैं. वहीं रफिजा (रिम्पी दास) एक अवैध प्रवासी महिला है, जो अपने ही समुदाय के पुरुषों द्वारा किए गए शोषण से पीड़ित है. इन चारों महिलाओं की पीड़ा, हिंसा और संघर्ष को फिल्म बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है.
असम सिनेमा को नई उड़ान
अरुण कुमार राय की इस ऐतिहासिक सफलता ने न केवल राज्य के कलाकारों और निर्माताओं के लिए गर्व का अवसर प्रदान किया है, बल्कि असमिया सिनेमा को पूरे देश में एक नई पहचान भी दिलाई है. लंबे समय से क्षेत्रीय फिल्मों को मुख्यधारा में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि असम की मिट्टी से जुड़ी कहानियों और वहां के समाज की संवेदनाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा सकता है. सिनेमा विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत आने वाले वर्षों में युवा निर्देशकों, लेखकों और तकनीशियनों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी. इससे न केवल फिल्म निर्माण में स्थानीय स्तर पर नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य की संस्कृति, परंपरा और समकालीन चुनौतियों को भी बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का रास्ता खुलेगा.

एकदिवसीय दौरे पर आए डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर जमकर साधा निशाना,कहा….

गाजीपुर। उ प्र सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक आज मंगलवार को अपने एक दिवसीय दौरे के व्यस्त कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय छावनी लाइन पहुंचे। जहां उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता मे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अपनत्वता के भाव से मिले और समस्याओं को सुना और उनकी शिकायतों से संबंधित पत्रक लिए तथा उचित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कहा कि गाजीपुर साधारण जिला नहीं है, यह महर्षि विश्वामित्र की धरती है।यह धरती और गंगा मैया महर्षि विश्वामित्र के समय से है उनमें कोई बदलाव नही हुआ यह वही मिट्टी है जो हमें ऊर्जा प्रदान करती है और गाजीपुर ने आजादी के जमाने से अपना झंडा बुलंद रखा है।

उप मुख्यमंत्री ने सपा को जेबी पार्टी बताया और विपक्षी राजनीतिक दलों के वंशवाद पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा का छोटा से छोटा कार्यकर्ता सिर्फ संगठन समर्पित सेवा और निष्ठा से जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता हैं। जबकि सपा, बसपा, कांग्रेस मे ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास के आधार पर सबको जोड़कर चलती है। यहां प्रत्येक समाज व वर्ग का व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता है। और भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता सर्वोच्च शिखर पर पहुंच सकता है। भाजपा कार्यकर्ताओं को यह सिखाया गया है की भारत माता का झंडा झुकने ना पाए। देश के लिए काम करने वाले लोग हैं। जबकि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस के लोग देश के लिए नहीं अपने जेब के लिए काम करते हैं।

इसके हजारों उदाहरण हैं जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में आई है तब तक हत्या छिनैती लूट बलात्कार और बहुत खुश हुए तो मुंबई से कलाकार बुलाकर सैफई में नाच करवाते हैं और पैसा किसका होता है गरीब जनता का ,भारतीय जनता पार्टी कभी ऐसा सोच भी नहीं सकती की सरकार सरकारी पैसे से मुंबई से कलाकार बुलाएं और नाच कराए। उन्होंने कहा कि हम सबको एकजुट होकर काम करना है। जब हम सरकार में होते हैं तो लाख परेशानियां आती हैं हम आपको भरोसा दिलाते है कि हम अपने गाजीपुर के कार्यकर्ताओं के सम्मान से कभी समझौता नहीं करेंगे और कोई समझौता होने भी नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि हम सब की जिम्मेदारी है कि जन-जन को जोड़कर गाजीपुर में कमल का फूल खिलाना है आप सब विश्वास रखें सरकार आपके मनोकांक्षा पर काम करेगी। डिप्टी सीएम ने कहा हमारे नेतृत्व की नजर आप सब पर हैं। उन्होंने समाचार संवाद के लोगों से बात करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय मे हृदय रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था हो गई है। पर्ची काउंटर पर जल्द ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि वहां 15 मिनट से ज्यादा का समय न लगे, ओपीडी हाल मे क्रास वेंटिलेशन या वातानुकूलित व्यवस्था करने के साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही युरोलाजी तथा एम आर आई के साथ, चिकित्सा सेवाओं में और सुदृढ़ता का प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गाजीपुर मे रिकार्ड 5000 की ओपीडी चल रही है। सभी व्यवस्थाएं चूस्त और मजबूत है। इसके अलावा जितने भी अस्पताल जनपद मे है उनको मजबूत किया जाएगा।


जिला प्रभारी डा राकेश त्रिवेदी व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र से उप मुख्यमंत्री का स्वागत अभिनन्दन किया। कार्यकर्ताओं ने ब्रजेश पाठक को शिकायतो से सम्बन्धित पत्र भी दिए। जिस पर उन्होंने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन भी दिया। भाजपा महामनिषियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और वंदेमातरम् से बैठक प्रारंभ हुई।


बैठक मे राज्यसभा सांसद डॉक्टर संगीता बलवंत, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, पूर्व जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, बृजेंद्र राय, विजय शंकर राय, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह,न पा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व विधायक सुनीता सिंह कालीचरण राजभर, शिवपूजन राम ,सरोजेश सिंह, अवधेश राजभर,राजेश राजभर,श्यामराज तिवारी, जितेन्द्र पांडेय,अच्छेलाल गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा, संकठा मिश्रा, विनोद अग्रवाल,अविनाश सिंह,शनि चौरसिया,अभिनव सिंह छोटू,आदि सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे। संचालन महामंत्री प्रवीण सिंह ने किया।

बनगमन, निषाद राज मिलन, तमसा निवास का हुआ लीला मंचन

बनगमन, निषाद राज मिलन,तमसा निवास।


गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से लीला के छठवे दिन 21 सितंबर को हरिशंकरी से भगवान श्री राम का शोभा यात्रा रथ द्वारा निकाली गई जो जो पहाड़ खां स्थित श्री राम जानकी मंदिर पर पहुंची। लीला के दौरान प्रभु श्री राम लक्ष्मण और सीताअपने माता-पिता की आज्ञा पाकर गुरु महर्षि वशिष्ठ के आश्रम से बन प्रदेश के लिए रवाना होते हैं। उनके साथ महर्षि वशिष्ठ और अयोध्यावासी प्रभु श्री राम के साथ वन के लिए साथ प्रस्थान करते हैं।


श्री राम लक्ष्मण सीता हरि शंकरी से चल कर महाजन टोली स्थित हरि कृष्ण दास सर्राफ के मकान के समीप रथ पर सवार होकर चल देते हैं। सबसे आगे रामजी की निकली सवारी रामजी की लीला है न्यारी की धुन बजाते हुए बैंड बाजा चल रहा था उसके पीछे श्रद्धालु भक्तजन हर जगह रुक रुक कर भजन करते थे। श्री राम की शोभा यात्रा झुन्नुलाल चौराहा, आमघाट, राजकीय महिला महाविद्यालय, ददरी घाट चौक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महुआ बाग चौक होते हुए विशेश्वरगंज स्थित पहाड़खां के पोखरा के समीप श्री राम जानकी मंदिर पर जाकर समाप्त हो गया।


शोभा यात्रा में कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री पं0 लवकुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी रहे।

महिला पीजी कॉलेज में जनपद स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

गाजीपुर। सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत मंगलवार को विकसित भारत 2047 थीम पर सीनियर वर्ग स्नातक/ परास्नातक विद्यार्थियों के लिए जनपद स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन महुआबाग स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संपन्न हुआ। यह आयोजन उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जनपद में विद्यार्थियों को 2047 तक विकसित राष्ट्र की संकल्पना से जुड़े विभिन्न मुद्दों से परिचय कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जिला विद्यालय निरीक्षक श्री प्रकाश सिंह एवं सह नोडल राजकीय महिला पीजी कॉलेज के चित्रकला विभाग के प्रभारी डॉ राजेश कुमार यादव रहे । कार्यक्रम में जन भारती महाविद्यालय पलवल, राजकीय महाविद्यालय गहमर, पंडित दीनदयाल राजकीय महाविद्यालय सैदपुर एवं राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की 70 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसके अंतर्गत छात्राओं ने 2047 तक बदलते भारत के विविध स्वरूप यथा डिजिटल क्षेत्र, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा, सुरक्षा, कृषि, राजनीति, अंतरिक्ष, कृषि आदि क्षेत्रों में भावी भारत की कल्पना को चित्रों एवं रंगों के माध्यम से उकेरने का प्रयास किया।

छात्राओं ने भविष्य के भारत में डिजिटल एवं तकनीकी उन्नति, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष तकनीक एवं भारतीय अर्थव्यवस्था के संबंध में अतिशय सकारात्मकता प्रकट किया । छात्रों के इन पोस्टरो का मूल्यांकन निर्णायक मंडल के सदस्यों डॉ सूर्यनाथ पांडे, सतीश कुमार सिंह एवं अशरफ अली द्वारा किया गया। निर्णायकों द्वारा रागिनी एम ए प्रथम सेमेस्टर, दीपांशी कुमारी बी ए प्रथम सेमेस्टर एवं पायल कुमारी बी ए तृतीय सेमेस्टर को क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए चुना गया।

कार्यक्रम के दौरान सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ अरविंद कुमार, प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनिता कुमारी, कुश राय जिला समन्वयक समग्र शिक्षा, आदि ने प्रतियोगिता का निरीक्षण करते हुए छात्र छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के संयोजन एवं समन्वय के रूप में डॉ राजेश कुमार यादव, एवं प्रबंधन में डॉ शिव कुमार, डॉ आनंद चौधरी, डॉ पीयूष सिंह की प्रमुख भूमिका रही जबकि पंजीकरण का दायित्व डॉ शैलेंद्र यादव, डॉ संगीता, डॉ नेहा, डॉ हरेंद्र यादव ने निर्वहन किया।

डॉ मनीष सोनकर, डॉ हसीन अहमद, डॉ शिल्पी राय, डॉ ओम शिवानी, डॉ इकलाख खान, डॉ गजनफर सईद ने कक्ष निरीक्षण का दायित्व निभाया। कार्यक्रम में डॉ सारिका सिंह, डॉ निरंजन कुमार यादव, डॉ रामनाथ केसरवानी, डॉ शशिकला जायसवाल, डॉ सर्वेश कुमार सिंह आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे।

फल भोजन वितरित कर मनाया छात्र नेता फ़हद ने अपना जन्मदिन

गाजीपुर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रविवार को छात्र नेता व समाजसेवी फ़हद वहीद फ़ैज़ के जन्मोत्सव पर समर्थकों द्वारा ज़िला महिला अस्पताल में फल दूध रक्तदान आदि करके मनाया गया। इस दौरान रोडवेज़ रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर भोजन वितरण का कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर फ़हद ने कहा कि मैं आपका भाई आपका बेटा जीवन के आख़िरी छोर तक ग़रीब पीड़ित शोषित परिवार के साथ खड़ा रहेगा।

समाजसेवी छात्र नेता फ़हद वहीद ने कहा कि ये लोगों का प्यार सम्मान है कि मेरे द्वारा दृढ़ता से बिना विचलित हुए अग्रिम रहते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता हूं।


निश्चित रूप से जब भी किसी जरूरतमंद को मेरी आवश्यकता रहेगी हम हमारी टीम तैयार रहेगें। जन्मोत्सव के कार्यक्रम में शामिल मोनू नोमानी, मुलायम यादव, हैप्पी राय, प्रिंस अग्रहरी, तस्लीम खान, सुनील गुप्ता, इज़हार फ़ारूकी, जयमुरत यादव, इरशाद अहमद, अंकुर पांडे, देव सिंह आदि उपस्थित रहें।

विद्युत विभाग की ओर से उपभोक्ताओं के लिए लगाया जाएगा दो दिवसीय मेगा कैंप

गाज़ीपुर। विद्युत विभाग की ओर से उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण हेतु 24 और 25 सितम्बर 2025 को दो दिवसीय मेगा कैम्प लगाया जाएगा। यह कैम्प विद्युत वितरण खण्ड-जंगीपुर (लाल दरवाजा), गाजीपुर नगर (आमघाट), सैदपुर और जमानिया के कार्यालय प्रांगण में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि इस कैम्प में उपभोक्ता अपने बिजली बिल जमा, स्मार्ट मीटर स्थापना, बिल संशोधन, पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ने, नए संयोजन प्राप्त करने, खराब मीटर बदलवाने, लोड बढ़वाने समेत अन्य वाणिज्यिक समस्याओं का विभागीय नियमों के तहत समाधान करा सकेंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित तिथियों पर कैम्प में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कर लाभ उठाएँ।

कोतवाली पुलिस ने लुटेरों को किया गिरफ्तार

गाजीपुर। सोमवार को थाना कोतवाली पुलिस ने 21 सितंबर को महाराजगंज कस्बा में 75000/ रुपये की लूट करने वाले 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। उ0नि0 अशोक कुमार सिंह ने 21.09.2025 को महाराजगंज कस्बा में 75000/ रुपये की लूट करने वाले 02 अभियुक्तों वकील कुमार बिन्द तथा राजेश कुमार बिन्द को महाराजगंज कस्बा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त के ऊपर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। लूट की घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। घटना मे प्रयोग मोटर साइकिल स्प्लेण्डर नं0 UP61BP7337 है।

दशरथ कैकेई संवाद श्री राम संवाद विदाई मांगने का लीला हुआ

दशरथ कैकेई संवाद श्री राम संवाद विदाई मांगने का लीला हुआ।
गाजीपुर। अति प्राचीन‌ श्री रामलीला कमेटी हरि शंकरी के तत्वावधान में लीला के पांचवें दिन20 सितंबर रविवार के शाम 7:00 बजे दशरथ कैकेई संवाद, श्री राम संवाद, विदाई मांगने से संबंधित लीला का मंचन हुआ। इसके पूर्व श्री राम सिंहासन पर विराजमान श्री राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न का आरती पूजन कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण,उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने पूजन आरती किया। पूजन के बाद बंदे बाणी विनायकौ आदर्श रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा महाराज दशरथ कैकेई संवाद, श्री राम संवाद व विदाई मांगने से संबंधित लीला का मंचन किया।

लीला के माध्यम से दर्शाया गया कि एक समय महाराज दशरथ शाम के समय अपने दरबार से उठकर महारानी कैकई के कक्ष में जाते हैं वहां महारानी कैकेई को ना देख कर उन्होंने उपस्थित दास दासियो से कैकई के बारे में पूछते हैं तो दासियों ने बताया कि महारानी जी सारे गहने और वस्त्र उतार कर कोप भवन में चली गई है। महाराज दशरथ कोप भवन में जाकर के देखते हैं कि महारानी कैकेई सारे गहने व कपड़े को त्याग कर फटे पुराने कपड़े पहनकर कोप भवन में जाकर उदास हो जमीन पर लेटी थी। महारानी को उदास हो जमीन पर लेटे देखकर महाराज दशरथ कारण पूछते हैं महारानी कैकई महाराज के तरफ देखना तो दूर बात नहीं किया।

काफी प्रयास के बाद महारानी कैकई ने महाराज दशरथ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए याद दिलाती है कि आपने मुझे देवासूर संग्राम मैं खुश होकर दो वरदान देने का प्रतिज्ञा किया था तो मैंने कहा कि यह दो वरदान आपके पास थाती स्वरूप पड़ा रहेगा मैं समय पर मांग लूंगी। जिसकी आज मुझे अति आवश्यक है महाराज दशरथ कहते हैं कि महारानी जी आप मुझसे दो वरदान के बजाय दो और वरदान मांग सकती हो इतना सुनने के बाद महारानी कैकेई ने कहा मुझे सिर्फ दो ही वरदान चाहिए पहले वरदान में अयोध्या का राज मेरे पुत्र भरत को देना होगा। दूसरे वरदान में तापस भेष विसेषि उदासी चौदह बरिस राम बनवासी।

और दूसरे वरदान में आपके बड़े पुत्र राम को तपस्वियों के भेष धारण करके चौदह वर्ष तक बन मे जाना होगा। इतना सुनते ही महाराज दशरथ मूर्छित हो जाते हैं। उधर राज दरबार में राम के राज्याभिषेक का समय निकलता जा रहा था। महामुनि वशिष्ठ महाराज दशरथ केआने प्रतीक्षा कर रहे थे कि वह आए और राज्याभिषेक का कार्य प्रारंभ हो लेकिन महाराज दशरथ के आने में ज्यादा विलंब हो गई तो उन्होंने मंत्री सुमंत को महाराज दशरथ बुलावा भेजते हैं। मंत्री सुमन कोप भवन में महाराज दशरथ को मूर्छित देखकर कैकई से महाराज मूर्छित होने का कारण पूछते हैं कैकई ने सुमंत को सब कुछ बता देती है।सारे बातों को सुनकर ज्योही मंत्री सुमन्त कोपवन के बाहर आते हैं तो वहांगैट पर उपस्थित पुरवासियों ने सुमंत जी से महाराज दशरथ के बारे में पूछा कि अभी तक महाराज सोए हुए हैं वहां दरबार में राम के राजतिलक की तैयारी पूरी कर ली गई है।

सुमंत जी मौन होकर दरबार में उपस्थित गुरु वशिष्ठ और श्री राम से महाराज के मूर्छित होने का खबर सुनाते हैं। खबर सुनते ही गुरु वशिष्ठ और राम कोप भवन में उपस्थित होकर के महाराज के मूर्छित होने का कारण महारानी कैकई से पूछते हैं राम के बात को सुनकर महारानी कैकई बोली कि हे राम महासुर संग्राम में आपके पिता महाराज दशरथ मुझे खुश होकर के दो वरदान दिए थे उसे आज हमने मांग लिया पहले वरदान में अयोध्या का राज हमारे पुत्र भरत को देना होगा और दूसरे वरदान में तुम्हें तपस्वी के भेष में चौदह वर्ष के लिए वनवास जाने के लिए मांग किया था इतने में महाराज दशरथ मूर्छित हो गए। श्री राम महारानी कैकई के बात को सुनकर अपने पिताजी महाराज दशरथ को किसी तरह होश में लाकर कहते हैं कि पिताजी आप व्यर्थ में चिंता ना करें यह तो मेरा सौभाग्य है कि मैं वनवास काल में ऋषियों मुनियों का दर्शन करते हुए आशीर्वाद ग्रहण करूंगा और पृथ्वी को असुरों से खाली करूंगा।

इसके बाद मैं सकुशल आपके पास लौट कर आ जाऊंगा इतना कहने के बाद श्री राम अपने माता कौशल्या के पास जाकर के उनसे बन जाने के लिए आजा लेते हैं राम के बात को सुनकर भार्या सीता और भाई लक्ष्मण दोनों राम के साथ बन में जाने की आज्ञा माता कौशल्या से लेकर माता कौशल्या के कक्ष से चल देते हैं और पुनः माता कैकई के कक्ष में जाकर अपने माता तथा पिता के चरणों में शीश झुका कर प्रणाम करते हैं और तपस्वी का भेष धारण कर श्री राम लक्ष्मण सीता बन के लिए प्रस्थान कर देते हैं राम की बन जाने के बाद महाराजा हे राम कहते हुए अपने प्राणों को त्याग देते हैं। उधर अयोध्या वासी भी श्री राम के साथ बन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं श्री राम के लाख मना करने के बावजूद अयोध्या वासी श्री राम से कहते हैं कि हे राम जहां आप रहेंगे वही मैं रहूंगा वही मेरा अयोध्या होगा अतः हे राम आप मुझे अपने साथ बन जाने से मत रोके। इतना भावपूर्ण बात सुनकर श्री राम अंत में साथ में बन चलने के लिए अयोध्या वासियों को आज्ञा प्रदान करते हैं। इस दृश्य को देखकर लीला स्थल पर भारी संख्या में उपस्थित दर्शकों के आंखों आसू छलक उठता है।


इस अवसर मंत्री ओमप्रकाश तिवारी संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण मंत्री लव कुमार त्रिवेदी प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी उपप्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल राम सिंह यादव राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।

भारतीय समाज, संस्कृति और जीवन मूल्यों का दर्पण है संस्कृत कथा साहित्य

भारतीय समाज, संस्कृति और जीवन मूल्यों का दर्पण है संस्कृत कथा साहित्य : रमेश चन्द्र

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार के भाषा संकाय के अन्तर्गत संस्कृत विभाग की पूर्व शोध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन विभागीय शोध समिति एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार कक्ष में सोमवार को किया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे संस्कृत विभागके शोधार्थी रमेश चंद्र ने अपने शोध-प्रबन्ध शीर्षक “संस्कृत कथा साहित्य में वासवदत्ता एवं दशकुमारचरितम् का तुलनात्मक अध्ययन” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि संस्कृत कथा साहित्य केवल साहित्यिक मनोरंजन का साधन नहीं अपितु भारतीय समाज, संस्कृति और जीवन मूल्यों का दर्पण भी है। वासवदत्ता और दशकुमारचरितम् दोनों कृतियाँ अपने-अपने आयामों में अनुपम हैं और तुलनात्मक अध्ययन से नई दृष्टि प्राप्त होती है। ”वासवदत्ता को प्रेम एवं भावुकता प्रधान गद्यकाव्य तथा दशकुमारचरितम् को राजनीति, नीति और व्यवहार का यथार्थ चित्रण करने वाला ग्रंथ बताया। वासवदत्ता प्रेम, श्रृंगार और करुण रस की दृष्टि से अद्वितीय है। दशकुमारचरितम् राजनीति, नीति, कूटनीति और जीवन-व्यवहार का जीवंत दर्पण है। तुलनात्मक अध्ययन से संस्कृत कथा साहित्य की व्यापकता एवं गहनता स्पष्ट होती है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी रमेशचन्द्र ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे०(डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह शोध निर्देशक डॉ०(श्रीमती) नन्दिता श्रीवास्तव, संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० समरेन्द्र नारायण मिश्र, प्रोफे०(डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ०रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० अमरजीत सिंह, डॉ० कमलेश, प्रोफे०(डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० उमानिवास मिश्र, डॉ०स्मृति जायसवाल, डॉ० मनोज कुमार मिश्रा, डॉ० पीयूष कांत सिंह, प्रदीप सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत मे डॉ० समरेंद्र नारायण मिश्र ने सभी का आभार व्यक्त किया और संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने किया।

महिला पीजी कॉलेज में स्वच्छता ही सेवा अभियान का हुआ आयोजन

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वच्छता ही सेवा अभियान का आयोजन

गाजीपुर। सोमवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवी छात्राएं , कार्यक्रम अधिकारी तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2025 की थीम “स्वच्छोत्सव” के महत्व पर चर्चा करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर अनीता कुमारी ने कहा कि हमें अपने व्यक्तिगत सफाई , घर की सफाई के साथ साथ वातावरण तथा पर्यावरण की स्वच्छता व साफ सफाई कर स्वच्छता का उत्सव मनाना चाहिए।

पश्चात कार्यक्रम अधिकारियों के निर्देशन में स्वयंसेवियों ने गांधी पार्क (आमघाट) में गांधी जी की प्रतिमा और पार्क तथा आसपास के क्षेत्र की सफाई कर, झाड़ू लगाकर, कचरा उठाकर और गड्ढों में जमा पानी हटाकर स्वच्छ वातावरण बनाने का संदेश दिया तथा जागरूकता फैलाई ।

वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ रामनाथ केसरवानी, डॉ मनीष सोनकर, ओम शिवानी तथा नेहा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक स्वयंसेविका को अपने घर, विद्यालय, कार्यालय और आस-पास के क्षेत्र को साफ रखने में योगदान देना चाहिए।

इस अवसर पर “प्लास्टिक मुक्त भारत” तथा “स्वस्थ जीवन, स्वच्छ जीवन” जैसे नारे भी लगाए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवी छात्राओं संग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जबीउल्लाह भी उपस्थित रहे।