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ग्राम चकिया से 51 श्रद्धालुओं का दल अयोध्या धाम के लिए रवाना

ग्राम चकिया से 51 श्रद्धालुओं का दल अयोध्या धाम के लिए रवाना

गाजीपुर। जनपद के ग्राम चकिया से मौनी बाबा सेवा दल के अध्यक्ष संतोष पांडेय के नेतृत्व में 51 श्रद्धालुओं का एक दल प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। इस दल में 36 महिलाएं एवं 15 पुरुष शामिल हैं।

यात्रा के प्रस्थान के समय गांव का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। “जय श्री राम” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं को फूल-मालाओं से विदा करते हुए उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।

श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान श्री राम के दर्शन-पूजन एवं आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी संदेश दे रही है।

मौनी बाबा सेवा दल के अध्यक्ष संतोष पांडेय लंबे समय से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। उनके नेतृत्व में मंदिर निर्माण, गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे कई सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया है। सभी ने प्रभु श्री राम से श्रद्धालुओं की यात्रा की सफलता एवं सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की।

120 अभ्यर्थियों का हुआ चयन

120 अभ्यर्थियों का हुआ चयन

गाजीपुर।शुक्रवार को गाजीपुर जिले में सुरक्षा सैनिक, सुपरवाइजर एवं ऑफिसर ग्रेड भर्ती की हुई। जिसमें सदर एवं बिरनो ब्लॉक में 275 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। जिसमें 120 अभ्यर्थियों का हुआ चयन चयनित अभ्यर्थियों को 30 जुलाई को  प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के लिए जौनपुर भेजा जाएगा। अन्य ब्लॉक जिसमें करण्डा एवं मरदह ब्लॉक में 18 एवं 20 जुलाई 2026, बाराचवर एवं मुहम्मदाबाद ब्लॉक में 21 एवं 22 जुलाई 2026, भांवरकोल एवं जमानियां ब्लॉक में 23 एवं 24 जुलाई 2026, देवकली एवं रेवतीपुर ब्लॉक में 25 एवं 26 जुलाई 2026, कासिमाबाद एवं सैदपुर ब्लॉक में 27 एवं 28 जुलाई 2026, मनिहारी एवं जखनिया ब्लॉक में 03 एवं 04 अगस्त 2026 को इस भर्ती शिविर का आयोजन किया जाएगा।

डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक,दिए निर्देश

डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक,दिए निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में पंचायत सहायकों की उपस्थिति, व्यक्तिगत शौचालय आवंटन एवं प्रत्येक बुधवार को विशेष सफाई अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी पंचायत सचिवालयों में पंचायत सहायकों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य करने और जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए, आवास योजना के समस्त पात्र लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से लाभ दिलाने तथा व्यक्तिगत शौचालय की सुविधा से आच्छादित करने और उनके खातों में धनराशि प्रेषित करने के निर्देश। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत निर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर्स को स्थानीय कबाड़ी व्यवसायियों से लिंक करने का निर्णय, ताकि सूखे कचरे का सही निस्तारण हो सके। प्रत्येक बुधवार को सफाई कर्मियों की विशेष टोलियां बनाकर स्कूल, सार्वजनिक स्थान, अस्पताल और हाट-बाजारों में सघन सफाई करने के निर्देश दिए गए। वर्षा ऋतु के मद्देनजर जल-जमाव की समस्या का तत्काल निस्तारण करने, नालियों को साफ करने और सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों की कटाई करने के सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी द्वारा समस्त सहायक विकास अधिकारी, पंचायत को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विकास खंडों में वी एल ई सर्विसेज का दायरा बढ़ाएं। पंचायत सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन व अन्य डिजिटल नागरिक सेवाएं ससमय व सुलभता से उपलब्ध कराने की सीधी जिम्मेदारी सहायक विकास अधिकारी, पंचायत की तय की गई है।

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की प्राप्ति में प्रत्येक विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका:डीएम

प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की प्राप्ति में प्रत्येक विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका:डीएम

गाजीपुर।जनपद को उत्तर प्रदेश की ‘‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी‘‘ के लक्ष्य में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा जिले की अर्थव्यवस्था को अधिक सुदृढ़, गतिशील एवं विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की प्राप्ति में प्रत्येक विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उद्योग, व्यापार, कृषि, उद्यान, सेवा एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर जनपद की आर्थिक प्रगति को नई गति दी जा सकती है। इसके लिए विभागीय स्तर पर नवाचार अपनाते हुए अधिक से अधिक निवेश, उत्पादन और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सभी लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल लोगों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जनपद की समग्र आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी चन्द्रशेखर प्रसाद ने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए जनपद की अर्थव्यवस्था की खण्डीय संरचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों तथा संभावनाओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। साथ ही विभिन्न आर्थिक संकेतकों एवं विभागवार प्रगति की समीक्षा भी कराई गई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान, राज्यकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को उत्पादन में निरंतर वृद्धि करने, विभागीय आंकड़ों का शत-प्रतिशत सत्यापन करने तथा सभी सूचनाओं की शुद्धता के साथ समयबद्ध डाटा फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सही एवं प्रमाणिक आंकड़े ही प्रभावी योजना निर्माण और विकास की दिशा तय करने का आधार होते हैं। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना से समिति को अवगत कराया। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से जनपद को आर्थिक विकास के नए आयाम स्थापित करने हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में उप कृषि निदेशक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक,बोलें-सेंटरों पर लगाया जाए यूजर चार्ज

डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक,बोलें-सेंटरों पर लगाया जाए यूजर चार्ज

गाजीपुर।जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को आडिटोरियम हाल में बैठक का आयोजन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में किया गया। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के 167 प्रशासकों एवं सचिवों ने भाग लिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में घर-घर से कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने कहा कि गीले और सूखे कूड़े को (घर/दुकान) पर ही अलग-अलग किया जाए। सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे आम जनता को इसके प्रति जागरूक करें। जिले में बने आर आर सी सेन्टर को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके, किसी भी आर0आर0सी सेंन्टर पर ताला ना लगा रहें नहीं तो इसकी जिम्मेदारी प्रधान और सचिव की होगी। कहा कि सेंन्टरों पर यूजर चार्ज लगाया जाए जो भी लोग उसे करेंगें और उसका यूजर चार्ज देंगे, सेंन्टरों पर कबाड़ी वालों का चयन करें तथा उनसे एग्रीमेंट करा लिया जाए। गौशाला संचालक यह सुनिश्चित कर ले कि कही गौशालाओ पर हरा चारा की कमी ना हो गौशाला संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होने निर्देश दिया कि एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो प्रत्येक बुधवार को गॉवो, स्कूल, कालेजो, आवागमन वाले बाजारो का स्थलीय निरीक्षण कर वहा साफ-सफाई का जायजा लेते हुए गौशालाओ एंव आर आर सी सेन्टरो का निरीक्षण करेगे।
जिलाधिकारी ने सभी प्रशासकों और सचिवों को चेतावनी दी कि यदि उनके कार्यक्षेत्र में गंदगी या कचरा प्रबंधन में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि आम जनमानस के स्वास्थ्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन होना चाहिए। सभी प्रशासक और सचिव अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और अपने-अपने क्षेत्रों को आदर्श व स्वच्छ बनाएं। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने आगामी दिनों में औचक निरीक्षण करने की बात कही, ताकि कार्यों की वास्तविक प्रगति को परखा जा सके।

डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश,बोले-किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए

डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश,बोले-किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए

गाजीपुर। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को विभिन्न लाभकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने विषयक कार्यशाला/संवाद कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में विकास खण्ड भदौरा एवं रेवतीपुर सभागार में संपन्न हुआ।
संवाद कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने बारी-बारी से उपस्थित समूह की महिलाओ से संवाद स्थापित कर उनके कार्यों की जानकारी ली। बेहतर ढंग से कार्य करने करने को कहां। इस दौरान समूह की महिलाओं द्वारा हैंड वॉश, फिनायल, हार्पिक, अगरबत्ती, रेडीमेट कपड़े, झाड़ू, मसाले, जैसे प्रोडक्त तैयार करने तथा किसी ने कॉस्मेटिक के सामानो की बिक्री करने तथा किसी महिला द्वारा कृषि कार्य  करने की जानकारी दी गई. जिस पर जिलाधिकारी ने उनके द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट के क्वालिटी में किसी प्रकार की कंप्रोमाइज न करने का निर्देश दिया।  जिलाधिकारी ने कहां की सब बेस्ट एवं उच्च गुणवत्ता वाला प्रोडक्ट तैयार किया जाए. जिलाधिकारी ने ऐसे प्रोडक्ट बनाने को कहां जिसकी मार्केट में अत्यधिक मांग हो. जरूरत पड़ने पर इसके लिए आपको पूरी ट्रेनिंग एवं सर्टिफिकेशन भी उपलब्ध कराया जाएगा. जिलाधिकारी ने इस पर बी एम एम और डी एम एम लग कर कार्य करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं एवं जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं मिशन से जुड़े कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा संचालित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, स्वरोजगार गतिविधियों एवं विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र परिवार का सर्वे कर उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें बाजार उपलब्ध कराने, उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग एवं बिक्री की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सशक्त होंगी तो उनका पूरा परिवार सशक्त होगा। कार्यशाला में जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित लखपति दीदी की भी समस्याओं को सुना गया। उनके सामाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। कार्यशाला में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी।
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एनआरएलएम के माध्यम से संचालित योजनाएं ग्रामीण विकास एवं गरीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समूहों की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों के गठन, बैंक लिंकेज, आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वरोजगार योजनाओं एवं अन्य लाभार्थीपरक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उपस्थित अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं जानकारी साझा की। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाना तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।
 संवाद कार्यक्रम से पहले जिलाधिकारी एवं ब्लाक प्रमुख ने  ने परिसर मे ही वृक्षारोपण कर उपस्थित जन सामान्य से  अधिक से अधिक पौध लगाने की अपील की. इस दौरान ब्लॉक परिषद मे स्वयं सहायता समूहों के द्वारा बनाए गए उत्पादों से संबंधित स्टॉल लगाया था जिसका जिलाधिकारी द्वारा अवलोकन कर जानकारी ली गयी। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत अन्नप्राशन एवं गोद भराई जिलाधिकारी द्वारा  किया गया।  
इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख भदौरा, ब्लॉक प्रमुख रेवतीपुर, उपायुक्त स्वतः रोजगार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, खंड विकास अधिकारी भदौरा एवं रेवतीपुर अन्य संबंधित अधिकारी, जन सामान्य, उपस्थित थे।

वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का हुआ शुभारंभ,मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने किया पौधरोपण

वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का हुआ शुभारंभ,मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने किया पौधरोपण

गाजीपुर। जनपद में ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ वृक्षारोपण महायज्ञ -2026 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन स्थान हनुमान मंदिर शेखपुर विकास खण्ड बिरनो में धूमधाम से आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री,पंचायती राज तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग उत्तर प्रदेश सरकार ओम प्रकाश राजभर, एंव शासन से नामित नोडल अधिकारी/आयुक्त वाराणसी मण्डल एस. राजलिंगम , तथा उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । कार्यक्रम स्थल पर लगभग 200 पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान गायक राकेश कुमार द्वारा ‘‘ आओ धरती सजाए आसमान के लिए‘ एक पेड़ तुम लगाओ अपनी मॉ के लिए‘‘ सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जो सराहनीय रहा।
मुख्य अतिथि ओम प्रकाश राजभर ,अध्यक्ष जिला पंचायत सपना सिंह, विधायक जखनियां बेदी राम, अध्यक्ष नगर पालिका सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय, जिलाध्यक्ष सुभासपा सुरेंद्र राजभर, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा कृष्ण विहारी राय, जनपद के नोडल अधिकारी/मण्डलायुक्त एस राजलिंगम, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, ने क्रमशः  लाभकारी पौधो का रोपण पूरे विधि विधान एवं मंत्रोचारण के साथ परिसर में किया। स्वागत के क्रम मे मंच पर आसीन मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पौध भेट स्वरूप देकर स्वागत किया गया।
मंत्री ने प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री के आवाह्न पर ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘  वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ वृहद वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करना हमारा कर्तव्य है। इसी क्रम में जनपद गाजीपुर में कुल 47 लाख 68 हजार 730 पौधरोपण किया जा रहा है। उन्होने वृक्षारोपण महायज्ञ  की मॉनिटरिंग के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयुक्त वाराणसी मण्डल एस राजलिंगम को धन्यवाद दिया। उन्होने कहा कि 05 जून को पूरे प्रदेश मे अभियान चलाकर एक पेड़ मॉ के नाम‘‘ 05 करोड़ पौधे रोपित किए गए थें आज 12 जुलाई को प्रदेश के 75 जनपदो मे कुल 35 करोड़ पौधो का रोपण ग्राम स्तर से लेकर ब्लाक, तहसील एंव जनपदस्तर पर किया जा रहा है। उन्होन कहा कि देश/प्रदेश मे बड़े पैमाने पर एक्सपेस-वे, सड़के, रेल लाईने, बनाए गए जिसके कारण बड़ी संख्या पेड़ो की कटाई भी हुई। यह एक चिंता का विषय है जिसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा है कि जितने भी एक्सपेस-वे, सड़के, रेल लाईने, बनाने मे पेड़ो की कटाई हुई है उसी स्थान पर पुनः पेड़ लगाते हुए और तथा देश/प्रदेश को 20-25 वर्ष पहले जो बरसात होती थी उसी स्थिति मे लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे आने वाले पीढियो का इसका लाभ मिले, पीने के लिए स्वच्छ जल हो एवं अधिक से अधिक अन्न की पैदावार हो। उन्होने उदाहरण स्वरूप भारत मे सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान का जिक्र करते हुए कहा कि चेरापूॅजी वह स्थान है जहां सबसे अधिक वर्षा होती है, कारण है वहां अधिक वन होना। इस लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाए एवं उसे सुरक्षित भी रखे। उन्होने कहा कि इस बार पेड़ लगाने के बाद उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित विभागो को दी गयी है।  कहा कि पहले बाप का लगाए हुए पेड़ के फल को बेटा खाता था परन्तु आज समय परिवर्तित हो गया है। जिस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जिस कार्य का शिलान्यास करते है उसी कार्य का उद्घाटन भी करते है उसी प्रकार आज आप पेड़ लगाईये और 02 से 03 वर्षाे के बाद स्वयं फल खाईये वन विभाग द्वारा ऐसे अच्छे किस्म के तरह-तरह के पौधे तैयार किए गए हैं । जो बधाई के पात्र है। सरकार की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए और देश/प्रदेश को हरा भरा बनाए।
विधायक जखनियां बेदी राम ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए पूरे देश/प्रदेश मे प्रधानमंत्री एंव मुख्यमंत्री के आह्वाहन पर वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 अभियान चलाया जा रहा हैं तथा पूरे प्रदेश मे 35 करोड़ पौध रोपित करने का लक्ष्य  आज पूरा होगा। उन्होने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान एंव भविष्य को अच्छा रखने तथा पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए वृक्षारोपण बहुत ही आवश्यक है। कहा कि ‘‘एक पेड़ मॉ के नाम ही नही बल्कि पूरे परिवार के एक-एक सदस्य के नाम अवश्य लगाए,पेड़ को उसी तरह पाले जैसे कि अपने बेटे व बेटी को पालते है। उन्होने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को इस सोच के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।कहा कि इस तरह की सोच हम सभी को रखनी चाहिए। उन्होने कहा जनपद गाजीपुर नदियो से घिरा हुआ है नदियो के किनारे-किनारे भी वृहद वृक्षारोपण किया जाए। उन्होने कहा कि अगर एक शक्ति ईश्वर है तो दुसरी शक्ति का नाम पर्यावरण एक वृक्षारोपण है। उन्होने कहा कि  बिमारी व आपदाओ से बचने के लिए तथा  जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण बहुत जरूरी है। पर्यावरण का संतुलन तभी बना रहेगा जब आप वृक्षारोपण करेगे। उन्होने उपस्थित लोगो से आह्वाहन किया कि आप कही भी रहे वहां वृक्षारोपण करते हुए उसकी सुरक्षा भी स्वयं करे।
जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि आज 12 जुलाई 2026 को जनपद में कुल 47 लाख 68 हजार 730  पौधरोपण वन विभाग के अतिरिक्त विभिन्न विभागो के द्वारा किया जा रहा है। उन्होने अनुरोध किया कि प्रत्येक परिवार के लोग अपने आस-पास, पास पड़ोस में ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ अनिवार्य रूप से लगाए । एक वृक्ष लगाने से आपका सम्मान, आपका अभिमान, तथा आपका विश्वास सबसे ज्यादा बढ़ेगा क्योंकि इस से उपजे फलों का लाभ आपकी आने वाली पीढ़ियो को प्राप्त होगा। उन्होंने लोगो से ज्यादातर औषधीय वृक्ष लगाने को कहा, जिसके उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है एवं कई  प्रकार की  बीमारियों से निरोग रहता है। उन्होने कहा कि पेड़ जहां होते हैं वहां की जलवायु भी ठीक रहती है तथा समय से वर्षा भी होती है। उन्होने लोगो से अधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों को लगाने की अपील करते हुए जब तक पौधे वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते तब तक उनकी सेवा करते हुए उनकी रक्षा करने हेतु आमजन से आह्वाहन किया।
जिलाअध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 से जोड़ने का अभियान केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा है।  कहा कि सदियो – सदियो से पेड़ पौधो के आवरण मे हम अपना जीवन यापन करते चले आ रहे है। आज उसको बचाने की मुहीम चलाई जा रही है। यह वही धरती है जहां ऋषि मुनि पेड़ पौधो के नीचे ही वेदपुराण की रचना की है, तपस्या की है। वृक्षो से हम इस तरह से जुड़े हुए है कि हमारा धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक सबकुछ इस पर्यावरण पर आधारित है। वृक्ष रहेग तो जल रहेगा, जल रहेगा तभी अन्न की पैदावार होगी जिसे हम ग्रहण कर जीवन रह सकेगे। उन्होने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि जीवन दायिनी ऑक्सीजन हमे वृक्षों से ही प्राप्त होती हैं, अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में वृक्षों का अनुपात कम है। हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि उत्तर प्रदेश को एक हरा-भरा प्रदेश बनाने का है जिसे हम लोगो को मिल जुल कर पूरा करना है। उन्होने उपस्थित लोगो को आवाह्न करते हुए कहा कि सब लोग अपनी मॉ के नाम पर एक-एक पौधरोपण अवश्यक करें तभी जाकर हम अपने भारत माता/धरती माता को बचा पायेगें।  
नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल  ने कहा की पर्यावरण मे बदलाव के कारण कही बाढ का प्रकोप है, तो कही सूखाग्रस्त पडा है। वृक्ष पर्यावरण की दृष्टि से कितने  महत्वपूर्ण है यह आप सभी जानते हैं । पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए हमें वृक्ष लगाना अति आवश्यक है। उन्होने उपस्थित सभी लोगो से आह्वाहन किया कि वृक्षारोपण अवश्य करे, क्योंकि वृक्ष ही जलवायु परिवर्तन का कारण है ।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ने बताया गया कि वर्ष 2026-27 हेतु मुख्यमंत्री के आह्वाहन पर प्रदेश मे 35 करोड़ पौध रोपण का लक्ष्य निर्धारित है जिसकी पूर्ती के लिए आज 12 जुलाई 2026 को वृहद वृक्षारोपण की तिथि निर्धारित किया गया है। जनपद मे वन विभाग द्वारा 19 लाख 29 हजार  व अन्य विभाग द्वारा 28 लाख 39 हजार 730 कुल 47 लाख 68 हजार 730 पौधो का रोपण जनपद के 27 विभागो एवं जनसहभागिता से किया जा रहा है।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अजीत प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा आज उत्तर प्रदेश में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज गाजीपुर में भी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य से सापेक्ष पौधरोपण किया गया।  पौधरोपण  कार्यक्रम जनपद स्तर के अलावा समस्त तहसीलों, विकास खण्ड मुख्यालयो तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारे पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण है इसका संज्ञान हमे होना चाहिए। उन्होंने पौधरोपण प्रतिशत को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि आज के दिन इस संकल्प के साथ जाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का प्रयास करें। आप जहां भी जिस रूप में रहे वृक्षारोपण अवश्य करें तथा उन वृक्षों को बचाने का भी प्रयास करें। उन्होने उपस्थित मुख्य अतिथि, मुण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल, विशिष्ट अतिथियो, आगन्तुको, आमजनमास ,स्कूल छात्र-छात्राओ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बृजेश श्रीवास्तव  जिला परियोजना अधिकारी नमामी गंगे द्वारा  किया गया । कार्यक्रम के अन्त मे पर्यावरण संरक्षण मे अपना अहम योगदान देने के लिए रणधीर यादव को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में , जिला विकास अधिकारी राजन राय, उपजिलाधिकारी सदर डा0 पुष्पेन्द्र पटेल, एस पी सिटी राकेश मिश्रा, डीसी मनरेगा विजय यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी उपासना रानी वर्मा, एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी के अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयो के छात्र-छात्राए, एन सी सी, भारत स्काउट गाइड, एन एस एस एवं आम जनमानस उपस्थित रहे एवं सभी ने परिसर मे पौधरोपण किया।

डीएम ने जनपदवासियों से की अपील,टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत दे सूचना,होगी सख्त कार्यवाही!

डीएम ने जनपदवासियों से की अपील,टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत दे सूचना,होगी सख्त कार्यवाही!

गाजीपुर।बरसात के मौसम के दृष्टिगत रखते हुए जनपद में विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और जनसामान्य को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता मे कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया । प्रेस वार्ता जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील किया कि वे बरसात में विद्युत पोल, तार और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाकर रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम मे आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तार टूटने और करंट उतरने की संभावनाए बढ़ जाती हैं। इससे जनहानि के साथ-साथ पशु हानि भी होती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। उन्होंने बताया कि जनपद में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है  जिस पर 24ग्7 शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी  अनुपम शुक्ला ने जनपद वासियों से अपील करते हुए विद्युत दुर्घटना से बचाव के उपाय बताते हुए कहा की विद्युत पोल और तारों से दूरी बनाएं रखें’ । विद्युत पोल चाहे वो लोहे के हों या सीमेंट से निर्मित हों, और उनसे लटक रहे तारों के सम्पर्क में न आएं और न ही उन्हें छुएं, क्योंकि बरसात के मौसम में रिटर्निंग करंट उतरने की प्रबल संभावना बनी रहती है। कई बार नमी के कारण पोल में करंट उतर आता है और अनजाने में छूने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए बच्चों को भी इस संबंध में विशेष रूप से समझाया जाए कि वे पोल के पास खेलने न जाएं।  टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत सूचना दें। यदि किसी भी प्रकार के नंगे तार व केबल जो जमीन पर गिरे हों अथवा लटक रहे हों, तो उसे न छुएं तथा जनहित में इसकी सूचना तुरंत जनपद में स्थापित विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम के मोबाईल नम्बर-9453047253 पर शिकायत दर्ज कराएं। जिससे संभावित विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करेगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा टूटे तार को स्वयं ठीक करने का प्रयास न किया जाए। पानी भरे स्थानों पर लगे पोल और ट्रांसफार्मर से दूर रहें। ऐसे स्थापित पोल चाहे लोहे के हों या सीमेंट के एवं वितरण परिवर्तक यानी ट्रांसफार्मर जिनके आस-पास पानी भरा हुआ है, वहां से न गुजरें। बरसात का पानी बिजली का सुचालक होता है। पानी में उतरे करंट से कई मीटर दूर तक करंट फैल सकता है। इसलिए जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के किसी भी नागरिक की विभागीय कारणों से विद्युत दुर्घटना से मृत्यु होती है तो उसके आश्रित को विद्युत विभाग के नियमानुसार रू 5.00 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। यह सहायता तभी देय होगी जब दुर्घटना विद्युत विभाग की लापरवाही या उपकरणों में खराबी के कारण हुई हो। वहीं यदि किसी नागरिक/उपभोक्ता की अपने घर के अन्दर विद्युत स्पर्शाघात से मृत्यु होती है तो विद्युत विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी। घरेलू वायरिंग, घर के अंदर लगे उपकरणों और व्यक्तिगत लापरवाही से हुई दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी उपभोक्ता की स्वयं की होगी। इसलिए घर की वायरिंग समय-समय पर किसी लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से जरूर जांचवाएं।
प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने बताया कि बरसात के मौसम के लिए प्रशासन द्वारा तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा की विद्युत विभाग का कंट्रोल रूम  24ग्7 जनपद स्तर पर सक्रिय कर दिया गया है। कंट्रोल रूम के नं0 9453047253 पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति टूटे तार, पोल में करंट, स्पार्किंग या ट्रांसफार्मर में समस्या की सूचना दे सकता है। जिन क्षेत्रों में तार जर्जर हैं या पोल झुके हुए हैं, उन्हें चिन्हित कर बदला जा रहा है। ज़िलाधिकारी ने सिंचाई के समय किसानों को नलकूप के पास लगे तारों से सावधान रहने की अपील की गई है। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर स्वयं निरीक्षण कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियो से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। जब तक आम जनता सहयोग नहीं करेगी, तब तक दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। उन्होंने मीडिया के बंधुओं से भी अनुरोध किया कि वे इस सूचना को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि बरसात में कोई अनहोनी न हो। जिलाधिकारी ने अंत में कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी गिनाईं। कहा की गीले हाथों से स्विच, प्लग और उपकरणों को न छुएं। घर में डब्ठ और म्स्ब्ठ जरूर लगवाएं। छत पर लगे सोलर पैनल और इन्वर्टर की वायरिंग की जांच कराएं। पेड़ों की टहनियां अगर तारों को छू रही हैं तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। बच्चों को पतंग उड़ाते समय बिजली के तारों से दूर रखने की हिदायत दें। प्रेस वार्ता के दौरान  अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड विवेक खन्ना , जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

गाजीपुर।जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जल संसाधनों के सतत एवं प्रभावी प्रबंधन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि जनपद में भूजल सप्ताह का आयोजन 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2026 तक व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि भूजल का स्तर लगातार गिरना चिंता का विषय है। इसे संरक्षित करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आमजन की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए भूजल सप्ताह के दौरान व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में जल संरक्षण विषयक गोष्ठियों, रैलियों, शपथ ग्रहण कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
बैठक में वर्षा जल संचयन संरचनाओं की स्थिति, सार्वजनिक भवनों पर रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना तथा जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं पंचायत भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूर्व में स्थापित संरचनाओं का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव कराया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों के रखरखाव, पौधारोपण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों को किसानों के बीच सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों तथा जल बचत तकनीकों के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि भूजल सप्ताह के दौरान जनपदभर में विभिन्न विभागों के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से जल संरक्षण का संदेश प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाया जाएगा। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिकाधिक जनसहभागिता प्राप्त की जाए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक के उपरान्त भूगर्भ जल सप्ताह के अवसर पर सभी अधिकारियो एवं कर्मचारियों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी राजन राय के साथ अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ,शिक्षकों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक कार्ड

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ,
शिक्षकों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक कार्ड

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के संजीव प्रसारण को जनपद में कैबिनेट मंत्री,अन्य जनप्रतिनिधिगण व जिलाधिकारी की उपस्थिति में देखा एवं सुना गया

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का जनपद में हुआ सजीव प्रसारण

शिक्षकों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक कार्ड

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: मंत्री
 
               
गाजीपुर। प्रदेश के बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को अब इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से किया गया। मुख्यमंत्री के कर-कमलों से हुए इस शुभारंभ का सजीव प्रसारण पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ किया गया।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ, विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी रू0 1,200 की धनराशि अंतरण, शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू निष्पादन तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों के सम्मान समारोह कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार रायफल क्लब में मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उसके उपरन्त सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष सुभासपा सुरेन्द्र राजभर, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय, अन्य जनप्रतिनिधिगण, क्षेत्राधिकारी सदर, जिला स्तरीय अधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक समाज का दीपक है। जब दीपक ही बीमार रहेगा तो समाज को रोशनी कौन देगा। इसीलिए हमारी सरकार ने तय किया कि शिक्षकों को स्वास्थ्य की चिंता से मुक्त किया जाए ताकि वे पूरी ऊर्जा के साथ बच्चों को पढ़ा सकें। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेश चिकित्सा योजना के अन्तर्गत शिक्षक एवं उनके परिवारों को मुख्यमंजी द्वारा एक नये आगाज का शुभारंभ किया, जिसमें जनपद गाजीपुर में 8242 शिक्षकों के माध्यम से गरीब, असहाय, एवं कमजोर बच्चों को सरकारी विद्यालयों में अच्छी शिक्षा दी जा रही है जिसमें जनपद में 376 अनुदेशक, 6675 रसोईयॉ एवं 2471 शिक्षा मित्र है। जनपद गाजीपुर के समस्त सरकारी विद्यालय में पढ़ रहे, बच्चो के पिता के खाते में 1200 रूपये की धनराशि डी0बी0टी0 माध्यम से भेजा गया। जनपद में कुल 1 लाख 79 हजार रूपये  की धनराशि मुख्यमंत्री द्वारा हस्तानातरण किया गया। उसके उपरान्त मंत्री जी ने 05 स्कूलो में प्रधानाचार्य को जनपद में अधिक नामांकन करने वाले प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधिगंण द्वारा जनपद के 10 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए, योजना के अंतर्गत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। अपने संबोधन में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक राष्ट्र के भावी नागरिकों का निर्माण करते हैं, इसलिए राज्य सरकार उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाखों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, केजीबीवी के शिक्षक, विद्यालयों में कार्यरत रसोइये तथा उनके आश्रित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर बताते हुए कहा कि आज का दिन शिक्षक समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री ने जो कैशलेस चिकित्सा योजना दी है, इससे शिक्षक अब बिना टेंशन के अपना काम करेंगे। उन्होंने कहां की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हमारे शिक्षक साथियों के सम्मान की दिशा में एक बड़ा कदम है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं। उनकी और उनके परिवार की स्वास्थ्य चिंता अब सरकार की जिम्मेदारी है। अब इलाज के लिए जेब से पैसा नहीं लगेगा, सीधा कैशलेस इलाज मिलेगा। यह योजना शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाएगी और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान लगाने का अवसर देगी। मैं सभी सम्मानित प्रधानाचार्यों को बधाई देता हूँ जिन्होंने अधिक नामांकन कर शिक्षा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि गाजीपुर शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि शिक्षक हमारे बच्चों का भविष्य बनाते हैं। सरकार ने उनकी स्वास्थ्य चिंता दूर कर बहुत बड़ा काम किया है। पंचायत स्तर पर हम सभी स्कूलों में इस योजना का प्रचार करेंगे ताकि कोई भी शिक्षक वंचित न रहे। मुख्यमंत्री द्वारा आज प्रदेश के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी क्रय करने हेतु धनराशि 1200 रूपये हस्तांतरित कर दी गयी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे प्राप्त धनराशि का उपयोग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति में करें तथा उन्हें निर्धारित वेशभूषा में नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर, खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक/शिक्षामित्रा के साथ जनपद स्तरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगंण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया।