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हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विषयक गोष्ठी का आयोजन

गाजीपुर।हिन्दी पत्रकारिता दिवस 30 मई के अवसर पर उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन गाजीपुर की तरफ से पत्रकारिता विषयक गोष्ठी का आयोजन कचहरी स्थित जिला सूचना कार्यालय के सभागार में जिलाध्यक्ष उधम सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें मुख्य अतिथि जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि आज से 199 वर्ष पहले हिन्दी पत्रकारिता का उदय हुआ था,तभी से हर वर्ष पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। आज के दौर में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए पत्रकारिता को मजबूत रखने का काम पत्रकार बन्धु कर रहे हैं जो साधुवाद के पात्र हैं। पत्रकारों के उद्बोधन के क्रम में अंकुर शुक्ला ने कहा कि पत्रकारिता-पत्रकार कभी और आज भी असहाय नहीं हैं यदि योग्य और प्रतिभाशाली व्यक्ति है तो पत्रकारिता में उसके लिए अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। प्रवीण कुमार राय ने कहा कि पत्रकार वर्तमान में भी अपना काम ईमानदारी से कर रहा है अंतर सिर्फ यह है कि देखने वालों और पत्रकारों का अपना नजरिया बदला है। इसी क्रम में प्रमोद कुमार राय, अभिषेक सिंह, संजय कुमार मिश्रा, मदन कुशवाहा, अमरजीत राय, तनवीर खान, राघव शर्मा ने विचार प्रकट किए। राजनीतिक, सामाजिक तथा शिक्षण क्षेत्र से सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, उत्तर प्रदेशीय प्रा0शि0 संघ जिला आनन्द प्रकाश यादव, सदानंद यादव, चंद्रिका यादव, सत्यदेव यादव, अमित ठाकुर, जनक कुशवाहा ने अपना विचार रखा। कवि हरिशंकर पाण्डेय, दिनेश शर्मा ने अपनी रचनाएं पढ़कर सुनाया। संचालन राजेश सिंह एवं उधम सिंह ने आभार प्रकट किया। मौजूद मुख्य लोगों में सूचना स्टॉफ, अशोक, राजेश, अखिलेश यादव, लल्लन यादव, देवेन्द्र, रामकेश, सूरज, सुनील यादव, अंकित सिंह, तिलक यादव, जीवन प्रकाश आदि रहे।

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने किया गोष्ठी का आयोजन

ग़ाज़ीपुर।हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन की ओर से जिला पंचायत सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वो भ्रष्टाचार को उजागर करें। चुनौतियां हर क्षेत्र में हैं लेकिन व्यक्ति को कर्तव्य निष्ठा से काम करना चाहिए। अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह ने कहा कि पत्रकार और न्यायाधीश दोनों ही कलम के सिपाही हैं। पत्रकारिता के साथ ही हर क्षेत्र में परिवर्तन आये हैं। कहा जाता है कि झूठ पंख लगाकर चलता है जबकि सत्य संघर्ष करता है। डिजिटल युग में पत्रकार की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय कुमार ने कहा कि पत्रकारों की जनचेतना का ही परिणाम था कि हमको आजादी मिली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी ने कहा कि पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि बिना वजह किसी के ऊपर मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता है। होमियोपैथिक कालेज के प्राचार्य प्रो डॉ राजेन्द्र सिंह राजपूत ने कहा कि पत्रकारिता के समक्ष पहले भी चुनौतियां थीं और आज भी हैं। जरूरत है कि अपनी विश्वसनीयता को बनाए रखा जाए। डिजिटल युग में समाचार को तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता है इसमें पारदर्शिता बनी रहे ये आवश्यक है। मुख्य अतिथि मुन्नी लाल पाण्डेय ने कहा कि हम चौथे स्तम्भ के नाम से जाने जाते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि हम सही तथ्यों निडर होकर जनता के सामने लाएं। अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह ने कहा कि पत्रकारों को अक्सर विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि ईमानदारी से काम करने की जरूरत है। सिविल बार के अध्यक्ष रामयश यादव ने कहा कि पत्रकार और अधिवक्ता एक दूसरे के सहयोगी हैं और हाल ही में मेडिकल कालेज अस्पताल में इनके लिए एक अलग काउंटर बनाया गया है जिससे पत्रकारों को पर्ची कटवाने और चिकित्सकों को दिखाने में असुविधा नहीं हो।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक श्रीवास्तव ने किया जबकि संचालन महासचिव आशुतोष त्रिपाठी ने किया।
कार्यक्रम में डॉ सानंद सिंह, सुमंत सकरवार, इन्द्रासन यादव, चंद्रमौलि पाण्डेय, प्रभाकर सिंह, अभिषेक सिंह, प्रमोद यादव, काशी सिंह, मुमताज, रविकांत पाण्डेय,डॉ ए. के. राय ,विनय सिंह, अभिनव चतुर्वेदी,दुर्गविजय सिंह,आलोक त्रिपाठी, विनोद गुप्ता, सुशील उपाध्याय, मोहन तिवारी,अविनाश प्रधान,जितेंद्र यादव,विनोद पाण्डेय,विक्की कुमार,प्रमोद कुमार सिन्हा,कमलेश यादव,रामजनम कुशवाहा, अरुण श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित रहे।

दिवगंत पत्रकारों के परिजनों को गाज़ीपुर प्रेस क्लब ने किया सम्मानित

गाज़ीपुर। गाज़ीपुर प्रेस क्लब के तत्वाधान में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर बृहद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। शहर के प्रतिष्ठित होटल दी ग्रैंड पैलेस में आयोजित सम्मान समारोह के तहत गाज़ीपुर जिले के दिवंगत आठ पत्रकारों के स्वजनों को सम्मानित किया गया। साथ ही जिले के सौ से भी ज्यादा पत्रकारों को इस कार्यक्रम में गाज़ीपुर प्रेस क्लब के द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसपी डा. ईरज राजा एवं पूर्व मंत्री विजय मिश्रा रहे। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाज सेवी एवं सत्यदेव ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रबंध निदेशक डा. सानंद सिंह एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख शशिपाल सिंह घूरा, प्रतिष्ठित व्यवसायी विनोद राय एवं जिला सूचनाधिकारी राकेश कुमार मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वय ने मां सरस्वती के प्रतिमा चित्र के समक्ष दीप पज्वलन करके किया। इसके बाद प्रेस क्लब के पदाधिकारियों की तरफ से मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्रम भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने दिवंगत पत्रकार स्व. विजय कुमार मधुरेश के पुत्र आकाश कुमार, स्व. आरसी खरवार के पुत्र भागवत खरवार, स्व. गुलाब राय की पत्नी नीलम राय एवं पुत्र अजीत राय, स्व. राजेश मिश्रा के भाई अमितेश मिश्रा, स्व. दिलीप सिंह के पुत्र विवेक सिंह, स्व. राजरूप शुक्ला के पुत्र आलोक शुक्ला, स्व. राजेश खरवार की पत्नी आशा देवी एवं पुत्री उन्नति, स्व. कार्तिक कुमार चटर्जी दादा की पत्नी श्यामली चटर्जी को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम एवं उपहार देकर सम्मानित किया। इसी दौरान सौ से अधिक पत्रकारों को अतिथियों द्वारा अंगवस्त्र आदि देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विजय मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों के सामने अनेक चुनौतियां आती है, इसके बावजूद पत्रकार अपने सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करता है। जिसकी वजह से समाज के सभी वर्गों में उसका सम्मान बना रहता है। उन्होंने कहा कि गाज़ीपुर के तमाम पत्रकारों ने प्रदेश व देश मे महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। दिवंगत पत्रकार के स्वजनों को सम्मानित करने वाले कार्य की काफी सराहना किए। अपने पत्रकारिता के दौर को याद करते हुए पत्रकारों के हर सुख- दुःख में खड़े रहने के लिए कहा।
पुलिस कप्तान डा. ईरज राजा ने पत्रकारिता गाज़ीपुर के पत्रकारों की सकारात्मकता की काफी सराहना किया। क्लब द्वारा आयोजित बड़े कार्यक्रम की तारीफ करते हुए पत्रकारिता से व्यक्तिगत मिलने वाले सहयोग के बारे में बताया। पूर्व में नियुक्त जिले में क्वार्डल मर्डर के खुलासे में पत्रकारों से मिले सहयोग की विस्तार पूर्वक बताया।
विशिष्ट अतिथि डॉ सानंद सिंह ने उदंड मार्तंड की स्थापना से उत्तर प्रदेश को जोड़ते हुए समाज में पत्रकार और पत्रकारिता के महत्व को दर्शाया। दिवंगत पत्रकारों के स्वजनों को सम्मानित करने से भाव विभोर डॉ सानंद सिंह ने इसे अतुलनीय बताया। साथ ही कहा कि सत्यदेव ग्रुप ऑफ कॉलेजेज पत्रकारों के स्वागत में हमेशा खड़ा है, जहां शिक्षा से संबंधित हर मदद मिलेगी। वक्ताओं के क्रम में अमितेश सिंह, रविंद्र श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, विनय कुमार सिंह बीनू, अविनाश प्रधान, फूलचंद सिंह, आनंदी त्रिपाठी, गोपाल यादव, धर्मेंद्र मिश्रा, वसीम आदि पत्रकारिता दिवस पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर क्लब के संरक्षक द्वय आशीष कुमार सिंह, मनीष मिश्रा, एनाउद्दीन खां, कमल किशोर, पवन मिश्रा, अखिलेश यादव, अविनाश सिंह, प्रदीप दुबे, इकरार खां, धर्मेंद्र सिंह, अशोक मौर्या, दयाशंकर राय, शैलेन्द्र चौधरी, चंद्रमौलि पांडेय, शाहनवाज अंसारी, अभिषेक सिंह, प्रभाकर सिंह, मनीष सिंह, प्रवीण राय, अंकुर शुक्ला, विनोद पांडेय, अभिनव चतुर्वेदी, वेदु, अजय राय बबलू,विक्की कुमार, संजय कुशवाहा, मुकेश उपाध्याय, आरएन राय, अरुण यादव, रजत, सोनू, संजीव, सोनू तिवारी, श्री राम राय कमलेश आदि लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवकुमार कुशवाहा व संचालन कृपा कृष्ण केके ने किया।

एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने सात सूत्रीय मांगों का सौपा ज्ञापन

एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ गाजीपुर ने जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

गाजीपुर : उतर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह के आह्वान पर एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ जनपद गाजीपुर के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के नेतृत्व में सात सूत्रीय मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर को सौंपा ।
ज्ञापन में सात सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने कहा है कि यदि सरकार हमारी मांगों को नही मानती है तो हम सभी संविदा कर्मी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। धरना प्रदर्शन के दौरान अगर किसी कार्य ने बढ़ा आती है या मरीजों को कोई दिक्कत आती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन में उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि हमारी सात सूत्रीय लंबित मांगों में से सरकार ने कोई भी मांग पूरी नहीं की है हम लोगों को बार बार झूठा आश्वासन दिया जाता है। हमारी विशेष मांग
1- म्युचुअल स्थानांतरण तत्काल लागू किया जाए।
2- संविदा कर्मचारियों हेतु ईपीएफ०, ग्रेड पे व DA का निर्धारण करना ।
3- एन०एच०एम० में 7 , 10 ,15 व 20 वर्ष से अधिक की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस दिया जाना ।
4- आरसीएच ( एमसीटीएस० ) ( एचएमआईएस०) कंप्यूटर ऑपरेटर का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन करना ।
5-एच०आर०ए० का लाभ दिया जाए।
6- स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जाए।
7- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का चार वर्ष से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए।
संगठन ने अवगत कराया हैं कि यदि 5 जून 2025 तक मांगे नहीं मानी गई तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा ।
इस अवसर पर संगठन के मिथिलेश कुमार सिंह, अनिल शर्मा ,मिथिलेश कुमार ,कविता भारद्वाज ,अमरदीप पाल, राधेश्याम यादव, मोहम्मद अजहर खान ,डॉक्टर शाहबाज, डॉक्टर प्रीति चौबे, दुर्गा प्रसाद कनौजिया, सुनील कुमार, रवि प्रकाश चौरसिया, अमित कुमार, संतोष कुमार, अरुण कुमार सिंह, सोमारू कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

नरवर गांव पहुंचे सांसद धर्मेंद्र यादव,पीड़ित परिजनों से की मुलाकात

ग़ाज़ीपुर।28 मई को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में नरवर विधुत हादसे में पीड़ित परिजनों से मिलकर शोक संवेदना जताई।
सांसद धर्मेन्द्र यादव ने इस घटना को बहुत ही दुखद बताते हुए पीड़ित परिजनों को अब तक कोई सरकारी मदद या राहत न मिलने पर अफसोस जाहिर किया।उन्होंने कहा कि सरकार को जान-माल की कोई फ़िक्र नहीं है। इस तरह के हादसे की पुनरावृत्ति न हो, सरकार को इस बात का ख्याल रखना होगा और लोगों के जान-माल की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी भी है।
समाजवादी पार्टी की तरफ से इस घटना में जिन तीन परिवारों के सदस्यों की मौत हुई, उन तीनों परिवारों को डेढ़ डेढ़ लाख और घायलों को पच्चीस पच्चीस हजार रुपए की आर्थिक मदद की गई।
इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सांसद अफजाल अंसारी, विधायक ओमप्रकाश सिंह,विधायक डा.वीरेंद्र यादव,विधायक जै किशन साहू,विधायक मन्नू अंसारी, काशीनाथ यादव, अभिषेक यादव,विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र यादव, शामिल थे।
मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, रामधारी यादव, राजकुमार पांडे, कन्हैयालाल विश्वकर्मा रामनारायण यादव तथा सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अहिल्याबाई होल्कर एक अद्वितीय व्यक्तित्व की धनी महिला थीं:सोहन लाल श्रीमाली

गाज़ीपुर।सोहन लाल श्रीमाली, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर) राज्य पिछड़ा वर्ग अयोग उ0प्र0 द्वारा जिला पंचायत सभागार में अहित्याबाई होल्कर शताब्दी समारोह कार्यक्रम के दौरान प्रेस मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेसवार्ता की गई। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होने बताया कि पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन शौर्य, साधना, सेवा, समर्पण, संयम और सादगी का अप्रतिम उदाहरण है। उनकी अद्वितीय शासन कला, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धार्मिक आस्था ने एक ऐसा मार्ग प्रशस्त किया जो हम सभी के लिए आज भी प्रेरणादायी है। आज राजमाता अहिल्याबाई की जयंती के 300 वर्ष के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन करते हुए हमें यह शुभ अवसर प्राप्त हुआ है कि हम उनके महान व्यक्तित्व का स्मरण करते हुए उनसे प्रेरणा लें।
राजमाता अहिल्याबाई होल्कर एक अद्वितीय व्यक्तित्व की धनी महिला थीं जिन्होंने अपने शासनकाल में मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र को एक नई दिशा दिखाई। उनकी न्यायप्रियता, प्रशासनिक क्षमता और धार्मिक सहिष्णुता ने उन्हें एक आदर्श शासक बनाया।

राजमाता अहिल्याबाई का जन्म 31 मई, 1725 ई को अहमदनगर के चौंडी ग्राम में हुआ था। उनकी माता सुशीला तथा पिता माणको जी शिंदे थे। राजमाता अहिल्याबाई ने ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले एक सामान्य परिवार की बालिका से एक असाधारण शासक तक की यात्रा पूरी की। उनका विवाह मल्हार राव होल्कर के पुत्र खंडेराव होल्कर से हुआ था। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने राज्य की बागडोर संभाली और मालवा क्षेत्र को समृद्धि और सुरक्षा प्रदान की।

राजमाता अहिल्याबाई को लोकमाता और पुण्यश्लोका के रूप में ख्याति प्राप्त है। शिव की अनन्य भक्त अहिल्याबाई का लोक कल्याणकारी शासन भूमिहीन किसानों, भीलों जैसे जनजातीय समूहों तथा विधवाओं के हितों की रक्षा करने वाला एक आदर्श शासन था। समाज सुधार, कृषि सुधार, जल प्रबंधन, पर्यावरण रक्षा, जनकल्याण और शिक्षा के प्रति समर्पित होने के साथ-साथ उनका शासन न्याय प्रेमी था। समाज के सभी वर्गों का सम्मान, सुरक्षा, प्रगति के अवसर देने वाली समरसता की दृष्टि उनके प्रशासन का आधार थी। इन्हीं लोक कल्याणकारी कार्यों के कारण उन्हें लोकमाता कहा गया।
इसी के साथ न केवल अपने राज्य में अपितु संपूर्ण देश के मंदिरों की पूजा व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया। बद्रीनाथ से रामेश्वरम तक और द्वारिका से लेकर पूर्व पुरी तक आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिरों का उन्होंने पुनर्निर्माण कराया। प्राचीन काल से चलती आई और आक्रमण काल में खंडित हुई तीर्थ यात्राओं में उनके प्रयासों से नवीन चेतना आई। इन वृहद कार्यों के कारण ही उन्हें पुण्यश्लोका की उपाधि मिली। संपूर्ण भारतवर्ष में फैले हुए इन पवित्र स्थानों का विकास वास्तव में उनकी राष्ट्रीय दृष्टि का परिचायक है।

राजमाता अहिल्याबाई अत्यंत दूरदर्शी प्रशासिका थी। उन्होंने एक ऐसा सूचना तंत्र विकसित किया जिसके माध्यम से उन्हें संपूर्ण देश की जानकारी प्राप्त होती रहती थी। उन्होंने अपनी स्वयं की डाक व्यवस्था विकसित की जिसमें अत्यंत द्रुत गति से सूचना अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचती थी तथा गोपनीयता के भंग होने की संभावना भी अत्यंत कम रहती थी। राजमाता अहिल्या हृदय से जितनी उदार थीं उतनी ही कठोर प्रशासिका भी थीं।

एक प्रभावशाली शासक होने के साथ-साथ वह एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थीं। उनका विश्वास अनावश्यक युद्ध में कभी नहीं रहा लेकिन उनके राज्य पर कुदृष्टि रखने वालों से निपटने में वह पूर्ण रूप से सक्षम थी। अपनी बुद्धिमत्ता एवं साहस से इस वीरांगना ने अपने राज्य का कुशल प्रशासन किया। जब उन्होंने शासन व्यवस्था संभाली तब पूरी सेना के पास मात्र तीन बंदूकें हुआ करती थीं। परंतु उन्होंने स्वयं अपने शास्त्रागरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया तथा तोप खानों की स्थापना की। उन्होंने 500 महिलाओं की एक सैनिक टुकड़ी का भी गठन किया। उन्हें युद्ध में प्रशिक्षित किया। गोला बारूद व रसद संग्रह का कार्य भी उन्होंने महिला सेनानियों के जिम्मे कर दिया।
शैक्षिक एवं आर्थिक मामलों में भी वह एक दूर दृष्टि रखने वाली निर्णयक्षमता संपन्न महिला थीं। उन्होंने व्यापार को बढ़ावा दिया। नए उद्योगों, खेती और व्यापार के लिए विशेष प्रयास किया। विश्व प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियां उनके ही प्रयासों का प्रतिफल हैं। राजमाता अहिल्याबाई ने ही 1756 में वाराणसी से बुलाकर मालवा के महेश्वर नामक स्थान में मालू समाज को बुनकर के रूप में बसाया था। यह साड़ियां स्वयं सहायता समूहों के द्वारा स्वावलंबन का एक सफल प्रयोग था। उन्होंने वीरगति प्राप्त सैनिकों की पत्नियों के लिए स्वयं सहायता समूह बनवाए थे जिन्हें वह अपने निजी कोष से सस्ते ऋण भी दिया करती थीं। आपदा के समय वे प्रजा को कर में छूट देती थीं, उन्होंने प्रजा की आसानी के लिए किस्तों में कर देने का प्रावधान किया। राजमाता अहिल्याबाई यह जानती थीं कि राज्य की सुख समृद्धि तथा स्वावलंबन का मूल आधार शिक्षा व कौशल है। राज्य में स्त्री एवं पुरुष सभी को शिक्षा समान रूप से मिले इसलिए गुरुकुलों के सुचारु संचालन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई।
महिला सशक्तिकरण तथा प्रकृति संरक्षण की दिशा में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। वे महिलाओं के अधिकारों को लेकर अत्यंत सजग थीं। उनके दरबार में महिलाओं को आने की पूरी स्वतंत्रता थी। अपने शासनकाल में उन्होंने विधवाओं को संपत्ति रखने तथा उसके उपयोग का अधिकार दिया।स्त्रियों को अपना मनचाहा दत्तक या उत्तराधिकारी चुनने का भी अधिकार दिया। वह प्रकृति की भी संरक्षिका थीं। जीव जंतुओं पशु पक्षियों के प्रति भी उनके मन में विशेष लगाव था। गौ सेवा के लिए राजमाता अहिल्याबाई ने महती कार्य किया। उन्होंने गोवध बंदी कानून को कठोरता से लागू किया। उन्होंने वन संपदा को अनावश्यक काटने पर दंड का विधान किया तथा नदियों का प्रदूषण रोकने और नर्मदा के संरक्षण हेतु विशेष प्रयास किए।

सनातन संस्कृति से अगाध प्रेम करने वाली पुण्य श्लोका राजमाता अहिल्याबाई का दृष्टिकोण अखिल भारतीय था। वह भारत की एकात्मता में तीर्थ यात्राओं के महत्व को समझती थीं। उन्होंने गंभीरता से विचार किया कि भारत में युगों-युगों से चली आ रही तीर्थ यात्राओं की परंपरा विदेशी शासकों के कारण टूट गई थी। तीर्थ स्थानों के मार्ग, मंदिर, अन्य क्षेत्र, पेयजल व्यवस्था, धर्मशालाएं इत्यादि विदेशी आक्रांताओं ने ध्वस्त कर दी थीं। इनके पुनर्निर्माण किए बिना तीर्थ यात्राएं सुगम नहीं हो सकती थीं। इसीलिए उन्होंने पूरे भारत में एक दृष्टि से निर्माण करवाए। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट अहिल्या माता के द्वारा ही बनवाया गया था। बद्रीनाथ से रामेश्वरम और द्वारिका से काशी तक उन्होंने अनेक घाट, धर्मशालाएं, मंदिर इत्यादि बनवाए। काशी से बंगाल तक सड़क को पक्का करवाया। कई भग्न मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया। राजमाता अहिल्या ने राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं को लांघ कर भी पूर्ण शांति और सहमति के साथ अनेक निर्माण कार्य करवाए। भारत में लगभग 80 से 100 ऐसे ज्ञात स्थान है जहां पर राजमाता अहिल्या द्वारा भवनों का निर्माण करवाया गया। यह भारत को जोड़ने की दिशा में उनकी ओर से किया गया महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने न केवल स्थापत्य का कार्य करवाया बल्कि भविष्य में भी सुचारू रूप से कार्य चलता रहे इसके लिए अग्रिम व्यवस्था कर दी। उनके द्वारा कराए गए निर्माण कार्य वास्तव में अंग्रेजों के षड्यंत्र के विरुद्ध हिंदू एकत्रीकरण के प्रयास भी थे। वह जानती थीं कि मंदिर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र होते हैं। उनके इन प्रयासों से समाज में बड़े परिवर्तनों को गति मिली। राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि उन्होंने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं और यहाँ तक कि गहरे निजी दुखों को भी परे रखकर, अपने संपूर्ण जीवनकाल में सदैव प्रजा के कल्याण और लोकहित को सर्वाेपरि प्राथमिकता दी। यद्यपि राजमाता अहिल्याबाई का व्यक्तिगत जीवन सरल और सुखद नहीं था। उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों का आकस्मिक निधन देखा था, जिसमें उनका 22 वर्षीय पुत्र मालेराव, पति खंडेराव होल्कर और, पौत्र नत्थोवा होल्कर भी थे, फिर भी माता अहिल्याबाई ने अपने हृदय को विचलित नहीं होने दिया, अपने कर्तव्य के निर्वहन में 26 वर्ष तक अपने राज्य का संचालन और लोक कल्याण किया। आज राजमाता अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर हम उनके इन्हीं गुणों को अपने जीवन में उतारकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने हेतु एक नई ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। आज की युवा पीढ़ी को पुण्यश्लोका राजमाता अहिल्याबाई के बारे में अवश्य जानना चाहिए जिससे वह अपने जीवन को राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के पवित्र कार्य में प्रतिबद्धता पूर्वक लगा सकें। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत सदस्य सपना सिंह, ब्लाक प्रमुख बिरनों राजन सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा ओमप्रकाश राय, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा भानू प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, स्वयं सहायता समूह की महिलाए उपस्थित रहें।

बहरियाबाद और मोहम्मदाबाद में जनप्रतिनिधि सम्मेलन संपन्न

गाज़ीपुर (बहरियाबाद) । पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती स्मृति अभियान में भाजपा द्वारा सोमवार को विधानसभा जखनियां के एक पैलेस बहरियाबाद मे जनप्रतिनिधि सम्मेलन जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य व गाजीपुर के पूर्व जिला प्रभारी डा. नन्द किशोर पांडेय ने जन प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण, सम्बर्धन तथा समृद्धि मे देश की महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है।जब देश मे मुगल आक्रांताओं द्वारा सनातन संस्कृति के चिन्हों को मिटाने का प्रयास किया गया तब रानी अहिल्याबाई होल्कर ने पूरे देश मे स्वस्थ्य सभ्यता के लिए काम करते हुए और मंदिरों के जिर्णोद्धार नदियों पर पक्के घाटो तथा समाज सेवा के क्षेत्र में अनेको तालाब, कुआं , बावड़ी,सरायो का निर्माण कराया। सड़कों के किनारे पेड़ लगवाए ।उन्होंने कहा कि जहां के मार्ग आज भी इस तकनीकी युग में दुर्गम है वहा के मंदिरों के जिर्णोद्धार मार्गो के किनारे छायादार वृक्ष को लगवाने आदि का काम किया।
जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि भारत सोने की चिड़िया अगर कहलाता था तो निश्चित रूप से हमारा देश औद्योगिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक , राजनैतिक मानवीय सम्पदा व संवेदना का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय संस्कृति की ऐसी नारी जिन्होंने ममता, करुणा,दया ,दान, शीलता की प्रतिमूर्ति थी तो न्याय प्रिय शासक, कुशल योद्धा भी थी जो भारतीय नारी की प्रेरणा है।
इस अवसर पर अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र से सम्मान किया गया।
इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष सिंह, रामराज बनवासी, राजेश राजभर, संदीप सिंह सोनू सहित सभी मंडल अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य आदि अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुहम्मदाबाद। विधानसभा मुहम्मदाबाद का जनप्रतिनिधि सम्मेलन ओमप्रकाश उपाध्याय की अध्यक्षता मे सोमवार को अष्ट शहिद इंटर कालेज पर सम्पन्न हुआ। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर एक शासक के आलावा कुशल समाज सेवी भी थी उनके द्वारा कराए गए कार्यों मे दूरदर्शिता थी।उनके शासन के न्यायिक व्यवस्था की सराहना उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाने तथा उनके द्वारा कराए गए जनकल्याणकारी कार्यो की प्रासंगिकता आज भी है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भारत देश की नारियों ने जो साहस और शौर्य के साथ मर्यादा का पालन किया निश्चित रूप से देश की सामाजिक व्यवस्था को गौरव प्रदान करता है।
जनप्रतिनिधि सम्मेलन मे पियूष राय , श्याम राज तिवारी, वीरेन्द्र राय,रविन्द्र राय, अवधेश राय, आलोक शर्मा, सत्येन्द्र राम, सुरेश गिरी, राजेश मिश्रा, रोशन कुशवाहा, सतीश राय, प्यारे मोहन सिंह यादव, ओमप्रकाश गिरी, विनोद राय, सहित अन्य नेता पदाधिकारी, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा सैदपुर विधानसभा का जनप्रतिनिधि सम्मेलन,कौशिक उपवन सैदपुर मे प्रदेश मंत्री मीना चौबे द्वारा सम्बोधित किया गया।
जंगीपुर विधानसभा का सम्मेलन एस एन बालिका इंटर कालेज,क्यामपुर,सरदारपुर, बिरनो मे,जहूराबाद विधानसभा का पं रामचरित , विंध्याचल शिक्षण संस्थान ,भौदास,बडेसर मे तथा जमानियां विधानसभा का दुल्हन पैलेस,गहमर मे आयोजित किया गया।

सपना सिंह ने शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

गाजीपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर संचालित नवाचार कार्यक्रमों के संबंध में लोक भवन लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह के अन्तर्गत राइफल क्लब, गाज़ीपुर में एक विशेष महोत्सव का आयोजन किया गया।जिसमें जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकगण, अभिभावकों तथा छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। मुख्यमंत्री का सीधा प्रसारण उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य तथा जनसमूह ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से देखा। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता, निपुण भारत मिशन, डिजिटल लर्निंग, स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शिक्षकों की भूमिका पर विशेष बल दिया। इस महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक विकासखण्ड से 01 निपुण विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सबसे अच्छा समर कैम्प संचालित करने वाले 05 विद्यालय के शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रेरणा पोर्टल के डिजिटलाइजेशन हेतु राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जनपद को प्राप्त 778 टैबलेट में से 05 टैबलेट का वितरण जिला पंचायत अध्यक्ष से कराते हुए वितरण की शुरुवात की गई।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षकों का प्रेरित करते हुए कहा कि विभाग द्वारा प्रदत्त सुविधाओं एवं सामग्रियों का अनुप्रयोग करते हुए शिक्षक अगर समर्पण के साथ शिक्षण कार्य करें तो वह दिन दूर नहीं जब जनपद में परिषदीय विद्यालयों के बच्चे जनपद को गौरन्वांवित करेंगें। बस आवश्यकता है कि बच्चों को उनकी व्यक्तिगत विभिन्नताओं के अनुसार विद्यालयों में शैक्षणिक अवसर प्रदान किया जाए। अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी शिक्षकों एवं शिक्षा मित्रों को धन्यवाद ज्ञापित किया।जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण पूरे जनपद में विभिन्न चौनलों के माध्यम से देखा गया। कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश सिंह द्वारा किया गया। इस मौके पर समस्त जिला समन्वयक, समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, समस्त ए०आर०पी० समस्त ए०आर०जी० उपस्थित रहे।

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान शुरू

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान शुरू : बूथ स्तर पर मजबूत होगी कमेटी, 2027 यूपी में सरकार बनाने का दावा

गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गाज़ीपुर जिला कांग्रेस कैंप कार्यालय में शनिवार को 3 सदस्यीय को ऑर्डिनेटरों की टीम के नेतृत्व में जिला और शहर कांग्रेस कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में जिला कॉर्डिनेटर देवेंद्र सिंह के साथ फसाहत हुसैन बाबू, शैलेन्द्र कुमार ध्रुव के साथ जिला अध्यक्ष सुनील राम, शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ब्लॉक, नगर, न्याय पंचायत और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

जिला कॉर्डिनेटर देवेंद्र सिंह ने बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को यूपी में आशातीत सफलता मिली है।हमें बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करके 2027 विधान सभा चुनाव में भाजपा सरकार को हटा कर कांग्रेस सरकार बनाने का दावा किया।उन्होंने कहा तीन महीने के अंदर बूथ स्तर तक कमेटियों का गठन कर ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को पार्टी की विचार धारा से जोड़ा जाए। कॉर्डिनेटर शैलेन्द्र कुमार ने बैठक में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं और महिलाओं को पार्टी में महत्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे ही जीत के असली सूत्रधार हैं। कॉर्डिनेटर फसाहत हुसैन बाबू ने कार्यकर्ताओं को संगठन निर्माण में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि भाजपा संविधान बदलने के फिराक में है जनहित और देशहित में उसे हर हाल में रोकना हमारा कर्तव्य है, इसके लिए हम सभी को अंतिम पायदान पर खड़े निर्धन और गरीब व्यक्ति तक जाना ही होगा और कांग्रेस की नीतियों से वाकिफ कराना होगा। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह एवं पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय ने संयुक्त रूप से संगठन सृजन के लिए बताया कि नेता और कार्यकर्ता मिलकर जमीनी स्तर पर टीम वर्क भावना के साथ काम करें, ये सबसे जरूरी है। बैठक में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुनील राम और शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से गाजीपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बूथ स्तर तक संगठन सृजन के कार्य योजना की जानकारी साझा की। कहा कि शीर्ष नेतृत्व के दिए गए निर्देशों का पालन प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, साथ ही संगठन बूथ स्तर पर मिलजुल कर तेजी से कार्य कर रहा है।

इस दौरान बैठक में प्रमुख रूप से एआईसीसी सदस्य रविकांत राय, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, बटुक नारायण मिश्र, अजय सिंह, जनक कुशवाहा, अजय कुमार श्रीवास्तव, लाल साहब यादव, ज्ञान प्रकाश सिंह, राघवेंद्र, मुसाफिर बिन्द, हामिद अली, चंद्रिका सिंह, मंसूर जैदी, विद्याधर पांडे, आशुतोष गुप्ता, सतीश उपाध्याय, महबूब निशा, सुमन तिवारी, उमाशंकर सिंह, फौजी ब्रजेश कुमार, माधव कृष्ण, धर्मेंद्र कुमार, गुड्डू कुमार, अजय चौबे, कमलेश्वर प्रसाद शर्मा, देवनारायण सिंह, वीरेंद्र राय, दिव्यांशु पांडे, सैयद ईबरतुल्लाह, सीताराम राय, सदानंद गुप्ता, पारसनाथ उपाध्याय, राजेश सिंह, अबु आसिफ, अरविंद कुमार मौर्य, राजेश उपाध्याय, जयप्रकाश पांडेय, राजेश तिवारी, अमित कुमार राय, मोहन चौहान, अखिलेश कुमार यादव, कुंदन खरवार, प्रमोद सिंह कुशवाहा, सुदामा यादव, महेश राम, चंद्रभान सिंह, संजय सिंह दिवाकर, कन्हैया लाल, दीपक सिंह, मोहन राम, मोइनुद्दीन, आसिफ आलम, संजीव शर्मा, भक्ति आनंद, वीरेंद्र पासवान, रईस अहमद, राघवेंद्र चतुर्वेदी, शाहनवाज आलम, निधि राय, मंगल यादव आदि लोगों
सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी ने संगठन को मजबूत करने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने पर भी जोर दिया।

22 आवेदन में 5 का निस्तारण,दिए निर्देश

गाजीपुर। माह के चतुर्थ शनिवार को थाना दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा की उपस्थिति में थाना सुहवल में सम्पन्न हुआ। जिसमें 22 आवेदन प्राप्त हुए मौके 05 का निस्तारण किया गया। थाना दिवस में उपस्थित फरियादियों ने लिखित रूप से अपना अपना आवेदन दिया। जिस पर जिलाधिकारी ने प्राप्त  शिकायतो को जल्द से जल्द निस्तारण के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। थाना दिवस के उपरान्त जिलाधिकारी ने सभी लेखपाल को निर्देशित किया है अपना-अपना फिल्ड रजिस्टर बनाए तथा आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर प्राप्त आवेदन या लंबित प्रकरण को पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित कर फिल्ड रजिस्टर पर सभी आवदनों को नोट करतें हुए तत्काल निस्तारण किया जाए। उन्होने निर्देशित किया कि जिस गांव की शिकायत आती है, अधिकारी वहां मौके पर जाकर गांव के संबंधित लेखपाल एवं पुलिस विभाग की टीम के साथ मिलकर निस्तारण करेंगे। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नही होगी। इस मौके पर थाना प्रभारी, लेखपाल एंव अन्य पुलिस विभाग से सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।