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ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार आचरण से समाप्त हो सकती है जनमानस में व्याप्त बुराइयाँ:रजनी सिंह

ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार आचरण से समाप्त हो सकती है जनमानस में व्याप्त बुराइयाँ:रजनी सिंह

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भाषा संकाय के अन्तर्गत संस्कृत विभाग की पूर्व शोध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन विभागीय शोध समिति एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार कक्ष में किया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे संस्कृत विभाग शोधार्थिनी रजनी सिंह ने अपने शोध-प्रबन्ध शीर्षक ‘‘ब्रह्मवैवर्तपुराण: एक समीक्षात्मक अध्ययन’’ नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि ब्रह्मवैवर्त पुराण मुख्यतः वैष्णव पुराण है। इसके प्रमुख प्रतिपाद्य देवता विष्णु-परमात्मा श्रीकृष्ण हैं। यह चार खण्डों में विभाजित है- ब्रह्मखण्ड, प्रकृति खण्ड, गणपतिखण्ड तथा श्रीकृष्णजन्मखण्ड। ब्रह्मखण्ड में सबके बीज रूप परमब्रह्म परमात्मा (श्रीकृष्ण) के तत्त्व का निरुपण है। प्रकृतिखण्ड में प्रकृति स्वरूपा आद्याशक्ति (श्री राधा) तथा उनके अंश से उत्पन्न अन्यान्य देवियों के शुभ चरित्रों की चर्चा है। गणपतिखण्ड में (परमात्मास्वरूप) श्री गणेश जी के जन्म तथा चरित्र आदि से संबंधित कथाएँ हैं। श्रीकृष्ण जन्मखण्ड में (परमब्रह्म परमात्मास्वरूप) श्री कृष्ण के अवतार तथा उनकी मनोरम लीलाओं का वर्णन है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण में भगवान श्रीकृष्ण और उनकी अभिन्नस्वरूपा प्रकृति-ईश्वरी श्री राधा की सर्वप्रधानता के साथ गोलोक-लीला तथा अवतार-लीला का विशद वर्णन है। इसके अतिरिक्त इसमें कुछ विशिष्ट ईश्वरकोटि के सर्वशक्तिमान् देवताओं की एकरूपता, महिमा तथा उनकी साधना-उपासना का भी सुन्दर प्रतिपादन है। ब्रह्मवैवर्त पुराण की कथाएँ अतीव रोचक, मधुर ज्ञानप्रद और कल्याणकारी है। वर्तमान जनमानस में व्याप्त बुराइयों को दूर करने हेतु ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार आचरण करने से लोगों का हृदय आनन्दित होगा और उनमें व्याप्त बुराइयों के शमन में सहायता मिलेगी तथा समाज में चतुर्दिश शान्ति स्थापित होगी और सभी सुखी होंगे। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थिनी रजनी सिंह ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति चेयरमैन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , मुख्य नियंता प्रोफेसर (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक डॉ० नन्दिता श्रीवास्तव, संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० समरेन्द्र नारायण मिश्र, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० अमरजीत सिंह, प्रोफे०(डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० योगेश कुमार, डॉ०शिवशंकर यादव, प्रोफे० (डॉ०) विनय कुमार दुबे, डॉ० कमलेश, प्रदीप सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।

छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर सौपा पत्रक

गाजीपुर। छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को पीजी कॉलेज के प्राचार्य डा. राघवेंद्र पाण्डेय से मिला और पत्रक सौंपा। छात्र नेताओं का कहना है कि कॉलेज में नये सत्र में प्रवेश प्रक्रिया सौ प्रतिशत पूरी हो चुकी है, साथ ही लगभग दो महीने से पठन-पाठन कार्य चल रहा है। लेकिन महाविद्यालय प्रशासन द्वारा चुनाव कराने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है ।चुनाव नहीं होने से महाविद्यालय में अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और महाविद्यालय प्रशासन शिक्षक संघ व कर्मचारी संघ का चुनाव सम्पन्न करा रहा है। परन्तु छात्रसंघ चुनाव पर छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार व शोषण कर रहा है। जिससे छात्रों में आक्रोश व्याप्त है । सभी छात्रों ने एक स्वर में कहा कि छात्रसंघ चुनाव कि तिथि शीघ्र घोषित नहीं कि गई तो छात्र अपने मांग के समर्थन में धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी कालेज प्रशासन की होगी।
पत्रक सौंपने वालों में छात्रनेता शैलेश यादव, विकास यादव, निलेश बिन्द,अनुराग तिवारी राहुल कुमार,हर्ष दूबे, शिवांशु यादव,शिवम सिंह, राकेश चौधरी,आकाश सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

‘युवा उद्यमिता योजना प्रतियोगिता’का हुआ आयोजन

ग़ाज़ीपुर।गुरुवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सावित्रीबाई फुले सभागार में महाविद्यालय नवाचार परिषद एवं अविष्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान युवाओं में उद्यमिता विकास पर ‘युवा उद्यमिता योजना प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी रही। मुख्य अतिथि अनिता कुमारी ने अपने उद्बोधन में युवाओं में उद्यमिता विकास पर अपने विचार रखें। उन्होंने बताया की वर्तमान समय में युवा अपना स्वयं का उद्यम स्थापित करके न सिर्फ स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार करने में भी अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया की आज के समय जहां सार्वजनिक क्षेत्र में भी सीमित अवसर उपलब्ध हैं। वहीं उद्यमिता विकास के जरिए युवा आत्मनिर्भर एवं रोजगार प्रदाता बन सकते हैं।
इस कार्यक्रम में गाजीपुर जनपद के स्कूलों एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के समूहो ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। उद्यमिता विकास कार्यक्रम में बिजनेस प्लान की दो श्रेणियां स्कूलों एवं महाविद्यालयों के लिए बनाई गई थी। स्कूल श्रेणी में दस टीमों ने प्रतिभाग किया जबकि महाविद्यालय श्रेणी में पांच टीमों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम की जूरी सदस्य के रूप में अविष्कार फाउंडेशन की तरफ से सौम्या स्वामीनारायण एवं ज्योति चौहान रही जबकि सिद्धांत राज, पुष्पांजलि सिंह, पूनम एवं स्मृति इनकी टीम के अन्य सदस्य रहे। इस कार्यक्रम में महिला महाविद्यालय की तरफ से नवाचार परिषद के प्रभारी डॉ शंभू प्रसाद, डॉ उमाशंकर, डॉ पीयूष सिंह, डॉ विकास सिंह, डॉ शिव कुमार उपस्थित रहे।

सरिता अग्रवाल ने पांच दिवसीय मिलेट्स गैलरी का किया उद्घाटन

गाजीपुर ।सरिता अग्रवाल नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा मिलेट्स पुनरोद्वार कार्यक्रम योजनान्तर्गत 5 दिवसीय मिलेट्स गैलरी का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर कृषि से संबंधित विभागों के अधिकारी सहित लगभग 200 किसानों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित किया। यह मिलेट्स गैलरी जहां एक तरफ जनपद के किसानों में मिलेट्स की खेती को बढावा देने के लिए उत्साहित करेगा। वही आम लोगो को उनके भोजन में शामिल करने के लिए भी प्रेरित करेगा। इस गैलरी में सांवा, कोदो, रांगी, मडुआ, चेना, कुटकी, ज्वार, बाजरा व मक्के की खेती के वैज्ञानिक विधियों को सरल रूप में प्रदर्शित किया गया है। गैलरी में विभिन्न प्रकार के मिलेट्स अनाज, ’ मिलेट्स के सुखे व हरे पौधो का भी प्रदर्शन किया गया है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों के जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जा रहा है। गैलरी में मिलेट्स से निर्मित विभिन्न प्रकार के व्यंजन जैसे-खीर, दलिया, रोटी, केक, बिस्किट, पकौड़े, लड्डू इत्यादि के माध्यम से आम लोगो के भोजन में समावेश करने के सरल तरीकों को भी प्रदर्शित किया गया है। सरिता अग्रवाल द्वारा बताया गया कि इन मिलेट्स का उपयोग पहले खूब किया जाता रहा है। गेहूं, चावल की अधिक पैदावार तथा आधुनिकता ने इसे पीछे छोड़ दिया। गेहूँ में उपस्थित ग्लूटिन व अधिक कार्बाेहाईड्रेट पाचन व शुगर जैसी गम्भीर बिमारियां पैदा की, जो आज आम बात हो गयी है। जबकि मिलेट्स में उच्च गुणवत्तायुक्त प्रोटीन, फाइबर, खनिज लवण, आयरन, जिंक इत्यादि प्रचुर मात्रा में पाये जाते है जो सुपाच्य के साथ-साथ उच्च पोषण प्रदान करने वाला होता है। इसलिए इसकी खेती को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाकर सभी को ’ सुलभ उपलब्ध कराया जाय ताकि लोगों की थाली में इनका स्थान सुनिश्चित हो सके। यह गैलरी किसानों व आम लोगों के लिए 31 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगा। उप कृषि निदेशक गाजीपुर ने सभी से आग्रह है कि पी0जी0 कालेज गाजीपुर में पहुंचकर इस जीवन्त गैलरी का लाभ अवश्य उठाएं।

“काव्य एवं कहानी प्रतियोगिता मंचन” का हुआ आयोजन

गाज़ीपुर। डालिम्स सनबीम स्कूल के प्रांगण में “काव्य एवं कहानी प्रतियोगिता मंचन” का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न पात्रों के चरित्र को अत्यन्त निपुणता से निभाया ,विशेषकर लक्ष्मण- मूर्च्छा एवं भगवान राम का विलाप अत्यन्त सराहनीय रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एकता अखण्ड राय एवं प्रधानाचार्य कमलेश सिंह के द्वारा की गई। इस कार्यक्रम के छात्रों द्वारा विभिन्न मानवीय मूल्यों को दर्शाया गया।गुरु की महिमा, गुण-दोष विवेचन माता-पिता की महत्ता, पर्यावरण सुरक्षा आदि को विशेष रूप से उद्‌घाटित किया गया।
विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतिभागी छात्रों की सूचि निम्नवत है। इस प्रतियोगिता की सराहना करते हुए प्रधानाचार्य कमलेश सिंह ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के मंचन से छात्रों का सर्वांगिण विकास होगा एवं उनकी प्रतिभा में निरन्तर निखार आएगा और हमारी राजभाषा हिन्दी समृध्द होगी।

डीएम ने की बैठक

गाजीपुर।जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति निगरानी समिति (DLIMC ) की बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार मेंआयोजित की गई। जिसमें कमेटी के सदस्य सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, गाजीपुर, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, गाजीपुर डी०आई०ओ० एन०आई०सी०, गाजीपुर, जी०एम०/ टी०डी०एम० बी०एस०एन०एल० गाजीपुर, एवं बी-पैक्स की ओर से मनियां (गदौरा) एवं महेशपुर समिति सचिव द्वारा भाग लिया गया। कमेटी के सदस्य संयोजक सचिव/मुख्यकार्यपालक अधिकारी जिला सहकारी बैंक लि० द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में 182 समितियां है, जिनमें से 16 समितियां परिसमापनाधीन है शेष 166 समितियों में प्रथम चरण में 16 समितियां, द्वितीय चरण में 14 समितियां एवं तृतीय चरण में 76 समितियों का कम्प्यूटराइजेशन हेतु जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति निगरानी समिति (DLIMC ) द्वारा चयन किया गया है। शेष 60 समितियों में से 17 समितियां जो तृतीय चरण में अनुमोदन होने से रह गयी थी, उनका चयन दिनांक 22.10.2024 की बैठक में किया गया। जिलाधिकारी द्वारा इस संबंध में अवगत कराया कि जनपद की 123 समितियां कम्प्यूटराइजेशन कराई जा रही है। कम्प्यूटराइजेशन होने के उपरान्त समितियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी जिससे समितियों में गबन झाड, आदि गतिविधियों पर अंकुश लगेगा तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित गति से जनपद स्तर, शासन स्तर एवं भारत सरकार द्वारा देखा जा सकेगा। समिति के सदस्यों को अपना ऋण वितरण एवं खाद, बीज एवं उर्वरक कार्य कराने में भी सुविधा होगी। भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप सभी समितियां बहुउद्देशीय समिति के रूप में कार्य करने की योजना है जिसके अन्तर्गत बी-पैक्स खाद-बीज, ऋण वितरण के साथ-साथ सहज जन सेवा केन्द्र, जन औषधि केन्द्र, उपभोक्ता व्यवसाय, गैस, पेट्रोल पम्प एवं अन्य कार्य समिति के कार्यक्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार आदि का कार्य करने हेतु स्वतन्त्र है। समिति के नये बायलाज के अनुसार समिति अपना व्यवसाय करने के लिए स्वतन्त्र है।

सर सैयद अहमद की मनाई गई 207वीं जयंती

गाजीपुर। सर सैयद अहमद की 207 वीं जयंती मनाया गया।
इस मौके पर कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कलम ऐ पाक से किया गया।इसके बाद स्कूल की बच्चियों द्वारा आए हुए अतिथियों का स्वागत गीत के माध्यम से किया गया।कार्यक्रम समिति के आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि एवं अतिथियों को अंग वस्त्र और फूल का बुके देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असफर फरीदी ब्यूरो चीफ इंकलाब बिहार ने अपने संबोधन में कहा कि सर सैयद ने शिक्षा का अलख जगा कर समाज को आगे बढ़ने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि समाज की विकास के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा के अभाव में समाज तरक्की नहीं कर सकता है।उन्होंने आगे बताया कि शिक्षा व समाजिक परिवेश एक दूसरे के पूरक है।शिक्षा के अभाव मे समाज का विकास नही हो सकता। इस लिए समाज की तरक्की के लिए शिक्षित होना जरूरी है।

विशिष्ट अथिति बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी इतिहास विभाग के प्रोफेसर ताबीर कलाम ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए समाज में लोगो को पुरुषों के अलावा महिलाओं को शिक्षित करना होगा तभी मजबूत सामाजिक संरचना बनेगी।शिक्षा की अलख जगाने के लिए ही जैसे मदन मोहन मालवीय ने बनारस हिंदू विश्व विद्यालय की स्थापना की उसी प्रकार कौम को शिक्षित करने के लिए अलीगढ़ मे सर सैयद ने अलीगढ़ में विश्व विद्यालय कायम करके समाज और शिक्षा को एक कड़ी में पिरोया है। उन्होंने ये नहीं कहा कि सिर्फ मुसलमानों के लिए ही विश्व विद्यालय बना है बल्कि हर कौम के लोग शिक्षित हो सके।मदन मोहन मालवीय ने बनारस विश्व विद्यालय की स्थापना की तो सिर्फ हिंदुओं के लिए ही नहीं सारे लोगों को शिक्षित करने के लिए विश्व विद्यालय की स्थापना की। ज़मानीया विधायक ओम प्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह ने कहा कि मैं इस तौकीर खान जिला अल्पसंखयक अध्यक्ष के पूरे टीम को दिल से धन्यवाद और मुबारकबाद दिए कि जिस शख्शियत के लिए आयोजन किया गया है जो हमारे बीच नहीं है जो पूरे हिंदुस्तान में शिक्षा का बुनियाद रख कर गए और शिक्षा के आधुनिकरण का लोगों में विचारधारा पैदा किया और संघर्ष व अभाव में रह कर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाई और इस कॉलेज के लोग जगह जगह हिंदुस्तान में मिलेंगे।आज वो हम लोगों के बीच में नहीं हैं ।जो उनकी सोच थी जो विचारधारा थी उसी को आगे बढ़ाने के लिए उनके जन्म दिन पर आज आयोजन हुआ जिससे हम लोग बहुत खुश हैं ऐसे महापुरुषो को याद करके।

वक्ताओं के क्रम में दानिश अली खान जर्नलिस्ट इंग्लैंड ने सर सैयद अहमद डे पर बोलते हुए कहा कि इसी क्षेत्र के देवेथा गांव के डा महमूद ने इंग्लैंड से पीएचडी कर के इसी क्षेत्र में लोगो को शिक्षा का अलख जगाया और इस क्षेत्र के कई आईडीयल है जैसे हारून रशीद और बहुत सारे लोग है वजीर अंसारी ।
लेकिन आप को अपना विचार बदलना होगा सीखना होगा हम खास तौर से अपने नौजवानों को कहेंगे कि मोबाइल में खामियां बहुत है। मोबाइल का सही उपयोग करिए।आज के युवा मोबाइल का सही इस्तेमाल करे तो वो बड़ी से बड़ी ऊंचाइयों पर जा सकते है। अगर आप को बहुत कुछ बड़ा करना है तो दूसरे के सपोर्ट सहयोग लिऐ बगैर नहीं कर सकते जिसके मिशाल है सर सैय्यद। इस मौके पर जिला के शिक्षा जगत के बड़े नाम शामिल अमीर अली, डॉ सलाहउद्दीन खान , हाजी तसव्वर खान,इमरान खान, तौसीफ खान प्रधान,इबरार खान, डा समीर सिंह सेराज खान,मंजूर खान,गुलाम मजहर खान,अमजद खान, कलाम खान,विधायक पुत्र रितेश सिंह,नौशाद खान,मिट्ठू खान,अकबर खान,दिलशाद खान,सरफराज खान,बाबर खान,जलालुद्दीन खान,अनिल यादव,विजय यादव, इमरान खान सहित विभिन्न स्कूल की छात्र छात्राएं सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नियाज़ खान अलीग ने किया तथा संचालन डा0 दिवान तनवीर अहमद ने किया। अंत में सभी आगंतुकों का कार्यक्रम के आयोजक समाजवादी पार्टी के जिला अल्पसंख्य अध्यक्ष तौकीर खान ने आभार व्यक्त किया।

कुश्ती प्रतियोगिता के लिए पहलवानों का हुआ चयन

गाजीपुर ।09 से 11 नवम्बर 2024 तक सीनियर प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता मथुरा मे आयोजित की जा रही है। जिसका जिला स्तरीय चयन/ट्रायल्स दिनांक 21-10-2024 को नेहरु स्टेडियम गोराबाजार के प्रांगण में किया गया।चयनित बालक/बालिकाये सीनियर प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता मथुरा में भाग लेगी, जिसकी सूची निम्नवत् है। इस अवसर पर दो अर्न्तराष्ट्रीय पहलवान गौरव बाल्यान, आशिष कुमार कुश्ती का हाथ मिलवा कर चयन प्रक्रिया प्रारम्भ किया ।
       फ्री स्टाईल 57 के जी मे संतोष यादव, 61 के जी अभिषेक यादव, 65 केजी अभिषेक यादव, 70 केजी विरेन्द्र यावद, 74 केजी अमित राजभर, 79 केजी मो0 इरसाद, 92 केजी पियुष यादव  एंव ग्रीको रोमन मे 55 केजी प्रिंस यादव, 60 केजी लक्ष्मण यादव, 63 केजी सिन्टु पाल, 67 के जी पंकज यादव, 72 केजी सचिन यादव, 77 केजी प्रदुम्मन यादव एवं 97 केजी मे संदीप यादव तथा महिला वर्ग 65 केजी मे फीडम यादव है का चयन किया गया है।

कुश्ती प्रतियोगिता के लिए पहलवानों का हुआ चयन

गाजीपुर ।09 से 11 नवम्बर 2024 तक सीनियर प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता मथुरा मे आयोजित की जा रही है। जिसका जिला स्तरीय चयन/ट्रायल्स दिनांक 21-10-2024 को नेहरु स्टेडियम गोराबाजार के प्रांगण में किया गया।चयनित बालक/बालिकाये सीनियर प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता मथुरा में भाग लेगी, जिसकी सूची निम्नवत् है। इस अवसर पर दो अर्न्तराष्ट्रीय पहलवान गौरव बाल्यान, आशिष कुमार कुश्ती का हाथ मिलवा कर चयन प्रक्रिया प्रारम्भ किया ।
       फ्री स्टाईल 57 के जी मे संतोष यादव, 61 के जी अभिषेक यादव, 65 केजी अभिषेक यादव, 70 केजी विरेन्द्र यावद, 74 केजी अमित राजभर, 79 केजी मो0 इरसाद, 92 केजी पियुष यादव  एंव ग्रीको रोमन मे 55 केजी प्रिंस यादव, 60 केजी लक्ष्मण यादव, 63 केजी सिन्टु पाल, 67 के जी पंकज यादव, 72 केजी सचिन यादव, 77 केजी प्रदुम्मन यादव एवं 97 केजी मे संदीप यादव तथा महिला वर्ग 65 केजी मे फीडम यादव है का चयन किया गया है।

सीएम योगी ने दिया किसानों को बड़ा तोहफा

गाजीपुर।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ वर्ष 2024-25 में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान खरीद नीति को मंजूरी दी है। इस नीति के अन्तर्गत सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,300 रुपये प्रति कुन्तल और ग्रेड-ए धान का 2320 रूपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया है, जिसमें गतवर्ष से 117 रुपये प्रति कुन्तल की दर से बढ़ोत्तरी की गयी है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) एक सलाहकार मूल्य संकेत है जो भारत के विभिन्न हिस्सों में कृषि नीतियों के एक बड़े समूह का हिस्सा है। यह अनौपचारिक ‘‘समर्थन’’ मूल्य के विपरीत सरकार द्वारा अनुशंसित है और इसका उद्देश्य किसान को फसल के लिए न्यूनतम लाभ सुनिश्चित करना है और साथ ही देश में खाद्य सुरक्षा बढ़ाना है। एमएसपी शुरू में 1960 के दशक में कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए एक प्रोत्साहन था, हालांकि वर्ष 2000 के दशक से इसे बाजार हस्तक्षेप और किसान आय योजना के रूप में देखा जाता है। ऐसी मूल्य नीति की प्रभावशीलता राज्यों और वस्तुओं के बीच व्यापक रूप से भिन्न होती है। एमएसपी के अस्तित्व के बारे में किसानों के बीच जागरूकता लाया जा रहा है।
भारत सरकार दो दर्जन से अधिक कृषि फसलों की कीमत साल में दो बार निर्धारित करती है। समर्थन मूल्य एमएसपी कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों पर तय किया जाता है, कृषि मंत्रालय के तहत मूल्य निर्धारण नीति के लिए एक शीर्ष सलाहकार निकाय है। सीएसीपी राष्ट्रीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों, किसान, मजदूरी, जीवन यापन की लागत और उत्पाद प्रतिस्पर्धात्मकता सहित विभिन्न कारकों के अनुसार मूल्य निर्धारण की सिफारिश करता है। हालांकि कभी-कभी सीएसीपी द्वारा अनुशंसित कीमतों और सरकार द्वारा अनुशंसित कीमतों के बीच बड़े अंतर होते है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) राज्य स्तर पर एमएसपी लागू करने में शामिल है। किसानों को समर्थन मूल्य प्रदान करते समय, एमएसपी सार्वजनिक वितरण प्रणाली का भी समर्थन करता है जो रियायती दर पर भोजन प्रदान करता है। किसी कृषि उपज (जैसे गेहूँ धान आदि) का न्यूनतम समर्थन मूल्य वह मूल्य है जिससे कम मूल्य देकर किसान से सीधे वह उपज नहीं खरीदी जा सकती। न्यूनतम समर्थन मूल्य, भारत सरकार तय करती है।
प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों का धान क्रय कर उन्हें उनकी फसल का वाजिब मूल्य दे रही है। धान की बिक्री हेतु किसानों को खाद्य तथा रसद विभाग की बेवसाइट fcs.up.gov.in अथवा विभाग के मोबाइल ऐप UPKISAN MITRA पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। प्रदेश के पंजीकृत किसानों से ही धान क्रय किया जा रहा है। कृषक का बैंक खाता, आधार सीडेड (बैंक खाता आधार कार्ड से जुड़ा हो) एवं बैंक द्वारा एनपीसीआई पोर्टल पर मैप एवं सक्रिय होना आवश्यक है। किसानों से क्रय किये गये धान के मूल्य का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में की जा रही है।
धान खरीद वर्ष 2024-25 में किसानों को कामन धान का मूल्य रु0 2300 प्रति कुन्तल एवं ग्रेड-ए धान का रु0 2320 प्रति कुन्तल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बटाईदार कृषकों द्वारा भी पंजीकरण/नवीनीकरण कराते हुए धान को क्रय केन्द्रो पर बेचने की स्वीकृति दी है। किसान को धान की उतराई, छनाई वे सफाई की मद में अधिकतम रू0 २० प्रति कुन्तल की दर से दिया जायेगा। शासन स्तर से 4000 क्रय केन्द्र निर्धारित किये गये है, किन्तु स्थानीय किसानों पर बेचने की सुविधा और आवश्यकताओं के दृष्टिगत जिलों पर अतिरिक्त क्रय केन्द्र खोले जा सकते है। प्रदेश के समस्त क्रय केन्द्रों पर समस्त व्यवस्थायें पूर्ण कराते हुए किसानों के बैठने, पीने के पानी आदि की व्यवस्था की गई है। क्रय केन्द्रों पर पंजीकृत किसानों से राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन के उपरान्त इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज के माध्यम से किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन के उपरान्त धान खरीद की जा रही है। प्रदेश में किसानों से धान क्रय करते हुए सरकार उनकी उपज का उचित मूल्य दे रही है। इस खरीद नीति से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।