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मुनि आगमन,ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन


मुनि आगमन, ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से नगर के मुहल्ला हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर लीला के दूसरे दिन 29 सितम्बर रविवार की शाम 7 बजे वंदे वाणी विनायकौ आदर्श श्रीराम लीला मण्डल के कलाकारो द्वारा मुनि आगमन, ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन प्रसंग मंचित हुआ। कमेटी केे मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल द्वारा आरती पूजन करने के बाद लीला का शुरूआत किया गया।

लीला में दर्शाया गया कि ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने आश्रम पर यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे थे कि यज्ञ में असुरो द्वारा विघ्न डाला जा रहा था। असुरो से परेशान होकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए महाराज दशरथ से मिलने अयोध्या पहुँचते है। वहाँ पहुँचे तो महाराज दशरथ को ब्रम्हर्षि विश्वामित्र केे आगमन की सूचना द्वारपालो द्वारा मिलती है। वे सूचना पाकर विप्र वृन्द के साथ ब्रम्हर्षि विश्वामित्र को सम्मान के साथ अपने राज दरबार में ले जा करके स्वागत किया तथा उनके आने का प्रयोजन पूछा। राजा दशरथ के वाणी को सुन करके ब्रम्हर्षि विश्वामित्र ने कहा कि असुर समूह सतावहि मोेहि मैं आयऊ नृप जांचन तोहि.. महाराज मेरे अनुष्ठान में असुरो द्वारा विघ्न डाला जा रहा है। मैं आपके पास श्रीराम लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगने आया हूँ। जिससे हमारे यज्ञ की रक्षा हो सकें। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र के बात को सुनकर महाराज दशरथ ने श्रीराम लक्ष्मण को देने से इंकार कर दिया। राजा के इंकार को सुनकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र क्रोधित हो उठे। उनके क्रोध को देखकर महाराज दशरथ केे कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ ने अनेको प्रकार सेे महाराज दशरथ को समझाया और कहा कि हे राजन आप राम लक्ष्मण को ब्रम्हर्षि के हवाले कर दीजिए, इसी में भलाई है।

गुरूदेव की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ ने अपने दोनो पुत्रों राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते है। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र राम लक्ष्मण को लेकर अयोध्या से अपने आश्रम के लिए चल देते है। रास्ते में श्री राम ने शिला देखी। उन्होने शिला के बारे में गुरूदेव से पूछा।

गुरूदेव विश्वामित्र ने बताया कि हे राम यह शीला गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है जिसे किसी क़ारणवश गौतम ऋषि ने अपने पत्नी को श्राप देकर शिला बना दिया हे राम ऋषि पत्नी अहिल्या आपके चरण रज को चाहती है। जिसे सुनने के बाद श्रीराम ने उक्त शिला को अपने चरणों से स्पर्श किया। श्रीराम के चरण स्पर्श होते ही शिला नारी के रूप मेें परिवर्तित हो गयी। आगे थोड़ी दूर जंगल में पहुँचने पर श्रीराम ने पद चिन्ह को देखा। उन्होंने पुनः ब्रम्हर्षि विश्वामित्र से पदचिन्ह के बारे में जानना चाहा, श्रीराम के आग्रह पर विश्वामित्र ने बताया कि हे राम यह पद चिन्ह राक्षसी ताड़का का है, इतना कहने के बाद उन्होंने श्रीराम सेे ताडका का वध करने का इशारा किया। गुरूदेव के इशारा पर श्रीराम ने अपने बाण से ताडका का वध कर दिया। कुछ दिन बीतने के बाद श्रीराम लक्ष्मण ब्रम्हर्षि के आश्रम पर रहने लगे, उधर बाद महाराज जनक द्वारा जनकपुर में स्वयम्बर रचाया गया था जिसमेें ब्रम्हर्षि विश्वामित्र को निमंत्रित किया गया था। निमंत्रण पाकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने दोनो चेलो श्रीराम व लक्ष्मण के साथ जनकपुर के लिए प्रस्थान कर देते है। महाराज जनक जब ब्रम्हर्षि विश्वामित्र के आने की सूचना पाते है तो वे विप्र वृन्द के साथ उनका स्वागत करने के लिए गेट पर आकर उन्हे एक सुन्दर आश्रम में विश्राम करने का निवेदन किया। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने दोनो चेलो के साथ आश्रम पर विश्राम करने लगे। दूसरे दिन गुरू विश्वामित्र के पूजा हेतु पुष्प वाटिका में पुष्प लेने के लिए राम लक्ष्मण पहुँचते है। किन्ही कारणवश उसी पुष्प वाटिका में सीता जी भी सखियो के साथ पहुँचती है, जहाँ श्रीसीता राम का मिलन होता है। इस मिलन को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गये।

इस अवसर पर अतिप्राचीन रामलीला कमेटी केे मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, वरूण अग्रवाल, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, राजकुमार शर्मा उर्फ छोटे आदि उपस्थित रहे।

स्कूल बस पर गिरा बिजली का जर्जर पोल, बाल-बाल बचे मासूम

गाजीपुर। शहर के कोयला घाट-मियापुरा मुहल्ला स्थित शाह फैज स्कूल के बस पर स्कूल के पास ही गड़े जर्जर बिजली का पोल गिर गया। संयोग अच्छा रहा की कोई हादसा नहीं हुआ। स्कूल बस में चालक और परिचालक के साथ 18 बच्चे बैठें थे। पोल गिरते ही चालक ने तत्परता दिखाई और बस यथा स्थिति में रोक सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इधर घंटों तक बिजली कर्मियों का कोई अतापता नहीं था। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को जानकारी होने पर तत्काल अवर अभियंता और अधिशासी अभियंता भेज दिया। जिसके बाद बस आगे के लिए रवाना हुई।

शहर के कोयला घाट-मियापुरा मुहल्ला स्थित एक स्कूल बस पर स्कूल की छुट्टी होने पर l बच्चों को लेकर स्कूल से निकली। स्कूल के गेट के पास ही जर्जर एलटी बिजली पोल बस की छत पर गिर पड़ा। बस के चालक 11 बजे बस में 18 बच्चों को लेकर स्कूल के गेट से जैसे ही आगे वैसे ही भरभरा कर बिजली का पोल बस की छत पर गिर पड़ा। संयोग अच्छा रहा की कोई हादसा नहीं हुआ। तत्काल सभी बच्चों को बस से निकाल दिया गया। इस घटना को लेकर तत्काल बिजली विभाग को सूचना दिया गया। इसके बाद भी करीब एक घंटे तक कोई बिजली कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इस संबंध में एसडीओ ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही तत्काल जेई को मौके पर भेज दिया गया।

बता दे की कुछ हफ्ते पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा अधिशासी अभियंता के नाम पर पत्र भी लिखा था जिसमें जर्जर पोल सहित विद्यालय के आसपास स्थित जर्जर तारों को बदलने के बारे में भी लिखा गया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और ना ही जर्जर तार और पोल को बदला गया। कुछ हफ्ते पूर्व भी इस जर्जर पोल सहित जर्जर तारों के बदलने का खबर भी प्रकाशित किया गया था, फिर भी विद्युत विभाग अभी तक मौन था। कुछ हफ्ते पूर्व खबर प्रकाशित करने के दौरान एसडीओ से इस जर्जर पोल के बारे में बात की गई थी तो उन्होंने कहा था कि कुछ दिनों में इस जर्जर पोल को बदल दिया जाएगा। लेकिन आज तक इस जर्जर पोल को नहीं बदला गया। आखिरकार पोल टूटकर मासूम बच्चों के बस पर गिर पड़ा।

आज विद्युत विभाग के मनमानी के चलते हादसा होते-होते रह गया। अगर इस हादसे में किसी बच्चे की जान चली जाती तो क्या विद्युत विभाग इसकी जिम्मेदारी लेता।

2 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला

2 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला


ग़ाज़ीपुर।जनपद के थाना क्षेत्र करण्डा में रामलीला समिति चकिया द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली रामलीला की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके संदर्भ में एक महीने पहले से ही अभ्यास का कार्यक्रम चालू है। युवा बुजुर्ग वह बच्चे काफी उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। समिति के अध्यक्ष यशवंत पांडेय ने बताया कि समिति का चुनाव भी हो चुका है जो की पिछले साल की तरह ही है। कोषाध्यक्ष- राधेश्याम पांडेय, उपाध्यक्ष राकेश पांडेय, प्रबंधक राजेश पांडेय, महामंत्री कृष्णानंद पांडेय (पिंटू), व्यास- शिव बच्चन पांडेय तथा शिव दास पांडेय को निर्वाचित किया गया है। रामलीला का कार्यक्रम पूर्व की भांति रामलीला मंच चकिया के माध्यम से ही किया जाएगा। हालांकि बारिश का मौसम होने की वजह से कार्यक्रम प्रभावित होने की संभावना है। जिसको ध्यान में रखते हुए बारिश से बचने के लिए संबंधित तैयारी पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि रामलीला का कैलेंडर तैयार हो गया है जिसके अनुसार-2 अक्टूबर- मुकुट पूजन तथा नारद मोह, 3 अक्टूबर- मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार तथा राम जन्म, 4 अक्टूबर- ताड़का वध तथा धनुष यज्ञ, 5 अक्टूबर- राम वन गमन, 6 अक्टूबर- भरत मनावन, 7 अक्टूबर- सीता हरण, 8 अक्टूबर- बाली वध तथा सीता की खोज, 9 अक्टूबर- लंका दहन, 10 अक्टूबर- विभीषण शरणागत तथा अंगद रावण संवाद, 11 अक्टूबर- लक्ष्मण शक्ति और 12- अक्टूबर को दशहरा का मंचन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राम के राज्यभिषेक की तिथि अभी निश्चित नहीं की गई है। जैसे ही तिथि निर्धारित होती है सभी दर्शकों को अवगत कराया दिया जाएगा।

फ्लैक्स प्रिंटिंग एसोसिएशन के मनोनीत हुए पदाधिकारी, यशवंत बने अध्यक्ष

गाजीपुर। लंका क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट में गाजीपुर ‘फ्लैक्स प्रिंटिंग एसोसिएशन का सद्भाव मिलन एवं सम्मान समारोह 2024 आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए फ्लैक्स प्रिंटिंग संचालक शामिल हुए। इस दौरान संगठन की मजबूती पर जोर दिया गया और सर्वसम्मति से पदाधिकारी मनोनीत किए गए। जिसके क्रम में यशवंत राय (मां शारदा फ्लैक्स, स्टेशन रोड) को अध्यक्ष एवं विनीत चौहान (राम फ्लैक्स) को सचिव मनोनीत किया गया। जबकि इरफान (अल इफरा फ्लैक्स) को संरक्षक पद का दायित्व सौंपा गया।

इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नव मनोनीत अध्यक्ष यशवंत राय ने संगठन के सभी सदस्यों और जिले के सभी फ्लैक्स प्रिंटरों की समस्याओं के लिए हर संभव संघर्ष का दावा किया गया। वही सचिव विनीत चौहान ने जनपद के सभी फ्लैक्स प्रिंटरों को एक मंच पर आकर संगठन को मजबूत करने की अपील भी की गई।

कार्यक्रम के अंत में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए फ्लैक्स प्रिंटरों को अंग वस्त्रम, सम्मान पत्र एवं उपहार से सम्मानित किया गया। इस समारोह में जय माँ भवानी फ्लैक्स से दीपक राय, ओम प्रिंटिंग प्रकाश नगर से कृष्णा तिवारी, राष्ट्रीय प्रेस लालदरवाज़ा से निखिल कुमार, वंदना ऑफसेट एंड फ्लेक्स पीरनगर से रवि चौरसिया, विद्या फ्लेक्स सियारामपुर से हरिकेश यादव, भास्कर प्रेस जंगीपुर से रामाशंकर प्रसाद, न्यू भारत प्रेस जंगीपुर से विशाल गुप्ता, सर्वेश प्रेस कसिमाबाद से दुर्गेश यादव, स्टार फ्लेक्स विशेश्ववरगंज से मोहम्मद रेहान, भरोसे आर्ट्स मिश्रबाजार से
रामजी, ए के फ्लेक्स कठवामोड़ से महेंद्र कुमार, पी एन प्रेस हंसराजपुर से सर्वेश यादव आदि मौजूद रहे।

धनुष मुकुट पूजन के साथ शुरू हुई हरिशंकरी की अति प्राचीन रामलीला

धनुष मुकुट पूजन के साथ शुरू हुई हरिशंकरी की अति प्राचीन रामलीला

गाज़ीपुर।अति प्राचीन रामलीला कमेटी, हरिशंकरी के तत्वावधान में हर साल आयोजित होने वाली अति प्राचीन रामलीला का मंचन शनिवार, एकादशी 28 सितंबर से हरिशंकरी मोहल्ले में सांयकाल सात बजे विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हो गया, राम चबूतरे पर आयोजित धनुष मुकुट पूजन समारोह में मंत्रों के साथ पूजन और आरती में गाजीपुर के उप जिलाधिकारी प्रखर उत्तम, सीओ सिटी सुधाकर पांडे, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद अग्रवाल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह के साथ कमेटी के अन्य पदाधिकारी, सदस्य और विशिष्ट नागरिक उपस्थित रहे।

उन्नीस दिनों तक चलने वाली इस रामलीला मंचन में आज हरिशंकरी में धनुष मुकुट पूजन, नारद मोह के और राम जन्म लीला का सजीव मंचन कलाकारों द्वारा मंचित किया गया, इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा तिवारी ने बताया कि साढ़े चार सौ साल से अधिक समय से अनवरत चली आ रही इस राम लीला का मंचन तुलसीदास कृत रामचरित मानस के आधार पर तिथिवार किया जाता है, इस बार भी अति प्राचीन रामलीला का मंचन शहर के चिन्हित स्थानों पर होगा।कमेटी के पदाधिकारियों ने नगरवासियों को शुभकामना देते हुए सभी से इस आयोजन में सपरिवार उपस्थित होने की अपील भी की है।

इस अवसर पर गोपाल पाण्डे, रोहित अग्रवाल, अजय पाठक, अशोक अग्रवाल, मनोज तिवारी, मयंक तिवारी, कुश त्रिवेदी, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, छोटे शर्मा, कमलेश सिंह, प्रह्लाद पांडे के साथ अति प्राचीन रामलीला कमेटी के वरिष्ठ सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित रहे।पूजा कार्यक्रम पंडित लव त्रिवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार से संपन्न कराया।

शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

ग़ाज़ीपुर। समग्र शिक्षा (माध्यमिक), जिला परियोजना कार्यालय के तत्वाधान में राजकीय सिटी इण्टर कालेज में आयोजित राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षको का उपचारात्मक शिक्षण माड्यूल तथा अन्य बिन्दुओं पर समेकित प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अगस्त से 27 सितम्बर तक पांच चरणों में सम्पन्न हुआ। जिसमे 366 शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा एवं डायट द्वारा नामित 24 मास्टर ट्रेनरो द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान के सहायक अध्यापकों एवं प्रवक्ताओं को विषयवार 05 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषयों से सम्बन्धित छात्रों की अधिगम सम्बन्धी समस्याओं को दूर करना, शिक्षकों को कक्षा प्रबन्धन में दक्षता विकसित करना तथा शिक्षण से सम्बन्धित नयी विधाओं, कौशल, मनोवैज्ञानिक तकनीक व दक्षता विकसित करने हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समय पर जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्र ने कहा कि शिक्षण अधिगम तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण के उपरान्त शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत् विषयों में कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करनें का निर्देश दिया। इय अवसर पर वित्त एवं लेखाधिकारी (मा०शि०) सी० चन्द्रशेखरन् ने कहा कि उपचारात्मक शिक्षण का उ‌द्देश्य उन विद्यार्थीयों की मद्द करना है जो खराब आदतों तथा अप्रभावी शिक्षण आदि के कारण पिछड़ जाते है।

शिक्षकों द्वारा उन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशिक्षण में प्रदान किये गए विभिन्न उपचारात्मक शिक्षण तकनीकों का उपयोग कर सुधार ला सकते हैं। कार्यक्रम में सह जिला विद्यालय निरीक्षक अरविन्द कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय सिटी इण्टर कालेज, दिनेश कुमार यादव द्वारा वक्तत्य दिया गया। कार्यक्रम का संचालन, जिला समन्वयक कुश कुमार राय द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम में जिला परियोजना कार्यलय के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।

पुरानी पेंशन की मांग, होगा शंखनाद सम्मेलन


गाजीपुर। शनिवार को अधिशासी अभियन्ता, नलकूप प्रखंड द्वितीय मे NPS के विरोध मे पुरानी पेंशन 0PS बहाली हेतु पुरानी पेंशन सयुंक्त मोर्चा उ0प्र0 के आवाहन पर उ0प्र0 राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से पुरानी पेंशन की मांग की गई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व बालेन्द्र कुमार त्रिपाठी जिलाध्यक्ष द्वारा किया गया। महासंघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि 6 अक्टूबर लखनऊ में शंखनाद सम्मेलन की बैठक की गयी है । 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मोटरसाइकिल रैली भी निकाला जायेगा। कार्यक्रम मे मनोज कुमार यादव, जय प्रकाश यादव, हरेराम यादव, सुनीता यादव, राकेश यादव, हरेन्द्र कुमार, आलोक चौबे, कौशल, योगेश, संजीव, संजय, बब्बन, अखिलेश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का फूटा गुस्सा, सौंपा ज्ञापन

ग़ाज़ीपुर। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने शनिवार को तिरुपति बालाजी मंदिर में वितरित होने वाले महाप्रसाद में गाय व सूअर की चर्बी तथा मछली के तेल की मिलावट पर आक्रोश जाहिर किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मामले के दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की। जिला अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने कहा कि पूरे देश का हिंदू समाज आक्रोशित है, और हिंदुओं का क्रोध अलग-अलग रूप में प्रकट हो रहा है। इस पवित्र तीर्थ का संचालन आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित बोर्ड के द्वारा होता है।

कहा कि वहां केवल महाप्रसाद बनाने के मामले में ही हिंदू आस्थाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया गया अपितु हिंदुओं के ‌द्वारा अत्यंत श्रद्धा भाव से अर्पित की गई देव राशि (चढ़ावा) के सरकारी अधिकारियों व राजनेताओं द्वारा दुरुपयोग के भी कष्टकारी समाचार मिलते रहते हैं।

कहा कि तिरुपति बालाजी व अन्य स्थानों पर की जा रही अनियमितताओं के कारण अब हिंदू समाज को यह विश्वास हो गया है कि अपने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराए बिना उनकी पवित्रता को पुनस्थोपित नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग किया कि अपनी राज्य सरकार को उनके ‌द्वारा नियंत्रित सभी हिंदू मंदिर अविलंब मुक्त करके हिंदू संतों व भक्तों को एक निश्चित व्यवस्था के अन्तर्गत सौंपने के लिए प्रेरित करें। इस दौरान बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस दौरान विनोद उपाध्याय जिला अध्यक्ष विहिप, विपिन श्रीवास्तव जिला मंत्री विहिप, ओमप्रकाश जिला सह मंत्री विहिप, नरेन्द्र विभाग सगठन मंत्री, रवि राज हिंदू जिला संयोजक बजरंग दल, ब्रिजेश जिला मिलन केन्द्र प्रमुख बजरंगदल, शिवम् चौबे जिला सह संयोजक बजरंगदल, अनुराग चौहान नगर अध्यक्ष बिहिप, उत्तम नगर संजोजक बजरंग दल, प्रदीप वर्मा जिला सह मंत्री विहिप, रामाशीष नगर उपाध्यक्ष विहिप, रामनिवास नगर सह संयोजक बजरंग दल, हेमन्त एवं विनोद सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

आधारभूत संरचना की कमी से जूझ रहे हैं पूर्वांचल के अधिकांश क्रीड़ांगन एवं व्यायामशालाएँ

आधारभूत संरचना की कमी से जूझ रहे हैं पूर्वांचल के अधिकांश क्रीड़ांगन एवं व्यायामशालाएँ: दिलीप कुमार सिंह


गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का शनिवार को आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय के शोधार्थी दिलीप कुमार सिंह ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक “पूर्वाञ्चल के व्यायामशालाओं एवं क्रीड़ागनों की वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षणात्मक अध्ययन” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि व्यायामशालाओं और क्रीड़ांगनों का महत्व केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ये समाज के समग्र विकास और आर्थिक उन्नति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, हालांकि पूर्वांचल क्षेत्र की व्यायामशालाओं एवं क्रीड़ांगनों की वर्तमान स्थिति में कई चुनौतियाँ हैं। यहाँ के अधिकतर क्रीड़ांगन एवं व्यायामशालाएँ आधारभूत संरचना की कमी से जूझ रहे हैं। हालाँकि, कुछ क्षेत्रों में सुधार के प्रयास जारी हैं, जैसे कि कुछ नए स्टेडियमों का निर्माण और मौजूदा सुविधाओं का नवीनीकरण किया गया है। खेलों को प्रोत्साहन देने और स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं, लेकिन अभी भी संसाधनों और सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी दिलीप कुमार सिंह ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति के चेयरमैन व महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , मुख्य नियंता प्रोफेसर (डॉ०)एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक डॉ० अनुराग सिंह एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० लवजी सिंह, डॉ० ओमदेव सिंह गौतम, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० अमरजीत सिंह, प्रोफे०(डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० योगेश कुमार, डॉ०शिवशंकर यादव, डॉ० कमलेश, रणविजय सिंह, प्रदीप सिंह, एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।

ज़िला कारागार में हुआ योग शिविर का आयोजन

ज़िला कारागार में हुआ योग शिविर का आयोजन

गाजीपुर। क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं युनानी अधिकारी डा. जयंत कुमार, ज़िला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डा. अजय प्रकाश सिंह व ज़िला कार्यक्रम प्रबंधन अखिलेश गुप्ता के दिशा निर्देश में शुक्रवार को ज़िला कारागार में राजकिय होम्योपैथिक चिकित्सालय योग वेलनेस सेंटर महाहर के योग प्रशिक्षक धीरज राय एवं सैय्यद सलमान हैदर द्वारा योग शिविर का आयोजन किया गया।जिसमें बंदियों एवं स्टाफ़ को योग प्रशिक्षण दिया गया साथ ही प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में बताया गया। इस दौरान योग के प्रति बंदियों को स्वस्थ रहनें के लिए ताडासन, वृक्षासन, सुर्य नमस्कार, जानू शिर्ष आसन, पवन मुक्त आसन, उत्कट आसन, विपरीत करणी आसन का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षक धीरज राय ने बताया कि योग सिर्फ युवाओं के लिए ही होता है। आप सोच रहे होंगे क्या बच्चे और बुजुर्गों के लिए योग नहीं होता। होता है लेकिन उनके लिए जीवन में योग का महत्व अलग है। बुजुर्ग योग करते हैं, लेकिन उनकी चिंता सिर्फ स्वास्थ को लेकर होती है और वे भी सुविधाजनक योग करते हैं। युवाओं के सामने तो अभी संपूर्ण संसार पड़ा है। अभी तो हिमालय का शिखर चुमना है। इसीलिए हम कहते हैं कि योग की आवश्यकता युवाओं के लिए ज्यादा है, तो सही कहते हैं। सैय्यद सलमान हैदर ने बताया कि योग करने का सबसे अच्छा समय सुबह 4 से 7 बजे का होता है। अगर सुबह योग न किया जा सके, तो सूर्यास्त के बाद भी योग किया जा सकता है। योग करने के लिए हमेशा ऐसे कपड़े पहनें जिनमें आप आरामदायक हों और थोड़े ढीले हों। इस शिविर में बंदियों सहित सभी जेल अधिक्षक अरुण प्रताप सिंह, कारापाल राकेश वर्मा, उपकारापाल रविन्द्र सिंह, सुखवती देवी, शिक्षाध्यापक धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, अभय मौर्या, बंदि रक्षक व बंदि उपस्थित रहें।