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विद्युत विभाग की ओर से उपभोक्ताओं के लिए लगाया जाएगा दो दिवसीय मेगा कैंप

गाज़ीपुर। विद्युत विभाग की ओर से उपभोक्ताओं की समस्याओं के निस्तारण हेतु 24 और 25 सितम्बर 2025 को दो दिवसीय मेगा कैम्प लगाया जाएगा। यह कैम्प विद्युत वितरण खण्ड-जंगीपुर (लाल दरवाजा), गाजीपुर नगर (आमघाट), सैदपुर और जमानिया के कार्यालय प्रांगण में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि इस कैम्प में उपभोक्ता अपने बिजली बिल जमा, स्मार्ट मीटर स्थापना, बिल संशोधन, पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ने, नए संयोजन प्राप्त करने, खराब मीटर बदलवाने, लोड बढ़वाने समेत अन्य वाणिज्यिक समस्याओं का विभागीय नियमों के तहत समाधान करा सकेंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित तिथियों पर कैम्प में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कर लाभ उठाएँ।

कोतवाली पुलिस ने लुटेरों को किया गिरफ्तार

गाजीपुर। सोमवार को थाना कोतवाली पुलिस ने 21 सितंबर को महाराजगंज कस्बा में 75000/ रुपये की लूट करने वाले 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। उ0नि0 अशोक कुमार सिंह ने 21.09.2025 को महाराजगंज कस्बा में 75000/ रुपये की लूट करने वाले 02 अभियुक्तों वकील कुमार बिन्द तथा राजेश कुमार बिन्द को महाराजगंज कस्बा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त के ऊपर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। लूट की घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। घटना मे प्रयोग मोटर साइकिल स्प्लेण्डर नं0 UP61BP7337 है।

दशरथ कैकेई संवाद श्री राम संवाद विदाई मांगने का लीला हुआ

दशरथ कैकेई संवाद श्री राम संवाद विदाई मांगने का लीला हुआ।
गाजीपुर। अति प्राचीन‌ श्री रामलीला कमेटी हरि शंकरी के तत्वावधान में लीला के पांचवें दिन20 सितंबर रविवार के शाम 7:00 बजे दशरथ कैकेई संवाद, श्री राम संवाद, विदाई मांगने से संबंधित लीला का मंचन हुआ। इसके पूर्व श्री राम सिंहासन पर विराजमान श्री राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न का आरती पूजन कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण,उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने पूजन आरती किया। पूजन के बाद बंदे बाणी विनायकौ आदर्श रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा महाराज दशरथ कैकेई संवाद, श्री राम संवाद व विदाई मांगने से संबंधित लीला का मंचन किया।

लीला के माध्यम से दर्शाया गया कि एक समय महाराज दशरथ शाम के समय अपने दरबार से उठकर महारानी कैकई के कक्ष में जाते हैं वहां महारानी कैकेई को ना देख कर उन्होंने उपस्थित दास दासियो से कैकई के बारे में पूछते हैं तो दासियों ने बताया कि महारानी जी सारे गहने और वस्त्र उतार कर कोप भवन में चली गई है। महाराज दशरथ कोप भवन में जाकर के देखते हैं कि महारानी कैकेई सारे गहने व कपड़े को त्याग कर फटे पुराने कपड़े पहनकर कोप भवन में जाकर उदास हो जमीन पर लेटी थी। महारानी को उदास हो जमीन पर लेटे देखकर महाराज दशरथ कारण पूछते हैं महारानी कैकई महाराज के तरफ देखना तो दूर बात नहीं किया।

काफी प्रयास के बाद महारानी कैकई ने महाराज दशरथ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए याद दिलाती है कि आपने मुझे देवासूर संग्राम मैं खुश होकर दो वरदान देने का प्रतिज्ञा किया था तो मैंने कहा कि यह दो वरदान आपके पास थाती स्वरूप पड़ा रहेगा मैं समय पर मांग लूंगी। जिसकी आज मुझे अति आवश्यक है महाराज दशरथ कहते हैं कि महारानी जी आप मुझसे दो वरदान के बजाय दो और वरदान मांग सकती हो इतना सुनने के बाद महारानी कैकेई ने कहा मुझे सिर्फ दो ही वरदान चाहिए पहले वरदान में अयोध्या का राज मेरे पुत्र भरत को देना होगा। दूसरे वरदान में तापस भेष विसेषि उदासी चौदह बरिस राम बनवासी।

और दूसरे वरदान में आपके बड़े पुत्र राम को तपस्वियों के भेष धारण करके चौदह वर्ष तक बन मे जाना होगा। इतना सुनते ही महाराज दशरथ मूर्छित हो जाते हैं। उधर राज दरबार में राम के राज्याभिषेक का समय निकलता जा रहा था। महामुनि वशिष्ठ महाराज दशरथ केआने प्रतीक्षा कर रहे थे कि वह आए और राज्याभिषेक का कार्य प्रारंभ हो लेकिन महाराज दशरथ के आने में ज्यादा विलंब हो गई तो उन्होंने मंत्री सुमंत को महाराज दशरथ बुलावा भेजते हैं। मंत्री सुमन कोप भवन में महाराज दशरथ को मूर्छित देखकर कैकई से महाराज मूर्छित होने का कारण पूछते हैं कैकई ने सुमंत को सब कुछ बता देती है।सारे बातों को सुनकर ज्योही मंत्री सुमन्त कोपवन के बाहर आते हैं तो वहांगैट पर उपस्थित पुरवासियों ने सुमंत जी से महाराज दशरथ के बारे में पूछा कि अभी तक महाराज सोए हुए हैं वहां दरबार में राम के राजतिलक की तैयारी पूरी कर ली गई है।

सुमंत जी मौन होकर दरबार में उपस्थित गुरु वशिष्ठ और श्री राम से महाराज के मूर्छित होने का खबर सुनाते हैं। खबर सुनते ही गुरु वशिष्ठ और राम कोप भवन में उपस्थित होकर के महाराज के मूर्छित होने का कारण महारानी कैकई से पूछते हैं राम के बात को सुनकर महारानी कैकई बोली कि हे राम महासुर संग्राम में आपके पिता महाराज दशरथ मुझे खुश होकर के दो वरदान दिए थे उसे आज हमने मांग लिया पहले वरदान में अयोध्या का राज हमारे पुत्र भरत को देना होगा और दूसरे वरदान में तुम्हें तपस्वी के भेष में चौदह वर्ष के लिए वनवास जाने के लिए मांग किया था इतने में महाराज दशरथ मूर्छित हो गए। श्री राम महारानी कैकई के बात को सुनकर अपने पिताजी महाराज दशरथ को किसी तरह होश में लाकर कहते हैं कि पिताजी आप व्यर्थ में चिंता ना करें यह तो मेरा सौभाग्य है कि मैं वनवास काल में ऋषियों मुनियों का दर्शन करते हुए आशीर्वाद ग्रहण करूंगा और पृथ्वी को असुरों से खाली करूंगा।

इसके बाद मैं सकुशल आपके पास लौट कर आ जाऊंगा इतना कहने के बाद श्री राम अपने माता कौशल्या के पास जाकर के उनसे बन जाने के लिए आजा लेते हैं राम के बात को सुनकर भार्या सीता और भाई लक्ष्मण दोनों राम के साथ बन में जाने की आज्ञा माता कौशल्या से लेकर माता कौशल्या के कक्ष से चल देते हैं और पुनः माता कैकई के कक्ष में जाकर अपने माता तथा पिता के चरणों में शीश झुका कर प्रणाम करते हैं और तपस्वी का भेष धारण कर श्री राम लक्ष्मण सीता बन के लिए प्रस्थान कर देते हैं राम की बन जाने के बाद महाराजा हे राम कहते हुए अपने प्राणों को त्याग देते हैं। उधर अयोध्या वासी भी श्री राम के साथ बन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं श्री राम के लाख मना करने के बावजूद अयोध्या वासी श्री राम से कहते हैं कि हे राम जहां आप रहेंगे वही मैं रहूंगा वही मेरा अयोध्या होगा अतः हे राम आप मुझे अपने साथ बन जाने से मत रोके। इतना भावपूर्ण बात सुनकर श्री राम अंत में साथ में बन चलने के लिए अयोध्या वासियों को आज्ञा प्रदान करते हैं। इस दृश्य को देखकर लीला स्थल पर भारी संख्या में उपस्थित दर्शकों के आंखों आसू छलक उठता है।


इस अवसर मंत्री ओमप्रकाश तिवारी संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण मंत्री लव कुमार त्रिवेदी प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी उपप्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल राम सिंह यादव राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।

भारतीय समाज, संस्कृति और जीवन मूल्यों का दर्पण है संस्कृत कथा साहित्य

भारतीय समाज, संस्कृति और जीवन मूल्यों का दर्पण है संस्कृत कथा साहित्य : रमेश चन्द्र

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार के भाषा संकाय के अन्तर्गत संस्कृत विभाग की पूर्व शोध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन विभागीय शोध समिति एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार कक्ष में सोमवार को किया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे संस्कृत विभागके शोधार्थी रमेश चंद्र ने अपने शोध-प्रबन्ध शीर्षक “संस्कृत कथा साहित्य में वासवदत्ता एवं दशकुमारचरितम् का तुलनात्मक अध्ययन” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि संस्कृत कथा साहित्य केवल साहित्यिक मनोरंजन का साधन नहीं अपितु भारतीय समाज, संस्कृति और जीवन मूल्यों का दर्पण भी है। वासवदत्ता और दशकुमारचरितम् दोनों कृतियाँ अपने-अपने आयामों में अनुपम हैं और तुलनात्मक अध्ययन से नई दृष्टि प्राप्त होती है। ”वासवदत्ता को प्रेम एवं भावुकता प्रधान गद्यकाव्य तथा दशकुमारचरितम् को राजनीति, नीति और व्यवहार का यथार्थ चित्रण करने वाला ग्रंथ बताया। वासवदत्ता प्रेम, श्रृंगार और करुण रस की दृष्टि से अद्वितीय है। दशकुमारचरितम् राजनीति, नीति, कूटनीति और जीवन-व्यवहार का जीवंत दर्पण है। तुलनात्मक अध्ययन से संस्कृत कथा साहित्य की व्यापकता एवं गहनता स्पष्ट होती है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी रमेशचन्द्र ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे०(डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह शोध निर्देशक डॉ०(श्रीमती) नन्दिता श्रीवास्तव, संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० समरेन्द्र नारायण मिश्र, प्रोफे०(डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ०रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० अमरजीत सिंह, डॉ० कमलेश, प्रोफे०(डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० उमानिवास मिश्र, डॉ०स्मृति जायसवाल, डॉ० मनोज कुमार मिश्रा, डॉ० पीयूष कांत सिंह, प्रदीप सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत मे डॉ० समरेंद्र नारायण मिश्र ने सभी का आभार व्यक्त किया और संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने किया।

महिला पीजी कॉलेज में स्वच्छता ही सेवा अभियान का हुआ आयोजन

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वच्छता ही सेवा अभियान का आयोजन

गाजीपुर। सोमवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवी छात्राएं , कार्यक्रम अधिकारी तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2025 की थीम “स्वच्छोत्सव” के महत्व पर चर्चा करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर अनीता कुमारी ने कहा कि हमें अपने व्यक्तिगत सफाई , घर की सफाई के साथ साथ वातावरण तथा पर्यावरण की स्वच्छता व साफ सफाई कर स्वच्छता का उत्सव मनाना चाहिए।

पश्चात कार्यक्रम अधिकारियों के निर्देशन में स्वयंसेवियों ने गांधी पार्क (आमघाट) में गांधी जी की प्रतिमा और पार्क तथा आसपास के क्षेत्र की सफाई कर, झाड़ू लगाकर, कचरा उठाकर और गड्ढों में जमा पानी हटाकर स्वच्छ वातावरण बनाने का संदेश दिया तथा जागरूकता फैलाई ।

वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ रामनाथ केसरवानी, डॉ मनीष सोनकर, ओम शिवानी तथा नेहा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक स्वयंसेविका को अपने घर, विद्यालय, कार्यालय और आस-पास के क्षेत्र को साफ रखने में योगदान देना चाहिए।

इस अवसर पर “प्लास्टिक मुक्त भारत” तथा “स्वस्थ जीवन, स्वच्छ जीवन” जैसे नारे भी लगाए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवी छात्राओं संग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जबीउल्लाह भी उपस्थित रहे।

विश्वकर्मा समाज भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में बढ़-चढ़ कर दे रहा योगदान

गाजीपुर।आल इंडिया विश्वकर्मा मित्र के तत्वावधान मे रविवार को लंका मैदान मे श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव, प्रभात फेरी, सम्मान समारोह एवं भंडारे का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ संगीता बलवंत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की भगवान विश्वकर्मा जी ने जैसे ब्रह्मांड की रचना किए। आज पूरा विश्वकर्मा समाज भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में बढ़ चढ़ कर योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य व वाराणसी के भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने आजादी के 70 वर्षों तक विश्वकर्मा समाज का वोट लेते रहे,लेकिन उनके उत्थान के लिए कोई कार्य नहीं किया। केन्द्र में नरेंद्र मोदी की सरकार और प्रदेश में योगी की सरकार आने के बाद विश्वकर्मा समाज के उत्थान के लिए अनेक योजनाओं को लागू किया। उन्होंने विश्वकर्मा समाज के लोगों से अपील भी किया कि आने वाले पंचायत चुनाव में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले और अधिक से अधिक संख्या में जीत कर राजनीतिक भागीदारी भी स्थापित करने का कार्य करेंगे।
विशिष्ट अतिथि डा कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा पूर्व राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) ने कहा कि विश्वकर्मा वंशीय मनु,मय,त्वेष्ठा, शिल्पी व देवैज्ञ अगर जुड गए तो उतर प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा मे 80 हजार- से लेकर एक लाख की मतदाता संख्या विश्वकर्मा समाज की हो जाएगी। उन्होंने ऐसे कार्यक्रम की जरूरत बताई।
सम्मान समारोह को भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय,राजेश विश्वकर्मा ,भानु विश्वकर्मा, रामविलास विश्वकर्मा (बिहार)सरदार कमलेश सिंह सोनभद्र,आलोक शर्मा ने भी संबोधित किया।
आयोजक भरत शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष आल इंडिया विश्वकर्मा मित्र ने अतिथियों का स्वागत संबोधन करते हुए पुष्प गुच्छ,अंग वस्त्र, तथा विश्वकर्मा पुराण भेंट कर सम्मानित किया। अंगद विश्वकर्मा ने सबके प्रति आभार धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पार्चन से हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा निवृत वरिष्ठ समीक्षा अधिकारी डा. सीपी शर्मा ने तथा संचालन भाजपा जिला मीडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा ने किया ।
पंचदेव आनन्द, उजाला विश्वकर्मा,स्नेहा विश्वकर्मा,अमन विश्वकर्मा ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर वेद विश्वकर्मा,किशन शर्मा,उमेश विश्वकर्मा, प्रवीण विश्वकर्मा,विद्यानन्द विश्वकर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, निखिल विश्वकर्मा, धर्मेंद्र विश्वकर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

राज राजतिलक की तैयारी,मंथरा कैकेई संवाद तथा कोप भवन लीला का मंचन हुआ

राज राजतिलक की तैयारी,मंथरा कैकेई संवाद तथा कोप भवन लीला का मंचन हुआ

गाजीपुर । अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में नगर के मोहल्ला हरिशंकरी स्थित श्री राम चबूतरा पर लीला के चौथे दिन 20 सितंबर को राजतिलक की तैयारी मंथरा कैकैयी संवाद, कोपभवन लीला का मंचन हुआ। इसके पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी,मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने श्री राम सिंहासन पर विराजमान श्री राम लक्ष्मण सीता भरत शत्रुघ्न की आरती पूजा की। इसके बाद वंदे वाणी विनायकौ आदर्श रामलीला के कलाकारों द्वारा लीला के क्रम में राजतिलक की तैयारी बड़े ही सुंदर ढंग से किया। लीला में दर्शाया गया कि महाराजरथ अपने कुल गुरु वशिष्ठके आश्रम में जाकर गुरुदेव से निवेदन करते हैं कि मै अयोध्या का राजतिलकअपने बड़े पुत्र श्री राम को सौंपना चाहता हूं। कुलगुरु वशिष्ठ उनके इच्छाओं का आदर करते हुए कहते हैं कि महाराज इसमें कोई इसमें कोई संदेह नहीं है। आपने बहुत ही अच्छा सोचा है। अयोध्या का राज्य श्री राम को ही मिलना चाहिए। गुरु की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ अपने दरबार में आकर मंत्री सुमंत को आदेश देते हैं। महाराज दशरथ के आदेश के अनुसार सुमंत ने पूरे नगर को आकर्षक ढंग से सजवा देते नगर में है। पूरे अयोध्या में चहल-पहल हो गया। इसी बीच दासी मंथरा नगर में भ्रमण के दौरान देखा कि पूरा नगर ध्वज पताकाओं से सुसज्जित है और चहल-पहल हैं। वह पुरवासियों से अयोध्या सजने का कारण पूछती है पूर- वासियों ने बताया कि कल सुबह महाराज दशरथ द्वारा अयोध्या का राज तिलक अपने बड़े पुत्रश्री राम को सौंपने का निर्णय लिया है। इतना सुनते ही वह दौड़ी हुई महारानी कैकेई के कक्ष में जाकर राम के राजतिलक होने का संदेश सुनाती है। और महारानी कैकेई से कहती है कि महारानी जी आपके पुत्र कुमार भरत को महाराज दशरथ ने उसके ननिहाल कैकेय देश मे भेज दिया। इधर राम के राज तिलक की तैयारियां जोरों से हो रही है। मैं आपको एक परामर्श देना चाहती हूं कि आप अपने स्वर्ण भूषण तथा राजश्री वस्त्र को उतार कर धरती पर बिखेर दो। कोप भवन में जाकर फटे पुराने वस्र धारण करके जमीन पर लेट जाएं। महारानी कैकई दासी के बहकावे में आकर वह अपने गहने तथा सोने के आभूषणो को जमीन पर बिखरते हुए कोप भवन में चली जाती हैं।
इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, राम सिंह यादव कुश कुमार त्रिवेदी राजकुमार शर्मा कृष्णांश त्रिवेदी आदि रहे।

त्योहारों को लेकर डीएम-एसपी ने की बैठक, दिए निर्देश

गाजीपुर। आगामी त्यौहार नवरात्रि, दशहरा, दिपावली एवं छठ पूजा के मद्दे नजर रखते हुए जनपद में साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु सेन्ट्रल पीस कमेटी की बैठक शनिवार को जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा की उपस्थिति में पुलिस लाईन सभागार में सभी धर्मगुरूयो एवं नागरिको के साथ बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बैठक में आये सभी धर्मों के नागरिकों को साधुवाद देते हुए कहा कि आप सभी लोग अपने-अपने समाजिक दायित्वों का निर्वाहन करने के लिए इस बैठक में उपस्थित हुए इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होने सभी उपस्थित सम्भ्रान्त नागरिकों का आह्वाहन करते हुए अपील की है कि जिस प्रकार विगत वर्षों में सभी धर्मों के लोग आपसी भाई चारे से सभी त्यौहार मे मिल जुल कर मनाते रहे है, आगे भी उसी तरह से गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए इसका अक्षरशः पालन करेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी धर्मों के त्यौहारों का एक ही मकसद होता है कि दूसरों की भावनाओं को आहत किये बिना हर्षोंल्लास के साथ त्यौहार मनायें। उन्होने जनपद वासियों का आह्वाहन करते हुए अपील की कि किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों को प्रसारित करने से बचे और कोई भी इस प्रकार भ्रामक सूचना यदि उन्हे प्राप्त होती है तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दे, ताकि उस सूचना की जॉच करते हुए उसका निस्तारण समयान्तर्गत कराया जा  सके। पण्डाल समिति अपने-अपने आंतरिक व्यवस्थाएॅ पूर्व मे सुनिश्चित करे ले तथा जिन्होने परमीशन न लिया हो वे लिखित रूप से सम्बन्धित अधिकारी से परमीशन लेकर दिये गये शर्ताे का पालन अवश्य करेगे। पण्डाल के सजावट के दौरान अत्यन्त ज्वलनशील वस्तुओ का प्रयोग न किया जाये। पण्डाल मे प्रवेश व निकास द्वारा मे उचित स्थान रहे।

सड़क के किनारे पण्डाल न लगाया जाये तथा पण्डाल में रेत, पानी, सी सी टी वी कैमरा की व्यवस्था अवश्य रहे।  इस हेतु उन्होने सम्बन्धित अधिकारी को पूर्व में निरीक्षण कर आश्वस्त होने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा पण्डाल के नाम पर कोई भी अन्य नया कार्य न हो, पण्डाल मे अश्लील गाने कदापि न बजे न ही आरकेस्ट्रा का आयोजन हो। पण्डाल स्थल पर महिला एव पुरूषो के लिए अलग-अलग लाईने लगायी जाये। उन्होने बताया कि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिये गये है कि त्यौहारों को पारम्परिक ढंग से मनाया जाये और किसी भी प्रकार की नई परम्परा का आरम्भ न की जाये। उन्होने सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि त्यौहार के समय अपने- अपने क्षेत्रों में पानी, बिजली और साफ सफाई की व्यवस्था मुकम्मल रखें। विद्युत विभाग को जर्जर तार, खम्भे, विद्युत आपूर्ति को सही कराने तथा विसर्जन के दौरान रास्तो पर विशेष रूप से मौके का निरीक्षण कर ढीले एव लटके हुए जर्जर तारो को प्राथमिकता के तौर पर सही कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, आर ई डी एवं जिला पंचायत द्वारा अपनी अपनी सड़कों को गडढ़ा मुक्त करें जिससे कि आने-जाने में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हों। जिलाधिकारी ने सभी पंडाल समितियों को निर्देश दिया कि वालेंटियर बनाते हुए उनका नाम पता मोबाइल नम्बर प्रशासन को उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासीयों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दी।
पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए बताया कि जनपद में सभी स्थानों पर पुलिस की व्यवस्था चाक चौबन्द रहेगी और सभी चौराहों पर पिकेट के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की टीम जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने अपील करते हुए कहा किसी भी भ्रामक खबरो पर ध्यान न दे नही किसी भी सोशल साईट पर आने वाले भ्रामक खबरो व फोटो को पोस्ट न करे अन्यथा सम्बन्धित के खिलाफ ही कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

जनपद में महिला के सम्मान एव सुरक्षा हेतु एण्टी रोमियो स्क्वायर्ड टीम सक्रिय रहेगी एवं विभिन्न पण्डालो पर महिला सुरक्षा कर्मियो की भी तैनाती की जायेगी। पण्डालो एवं अन्य स्थानो पर शस्त्रो का प्रदर्शन पूर्णतया वर्जित रहेगा।  उन्होने कहा कि पुलिस  अराजक तत्वो पर पैनी नजर रहेगी तथा इस तरह के शोहदो पर कठोर कार्यवाही की जायेगी।  उन्होने समस्त सम्बन्धित क्षेत्राधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने अपने क्षेत्र के सम्भ्रान्त नागरिकों एवं पीस कमेटी के सदस्यों से समन्वय स्थापित करते हुए जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखें।


बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी भू/रा0 आयुष चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण/शहरी, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण,  समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत सहित गणमान्य नगारिक  एवं धर्म गुरू उपस्थित थे।

दुर्गा पूजा व विसर्जन को लेकर अधीक्षण अभियंता ने अपने मातहतों को दिए निर्देश

दुर्गा पूजा व विसर्जन को लेकर अधीक्षण अभियंता ने अपने मातहतों को दिए निर्देश

गाजीपुर। आगामी दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन को देखते हुए बिजली विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अधीक्षण अभियंता विद्युत ने अपने मातहतों को साफ निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को आदेश दिया कि शहर व ग्रामीण इलाकों में जहां-जहां जर्जर तार और खंभे हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त कर लिया जाए।

अधीक्षण अभियंता ने कहा कि पूजा पंडालों और विसर्जन मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। कहीं भी ढीले पोल या लटकते तार पाए जाएं तो तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आमजन को कोई खतरा न हो। उन्होंने मातहतों को यह भी निर्देश दिया कि बिजली आपूर्ति को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया है जो उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाएगा। साथ ही, हेल्पलाइन नंबर 9453047253 पर किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में लोग सीधे विभाग से संपर्क कर सकते है।

अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट कहा कि पर्व-त्योहारों पर बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के लाभ के लिए सहकारिता विभाग ने चलाया सदस्यता महाअभियान

गाजीपुर।जिला सहकारी बैंक लि०, गाजीपुर के अध्यक्ष सरोजेश सिंह द्वारा जनपद के मीडिया बन्धुओं के साथ प्रेस वार्ता की गई जिसमें सहकारिता विभाग, उ०प्र०, की ओर से दिनांक 12.09.2025 से 12.10.2025 तक चलाये जा रहे सदस्यता महाअभियान 2025 के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की गयी। समितियों पर प्रत्येक किसान को सहकारिता से जोड़ने तथा सहकारिता के समस्त लाभ किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग द्वारा सदस्यता महाअभियान 2025 प्रारम्भ किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों को ‘‘सहकारी कृषक पंजिका‘‘ जारी करना है जो राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 का हिस्सा है। जिसमें किसान एवं उसकी भूमि के रकबे का विवरण होगा। सहकारी कृषक पंजिका 2025 के आधार पर सदस्यों को उर्वरक वितरण में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। कृषक पंजिका के आधार पर समिति में खाद की आपूर्ति की जायेगी ताकि किसान को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसलिए अध्यक्ष बैंक द्वारा अपने जनपद के किसानों से अनुरोध है कि आप किसान बन्धु 226.00 रू० मात्र जमा करके एम-पैक्स की सदस्यता ग्रहण करें ताकि खाद एवं योजानओं का लाभ प्राप्त कर सके। प्रेस कान्फ्रेस में विपिन कुमार सिंह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता जनपद-गाजीपुर एवं सुनील कुमार वर्मा, सचिव/मुख्यकार्यपालक अधिकारी, जिला सहकारी बैंक लि०, गाजीपुर आदि उपस्थित रहे।