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मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ सभा कर लोगों को किया जागरूक

महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों ने किया नुक्कड़ सभा का आयोजन

गाजीपुर। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (WORLD Hypertension Day) के अवसर पर महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य शिक्षा महाविद्यालय की ओर से एक माहव्यापी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 17 मई 2025 से 16 जून 2025 तक चलाया जा रहा है़। इस अभियान का उद्देश्य आम जनता को हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप के खतरों, कारणों, लक्षणों और रोकथाम के तरीकों के बारे में जानकारी देना है।

अभियान के प्रथम दिन महाविद्यालय के एमबीबीएस के छात्रों द्वारा नगर के महुआबाग में शनिवार को एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही। इस नुक्कड़ सभा में छात्रों ने जन-सामान्य की भाषा में उच्च रक्तचाप से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि यह एक मौन हत्यारा (Silent killer) है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।

कार्यक्रम में छात्रों ने अभिनय, संवाद और पोस्टरों के माध्यम से यह संदेश दिया कि हाइपरटेंशन से बचने के लिए नियमित रक्तचाप जांच, संतुलित आहार, व्यायाम, तनाव प्रबंधन और समय पर इलाज अत्यंत आवश्यक हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो0 डॉ. आनंद मिश्रा ,शहर कोतवाल दीनदयाल पांडे , साकेत सिंह एवं बायोकेमेट्री के सह-आचार्य प्रो0 डॉ. अमित जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य प्रो0 डॉ. आनंद मिश्रा ने अपने संबोधन में छात्रों की पहल की सराहना की और कहा कि, इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।

युवाओं में सुनने की क्षमता हो रही है कम

ईयर फोन और ईयर प्लग से युवाओं में सुनने की क्षमता हो रही है कम

गाजीपुर। आज का युवा ईयरफोन और ईयर प्लग को अधिक समय तक उपयोग कर रहे हैं। जिसके कारण उनके सुनने की क्षमता के साथ ही टिटनेस की भी संभावनाएं बढ़ रही हैं।इसी को लेकर प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश पार्थ सारथी सेन शर्मा के द्वारा समस्त मंडल आयुक्त एवं जिला अधिकारी को इस संबंध में एक पत्र जारी करते हुए आम जनमानस में बचाव के लिए जन जागरूकता करने का निर्देश दिया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने बताया कि प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का एक पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है। जिसमें मोबाइल के इयरफोन तथा हेडफोन के संबंध में जारी किया गया और बताया गया है कि इसके उपयोग से लोगों को सुनने की क्षमता में लगातार कमी आ रही है। और यह युवा वर्ग को ज्यादा प्रभावित कर रहा है यह अनदेखा किया जाने वाला स्वास्थ्य से संबंधित प्रकरण है । उन्होंने बताया कि आज का युवा व्यक्तिगत ऑडियो उपकरणों के माध्यम से तेज संगीत एवं अन्य ध्वनियों के लंबे समय तक सुनने की लगातार क्षति हो रही है।

उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए कई तरह के उपाय भी बताए गए हैं। इससे बचने के लिए हेडफोन के अनावश्यक उपयोग से बचे। यदि बहुत आवश्यक हो तो 50 डेसीबल से अधिक ध्वनि वाले ईयर फोन हेडफोन का उपयोग करें। हेडफोनअथवा ब्लूटूथ इयर प्लग का प्रतिदिन 2 घंटे से ज्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल न करें और बीच-बीच में ब्रेक भी ले । यदि संभव हो तो कम आवाज में ऑडियो सुनने के लिए अच्छी तरह से शोर कम करने वाले हेडफोन का ही उपयोग करें । बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग से दूर रखें ताकि वह तेज आवाजों के संपर्क में ना आए। जिनका इस्तेमाल अक्सर गेम डिजाइन में किया जाता है। सोशल मीडिया का उपयोग कम करें परिवार और सामाजिक मेलजोल पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक साथ समय बिताने का कार्य करें । सार्वजनिक स्थलों पर अधिकतम औसत ध्वनि 100 डेसीबल से अधिक ना हो।

उन्होंने बताया कि इन उपायों को यदि अमल में लाया जाए तो इस तरह के कम सुनने वाले मामले में कमी लाई जा सकता है । उन्होंने बताया कि एक बार यदि सुनने की क्षमता स्थाई रूप से खत्म हो जाने पर श्रवण यंत्र से सामान्य श्रवण क्षमता बहाल नहीं की जा सकती। इसके अलावा कम उम्र से ही लगातार टिटनेस होने से अवसाद सहित कई तरह के मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

सावधान रहें, यहां पनपता है डेंगू का मच्छर: सीएमओ डॉ सुनील पाण्डेय

सावधान रहें, रुके और साफ़ पानी में ही पनपता है डेंगू का मच्छर – सीएमओ डॉ सुनील पाण्डेय
• राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर सीएमओ कार्यालय समेत सीएचसी – पीएचसी पर आयोजित हुए कार्यक्रम एवं नाइट ब्लड सर्वे अभियान से पूर्व एलटी एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को जनपद मुख्यालय पर किया गया प्रशिक्षित
• डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जानकारी एवं जागरूकता भी बेहद जरूरी


गाज़ीपुर। डेंगू, एडीज़ मादा मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए आवश्यक है कि घरों में मौजूद कूलर, गमले के नीचे जमा पानी, टायरों, छत और खाली पत्रों में जमा हुए पानी को हर हफ्ते खाली करें, जिससे मच्छर का लार्वा न पनप सके। समय पर जांच और उपचार कराने से डेंगू पूरी तरह ठीक हो सकता है। लापरवाही करने से यह गंभीर रूप ले सकता है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील पाण्डेय का। वह राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई गोष्ठी में बोल रहे थे।


सीएमओ ने कहा कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम ‘’देखें, साफ करें, ढके : डेंगू को हराने के उपाय करें” रखी गई है। इसके लिए डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता लायी जाए। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा रोकथाम के लिए “क्या करें और क्या न करें” के बारे में बताया जाए। घर व आसपास कहीं भी जल जमाव न होने दें। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग ने अभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह ने बताया कि तालाब और नालियों की नियमित सफाई के लिए, फॉगिंग-छिड़काव की व्यवस्था कराने के लिए, संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढक कर रखें। नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में पेयजल स्रोतों एवं संसाधनों से शौचालयों के सीवर को उचित दूरी पर स्थापित करें। इस कार्य को पूरा करने के लिए जिला मलेरिया अधिकारी, नगर विकास और पंचायती राज विभाग का सहयोग लें।


कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि डेंगू, वायरल और मच्छर जनित रोग है। इससे ग्रसित मरीजों का बदन टूटता है और अधिक दर्द होता है। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल होता है। डेंगू का एक लक्षण रक्तस्रावी बुख़ार भी है जिसके कारण रक्त ले जाने वाली नलिकाओं में रक्तस्राव या रिसाव होता है जिससे प्लेटलेट्स का स्तर कम धीरे-धीरे कम होने लगता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) होता है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखते ही नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर सम्पूर्ण इलाज कराएं। जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही जनपद मुख्यालय पर सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के एलटी एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को दिनांक 19 से 24 में 2025 तक मनाए जाने वाले नाइट ब्लड सर्वे अभियान हेतु कार्यक्रम संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया । इस मौके अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने किया रक्तदान

गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में , “रेड क्रॉस दिवस पर अनूठी मिसाल: जिलाधिकारी ने किया रक्तदान”

गाजीपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी गाजीपुर के तत्वावधान में महर्षि विश्वामित्र ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय गोरा बाज़ार ग़ाज़ीपुर के ब्लड बैंक में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवागत जिलाधिकारी अविनाश कुमार रहे।जिन्होंने फीता काटकर शिविर का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात उन्होंने स्वयं रक्तदान कर लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “रक्तदान महादान है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए, जिससे अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है।”

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के आईसीयू व इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. आनंद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील पांडे, उप प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. नीरज पांडे, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. के.के. सिंह आईएमएस के प्रेसिडेंट डॉ बावन दास एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

शाह फैज स्कूल के विद्यार्थियों का किया गया टीकाकरण

गाजीपुर। विश्व टीकाकरण दिवस, जो हर साल 24 अप्रैल से 30  अप्रैल के मध्य मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव और स्वास्थय की रक्षा में टीकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश शासन द्वारा यह अभियान 24 अप्रैल से 10 मई तक चलाया जाएगा जिसमें  टिटनस एवं डिप्थीरिआ से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा। शासन के इस अभियान के तहत आज वृहस्पतिवार को शाह फैज़ विद्यालय के प्रांगण में कक्षा 5 व कक्षा 10 के लगभग 120 विद्यार्थियों को उपरोक्त टीका लगाया गया। 

इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से एनम किरन, सुनीता, दीपाली, संध्या, अर्चना, माया, डिंपल, कंचन, निर्मला, उर्मिला, कोल्ड चेन हैंडलर राजेश सिंह, को-ऑर्डिनेटर अशोक कुमार, डब्लू.एच.ओ. मॉनिटर विवेक राय एवं एवीडी प्रेम राय उपस्थित थे। छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (प्रशासन) डॉ प्रीति उपाध्याय , उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) हनीफ़ अहमद उपस्थित थे।    

अब निर्धारित गणवेश में ही दिखेंगे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी

अब स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्धारित गणवेश में ही दिखेंगे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी

सीएमओ ने दिया निर्देश

गाजीपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उत्तर प्रदेश शासन एवं जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में अपने अधीन संचालित होने वाले समस्त स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही चिकित्सा अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य चिकित्साकर्मियों के लिए कई तरह के निर्देश जारी किए हैं। जिसका पालन करना कर्मचारियों अधिकारियों की होगी और जो भी इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी किए जाने का निर्देश दिया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने पत्र जारी करते हुए बताया है कि अब जनपद के अंदर चलने वाले समस्त चिकित्सालय पर तैनात डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सुबह 8:00 बजे अपने निर्धारित वेशभूषा में अपने अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे। कार्यालय के कर्मचारी अपने निर्धारित समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे उपस्थित रहकर अपने-अपने कार्यों का संपादन करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो भी चिकित्सा अधिकारी ,पैरामेडिकल कर्मचारियों व अन्य कर्मी ड्यूटी अवधि में अपने निर्धारित वेशभूषा में ही उपस्थित रहेंगे इसके अंतर्गत सभी को फॉर्मल पैंट एवं शर्ट का ही प्रयोग करना है और इसमें जींस शर्ट का प्रयोग मान्य नहीं होगा।

इसके अलावा सभी कर्मियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति भी सुनिश्चित करना होगा और अब आगे बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही आगामी माह का वेतन भी आहरित किया जाएगा। बिना बायोमेट्रिक उपस्थिति के किसी का भी वेतन आहरित नहीं होगा। साथ ही सभी प्रकार का अवकाश मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकृत किया जाएगा। अवकाश अवधि में अपने समकक्ष कर्मचारियों को नोट करा कर ही अवकाश पर जाएंगे।

मच्छरों के पनपने वाली जगहों की करें निगरानी एवं निराकरण:सीएमओ

मच्छरों के पनपने वाली जगहों की करें निगरानी एवं निराकरण :सीएमओ

विश्व मलेरिया दिवस पर हुए सीएमओ कार्यालय समेत स्वास्थ्य केन्द्रों पर हुए जन जागरूकता कार्यक्रम

सही समय पर निदान उपचार होने से रोगी हो जाता है पूर्णतः स्वस्थ

साफ-सफाई का रखें ध्यान, न होने दें जल जमाव, मलेरिया से होगा बचाव

गाज़ीपुर। शुक्रवार को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय समेत ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रो पर विविध जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस क्रम में सीएमओ कार्यालय सभागार में एसीएमओ डॉ संजय कुमार की अध्यक्षता में शपथ का आयोजन किया गया। एक अन्य कार्यक्रम में डालिम्स सनबीम स्कूल,अन्धऊ में जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में छात्रों को मलेरिया के लक्षण,जांच,उपचार और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
सीएमओ ने कहा कि मलेरिया वाहक एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर ज़्यादातर अनुपयोगी कुओं, तालाब/पोखरा, सीमेंट के टैंक, नाले, जल जमाव एवं पानी जमा होने वाले निचले क्षेत्र जगहों पर पनपता है। मच्छरों के पनपने वाली जगहों की निगरानी करें और उनका नियमित निराकरण करें। सीएमओ ने कहा कि मच्छरों का प्रकोप पहले सिर्फ बारिश के दौरान और बारिश के बाद दिखता था जबकि अब दो से तीन महीने छोड़कर पूरे साल ही दिखते हैं। इसलिए आवश्यकता पड़ने पर मलेरिया रोकने के लिए अब शहरी क्षेत्र में लार्वारोधी छिड़काव का कार्य पूरे साल चलेगा। साथ ही हमारी स्वास्थ्य टीमें सर्वाधिक मच्छर वाले इलाकों को चिन्हित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि इस बार विश्व मलेरिया दिवस की थीम “मलेरिया हमारे साथ समाप्त होता है:पुनर्निवेश,पुनर्कल्पना पुनर्जीवन” है। जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान में संचालित संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को नष्ट कराया जा रहा है। एंटी लार्वा का छिड़काव तथा फागिंग भी कराया जा रहा है। इस कार्य में नगर विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मलेरिया की जांच व उपचार की सुविधा जिला मुख्यालय के अलावा सभी सीएचसी/पीएचसी एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर उपलब्ध है। शासन के निर्देशानुसार आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्र में जाकर रोगी की पहचान कर रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट से त्वरित जांच कर रही हैं। इसके लिए समस्त आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया गया है। जांच में मलेरिया धनात्मक पाए जाने पर जल्द से जल्द रोगी का पूर्ण उपचार किया जाएगा।
हफ्ते भर में अंडा बन जाता है मच्छर – जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मलेरिया का प्रसार मादा एनोफिलीस मच्छर के काटने से होता है। एक अंडे से मच्छर बनने की प्रक्रिया में पूरा एक सप्ताह का समय लगता है। इस कारण सप्ताह में एक बार एंटीलार्वा का छिड़काव किया जाता है। यदि किसी जलपात्र में पानी है तो उसे सप्ताह में एक बार जरूर खाली कर दें। जैसे कूलर, गमला, टीन का डिब्बा, नारियल का खोल, डिब्बा, फ़्रिज के पीछे का डीफ्रास्ट ट्रे की सफाई हमेशा करते रहना आवश्यक है। मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति का समय से इलाज शुरू होने पर जान जाने का खतरा कम हो जाता है।
लक्षण – बुखार, कपकपी, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर दर्द, मिचली और उल्टी।
क्या करें – मलेरिया से बचाव के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। आसपास दूषित पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। साफ-सफाई रखनी चाहिए। बुखार होने पर तत्काल आशा से संपर्क करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श लें। सही समय पर निदान उपचार होने से रोगी पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है।

सीडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक,दिए निर्देश

गाजीपुर।मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जननी सुरक्षा योजना कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओ को निःशुल्क भोजन, जन्म प्रमाण पत्र, आयुष्मान, दवा एंव ड्राप बैक की सुविधा, ओ0पी0डी0, एवं अन्य बिन्दुओं पर समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान उन्होने कहा कि हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर आवश्यक दवाओ की उपलब्धता रहे, ओ0पी0डी0 का संचालन तथा नियमित रूप से सी0एच0ओ0 एवं एन0एम0 की उपस्थिति का निर्देश दिया। समस्त सी0एच0सी0, पी0 एच0सी0 पर सी0सी0टीवी कैमरा का संचालन रिकॉर्डिंग मोड पर रखने का निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित चिकित्सा अधीक्षको को हेल्थ वेनलेस सेन्टर की क्रियाशीलता बराबर चेक करते रहने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होने जननी सुरक्षा योजनार्न्तगत गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के संबंध मे जानकारी लेते हुए इस कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओ को निःशुल्क भोजन, तथा दवा एव ड्राप बैक की सुविधा के साथ-साथ 48 घण्टे रोके जाने के निर्देश दिए। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी ने ई-कवच, जननी सुरक्षा योजना, जे0एस0वाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, आशा/जे एस वाई भुगतान, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीयन, टी0वी0 रोग एवं अन्य बिन्दुओ पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र की सही आई से जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाए, यह निःशुल्क सुविधा दिया जा रहा हैं इसमें कोई भी धनराशि किसी भी लाभार्थी से मॉग करने पर उचित कार्यवाही की जाएगी। जो भी शासन की योजनाए संचालित है उसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो, कोई भी पात्र योजना से वंचित न रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि प्रतिदिन एम0ओ0वाई0सी0 से वचुर्वल समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक के दौरान समस्त एम0ओ0वाई0सी0 को निर्देशित किया कि सभी सी0एच0ओ को अनिवार्य रूप से उपस्थिति प्रतिदिन प्रार्थनीय हो एवं मुख्यालय को अपडेट कराई जाए, कोई भी सी0एच0ओ द्वारा उपस्थित न होने पर तत्काल वेतन रोकने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को दिया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी सुनिल पांडेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एन एच एम), समस्त एम ओ वाई सी एंव अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं दवा वितरण का हुआ आयोजन

गाजीपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं नेशनल मेडिकोज आर्गनाईजेशन के संयुक्त सौजन्य से  नेहरू विद्यापीठ इंटर कालेज में रविवार को एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण का विशाल शिविर आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजित इस विशाल स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण शिविर में दर्जनों गाँव के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। शिविर में चर्मरोग,हड्डी रोग,नेत्र,कान,गला रोग, फिजियोथैरेपिस्ट,बाल रोग आदि अन्य के नामचीन विशेषज्ञ चिकित्सक जनपद सहित अन्य जगहों से आए थे। इस विशाल शिविर में 1600 से अधिक विभिन्न रोगों के ,महिला,पुरूषों आदि का निःशुल्क परीक्षण और उन्हें दवा वितरित किया गया।
कार्यक्रम मे उपस्थित  जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि आईएमए और एनएमओ का यह संयुक्त पहल काफी सराहनीय है।उन्होंने कहा कि इस तरह के निःशुल्क शिविरों के आयोजनों से गाँव के लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि देश की अधिकतर आबादी गावों में निवास करती है,जहाँ उन्हें इस तरह की बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं वह भी निःशुल्क तरीके उपलब्ध कराना समय की जरूरत है, इस दौरान जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने सभी स्टालों का निरीक्षण करने के साथ ही आए चिकित्सकों से जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने सभी लोगों से आह्वान किया कि इस शिविर में आकर इसका लाभ उठाए।इस तरह के मानवीय सेवा का भाव सभी को उठाना चाहिए।इस दौरान आयोजकों की ओर से जिलाधिकारी आर्यका अखौरी को बुके और चुंदरी देकर उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सचिदानंद राय, उपजिलाधिकारी सेवराई लोकेश कुमार, ब्लाक प्रमुख अजिताभ राय राहुल, पूर्व प्रमुख मुकेश राय,सिध्दार्थ राय मोनू ,झल्लन राय ,डा.झारखंडे पांडेय ,.डा जे एस राय , डा. एके राय , डा. राजेश सिंह,धमेंद्र प्रताप सिंह, डा. के के सिंह, डा. बीडी गुप्ता , डा. रजनी राय डाक्टर राहुल राय ,मुन्ना राय, प्रधानाचार्य संतोष राय आदि मौजूद रहे ।

करंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मिली एंबुलेंस

करंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 102 और 108 एंबुलेंस की मिली सौगात

गाजीपुर। स्वास्थ्य सुविधा को लेकर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग काफी एक्टिव मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में गाजीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा पर आने वाले मरीज और गर्भवती महिलाओं को सुविधा देने के लिए 108 और 102 एम्बुलेंस की सौगात दी गई है। जिसे मंगलवार को अधीक्षक डॉ अवधेश कुमार राव एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ रवि शंकर वर्मा ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।

बता दे की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा पर 102 और 108 एम्बुलेंस जो पहले से एक एक मिली हुई थी ।इससे मरीजों को लगातार स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलता रहा है। लेकिन वह पिछले काफी दिनों से कंडम घोषित किया जा चुका था । जिसके चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था । वहीं अब नई 102 और 108 एम्बुलेंस एक- एक मिल जाने से एक बार फिर से स्वास्थ्य सुविधा पटरी पर आ जाने की उम्मीद बढ़ गई है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ0 अवधेश राव ने बताया कि दोनों एंबुलेंस के कंडम हो जाने की वजह से स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को आने और यहां से मरीजों को रेफर किए जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था । अब शासन के द्वारा नई एंबुलेंस 102 और 108 मिल जाने से अब यहां के मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।

आज के इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मी विशाल राय के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहे।