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  • शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

    शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

    गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

    प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

    कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

    विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

    इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

    कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                    

  • 12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    गाजीपुर। गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के तत्वाधान में 4 फरवरी को अरोरा फाउंडेशन महुआबाग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया । गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के प्रेसिडेंट अभिषेक सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता 12 फरवरी से 23 फरवरी तक गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के तत्वधान में प्रथम स्वर्गीय श्री नारायण सिंह (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष) एवं स्वर्गीय श्री अजीत कुमार सिंह स्मारक ऑल इंडिया कैश मनी क्रिकेट (G 20-20) प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न स्थानों की कुल 8 टीम प्रतिभागी होंगी। जिसमें रणजी ट्रॉफी, आईपीएल, बोर्ड ट्राफी के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे।यह आयोजन जनपद में पहली बार वृहद स्तर पर किया जा रहा है।

  • राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे

    राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे

    राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे


    गाजीपुर। राष्ट्रपति भवन में आयोजित बाल दिवस पर नगर के डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अपने मन की जिज्ञासा को दूर किया। राष्ट्रपति से संवाद कर बच्चे काफी प्रफुल्लित हैं। राष्ट्रपति ने भी उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी हिस्सा लेने की सीख दी। इस दौरान राष्ट्रपति भवन व संसद भवन का भी भ्रमण किया। यह जिले के लिए गौरव की बात है। राष्ट्रपति भवन के सेंट्रल हाल में आयोजित बाल दिवस पर कार्यक्रम के लिए जिले के सनबीम स्कूल के बच्चों का चयन किया गया था।
    स्कूल की डायरेक्टर एकता अखंड राय, शिक्षक कमलेश सिंह के साथ छात्र अभ्युदय प्रताप, निवेदिता प्रधान, आदर्श राय व सौम्या राय कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। बच्चों ने बताया कि राष्ट्रपति प्रोटोकाल तोड़कर उनके बीच आ गयीं और संवाद किया। अभ्युदय प्रताप व निवेदिता ने राष्ट्रपति से पूछा कि आपको महामहिम के पद पर आने के बाद कैसा लगा? तो उन्होंने जवाब दिया बिल्कुल, बहुत अच्छा लगा। फिर बच्चों ने सफल होने के बाद कैसा महसूस करतीं हैं। जवाब दिया सफलता का कोई अंत नहीं है। राष्ट्रपति ने सीख दी कि आप बच्चे आगे बढ़ते जाइए। आपका बचपन कैसा के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं भी आपकी तरह बगीचों और मिट्टी में खेला करती थीं। आज की तरह अच्छे स्कूल नहीं थे। उन्होंने बच्चों को मेहनत की सीख दी। साथ ही शिक्षकों से बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षण कार्य कराने के साथ ही शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेलकूद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

  • डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

    डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

    गाजीपुर। जिला उद्योग बन्धु एवं स्वरोजगार बन्धु की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी एम पी सिंह  की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ।इस बैठक में जिलाधिकारी ने मण्डी समिति दुल्लहपुर की जमीन अन्य़त्र स्थानान्तिरित किए जाने हेतु निस्तारण का निर्देश , व्यापारियो के समस्याओ के समाधान, उद्यमी वशिष्ट सिंह यादव के विद्युत बिल भुगतान प्रकरण के समाधान, औद्योगिक आस्थान नन्दगंज में सड़क , नाली , बाउण्डरीवाल निर्माण, निवेश मित्र पोर्टल, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री रोजगार/युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद,पी एम सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार, आजीविका मिशन,पी एम स्वनिधि योजना एवं अन्य बिन्दूओ पर समीक्षा कर उद्यमियो के समस्याओ पर चर्चा की गयी तथा सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायतो के निस्तारण का निर्देश दिया ।उद्यमी एस के दूबे ने सुखदेवपुर चौराहे से गाजीपुर घाट तक के 800 मीटर मार्ग जो बिल्कुल क्षतिग्रस्त है को सही कराने का अनुरोध एंव व्यापार मण्डल के विजय शंकर वर्मा ने रौजा से एम ए एच इण्टर कालेज तक जर्जर के बारे मे अवगत कराया । जिस पर जिलाधिकारी ने समन्धित अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यवाही का निर्देश दिया।
    जिलाधिकारी उधोगों के विकास में बैंको से अधिकाधिक सहयोग प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध मे जिला अग्रणी प्रबंधक से अपेक्षा की। उद्यामियों के शिकायतो को सम्बन्धित अधिकारियों को समय से निस्तारण का निर्देश दिया। इस अवसर पर उघमी बशिष्ठ सिंह यादव, ए0के0दुबे अध्यक्ष ईट भठ्ठा एसोसिएशन एवं अन्य उद्यमी एंव व्यापार मण्डल के पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • शासन की योजनाओं को धरातल पर लाए अधिकारी: राजू बाल्मीकि

    शासन की योजनाओं को धरातल पर लाए अधिकारी: राजू बाल्मीकि

    गाजीपुर। सदस्य ‘‘दिशा‘‘ राज्य स्तरीय समिति उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार राजू बाल्मीकि शुक्रवार को जनपद में पहुचकर लोक निर्माण विभाग के (निरीक्षण गृह) में केन्द्र व राज्य सरकार की महत्तवकांशी योजनाओ की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की जो योजनाए संचालित है उसको धरातल पर लाकर समाज के निचले पायदान पर जीवन यापन करने वाले व्यक्तियो/पात्रो तक पहुचाया जाये। किसी भी अपात्रो को योजना मे शामिल न किया जाये। उन्होने समीक्षा के दौरान कहा कि जिस विद्यालय में विद्युत कनेक्शन नही हो पाया है वहां तत्काल विद्युत कनेक्शन कराया जाये। कृषि विभाग एवं अन्य विभाग की संचालित योजनाओ को गॉव-गॉव में चौपाल लगाकर कृषको एवं ग्रामीणों को लाभान्वित किया जाये। उन्होंने सड़को को गढढा मुक्ति, पात्रो को आवास, शौचालय, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना एवं अन्य महत्तपूर्ण योजनाओ का शत-प्रतिशत लाभ दिये जाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, पी0डी, डी0पी0आर0ओ0, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता पी0डब्लू डी, तहसीलदार सदर, बी0एस0एस0 व डूडा के अधिकारी/कर्मचारीग उपस्थित थे।

  • त्योहारों को लेकर डीएम और एसपी ने शहर भ्रमण लिया जायजा

    त्योहारों को लेकर डीएम और एसपी ने शहर भ्रमण लिया जायजा

    गाजीपुर। शुक्रवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह द्वारा आगामी त्योहारों, दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ के दृष्टिगत जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को बेहतर बनाये रखने के लिए शहर में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण मनाने की अपील भी की। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने विशेश्वरगंज चौराहे से भ्रमण शुरू किया, जिसमें नगर के विभिन्न क्षेत्र शामिल थे। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई का जायजा लिया और संबंधित अधिकारी को साफ सफाई की समुचित व्यवस्था रखने को कहा। एसपी ने पुलिस विभाग को त्योहारों के अवसर पर विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश दिया। उन्होंने तैनात पुलिस बल को लगातार भ्रमणशील रहते हुए स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया। भ्रमण के दौरान एसडीएम सदर, एसपी सिटी ज्ञानेन्द्र, क्षेत्राधिकारी सदर गौरव सिंह, कोतवाली पुलिस मौजूद रहे। इस दौरान डीएम और एसपी ने शहर में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों तथा अफसरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

  • सपा कार्यकर्ताओं ने किया कमलेश यादव का भव्य स्वागत

    सपा कार्यकर्ताओं ने किया कमलेश यादव का भव्य स्वागत

    ग़ाज़ीपुर।शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश सचिव कमलेश यादव का भव्य स्वागत पार्टी कार्यालय समता भवन पर किया।इस मनोनयन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप के प्रति आभार जताया।

    इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रजनीकांत यादव और उनके साथियों ने समाजवादी गीत के माध्यम से स्वागत किया

    सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कमलेश यादव का स्वागत करते हुए कहा कि कमलेश के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का संगठन और मजबूत होगा। इनके कुशल नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ को और मजबूती मिलेगी । उन्होंने भाजपा सरकार को सामाजिक न्याय विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार पिछड़ों के हक और अधिकार पर डाका डाल रही है।उन्होने कहा कि यह सम्मान कराने का वक्त नहीं बल्कि यह संघर्ष करने का दौर है। उन्होंने कहा कि यह देश गंभीर राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। देश के हुक्मरानों को लोकतंत्र पसंद नहीं है। वह पूरी तरह से तानाशाही के रास्ते पर उतरकर सम्पूर्ण विपक्ष को कुचलना चाहते हैं। उनकी इस नापाक इरादों के खिलाफ जमकर संघर्ष करना होगा,अन्यथा न इस देश में लोकतंत्र बचेगा,न संविधान और न ही इस देश का धर्म निरपेक्ष स्वरुप।

    राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा ने स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र के जिस रास्ते से आकर भाजपा आज देश पर हुकूमत कर रही है,वह रास्ता दूसरों के लिए बंद कर देना चाहती है । जिस तरह से सत्ता में बैठे लोग विरोधी दलों के नेताओं के साथ बदले की भावना से काम कर रहे हैं, उन्हें जेलों में डाल रहे हैं उनकी यह नापाक हरकत और अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली आपात काल की याद दिला रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और उसकी साम्प्रदायिक सोच और लगातार हो रहे आर्थिक घोटालों के चलते देशवासी खुन के आंसू रो रहे हैं। लेकिन यह सरकार जनता के बुनियादी सवालों पर न काम कर केवल फर्जी तौर पर जुवांन चला रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि घरों में बैठने से काम नहीं चलेगा बल्कि लोहिया, जयप्रकाश और मुलायम सिंह जी के रास्ते पर चलकर जनता के हक हकूक और इस देश के संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों को मिलने वाले सामाजिक न्याय की रक्षा कराने के लिए सड़कों को गर्म कर इस देश की सत्ता से भाजपा की तानाशाही हुकूमत को हटाना होगा ।

    वही अपने स्वागत से अभिभूत कमलेश यादव कार्यकर्ताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।उन्होंने कहा की आज भाजपा सरकार पिछड़ों के हक पर डाका डालने का काम कर रही है। वह पिछड़ों को मिलने वाले आरक्षण को खत्म करना चाहती है। हमें अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2024लोकसभा का चुनाव हम सबके लिए चुनौती है। पिछड़ों के हक और अधिकार की रक्षा के लिए भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करना जरूरी। उन्हों सभी पिछड़े समाज के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया।

    इस स्वागत कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव,डॉ नन्हकू यादव,पूर्व मंत्री सुधीर यादव, सदानंद यादव, हरेन्द्र विश्वकर्मा, आत्मा यादव,अरुण कुमार श्रीवास्तव, ,राजेंद्र यादव,मदन सिंह यादव, रमेश यादव,अमित ठाकुर,नगर अध्यक्ष दिनेश यादव,जमुना यादव,अरविंद कुमार यादव, नरेन्द्र कुशवाहा,नगीना यादव, श्री राम यादव,रीता विश्वकर्मा,दिनेश यादव, पूजा गौतम,नफीसा बेगम , कमलेश यादव,रामप्रताप यादव,पंकज यादव,उपेन्द्र यादव,अभय यादव,बलिराम यादव,रामज्ञान यादव, शहनवाज खां सोनू, रीना यादव,कंचन रावत,दिनेश यादव,अल्का अग्रवाल, सुनीता यादव, शिवमुनि यादव,मनोज यादव, सिंहासन यादव,वंशबहादुर कुशवाहा,द्वारिका यादव , राजनाथ यादव, राधेश्याम यादव,अच्छेलाल कन्नौजिया, अरुण यादव, शिशु यादव, शिवकुमार यादव आदि उपस्थित थे।

    इस स्वागत कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव राजेश यादव ने किया।

  • महाविद्यालय के हिटलरशाही रवैया के खिलाफ छात्र नेताओं का धरना जारी

    महाविद्यालय के हिटलरशाही रवैया के खिलाफ छात्र नेताओं का धरना जारी

    गाजीपुर। पीजी कॉलेज के प्रांगण में दूसरे दिन शुक्रवार को भी छात्रों ने महाविद्यालय में हो रही समस्या को लेकर 32 सूत्रीय मांगों के सम्बन्ध में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन हिटलरशाही रवैया छात्रों के साथ अपना रहा है और छात्रों कि समस्या दूर करना तो दूर धरना पर छात्रों से बातचीत भी करना उचित नहीं समझ रहे हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनुज भारती ने कहा कि महाविद्यालय के प्राचार्य न तो समय से आते हैं और ना ही कोई भी छात्रों का काम समय से करते हैं। केवल छात्रों को मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है। वही छात्र नेत्री आरती बिन्द ने कहा कि हमारी मांगे सभी जायज है और महाविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द धरना पर आकर मांगे पूरी नहीं किया तो धरना प्रदर्शन को और तेज गति दिया जाएगा।
    छात्र नेता आकाश चौधरी ने कहा जब तक सभी छात्रहित कि मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से बीपीई प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर प्रवेश ले, अवैध वसूली बंद करें, फीस वृद्धि वापस लें, पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराए, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराए, छात्रसंघ चुनाव कराए, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए, साइकिल स्टैंड फीस कम करे, कालेज कि वेबसाइट को सरल करें, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाए, स्नातक द्वितीय, तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करें, साइकिल स्टैंड फीस केवल स्टैंड में खड़ा करने वाले छात्रों का ले, महाविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बनायें और सभी शिक्षक व कर्मचारी समय से आए सहित आदि मांग है।


    धरना में शामिल छात्र नेता धीरज सिंह, अमृतांश बिन्द, ईश्वर यादव, निलेश बिन्द, विकास यादव, शैलेश यादव, धन्नजय कुशवाहा, कृष्णा नन्द शर्मा, सत्यम कुमार, राहुल कुमार, प्रिंस प्रजापति, जितेंद्र राय, रोहित मौर्य, शुभम शर्मा, रविकांत यादव, ओम प्रताप सिंह, शिवप्रकाश पाण्डेय, सुनील यादव, प्रशान्त कुमार बिन्द, छोटू, अनीष गौण, राहुल दूबे, अभिषेक वर्मा, प्रिंस सिंह, शुभम कुमार, अंकित यादव, अरूण प्रजापति, रणविजय प्रताप, अनिल कुमार, अमन राय, आकाश यादव, अनुज यादव, अविनाश यादव, प्रकाश राय, हिमांशु राय, अंकित तिवारी और सत्येन्द्र सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे।

  • धनुष यज्ञ, सीता स्वयम्बर, श्रीराम विवाह

    धनुष यज्ञ, सीता स्वयम्बर, श्रीराम विवाह

    धनुष यज्ञ, सीता स्वयम्बर, श्रीराम विवाह

    गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में लीला के तीसरे गुरूवार को शाम 7 बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर वन्दे वाणी विनायकों आदर्श श्रीराम लीला मण्डल द्वारा धनुष यज्ञ सीता स्वयम्बर तथा श्रीराम विवाह प्रसंग का मंचन किया गया। बताते चले कि एक समय राजा जनक के दरबार में भगवान शिव जी का पुराना धनुष रखा था वह इतना भारी था कि उसे कोई उठाना तोे दूर हिला तक नही सकता था। उस धनुष को सीता जी उठाकर किसी अन्यत्र जगह रख दी। जब राजा जनक को इसका पता चला तोे उन्होंने अपने मन में प्रण किया और स्वयम्बर का आयोजन करके सभी देशों के राजा को धनुष यज्ञ में आने का निमंत्रण देते है। निमंत्रण पाकर सभी देश केे राजा धनुष यज्ञ में आकर यथा स्थान ग्रहण कर लेते है। साथ ही महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्यों श्रीराम, लक्ष्मण के साथ धनुष यज्ञ मंच सेे आते है। महर्षि विश्वामित्र को देखते ही राजा जनक अपने गुरू शतानन्द के साथ अपना राजसिंहासन छोड़कर स्वागत के लिए चल देते है और विश्वामित्र सहित रामलक्ष्मण को धनुष यज्ञ में उच्च आसन देकर उनका अभिनन्दन करते है, उधर सखियों के साथ सीता जी गौरी पूजा करने के बाद रंग-मंच में पिता के आदेशानुसार आती है और मन ही मन गणेश जी को मनाती है कि हे प्रभु! श्रीराम ही हमारे पति बने। इसको मन में धारण कर यथा स्थान पर बैठ जाती है, उधर राजा जनक के आदेशानुसार उनके मंत्री चारूण सभा में उपस्थित सभी राजाओं को धनुष खण्डन करने के लिए घोषणा करते है कि जो राजा पुराने शिवधनुष जो खण्ड-खण्ड करेगा उसी के साथ राजकुमारी सीता का विवाह होगा, घोषणा सुनकर सभी राजागण धनुष पर अपना बल दिखाने लगे। मगर किसी राजा ने धनुष तोड़ना तोे दूर उसे हिला न सके राजा जनक सभी राजाओं का उदास चेहरा व झुके हुए राजसभा में मस्तक देखकर कहते है कि हे राजागण, तजहुं आस निज निज गृह जाहूँ लिखा न विधि बैदेई विवाहूँ। राजा जनक ने कहा कि हे राजागण आप लोग अपने घर को प्रस्थान कीजिए, राजकुमारी सीता केे भविष्य में विवाह नही लिखा है। इतना सुनने के बाद लक्ष्मण जी राजा जनक के क्रोध को सहन न कर सके उन्होंने राजा जनक को उत्तर दिया कि हे राजा आपने श्रीराम को नही देखा और सभी राजाओं में श्रीराम की भी गिनती करते है। अगर श्रीराम का आदेश हो तो धनुष क्या पूरे भूमण्डल को खण्ड खण्ड कर दूंगा। लक्ष्मण जी को क्रोधित देखकर गुरू विश्वामित्र ने समझा बुुझाकर कहा कि लक्ष्मण अपने आसन पर विराजमन हो, गुरू की आज्ञा पाकर लक्ष्मण का क्रोध शांत होता है और अपने आसन पर जा बैठते है। उधर गुरू विश्वामित्र समय देखते हुए श्रीराम को आदेश देते हैं कि हे श्रीराम आप उठिए और धनुष को तोड़कर राजा जनक के संदेह को दूर कीजिए, गुरू विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम गुरू जी को मन ही मन प्रणाम करते है और भगवान शंकर का स्मरण करते हुए धनुष के सामने भी अपना मस्तक झुका देते है और सहज में ही धनुष को उठाकर दो खण्डो में विभाजित कर देते है। धनुष खण्डन होने के बाद राजकुमारी सीता जी ने श्रीराम के गले में वरमाला डाल देती है और सखियाँ मांगलिक गीत प्रस्तुत करती है। बताते चले कि धनुष टूटने की आवाज महेन्द्र पर्वत पर तपस्या में लीन जमदग्न ऋषि के पुत्र भगवान परशुराम के कानों में सुनायी दी तो वे क्रोधित होकर फरसा उठाके राजा जनक के दरबार में आते है परशुराम को क्रोधित चेहरे देखते ही सभी राजागण थर-थर कापने लगे कि लगता है कि कुछ अहित होगा। सभी राजा डर के मारे कांपते हुए भगवान परशुराम को चरणों में प्रणाम करते है परशुराम जी अपने फरसे से सभी राजाओं को ढकेलते हुए डांट कर भगा देते है इसके बाद राजा जनक अपनी पुत्री को लेकर भगवान परशुराम को प्रणाम करते है इसके बाद महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्य श्रीराम लक्ष्मण के पास परशुराम को प्रणाम करने की आज्ञा देते है थोडी ही देर बाद जब भगवान परशुराम की दृष्टि भगवान शिव के खण्डित धनुष को देखा तो उन्होंने सभी उपस्थित राजाओं को सावधान करते हुए कहा कि किस राजा ने हमारे आराध्य भगवान शिव के धनुष को तोड़ा है वह सामने खड़ा हो जाये अन्यथा मैं राजा जनक तुम्हारे सभी राज पाठ को नष्ट भ्रष्ट कर दूंगा, सभी राजागण पुनः कांपने लगे अन्त में परशुराम के क्रोध को देखकर लक्ष्मण जी सामने खडे होकर परशुराम जी के एक एक प्रश्न का उत्तर देते है श्रीराम ने लक्ष्मण को शान्त करते हुए परशुराम के सामने से दूर कर देते है और परशुराम जी से कहते है कि विप्रबल धनुष को तोड़ने का हिम्मत आपका कोई दास ही कर सकता है। श्रीराम ने अपपने स्तर से भगवान परशुराम के क्रोध को शान्त कर देते है तब परशुराम जी ध्यानमंग होते है तो उन्होंने श्रीराम का विराट रूप देखा और आपने धनुष को श्रीराम को देकर कहते है राम रमापति करधनुहू लेहूँ खौचो मिटे मोर संदेहूँ, तब परशुराम जी केे आज्ञा अनुसार श्रीराम धनुष प्रतंचना चढाते हुए बाण को पूरब दिशा की ओर छोड देते है और राजा जनक से कहते है कि हे राजन यह संयोग अच्छा है आप विधि विधान के साथ श्रीराम सीता का विवाह कीजिए। महाराज जनक विश्वामित्र जी के आदेशानुसार राजा जनक दशरथ जी से बारात लेकर जनकपुर आने का निमंत्रण दूतो द्वारा भेजते है महाराज दशरथ निमंत्रण पाकर तथा बारात लेकर जनकपुर के लिए प्रस्थान करते है। जनकपुर में श्री सीता राम का विधि विधान के साथ विवाह सम्पन्न होता है। सखियां श्रीराम लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न तथा महाराज दशरथ गुरू वशिष्ठ को मांगलिक गीत व गालियां सुनाती है।

    इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, राजेश प्रसाद, अशोक अग्रवाल, विशम्भर नाथ गुप्ता, डा0 गोपाल पाण्डेय, पं0 कृष्ण बिहारी त्रिवेदी पत्रकार, अनुज अग्रवाल, बालगोविन्द त्रिवेदी व रामसिंह यादव उपस्थित थे।

  • नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का हुआ आयोजन

    नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का हुआ आयोजन

    ग़ाज़ीपुर(सैदपुर)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सफलता से पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद आभार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा गुरुवार को सैदपुर विधानसभा के द्वारिका पैलेस में सम्मेलन आयोजित किया गया।

    सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कोषाध्यक्ष रनिका जायसवाल ने कहा कि तीन दशकों से ठंडे बस्ते में लंबित पड़ा महिला आरक्षण बिल सुखद स्वरूप में 21 सितम्बर 2023 को भारतीय संसद में पारित हो गया। यह दिन भारत के इतिहास और महिलाओं के सम्मान के लिए स्वर्णिम दिवस के रुप में जाना जाएगा । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच 2047 तक भारत को विश्व का अग्रणी देश बनाने मे भारतीय महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण भागीदारी के साथ बढ गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि भारत की हर नारी प्रतिवर्ष लाख रुपए की बचत कर लखपति दीदी बने। रनिका जायसवाल ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम नये भारत के नयी लोकतांत्रिक व्यवस्था की घोषणा है।

    जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 33%आरक्षण महिलाओं को और सशक्त बनने और बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज्यादा सहनशील और संघर्षशील है।जो घर गृहस्थी के साथ-साथ देश संभालने में पूरा सक्षम है। जिन्होंने समय समय पर अपने महत्व को हर क्षेत्र प्रदर्शित किया है।

    जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश की अध्यात्मिक परम्परा और इतिहास में नारी शक्ति के साहस, त्याग , शौर्य, पराक्रम कि अनेक अनुठी गाथा और कहानियां वर्णित है। दुर्गा, काली, सरस्वती के रुप मे महत्वपूर्ण है और इस महत्व को समझने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी है।

    क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने कहा कि पूर्व के काल खंड में किसी सार्वजनिक मंच और कार्यक्रमों में एक दो महिलाएं दिखती थी लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए सिर्फ महिलाएं ही महिलाएं दिख रही है यह हर नारी के लिए गर्व है।और उन्होने नारी शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि आज कि नारियों ने मन मे ठान लिया है 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार पुनः देश के प्रधानमंत्री पद पर भारी बहुमत से स्थापित करना ही उनके प्रति सच्चा धन्यवाद आभार होगा।

    पूर्व विधायक सुनिता सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जनपद में 33% महिलाओं को पहले ही प्रतिनिधित्व प्रदान कर अपने संकल्पों को पूरा किया है।

    सम्मेलन को लोकसभा संयोजक कृष्ण बिहारी राय, डा साधना मौर्य,न पा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, सुशीला सोनकर, ब्लाक प्रमुख सीता सिंह,रूद्रा पांडेय, साधना राय ने भी संबोधित किया।

    इस अवसर पर सम्मेलन की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलित कर हुआ।सम्मेलन में अतिथियों का स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत अभिनन्दन किया गया।

    स्वागत अभिनन्दन सरिता अग्रवाल ने तथा अध्यक्षीय सम्बोधन में आभार धन्यवाद अध्यक्ष अनुपमा सिंह ने किया।

    जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर पटल पर रखा जिसका सभी उपस्थित महिलाओं ने ध्वनिमत से समर्थन किया। सम्मेलन का संचालन पूनम मौर्य ने किया।

    इस अवसर पर कार्यक्रम में माया सिंह , सुनिता सिंह,गुड्डी पांडेय, लालमुनि गोड,रीता देवी, वंदना कुशवाहा,वीभा तिवारी, जिला उपाध्यक्ष अखिलेश सिंह, पंकज सिंह चंचल, संतोष चौहान, शशिकांत शर्मा, अविनाश सिंह, नीतीश दूबे, प्रवीण त्रिपाठी,सुधीर पटवा सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।

  • सपाइयों ने डा.लोहिया को पुण्यतिथि पर किया याद

    सपाइयों ने डा.लोहिया को पुण्यतिथि पर किया याद

    ग़ाज़ीपुर।गुरुवार को समाजवादी पार्टी के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर देश के समाजवादी पुरोधा रहे, समाजवादी विचारक एवं चिन्तक ,स्वतंत्रता-संग्राम के प्रमुख सेनानी, अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले तथा भारत में गैर कांग्रेस वाद के शिल्पी रहे डा.राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई ।

    गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व सभी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश में समता मूलक समाज बनाने एवं आज की राजनीति में बढ़ रहे कुरीतियों एवं कुप्रथाओं के साथ-साथ देश पर हुकूमत कर रही दमनकारी सरकार को बेदखल करने और‌ उसके खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया ।

    इस गोष्ठी में तमाम वक्ताओं ने लोहिया जी के द्वारा समय समय पर दिए गए नारे “जाति तोड़ो समाज जोड़ों,”जिन्दा कौमें पांच साल का इन्तजार नहीं करती,”जब तक भूखा इंसान रहेगा,तब तक धरती पर तुफान रहेगा , “जब सड़कें सूनी हो जाती है तो संसद आवारा हो जाती है,” पर भारतीय राजनीति पर पड़े प्रभाव की गंभीर रूप से चर्चा करते हुए लोहिया जी को अंग्रेजों भारत छोड़ो आन्दोलन का महानायक बताया।

    समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने श्रद्धाजंलि‌ अर्पित करते हुए कहा कि लोहिया जी आजीवन सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने के लिए संघर्ष करते रहे।उनका त्याग और उनका संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर देश की सत्ता पर हुकूमत कर रही दमनकारी, तानाशाह भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज देश के वर्तमान राजनैतिक दौर में जब जातिवाद और सम्प्रदायवाद चरम सीमा पर है ।जब जातिवाद, साम्प्रदायिकता का नंगा नाच हो रहा हो और वर्तमान हुकूमत लोकतंत्र और संविधान की भावनाओं को कुचलने में लगी हो ऐसे दौर में डा. लोहिया जी पुनः प्रासंगिक हो उठे हैं ।उन्होंने कहा कि डॉ लोहिया जी सामाजिक न्याय की लड़ाई के महान योद्धा थे । सामाजिक न्याय की वकालत करते हुए लोहिया जी ने”संसोपा ने बांधी गांठ -सौ में पिछड़े पांवें साठ” का नारा दिया था । इस देश के समाजवादी आंदोलन का मुख्य सार ही सामाजिक न्याय रहा है । समाजवादी आंदोलन के सभी नेताओं ने चाहे वह बड़ी जाति के रहे हो या पिछड़ी जाति के सभी ने इस देश के सभी गरीबों और पिछड़ों को विशेष सुविधा प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाने की वकालत की थी । लोहिया जी का सपना था कि देश से जाति प्रथा समाप्त कर ऐसा समाज बनाया जाय जिसमें सभी को सामाजिक और आर्थिक समानता प्राप्त हो।

    पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव ने विचार गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डा. लोहिया देश में अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन के प्रणेता थे, वह इस मुद्दे पर बेबाक राय रखते थे, स्वभाषा (हिंदी) उनके लिए कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं था, वह इसके सहारे देश के लाखों करोड़ों लोगों को हीन ग्रंथि से उबारकर उनके अन्दर स्वाभिमान भरने का सपना था ।
    डा.लोहिया न केवल गंभीर चिंतक थे बल्कि वह सच्चे कर्मवीर थे ।

    पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य रामधारी यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डा. लोहिया ही थे जो राजनीति में शुचिता और शुद्ध आचरण की बात करते थे । आज राजनीति में जाति,धर्म,पूंजी,बाहुबल,के बढ़ते दखल से भी राजनीति का रास्ता काफी टेढ़ा मेढ़ा हो गया है । आज हम सभी को डा. लोहिया को याद करते हुए राजनीति में शुचिता और नैतिकता स्थापित करने के लिए संघर्ष करने का संकल्प लेने की जरूरत है । यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

    इस गोष्ठी में मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ नन्हकू यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, राम जी राय, रविन्द्र प्रताप यादव, डॉ सीमा यादव, तहसीन अहमद, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,राजेंद्र यादव, अवधेश यादव उर्फ राजू यादव, कमलेश यादव,सुबच्चन यादव,सदानंद यादव, सुनील यादव, मो.जुम्मन,आत्मा यादव, विजय शंकर यादव,मारकन्डेय यादव,सत्या यादव ,दिनेश यादव,जमुना यादव,केसरी यादव, कैलाश नाथ यादव,, नफीसा बेगम,रीता विश्वकर्मा,रीना यादव,कंचन रावत,सतिराम यादव,वैजू यादव,विंध्याचल यादव, प्रभु नाथ राम रामदरश पाल, श्यामा यादव,अम्बिका यादव राजेश कुमार यादव,सुनीता यादव रामविजय चौहान, राजेश यादव, दारा यादव,राजेश गोड़, जयराम यादव अशोक यादव राजकिशोर यादव, द्वारिका यादव मौजूद रहे।

    इस गोष्ठी का संचालन जिला सचिव एवं मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने किया।

  • मांगों को लेकर छात्र नेताओं ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

    मांगों को लेकर छात्र नेताओं ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

    गाज़ीपुर।पीजी कॉलेज के प्रांगण में छात्रों ने महाविद्यालय में हो रही समस्या को लेकर 32 सूत्रीय मांगों के सम्बन्ध में छात्रों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।

    पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि छात्रों से महाविद्यालय में अवैध वसूली किया जा रहा है,छात्रों कि समस्या सुनने वाला समय पर कोई नहीं रहता है, छात्रसंघ चुनाव कराने में महाविद्यालय आनाकानी कर रहा है,जिसे छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।

    छात्र नेता निखिल राज भारती ने कहा कि महाविद्यालय में बीपीई का प्रवेश परीक्षा ले लिया गया है, परन्तु अब तक न तो रिजल्ट जारी किया है और ना ही प्रवेश लिया गया है, जबकि सभी अन्य संकायों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।महाविद्यालय द्वारा छात्रों पर तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है।

    वही छात्र नेता प्रिंस प्रजापति ने कहा कि प्राचार्य महाविद्यालय में समय से नहीं आते हैं, मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं और महाविद्यालय द्वारा छात्रों का आर्थिक के साथ ही मानसिक शोषण किया जा रहा है ।

    छात्र नेता शैलेश यादव ने कहा कि सभी 32 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराने, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराने, छात्रसंघ चुनाव कराने, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने,साइकिल स्टैंड फीस कम करने, कालेज कि वेबसाइट को सरल करने, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाने, स्नातक द्वितीय,तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करने सहित आदि मांग है।

    धरना में शामिल छात्र नेता आरती बिन्द,रूची राय, धीरज सिंह, धन्नजय सिंह कुशवाहा,आकाश कुमार चौधरी, अमृतांश बिन्द,निलेश बिन्द,आकाश सिंह, ईश्वर यादव, राहुल कुमार, अभिषेक वर्मा,राम आशीष कुमार, रणविजय प्रताप,प्रशान्त कुमार, कृष्णा नन्द शर्मा,सत्यम शर्मा, सचिन यादव, सुजीत यादव,अनुप यादव,विजय कुमार, नितेश कुमार, आदित्य पाण्डेय, आलोक राय,अनुप बिन्द ,आकिब खां,शनि कुमार साहनी, दीपक उपाध्याय, प्रिंस प्रजापति, निखिल राज भारती आदि सैकड़ों छात्र मौजूद थे।

  • घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी,नहीं तो रोगों को देंगे बुलावा

    घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी,नहीं तो रोगों को देंगे बुलावा

    घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी,
    नहीं तो संक्रामक व संचारी रोगों को देंगे बुलावा

    • आ रहा है त्योहारों का सीजन, रखें साफ-सफाई व स्वास्थ्य का ख्याल
    • जन जागरूकता के साथ फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव का कार्य भी तेज
    • बचाव के लिए मच्छर रोधी क्रीम व मच्छरदानी का करें प्रयोग

    गाजीपुर।त्योहारों का सीजन आ रहा है। यही मौका है कि घर, छत व आसपास के स्थानों की अच्छे से साफ-सफाई कर ली जाए। छत पर पड़े निष्प्रयोज्य बर्तनों, बोतलों, गमलों, टायरों, कूलर आदि में एकत्रित पानी को अलग कर सफाई कर ली जाए। घर के बाहर लगी झाड़ियों की कटाई कर ली जाए। जमा हुई गंदगी, कचरा आदि को भी दूर कर लिया जाए। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल का।
    उन्होंने कहा कि घर व आसपास कहीं भी जल जमाव या गंदगी एकत्रित न होने दें, क्योंकि जिन स्थानों पर पानी ठहरेगा या जल जमाव की स्थिति पैदा होगी, वहाँ मच्छरों का लार्वा पनपेगा। इसकी वजह से वेक्टर (मच्छर, मक्खी आदि) जनित विभिन्न संक्रामक व संचारी रोग उत्पन्न होंगे। त्योहार के समय में सभी का स्वास्थ्य बेहतर हो, खुशहाल हो, इसके लिए हमें जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। सीएमओ ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य समेत 10 विभागों के सहयोग से जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान भी संचालित किया जा रहा है। वायरल फीवर और डेंगू पर प्रभावी रोकथाम व नियंत्रण के लिए निरोधात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।
    जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि जनपद में डेंगू, मलेरिया व मच्छर जनित अन्य बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है जिससे स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर जन-जागरूकता के माध्यम से बदलते मौसम, संचारी रोगों से बचाव और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी जा रही है। शहरी क्षेत्र के लिए गठित की गयी नगर पालिका की टीम वार्ड और मोहल्लों में जाकर जन-जागरूकता के साथ ही फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव का कार्य कर रही हैं, जिससे इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
    उन्होंने बताया कि वेक्टर जनित अधिकतर बीमारियाँ मच्छरों के काटने से फैलती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर व आस-पास साफ-सफाई रखें तथा जल का भराव न होने दें। झाड़ियों और नालियों को साफ सुथरा रखें, आसपास रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल आयल या मिट्टी का तेल डालकर लार्वा को नष्ट करें, घर के दरवाजे और खिड़की पर मच्छर रोधी जाली लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। कूलर, फ्रिज आदि को साप्ताहिक रूप से साफ करें। छत पर निष्प्रयोज्य बर्तन, पाइप, टायर, नारियल के खोल आदि न डालें। गमलों और फूलदानों को भी साफ रखें।
    डीएमओ ने बताया कि इस साल अब तक डेंगू के 167 मरीज मिले हैं। डेंगू से अभी तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है। वर्ष 2022 में 176 और 2021 में 115 डेंगू के एलाइजा पुष्ट मरीज पाये गए थे।
    खानपान पर दें ध्यान – डीएमओ ने बताया कि बुखार की स्थिति में मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थों जैसे ताजे फलों का जूस, दाल का पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल, दूध-छाछ, ताजे फल, प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने वाले खाद्य पदार्थों आदि का सेवन करना चाहिए। तले भुने, गरिष्ठ भोजन, दर्द निवारक दवाओं आदि से बचना चाहिए।
    डेंगू, मलेरिया व बुखार में अंतर समझना जरूरी – डीएमओ ने बताया कि आम लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि उन्हें मलेरिया हुआ है या डेंगू या सामान्य बुखार है। मलेरिया का बुखार ठंड देकर आता है तो डेंगू में लगातार बुखार के साथ हड्डियों-जोड़ों में दर्द रहता है। इस तरह के कोई भी लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सक से परामर्श लेकर मलेरिया और डेंगू की जाँच करानी चाहिए। जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मलेरिया व डेंगू के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

  • मुनी आगमन ताडका वध सीता राम मिलन

    मुनी आगमन ताडका वध सीता राम मिलन

    मुनी आगमन ताडका वध सीता राम मिलन

    गाजीपुरअति प्राचीन श्रीराम लीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला केे दूसरे दि बुधवार को शाम 7ः00 बजे मुनि आगमन, ताड़का वध तथा सीता राम मिलन लीला का मंचन किया गया। बताते चले कि एक समय महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्यों के साथ अपने सिद्ध आश्रम में यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे थे कि अचानक सुबाहू मारीच नामक राक्षस उनके हवन कुण्ड में हड्डियो का ढेर तथा ऋषियों के खून इकट्ठा करके यज्ञ विध्वंस कर देते थे। महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से परेशान होकर अपने आश्रम से अयोध्या के लिए राम लक्ष्मण को मांगने राजा दशरथ के पास पहुँचते है जब महाराज दशरथ को दूतों द्वारा पता चला कि विश्वामित्र मुनि दरवाजे पर खड़े है तो अपने कुल गुरू शतानन्द और ब्राम्हणों को लेकर उनके स्वागत केे लिए राज दरबार के गेट पर पहुँचते है उन्होंने महर्षि विश्वामित्र को देखकर साष्टांग दण्डवत प्रणाम किया और पूछा कि हे मुनि केहि कारण आगमन तुम्हारा कहहू सोनाथ मोहि विस्तारा इतना बात सुननेे के बाद विश्वामित्र ने कहा कि महाराज दशरथ मेरे यज्ञ हवन में सुबाहू मारीच नामक राक्षस विध्वंस कर दे रहे है मैं आपके पास आपके दोनों पुत्र श्रीराम व लक्ष्मण को लेने आया हूँ, विश्वामित्र की बात को सुनकर राजा दशरथ ने पहले कहा कि हे मुनि ये दोनों बालक छोटे है बड़े-बड़े राक्षसों का सामना कैसे कर सकते है इसके बाद महर्षि विश्वामित्र क्रोधित होते है उनके क्रोध को देखकर कुल गुरू वशिष्ठ ने अनेकों प्रकार से महाराज दशरथ को समझा-बुझाकर कहा कि हे राजन महर्षि विश्वामित्र उन दोनों राक्षसों को अपने श्राप से भष्म कर सकते थे परन्तु वे ऐसा न कर पायेंगे।

    उनका सोचना हैं कि इसका सारा श्रेय आपके पुत्रों को देना चाहते है, महर्षि वशिष्ठ के बातों को ध्यान देते हुए तथा उनके आज्ञा से महाराज दशरथ अपने दोनों पुत्रों श्रीराम व लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते है। महर्षि विश्वामित्र श्रीराम व लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम के लिए चल देते है, कुछ दूर पहुँचने पर घोर जंगल आया वहाँ पर श्रीराम व लक्ष्मण ने एक पत्थर को देखा उन्होने कहा कि हे महर्षि ये सुनसान जंगल में ये पत्थर किसका है, महर्षि विश्वामित्र ने श्रीराम से कहा हे राम यह पत्थर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है, गौतम ऋषि अपने श्राप से अपनी पत्नी को पत्थर बना दिया। अतः वह आपके चरण रज को चाहती है, गुरूदेव के आज्ञा पाकर श्रीराम ने पत्थर को अपने चरण रज से स्पर्श कर दिया जिससे वह पत्थर नारी के रूप में परिवर्तित हो गयी और अहिल्या श्रीराम जी का स्तुति करते साकेतपुर को चली गयी। श्रीराम लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ आगे चलते है तो गंगा नदी के पास पहुँचकर उन्होंने गंगा जी का परिचय कराते हुए कहा कि हे राम ये मोक्ष दायिनी गंगा को आपके पूर्वज भगीरथ तपस्या करके धरती पर लाये है। उसी स्थान पर बैठ करके विश्वामित्र ने श्रीराम लक्ष्मण को पुष्ट देकर आदेश दिया कि हे राम आप दोनों भाई पतित-पावनी माँ गंगा का पूजन करे, पूजन-अर्चन के बाद विश्वामित्र मुनि श्रीराम लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम के लिए प्रस्थान कर देते है। थोड़ी दूर पहुँचने पर उन्हें घनघोर जंगल दिखायी दिया उसी जंगल के बीच श्रीराम ने पद चिन्ह देखा। पद चिन्ह देखकर श्रीराम ने पूछा कि हे मुनि यह पद चिन्ह किसका है, महामुनि विश्वामित्र ने कहा कि हे राम यह जंगल ताडका वन के नाम से विख्यात है। यही पर राक्षसी ताड़का कही छिपी हुई है, इतना सुनते ही श्रीराम ने अपने धनुष से टंकार किया। टंकार सुनकर राक्षसी ताड़का महामुनि विश्वामित्र के ऊपर प्रहार करना चाही। इतने में श्रीराम ने एक ही बार में अपने बाण से राक्षसी ताडका का वध कर डाला। इसके बाद विश्वामित्र मुनि यज्ञ हवन सकुशल सम्पन्न होने के बाद दूसरे दिन महाराज जनक द्वारा निमंत्रण पाकर जनकपुर के लिए यज्ञ उत्सव देखने के लिए चल देते है। वहाँ पहुँचकर उन्होने आम्र पल्लवी आश्रम में एक दिन विश्राम करते है दूसरे दिन महर्षि विश्वामित्र के पूजा के लिए श्रीराम बगीचे में पहुँचते है जहाँ पर सीता जी अपने भ्रमण केे दौरान पुष्प वाटिका मे थी। वहीं सीता और राम का सुन्दर मिलन होता है।

    इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक दिनेश राम वर्मा, उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, राजेश प्रसाद, अशोक अग्रवाल, विशम्भर नाथ गुप्ता, डा0 गोपाल पाण्डेय, पं0 कृष्ण कृष्ण बिहारी त्रिवेदी पत्रकार व रामसिंह यादव उपस्थित थे।

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