डीएम ने की बैठक,दिए सख्त निर्देश

गाजीपुर।जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एंव मासिक स्टाफ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सी0एम0 डैशबोर्ड दर्पण पर सम्पन्न हुआ। बैठक के दौरान कर-करेत्तर की समीक्षा में जिलाधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, चकबन्दी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय, आईजीआरएस, के संबंध मे विस्तारपूर्वक समीक्षा की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का निर्देशित किया कि अपने-अपने लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कराना सुनिश्चित करे, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी।
बैठक मे आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान समस्त उपलिाधिकारी एवं तहसीलदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत का निस्तारण निश्चित समयान्तराल मे शिकायतकर्ता से वार्ता कर निस्तारण किया जाए, अन्यथा निस्तारण न होने के कारण तत्काल विभागीय कार्यवाही की जाएगी तथा डिफाल्टर होने पर की दशा में अधिकारी स्वमं जिम्मेदार होगे ।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक सी एम डैशबोर्ड दर्पण पर राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरण एवं विवादित प्रकरण, दाखिल खारिज, विवादित वादो का निस्तारण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में सभी अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे प्रत्येक कार्यक्रम में तत्परता दिखाते हुए कार्यों का संपादन किया जाना सुनिश्चित करें, ताकि सरकार की राजस्व योजनाओं का लाभ जनसामान्य को आसानी के साथ प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समस्त अधिकारी राजस्व वसूली का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर करते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को 05 वर्ष से ऊपर के मुकदमो को प्रतिदिन सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारा 24, धारा 116, धारा 80, धारा 34, धारा 33, धारा 67, के लंबित मामलों का समयान्तराल  निस्तारण किया जाए। धारा 34 की सुनवाई और निष्पादन में तहसीलदार और नायब तहसीलदार गंभीरता से कार्य करें और उपजिलाधिकारी इसकी नियमित समीक्षा भी करें। उन्होने सीमा स्तम्भ, कृषि भूमि पट्टा, आवास हेतु भूमि आवंटन, कुम्हारीकलां पट्टा आवंटन, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दियां ।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एंव पटल सहायक उपस्थित रहे।                          

पुलिस लाइन में मेडिकल कैंप का हुआ आयोजन बीमारियों से बचाव के लिए किया गया जागरूक

गाजीपुर। पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के वामा सारथी कैलेण्डर के अनुसार मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार कक्ष में अध्यक्षा वामा सारथी कल्यानी वर्मा के निर्देशन व उपस्थिति में मेडिकल कैम्प का आयोजन कराया गया । जिसमें पुलिस परिवार के सदस्यों एवं वर्तमान में चल रही आर0टी0सी0 के प्रशिक्षुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया व सभी को बीमारियों से बचाव हेतु जागरुक किया गया ।

पोषण के महत्व और जल जनित बीमारियों से बचाव के बारे में जागरुक किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा, अध्यक्ष वामा सारथी कल्यानी वर्मा, प्रतिभा पत्नी ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद (अपर पुलिस अधीक्षक नगर) व अंकिता पत्नी शेखर सेंगर (क्षेत्राधिकारी नगर), प्रतिसार निरीक्षक उमाकान्त त्रिपाठी, वामा सारथी में कार्यरत महिला आरक्षी, पुलिस लाइन चिकित्सालय स्टाफ आदि मौजूद रहे ।

राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ डीएम ने की बैठक

गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता मे मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रट सभागार मे सम्पन्न हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक में सभी राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति करने तथा मतदाता सूची में सेक्शन व पार्ट को यथाआवश्यक सही करने में सहयोग करने हेतु अनुरोध किया गया। इसमे किसी भी स्तर पर लापरवाही न की जाए, त्रुटि रहित मतदाता सूची बनाने हेतु विशेष प्रयास किया जाए। उन्होने राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा भी की । बैठक मे उन्होने बताया  कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही की जानी है। सम्भाजन से पूर्व निर्वाचक नामावली में नये अनुभागों को जोड़े जाने के निर्देश है। इस सम्बन्ध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश दिये है कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही के दौरान मतदेय स्थलों में अनुभागों की संख्या कम होने के कारण मतदाता सूची प्रायः मतदाताओं की संख्या के आधार पर विभाजित कर दी जाती है, जिसका परिणामस्वरूप एक ही परिवार के मतदाता अलग-अलग भागों में चले जाते है।

जिसके कारण राजनैतिक दलों एवं जनसामान्य से शिकायते प्राप्त होती है। उन्होने कहा कि  नये अनुभाग इस प्रकार जोड़े जाये कि कोई भी परिवार विभाजित न हो। परिवार के सभी सदस्य एक ही अनुभाग तथा एक ही स्थान पर रखा जाये। एक ही इमारत में रहने वाले परिवारों को एक ही स्थान पर रखा जाये।. एक ही गली में रहने वाले मतदाताओं को एक ही भाग में रखा जाये। उन्होने कहा कि  मतदाताओं को मतदेय स्थल में इस प्रकार रखा जाये कि किसी मतदाता को 2 किमी से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े और किसी प्राकृतिक बाधा को पार करने की आवश्यता न पड़े।  इस हेतु सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बी०एल०ओ० के छोटे-छोटे समूहों के साथ टेबल टाप एक्सरसाइज एवं राजनैतिक दलों से विचार-विमर्श कर मतदेय स्थलों के अन्दर अधिक से अधिक अनुभागों का सृजन किया जाये ताकि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के दौरान मतदेय स्थलों के पुर्नगठन में मतदाता सूची को अनुभागवार विभाजित किया जा सकें। उन्होने कहा कि  यदि कोई मतदेय स्थल क्षतिग्रस्त, जर्जर, ध्वस्त, मतदाता की दूरी अथवा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के कारण यदि नया मतदेय स्थल बनाया जाना आवश्यक हो तो राजनैतिक दल इसकी लिखित सूचना अभी से ही सम्बन्धित उप जिलाधिकारी को दे दे ताकि समय पर स्थलीय सत्यापन कर परिवर्तन का प्रस्ताव आयोग को भेजा जा सके।

उन्होने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश के क्रम  यह निर्देश दिया  कि 100 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मतदाताओं का शत-प्रतिशत सत्यापन कराकर नियमविहित प्रकियानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाये । उन्हांेने मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के सम्बन्ध में यह भी निर्देश है। निर्वाचक नामावली में मकान संख्या शून्य न हो इसका सत्यापन करा लिया जाये। शहरी क्षेत्रों में प्रायः एक ही मकान में 50-50 अथवा अत्यधिक संख्या में मतदाता पंजीकृत है। इसका भी सत्यापन कराकर नियमविहित प्रकियानुसार निर्वाचक नामावली को दुरूस्त कर लिया जाये। उन्होने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाने हेतु राजनैतिक दलों द्वारा बी०एल०ए० की नियुक्ति किये जाने की अपेक्षा की गयी है। इस सम्बन्ध में बी०एल०ए० की नियुक्ति के लिए मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय/ राज्यीय राजनैतिक दल द्वारा अधिकृत प्रतिनिधियों के नामों की सूचना देने के लिए अधिकृत व्यक्तियों के सम्बन्ध में) व बी०एल०ए०-2 (बी०एल०ए० की नियुक्ति के लिए मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय / राज्यीय राजनैतिक दल द्वारा बूथ लेवल एजेण्ट की नियुक्ति के सम्बन्ध में) का संशोधित हिन्दी प्रारूप प्राप्त हुआ था, जिसे सभी राजनैतिक दलों को उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होने सभी राजनैतिक दलों से अपेक्षा  किया की वे तत्काल नवीनतम प्रारूप 1 व 2 पर (फोटोयुक्त) बी०एल०ए० की नियुक्ति कर सूची उपलब्ध करा दे एवं निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होने सभी राजनैतिक दलों से अपेक्षा है कि उन्हें निर्वाचक नामावली हार्ड/साफ्ट प्रति में उपलब्ध करायी गयी है, उसका गहनता से सत्यापन कर यदि कोई त्रुटि परिलक्षित हो तो लिखित रूप से अवगत करा दे ताकि उसे शुद्ध कराया जा सके ।

उन्होने कहा कि आगामी वाराणसी खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचन 2026 में सम्भावित है, जिस हेतु  मतदेय स्थलों के सत्यापन कराये जाने के निर्देश प्राप्त है। सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को मतदेय स्थलों की सूची संलग्न कर प्रेषित की गयी है। इसका सत्यापन कराकर यह देख ले कि यदि कोई भवन जर्जर हो अथवा पूर्व मतदेय स्थल के परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई मन्तव्य हो तो शीघ्र उपलब्ध करा दे ताकि समयान्तर्गत इस पर कार्यवाही की जा सके। उन्होने सभी राजनैतिक दलों से भी यह अपेक्षा है कि वे वाराणसी खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत बनाये गये मतदेय स्थलों की सूची के अनुसार सत्यापन करा लें यदि इसके परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई सुझाव/मन्तव्य हो तो लिखित रूप से जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध करा दें ताकि समय पर इसकी जाँच कराकर परिवर्तन का प्रस्ताव आयोग को भेजा जा सके। बैठक मे मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, राजेश कुमार यादव सपा, रविकान्त राय कांग्रेस, सुभाष राम बसपा, कमलेश प्रसाद कांग्रेस, प्रवीण सिंह भाजपा एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

गाजीपुर में 8 यूनिट मेडिकल कैंप का आयोजन,डॉक्टरों ने 933 मरीजों को देखा, किया दवा वितरित

गाजीपुर।नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन काशी प्रांत की दसवीं भारत भूषण मदन मोहन मालवीय स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत रविवार को काशी प्रांत के सभी 12 जिलों में एक साथ मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। जिसको लेकर गाजीपुर जनपद में कुल 8 यूनिट मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया जिसमें कुल 933 मरीजों को डॉक्टरों की टीमों के द्वारा देखा गया।

यूनिट 1 जो डॉ. स्वतंत्र देव सिंह की देखरेख में हँसराजपुर में आयोजित किया गया था।उनके साथ डॉ प्रशांत कुमार, डॉ सत्यम राय ,डॉ स्वप्निल वर्मा के साथ ही प्रमिला यादव और लालजी सिंह मौजूद रहे।इस कैंप में कई तरह के मरीज पहुंचे।अपने-अपने समस्या के अनुसार डॉक्टरों से परामर्श लिया और इस दौरान मरीजों को परामर्श के साथ ही दवा भी वितरित किया गया।
उन्होंने बताया कि जनपद में लगाए गए कुल 8 यूनिट में 933 मरीज देखे गए और सबसे अधिक हंसराजपुर में लगाई गई यूनिट वन जिसमें 228 मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई।

गाजीपुर कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे अब्बास अंसारी!

गाजीपुर। व्यापारी की जमीन जबरन हड़पने के मामले में अब्बास अंसारी आज सीजेएम कोर्ट में पेश हुआ। यह मामला 2023 में दर्ज हुआ था। एक व्यापारी नेता ने सदर कोतवाली में अब्बास अंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अंसारी ने जबरन उनकी जमीन हड़प ली। इस मामले में कोर्ट ने अब्बास अंसारी को तलब किया था। आज अब्बास सीजेएम कोर्ट में पेश हुए। मामले की सुनवाई के बाद अगली तारीख 24 सितंबर तय की गई है।
वर्ष 2012 में मुख्तार ने व्यापारी नेता अबु फखर से जमीन खरीदने का दावा किया था। जबकि वर्ष 2023 में व्यापारी नेता अबु फखर ने मुख्तार के खिलाफ जमीन जबरन हड़पने का केस दर्ज कराया था।मामले में अब्बास अंसारी, आतिफ रजा, अनवर शहजाद भी आरोपी हैं। मालूम होगी जहां एक तरफ मुख्तार अंसारी की मौत हो चुकी है वहीं दूसरी तरफ वादी अबू फखर खान की भी मौत हो चुकी है।
बता दें मामला जमीन की जबरदस्ती रजिस्ट्री कराने से जुड़ा हुआ है। अबू फखर ने सदर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें उन्होंने मुख्तार अंसारी समेत 5 लोगों को आरोपी बनाया था और बताया था कि 2012 में जब मुख्तार अंसारी लखनऊ जेल में बंद था, उस समय मुख्तार ने मुझे लखनऊ जेल बुलाया था और मेरी रौजा स्थित जमीन को अपने परिजनों के नाम रजिस्ट्री करने के लिये धमकाया। मैने डर के मारे जमीन को अब्बास अंसारी के नाम रजिस्ट्री कर दिया और बाद में रजिस्ट्री के एवज में दिया गया पैसा मुझसे ब्लैंक चेक के माध्यम से धमकाकर वापस ले लिया गया।
इसी मामले में आज सीजेएम कोर्ट में अब्बास अंसारी पेशी पर आया था।

महिला कल्याण विभाग 10 दिवसीय जागरूकता अभियान में महिलाओं और बालिकाओं को दी गई जानकारी

गाजीपुर।महिला कल्याण विभाग 10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान  के अंतर्गत आज यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महिलाओं, एवं बालिकाओं को बताया गया कि भारत में महिलाओं को संविधान और विभिन्न कानून द्वारा कई कानूनी अधिकार दिए गए हैं। जिसमें गरिमा और सम्मान का अधिकार, संपत्ति का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, कार्यस्थल पर सुरक्षा का अधिकार, घरेलू हिंसा से सुरक्षा, दहेज से सुरक्षा का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का अधिकार, मातृत्व अवकाश का अधिकार, शारीरिक अखंडता का अधिकार, शिकायत दर्ज करने का अधिकार, वर्चुअल शिकायत का अधिकार, पोक्सो एक्ट 0 से 18 वर्ष है। बाल विवाह ,हेल्पलाइन नंबर 181, 1090, 112 महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की संपूर्ण विस्तार सहित जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नेहा असिस्टेंट अकाउंट मयंक यादव विधिक सेवा प्राधिकरण से सतपाल जी, महिलाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रही।

सम्पूर्ण समाधान दिवस:424 शिकायत पत्र में 38 का निस्तारण

गाजीपुर।जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील कासिमाबाद में अविनाश कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा की उपस्थिति में तहसील सभागार सम्पन्न हुआ। जिसमे 85 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 08 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 424 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 38 शिकायत/प्रार्थना पत्रो का निस्तारण किया गया।
इसी क्रम में तहसील सदर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता 53 शिकायत/प्रार्थना  प्राप्त हुए जिसमें 06 का मौके पर निस्तारण किया। तहसील सेवराई में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 43 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 05 का मौके पर निस्तारण किया गया। जखनियां तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 58 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 01 का निस्तारण किया गया। तहसील मुहमम्दाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 38 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 05 निस्तारण किया गया। तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 40 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 03 का निस्तारण किया गया एवं तहसील जमानियॉ में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 107 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें 10 का मौके पर निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया तथा शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से संबंधित होते है इस लिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। तहसील के समस्त लेखपालों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता की छोटी-छोटी समस्याएँ जिनका तत्काल निस्तारण किया जा सकता है। उसके लिए किसी व्यक्ति को परेशान न किया जाए। उन्होने कहा गया कि जन शिकायतों का निस्तारण शासन की प्राथमिकता है अतः इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता अक्षम्य होगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, उपजिलाधिकारी कासिमाबाद, परियोजना निदेशक, तहसीलदर कासिमाबाद, क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद एवं समस्त संबंधित अधिकारी एवं पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसील दिवस के उपरान्त जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने तहसील परिषर कासिमाबाद  में निर्माणाधिन आवासीय भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पायी गयी कमियों को एक सप्ताह के अन्दर दुरूस्त कराने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया।  

महाआरती में शामिल हुए पूर्व मंत्री विजय मिश्रा और जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय

गाजीपुर। सार्वजनिक गणेश पूजा एवं बाल गणेश पूजा समिति झंडातर  के तत्वाधान में आयोजित 11 दिवसीय गणेश पूजनोत्सव के अंतिम दिन आयोजित महा आरती में मुख्य अतिथि के रूप में सभी श्री गणेश भक्तो को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष  ओमप्रकाश राय ने कहा कि श्री गणेशजी प्रथम पूज्य देव हैं। उनकी पूजा जीवन के समस्त विघ्न बाधा को दूर कर सबके जीवन में लोक और परलोक में सभी इच्छाओं को पूरा करती है। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्री गणेश के समक्ष समस्त जनपद वासियों के सुखमय भविष्य की कामना किया।


भगवान श्री गणेश की भव्य महा आरती के उपरांत पूजा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु जनों से सम्बोधित करते हुए समारोह के अध्यक्ष पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने कहा कि दुख हर्ता एवं सुख कर्ता भगवान श्री गणेशजी जनपदवासियों सहित सभी देशवासियों के दुःख और विघ्न को दूर कर सबको सुख शांति के साथ साथ सबकी मनोकामनाओ को पूर्ण करें।

इस अवसर पर ओम प्रकाश अरुण, शिवनंद वर्मा, राहुल वर्मा, संजय वर्मा, प्रशांत मिश्र, विशाल चौरसिया, सभासद संदीप श्रीवास्तव, रामनिवास कुशवाहा, विनोद गुप्ता सहित सभी गणेश भक्त उपस्थित रहे एवं कार्यक्रम संचालन कमलेश वर्मा ने किया।

पिनाक का हुआ लोकार्पण

पिनाक का लोकार्पण

गाजीपुर। शहर के द प्रेसीडियम इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में माधव कृष्ण द्वारा रचित निबंधों के संकलन “पिनाक” का लोकार्पण संपन्न हुआ। लोकार्पण का शुभारंभ माता सरस्वती और परमहंस बाबा गंगारामदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण और पुष्पार्चन से हुआ। सरस्वती वंदना बलिया की प्रमुख कवयित्री डॉ कादम्बिनी सिंह ने किया। गायत्री परिवार के सुरेंद्र सिंह बाबू जी और अन्य सदस्यों ने स्वस्ति वाचन किया। शहर के विविध क्षेत्रों के समाजसेवी और साहित्यकारों ने अध्यक्ष डॉ मांधाता राय, सारस्वत अतिथि प्रोफेसर अनिल राय और मुख्य अतिथि देवेंद्र आर्य का सम्मान किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मांधाता राय ने कहा कि, यह पुस्तक वैदिक और औपनिषदिक परम्परा से पुष्ट निबंधों के माध्यम समाज की विविध समस्याओं से जूझने का कार्य किया है।

सारस्वत अतिथि प्रोफेसर अनिल राय, जो हिंदी साहित्य के ख्यातिलब्ध समालोचक और गोरखपुर विश्वविद्यालय के आचार्य हैं, ने कहा कि, पिनाक भगवान शिव के धनुष के रूप में विध्वंस करता है लेकिन पिनाकी वीणा के रूप में एक ऐसे संसार का सृजन भी करता है जिसमें ईश्वर और प्रकृति द्वारा रचित संसार की कमियां न हों। उन्होंने पुस्तक, इसके लेखक और वैचारिकी की सराहना करते हुए कहा कि, यह पुस्तक बहु पठित, बहु संदर्भित और गंभीर आलोचना के बाद सामने आई है, इसकी स्थापनाएं चुनौती देती हैं और पाठक को गंभीर अध्ययन की ओर प्रेरित करती हैं। उन्होंने बदलते संदर्भों में वेद, उपनिषद के पुनर्पाठ और नवसृजन की बात उठायी।

मुख्य अतिथि और हिंदी साहित्य के चर्चित वरिष्ठ कवि और चिंतक देवेंद्र आर्य ने कहा कि, डॉ माधव कृष्ण और डॉ शिखा तिवारी हिंदी साहित्य के निकट भविष्य में एक साहित्यकार दंपति के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराएंगे। उन्होंने इस पुस्तक की निबंध कट्टरता और विवेक का उल्लेख करते हुए लेखक की स्थापना से सहमति जताई कि कट्टरता का प्रतिरोध होना चाहिए और सत्य को संस्थाबद्ध नहीं बल्कि सैद्धांतिक रूप से स्वीकार करना चाहिए।

आधार वक्तव्य रखते हुए पी जी कॉलेज गाजीपुर की हिंदी आचार्य शिखा तिवारी ने कहा कि माधव कृष्ण भारत की विराट सांस्कृतिक परम्परा से अनुप्राणित हैं लेकिन जड़ता के विरोध में दृढ़ता से खड़े होते हैं और यही इस पुस्तक के निबंधों की सफलता है जिसमें भारत के युवाओं के वैचारिक गतिशीलता के लिए प्रचुर सामग्री है।

लेखक माधव कृष्ण ने लेखकीय आभार और ममता उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अर्थशास्त्री श्रीकांत पाण्डेय और मनोवैज्ञानिक अंबिका पांडे ने आशीर्वचन दिया। सभा में विविध क्षेत्रों के प्रतिनिधि अमरनाथ तिवारी, दिनेश्वर दयाल, संजय कुमार, सुजीत सिंह प्रिंस, कुंवर वीरेंद्र सिंह, शीर्ष दीप, पारसनाथ सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, आतिश श्रीवास्तव, रंजना राय, अनीशा सिंह, जे पी ठाकुर, रामनिवास यादव, रामनगीना कुशवाहा, गोपाल सिंह, अच्छेलाल कुशवाहा, अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, इत्यादि उपस्थित रहे और पूरी तरह से साहित्यप्रेमियों से भरे सभागार ने उस समारोह में प्रतिभाग किया।

डीएम-एसपी ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण,द्वितीय पाली में 1902 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित

गाजीपुर।उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 6 और 7 सितम्बर, 2025 को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पी0ई0टी)-2025 प्रस्तावित है। जिस क्रम में 06 सितम्बर को प्रारंम्भिक अर्हता परीक्षा 2025 को नकल विहीन, निर्विघ्न एवं सकुशल सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने जनपद में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केन्द्रो का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने प्रथम पाली की परीक्षा में  स्वामी शहजानन्द पी0जी0 कालेज पीरनगर एवं इण्टर कालेज करण्डा गाजीपुर  का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित को नकविहीन परीक्षा सम्पन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि कही से भी नकल की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित केन्द्र व्यवस्थापक जिम्मेदार होगे।  
जनपद में सम्मिलित उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ की  प्रारंम्भिक अर्हता परीक्षा 2025 हेतु 19 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में लिखित परीक्षा सकुशल एवं शान्तिपूर्ण वातारण मे सम्पन्न हुआ। प्रथम पाली में 8280 में 1923 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे एवं द्वितीय पाली में 8280 परिक्षार्थियों में 1902 अनुपस्थित रहे। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए 05 जोनल मजिस्ट्रेट, 19 सेक्टर  मजिस्ट्रेट, तथा  19 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल लगाए गए है। अधिकारियों द्वारा परीक्षा को शांतिपूर्ण ढ़ग से सम्पन्न कराई गई।

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