राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 10 मार्च

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज द्वारा संचालित विभिन्न डिग्री, डिप्लोमा एवं प्रमाण पत्र कार्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 10 मार्च तक बढ़ा दी गई है। मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के प्रवेश प्रभारी प्रोफेसर जय प्रकाश यादव द्वारा बताया गया है कि प्राचार्य एवं शिक्षार्थियों की विशेष मांग पर यह तिथि कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम द्वारा बढ़ाई गई है और शैक्षिक सत्र जनवरी 25 में सभी कक्षाओं एवं पाठ्यक्रमों में प्रवेश का यह अंतिम अवसर हैं। इस तिथि के पश्चात किसी भी सत्र का कोई भी प्रवेश अनुमन्य नहीं होगा। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित 15 से अधिक विषयों में एम ए , राजनीति विज्ञान, शिक्षाशास्त्र, समाजशास्त्र, समाज कार्य, उर्दू , संस्कृत विषयों तथा एकल विषय संस्कृत, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी आदि सामाजिक विज्ञान तथा विभिन्न प्रकार के रोजगार परक डिप्लोमा-प्रमाण पत्र पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन प्रवेश जारी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार छात्र नियमित पाठ्यक्रमों में अध्ययन करते हुए मुक्त विश्वविद्यालय से डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम एक साथ कर सकते हैं। अर्थात भी किसी नियमित कोर्स को पढ़ते हुए मुक्त विश्वविद्यालय से कोई दूसरा डिग्री या डिप्लोमा कोर्स एक साथ कर सकते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रम कामकाजी, सरकारी सेवारत एवं शिक्षा से वंचित लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इच्छुक शिक्षार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपना ऑनलाइन प्रवेश लेकर विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्र (088) राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कार्यालय में अपराहन 1:00 से 4:00 के मध्य जमा कर सकते हैं। किसी भी जानकारी के लिए शिक्षार्थी अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ शिव कुमार से संपर्क कर सकते हैं।

डीएम ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं नकल विहीन संपन्न कराने के उद्देश्य से परीक्षा केन्द्रो का निरीक्षण किया। निरीक्षण मे सर्वप्रथम उमाशंकर आर्दश इण्टर कालेज हैसी पारा गाजीपुर परीक्षा केन्द्र पर पहुंचकर औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। परीक्षा केन्द्रों पर डबल लॉक में रखे प्रश्नपत्रों के पैकेटों की टेम्परिंग का परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने परीक्षा कक्षों में जाकर गहनता से निरीक्षण किया तथा नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केन्द्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया।वही अपने-अपने क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेटो को भी परीक्षा के दौरान निरन्तर भ्रमणशील रहकर शान्ति पूर्ण ढंग से परीक्षा सम्पन्न कराने का निर्देश दिया।
प्रथम पाली की हाईस्कूल की गणित की परीक्षा में टोटल संख्या-53898  थी जिसमें 6418 तथा इण्टरमीडिएट के व्यवसायिक परीक्षा मे कुल संख्या 461 मे 21 छात्र/छात्राए अनुपस्थित रहेे। इसी क्रम में द्वितीय पाली की हाईस्कूल  कामर्स की परीक्षा में टोटल संख्या-296  थी जिसमें 06 तथा इण्टरमीडिएट मे नागरिक शास्त्र की परीक्षा मे कुल संख्या 5713 मे से 525 छात्र/छात्राए अनुपस्थित रहे।
जनपद में परीक्षा हेतु 196 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है जिसमे 09 जोन, 07 सचल दल एवं 32 सेक्टरो, मे विभक्त किया गया है तथा सभी परीक्षा केन्द्रो पर 01-01 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए है।
 जिलाधिकारी ने परीक्षा केन्द्रों का जायजा लेने के दौरान कहा कि जिले में प्रत्येक दशा में नकल विहीन परीक्षा कराई जाएगी, यदि इसमें किसी भी व्यक्ति द्वारा अवरोध उत्पन्न करने की कोशिश करते पाया गया तो उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी । जिन परीक्षा केन्द्रों पर नकल कराते पाया गया तो संबंधित परीक्षा केन्द्रों को ब्लैक लिस्टेट किया जाएगा।

उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ का द्विवार्षिक अधिवेशन

उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ का द्विवर्षिक अधिवेशन

ग़ाज़ीपुर।उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ गाजीपुर का द्विवार्षिक अधिवेशन/सम्मेलन जिलापंचायत सभागार मे शनिवार को आयोजित किया गया ।जिसमे मुख्य अतिथि प्रान्तीय अध्यक्ष राम लाल यादव उ0प्र0 राज्य कर्मचारी महासंघ एंव विशिष्ट अतिथि चतुर्थ श्रेणी उ0प्र0 राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष क्रान्ति सिंह रहे ।महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष रामलाल यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन बुढ़ापे की लाठी है जब तक पुरानी पेंशन नही होती है तब तक संघर्ष जारी रहेगा ।सरकार को अप्रैल माह तक समय दिया गया है अगर केन्द्र व राज्य सरकार इस विचार नही करती है तो आगे की रणनीति तैयार किया जाएगा ।चतुर्थ श्रेणी महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष क्रान्ति सिंह ने कहा कि सासंद व विधायक को दो बार पेंशन मिलता है तो कर्मचारीयो को पेंशन क्यो नही, महासंघ के जिलाध्यक्ष बालेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि चाहे जितना संघर्ष करना पड़े कर्मचारीयों हित मे अपना पूरा जीवन कर्मचारीयो के लिए समर्पित रहेगा ।चतुर्थ श्रेणी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने कहा कि किसी भी सरकार से डरने की जरूरत नही है,कर्मचारीयों की मागें को लेकर रहेगें ।मनिहारी ब्लाक अध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने कहा कि समस्त संगठनों को मतभेद भुलाकर एकजुट होकर एक साथ रहने की जरूरत है महासंघ के जिलामंत्री ईश्वर यादव ने कहा कि कर्मचारी अधिवेशन/सम्मेलन मे अपना बहुमूल्य समय निकालकर जनपद के समस्त सम्बद्ध संगठनों ने प्रतिभाग किया।
अधिवेशन को सफल बनाने मे मुख्य रूप में विकास भवन, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग ,कोपागार, लोक निर्माण विभाग, पशुपालन, पंचायत विभाग, लधुडाल, नलकूप प्रथम, नलकूप द्वितीय, देवकली पम्प कैनाल, खेलकूद विभाग के संघों के अध्यक्ष मंत्री व सदस्यों ने जिलापंचायत सभागार मे पधार कर सम्मेलन को सफल बनाने मे अपना बहुमूल्य समय दिया ।महासंघ का कार्यक्रम दो वर्ष के लिए पूर्व की कार्यकारी को समस्त सदस्यों द्वारा जिलाध्यक्ष बालेन्द्र कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मणी त्रिपाठी, जिला मत्री ,चयनित नव निर्वाचित बनाया गया ।जिसके जिलाध्यक्ष बालेन्द्र कुमार त्रिपाठी व जिला मंत्री को चूना गया ।अधिवेशन मे जयप्रकाश यादव, मणी त्रिपाठी, मनोज यादव, हरेराम यादव, नगीना यादव, आलोक चौबे,रघुनाथ, राम कुमार वर्मा ,उमेश कुमार, प्रदीप, ईश्वर यादव, प्रभाकर, हरेन्द्र, श्री प्रकाश तिवारी, गोरख यादव, सुनीता,पूणिमा, पुष्पा ओझा,विनोद, विवेक गुप्ता,मनोज यादव, सुरेंद्र यादव, पकज, हंसराज, राजनाथ, अनिल कुमार, विनोद कुमार शकर वर्मा इत्यादि मौजूद रहे। अध्यक्षता महासंघ के जिलाध्यक्ष बालेन्द्र कुमार त्रिपाठी व संचालन अनिल कुमार ने किया ।

241 शिकायत पत्र में 24 का निस्तारण

गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील कासिमाबाद में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में शनिवार को सम्पन्न हुआ। जिसमे 79 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए और मौके पर 07 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 241  शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 24 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया।
इसी क्रम में तहसील जमानियां में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता 10 शिकायत/प्रार्थना  प्राप्त हुए जिसमें 02 का मौके पर निस्तारण किया। तहसील सेवराई में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 राजेश कुमार की अध्यक्षता में 22 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 04 का मौके पर निस्तारण किया गया। सदर तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 27 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें निस्तारण शून्य रहा। तहसील मुहमम्दाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 31 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 03 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील जखनियॉ में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 52 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 02 का निस्तारण किया गया। तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 20 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त 06 का मौके पर निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत/प्रार्थना पत्रो का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलंब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारण किया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, उपजिलाधिकारी कासिमाबाद, तहसीलदर कासिमाबाद एवं समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

पूर्वोत्तर भारत को सामाजिक,आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से समझना सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण

पूर्वोत्तर भारत को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से समझना सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को सैन्य विज्ञान विभाग द्वारा एकल व्यख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय “पूर्वोत्तर भारत का भौगोलिक एवं सामरिक महत्व” था। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में कर्नल राजीव कुमार राय, डायरेक्टर सिग्नल ट्रेनिंग, सेना भवन, नई दिल्ली, उपस्थित रहें। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत के भौगोलिक स्थिति और सामरिक महत्व पर गहन विचार-विमर्श करना था।
कर्नल राजीव कुमार राय, डायरेक्टर सिग्नल ट्रेनिंग, सेना भवन, नई दिल्ली, ने पूर्वोत्तर भारत के सामरिक महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर भारत प्राचीन काल से भारतीय उपमहाद्वीप का न केवल भौगोलिक अपितु सांस्कृतिक रूप से अभिन्न अंग रहा है। महाभारत में प्रागज्योतिषपुर और मणिपुर का वर्णन है, तिब्बत में बौद्ध धर्म का प्रसार पूर्वोतर भारत के रास्ते ही हुआ था। हिमालय पर्वत से लेकर बंगाल के खाड़ी तक के विविध धरातल से लगा हुआ है। यह क्षेत्र वर्तमान समय में भौगोलिक और सामरिक दृष्टिकोण से देश के लिए अति महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र न केवल प्राकृतिक संसाधनों और जैव-विविधता से समृद्ध है, बल्कि यह भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाला एक सामरिक गलियारा भी है। यहाँ की सीमाएँ म्यांमार, बांग्लादेश, भूटान और चीन जैसे देशों से मिलती हैं। जो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बनाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों की पहाड़ी और जंगली भू-संरचना इसे सैन्य रणनीति के लिए चुनौतीपूर्ण और अवसरों से भरा बनाती है। यहाँ की सामरिक स्थिति भारत को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में मजबूती प्रदान करती है। साथ ही, यह क्षेत्र व्यापार, कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। ब्रह्मपुत्र नदी प्रदेशीय आवागमन तथा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में स्थापित हो रही है। इस क्षेत्र की नदियों में देश की जल समस्या के समाधान तथा विद्युत उत्पादन की अथाह संभावना है।
कर्नल राय ने जोर देकर कहा, आधुनिक युग में तकनीक और संचार का महत्व बढ़ गया है। पूर्वोत्तर में संचार नेटवर्क को मजबूत करना न केवल सैन्य दृष्टिकोण से जरूरी है, बल्कि यहाँ के विकास और मुख्यधारा से जुड़ाव के लिए भी अनिवार्य है। हमें इस क्षेत्र की क्षमताओं को समझना होगा और इसे राष्ट्रीय नीति में प्राथमिकता देनी होगी। उनके अनुसार युवाओं को इस क्षेत्र के सामरिक महत्व से अवगत कराना जरूरी है, ताकि वह भविष्य में देश की सुरक्षा और विकास में योगदान दे सकें।
प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि पूर्वोत्तर भारत देश का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो अपनी अनूठी भौगोलिक स्थिति और सामरिक दृष्टिकोण से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों को इस क्षेत्र के महत्व को समझने का अवसर मिलेगा।
संगोष्ठी का आयोजन रक्षा अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ० बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि कर्नल राय जैसे अनुभवी सैन्य विशेषज्ञ का इस मंच पर होना हमारे लिए गर्व की बात है। उनके अनुभव और ज्ञान से छात्रों को नई दृष्टि मिलेगी। यह आयोजन रक्षा अध्ययन के छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा, क्योंकि यह उन्हें सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों पहलुओं से जोड़ेगा। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ० अखिलेश सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय एवं संचालन डॉ० बद्रीनाथ सिंह ने किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए निकाली गई रैली

गाजीपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशन में दिनांक 08 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एवं जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में एक रैली का आयोजन किया गया। रैली प्रातः 10.30 बजे जनपद न्यायालय के गेट नं0-01 से जनपद न्यायाधीश के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई।
रैली के आयोजन उपरान्त जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के द्वारा आम जनमानस को लोक अदालत में बढ-चढ़कर हिस्सा लेने एवं अपने वादों को लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराने हेतु संबोधित किया।
रैली में  धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शक्ति सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष सं0-01, अलख कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एस.सी.एस.टी.), राकेश कुमार-VII स्पेशल जज पाक्सो एक्ट/नोडल अधिकारी लोकअदालत गाजीपुर,  विजय कुमार-IV, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर  स्वप्न आन्नद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नूतन दिवेदी, सिविल जज (सि0डी0), अमित कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गाजीपुर अन्य न्यायिक अधिकारीगण, सिविल बार के अध्यक्ष एवं महासचिव, समस्त पराविधिक स्वयं सेवकगण, समस्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल के कर्मचारीगण, पैनल लायर्स, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कर्मचारीगण एंव न्यायालय के समस्त कर्मचारीगण शामिल हुए।

फाइनल मैच में वाराणसी की टीम ने मारी बाजी

गाजीपुर।खेल निदेशालय उ.प्र.लखनऊ के कार्यक्रमानुसार जनपद में ओपन स्टेट आमंत्रण सीनियर महिला कबड्डी प्रतियोगिता 26 से 28 फरवरी तक नेहरु स्टेडियम गोराबाजार के प्रांगण में आयोजित की जा रही है।इस प्रतियोगिता में प्रदेश के कुल 10 जनपदो की टीमो ने प्रतिभाग किया । आज समापन एवं पुरस्कार समारोह की मुख्य अतिथि सपना सिंह अध्यक्ष जिला पंचायत रही। जिनके कर कमलो द्वारा विजेता खिलाड़ियो को पुरस्कार एवं आर्शीवचन प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि को विमला सिंह क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी वाराणसी एवं अरविंद यादव क्रीड़ा अधिकारी के द्वारा पुष्प देकर स्वागत किया गया। प्रतियोगिता में विशिष्ट अतिथि के रुप में नरेन्द्र सिंह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं दिलीप सिंह युवा कल्याण अधिकारी उपस्थित रहें ।
पहला सेमीफाइनल मैच वाराणसी बनाम मऊ के मध्य खेला गया, जिसमे वारामसी 44-18 से विजयी रही । दुसरा सेमीफाइनल मैच गाजीपुर बनाम आजमगढ़ के मध्य खेला गया, जिसमें गाजीपुर 30-29 से विजयी रही, प्रतियोगिता का फाइनल मैच गाजीपुर बनाम वाराणसी के मध्य खेला गया, जिसमें वाराणसी टीम 24-20 से विजेता रही । प्रतियोगिता निर्णायक के रुप में विनोद कुमार यादव, राम पाल, शेरबहादुर यादव, दशरथ पाल, मनोज सिंह़ अजय गुप्ता, मो0 अकरम सचिव जिला कबड्डी संध गाजीपुर, राजेश कुमार यादव, अवनीश राय, लालसाहब यादव, कमलेश सिंह, चंदन पटेल रहें । इस अवसर पर, सर्वदेव सिंह यादव सेवानिवृत क्रीड़ाधिकारी, अश्वनी राय, व्यायाम शिक्षक बेसिक शिक्षा, नफीस अहमद, विनोद कुमार जायसवाल, राधेश्याम सिंह यादव, विजय, बृजेश कुमार, प्रदीप राय, योगेन्द्र सिंह, प्रेमचन्द यादव. संगीता यादव, अंजनी वर्मा, पूजा सिंह, मो0 मोईन एवं समस्त स्टाप उपस्थित रहें। अन्त में अरविन्द यादव क्रीड़ाधिकारी द्वारा सभी आगन्तुओ एवं खिलाड़ियो के प्रति आभार व्यक्त किया।

डा.कुंवर पुष्पेंंद्र प्रताप सिंह का भारत सरकार के पोस्ट डॉक्टोरल फेलो में हुआ चयन

गाजीपुर । भाजपा किसान मोर्चा, उत्तर प्रदेश के सह सोशल मीडिया प्रभारी डॉ. कुँवर पुष्पेंद्र प्रताप सिंह का चयन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के पोस्ट डॉक्टोरल फेलो के रूप में चयन हुआ है। उनके शोध का विषय ‘A Critical Appraisal of impact of Indian Mass Media on Society and Identification of prime parameters of positive communication’ है जिसे वो काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रो. हेमंत कुमार मालवीया के निर्देशन में पूर्ण करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से बीजेपी पदाधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय के छात्रों में हर्ष व्याप्त है। ज्ञात हो कि डॉ. पुष्पेंद्र गाजीपुर जिले के मरदह ब्लाक के घरीहा निवासी है। इनके पिता महान शिक्षाविद और जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति भी रहें है।

कार्तिकेश्वर महादेव मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक: फूलों से सजा मंदिर, भक्तों ने किया पूजा-पाठ

कार्तिकेश्वर महादेव मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक: फूलों से सजा मंदिर, भक्तों ने किया पूजा-पाठ

गाजीपुर। नगर के स्टेशन रोड स्थित सहकारी गोदाम के प्रांगण में कार्तिकेश्वर महादेव मन्दिर पर महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ को शहद, दूध, घी, दही, गंगाजल, गन्ने का रस, दूर्वा मिश्रित कर विधि विधान से कार्तिकेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक कर पूजा अर्चन के साथ आरती किया। शास्त्रों में कहा गया है “रुतम्-दुःखम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्रः” यानि भगवान शिव सभी दुखों को हरकर उनका नाश कर देते हैं। इसलिए हिंदू धर्म में शिव जी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान रूद्र यानी शिव जी का अभिषेक करना और शिव का रूप शिवलिंग में देखा जाता है। इसलिए रुद्राभिषेक पूजा में शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। इस पावन अवसर पर पूरे मन्दिर प्रांगण को फूल-माला से सजाया गया था, वही कार्तिकेश्वर महादेव का भव्य श्रृंगार भी किया गया था जो अपने आप में देखते ही बन रहा था। कार्तिकेश्वर महादेव का मन्दिर प्राचीन मन्दिरों में आता है ऐसा कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन और हृदय से अपनी मनोकामनां लेकर भोलेनाथ के आगे शीस झुकाता है तो उसकी मनोकामनां पूर्ण हो जाती है। महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर भोर से ही भक्तों का भीड़ शुरु हो गया जो देर रात्रि तक चलता रहा, इस दौरान पूरा मन्दिर प्रांगण ‘हर-हर महादेव’, ‘जय शिव शंकर’, भोलेनाथ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारे से गूंजता रहा।

सामूहिक विवाह:एक-दूजे के हुए 378 जोड़े

गाजीपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन आर टी आई मैदान (नवीन स्टेडियम) में मंगलवार को सम्पन्न हुआ। शादी समारोह का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सामूहिक विवाह योजना में  कुल 378 जोड़ो का सामूहिक विवाह पूरे विधि विधान के साथ सम्पन्न हुआ। सामूहिक विवाह के अवसर पर उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नव विवाहित वर-वधुओं को उनके वैवाहिक जीवन की मंगल कामना करते हुए शुभकामना दी। सामूहिक विवाह में नव दाम्पत्य को विवाह प्रमाण पत्र एवं पौध रोपण हेतु आम वृक्ष का पौधा उनके हाथो में दिया गया। विवाह कार्यक्रम मे मंच से ही मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक ने संयुक्त रूप से बटन दबाकर 35 हजार रूपये की धनराशि वधुओ के खाते मे हस्तान्तरित किया।
परियोजना निदेशक राजेश यादव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की जानकारी देते हुए कहा कि आज जनपद के समस्त ब्लाको से चयनित 378 जोड़ो का विवाह पूरे विधि विधान के साथ सम्पन्न हुआ है। उन्होने शादी समारोह में आए हुए वर एवं वधु के परिजनो के प्रति भी शुभकामना व्यक्त की। कहा कि इस योजना के अन्तर्गत 51 हजार की धनराशि प्रदान किया जा रहा है जिसमें 35 हजार रूपये वधु के खाते में तथा 10 हजार रूपये के उपहार एवं 6 हजार शादी समारोह के आयोजन के लिए दिया जा रहा है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारो की शादी कराया जा रहा है। जिसमे लड़के की उम्र 21 वर्ष एवं लड़की की आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज ने नव विवाहित वर-वधुओ को आर्शिवचन देते हुए कहा कि नव विवाहित जोड़ो ने 7 फेरे लेकर एक साथ रहने का जो संकल्प लिया है उसे आजीवन निर्वहन करे। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम योजना एक कल्याणकारी योजना है। जिसमे हजारो हजार की संख्या में बेटियों के हाथ पीले किए जा चुके है। मुख्यमंत्री ने इस योजना के माध्यम से गरीब, मजदूर एवं असहाय परिवारो को इसका लाभ दिया है और आगे भी इस योजना के माध्यम से बेटियो का विवाह सम्पन्न कराया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने बेटियो के हाथ पीले करने का जो संकल्प लिया है उसे आगे और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होने कहा कि इस योजना के माध्यम से जो विवाह कराया जाता है उससे समाज मे फैली दहेज प्रथा जैसी रूढ़िवादी सोच समाप्त होती जा रही है। दहेज लेना और दहेज देना एक दण्डनीय अपराध है। उन्होने कहा कि आज जो भी बेटियां अपने ससुराल विदा हो रही है तो उनके ससुराल पक्ष के लोग उन्हे बहु न बल्कि बेटी बनाकर घर ले जाए। मिल बाट कर एक सादगी से भरे इस कार्यक्रम में परिणय सुत्र मे बध जाए और दहेज प्रथा तथा बेटियों को बोझ समझने की सोच से उबरकर, हम आगे बढ सके तथा बेटियों को समाज में उनको उचित स्थान दे सके। यही मुख्यमंत्री की मंशा है। बेटिया अपने समाज  मे स्वावलंबी बने, उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य सब उत्तम हो, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री जी ने बेटियो के लिए कई योजनाए संचालित की है आप सभी योजनाओ से जुड़कर अपनी  बेटियो को सशक्त बनाए। उन्होने सभी नव दाम्पय से निवेदन किया कि शादी के बाद गर्भ का भ्रूण परिक्षण न कराए जो भी बच्चा हो उसे सम्मान के साथ परिवार मे लाए।  
जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव ने सामूहिक विवाह के सफल आयोजन पर आभार व्यक्त करते हुए विवाहित नव दाम्पत्य जोड़ो को उनके विवाहित जीवन के लिए शुभकामनाए दी।
इस अवसर पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि सुरेश राजभर, उपजिलाधिकारी सदर मनोज पाठक, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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