अयोध्या पहुंचे श्री राम, संभाला अपना राजपाट

गाजीपुर। अति प्राचीन श्री रामलीला कमेटी हरि शंकरी की ओर लीला के 17वें दिन पहाड़ खां पोखरा स्थित श्री राम जानकी मंदिर से 14 अक्टूबर के सुबह 11बजे प्रभु श्री राम लक्ष्मण सीता की शोभा यात्रा बाजे गाजे के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में घोड़े पर सवार भरत तथा हनुमान जी आगे-आगे चल रहे थे।

शोभायात्रा शहर के महुआबाग चौराहा, ददरीघाट चौराहा, राजकीय महिला महाविद्यालय रोड, आमघाट, झुन्नु लाल का चौराहा, परसपुरा, मुरली कटरा, होते हुए हरिशंकरी श्रीराम सिंहासन पर पहुंचती हैं। उसके बाद कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल द्वारा प्रभु श्री राम लक्ष्मण सीता की आरती पूजन किया। इसके बाद भजन कीर्तन के साथ ही कार्यक्रम संपन्न हुआ।

मालूम हो कि प्रभु श्री राम लंकापति रावण को मार कर लक्ष्मण सीता हनुमान जामवन्त विभीषण सुग्रीव आदि प्रमुख बानरी सेनाओ के साथ श्रीराम श्रृंगवेरपुर से पुष्पक विमान द्वारा आकाश मार्ग से अयोध्या के लिए प्रस्थान कर देते हैं।


उधर अयोध्या में प्रभु राम के आने की सूचना पाकर अयोध्यावासियों सहित माताओ के खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। अयोध्या वासियों द्वारा ध्वज, तोरण, पताकाओं से पूरे नगर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, साथ ही मार्ग में दीपक जलाकर प्रभु के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


इतने में प्रभु श्री राम के पुष्पक विमान की गड़गड़ाहट अयोध्या वासियों को सुनाई देती है कहते हैं, कि चलत विमान कोलाहल होई । जय रघुवीर कहहि सब कोई। उनके पुष्पक विमान के गड़गड़ाहट सुनकर अयोध्यावासी सारे कामकाज को छोड़कर प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए चल देते हैं।

इतने में श्री राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, जामवंत, अंगद , अपने पुष्पक विमान से उतरकर पैदल ही अपने राज दरबार में पहुंचकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम लक्ष्मण सीता राज सिंहासन पर बैठ जाते हैं उसके बाद भरत जी ने अयोध्या का राजपाट अपने बड़े भाई श्री राम को सौंप देते हैं। पूरा अयोध्या नगरी हर हर महादेव और श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री पं0 लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, कृष्णांशत्रिवेदी, राजन सिंह, रोहित पटेल आदि रहे।

17-18 अक्‍टूबर को होगा उर्स फखरुल मशायख व आल इंडिया नातिया मुशायरे का आयोजन

गाजीपुर। धावा शरीफ में 17 व 18 अक्‍टूबर को उर्स फखरुल मशायख व आल इंडिया नातिया मुशायरे का आयोजन फखरे मिल्‍लत सैय्यद जफर इकबाल साहब की सरपरस्‍ती में किया जा रहा है, जिसमें मुख्‍य अतिथि के तौर पर मुफ्ती अतिउर्रहमान साहब नूरी, जामिया नूरिया, शामपुर बंगाल होंगे। इसके अंतर्गत 17 अक्‍टूबर को शाम 4 बजे दरगाह शरीफ पर झंडा रोहण और सलामी पेशगी की जायेगी। तत्‍पश्‍चात महान सूफी संतों के दार्शनिक जीवन पर आधारित सेमिनार का अयोजन किया जायेगा। जिसमे सैय्यद असलम मियां वामीकी बरेली, शाह अम्‍मार अहमद, डा. मोहम्‍मद अहमद नईमी, डा. मोहम्‍मद अफजल हुसैन, डा. मोहम्‍मद अब्‍दुल कादिर हबीबी दिल्ली, मुफ्ती शाहनवाज प्रतापगढ़, मुफ्ती मोहम्‍मद जुनैद मुबारकपुर आजमगढ़, मोहम्‍मद शराफत हुसैन रुदौली शरीफ, मोहम्‍मद मन्‍नान रजा रुद्रपुर उत्‍तराखंड के अलावा बहुत से इस्‍लामिक विद्वान अपने विचार व्‍यक्‍त करेंगे। प्रोग्राम में तमाम जयरीन के साथ-साथ पूरे हिंदुस्‍तान व विश्‍व में अमन चैन, भाईचारे और मुल्‍क की तरक्‍की के लिए दुआ की जायेगी। इसके बाद लंगरे आम होगा और फिर महफिले समां कव्‍वाली का आयोजन होगा। दूसरे दिन 18 अक्‍टूबर  को शाम 5:30 बजे चादर पोशी की जायेगी और तमाम जायरीन व अवाम के लिए खूसूसी दुआ की जायेगी। उसके बाद लगरे आम और रात 9:30 बजे से आल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया जायेगा। जिसमे देश के मशहूर शायर जनाब शकील आरफी, फर्रुखाबादी, जैनुल आबदीन कानपुरी, अब्‍दुल वाहिद मालेगांव, मोहम्‍मद आजम तहसीनी साहब बरेली शरीफ, शम्‍स व कमर साहिबान कोलकाता इत्‍यादि शिरकत करेंगे।

विजयादशमी के दिन किया गया शस्त्र पूजन

गाजीपुर। बजरंग दल के कार्यालय पर दशहरा के दिन पूर्व सूचित शस्त्रपूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता बजरंग दल के जिला संयोजक रविराज हिन्दू के द्वारा किया गया। जिसके बाद शस्त्रपूजन का कार्यक्रम सम्पन्न रहा। शस्त्रपूजन कार्यक्रम में विश्वहिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। रविराज हिन्दू ने कहा कि यह कार्यक्रम बजरंग दल द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्री एवं विजयादशमी के पर्व पर किया जाता है।

आज के शस्त्रपूजन कार्यक्रम में विश्वहिन्दू परिषद के प्रांत सह सेवा प्रमुख दिनेश चन्द्र पाण्डेय, जिला मंत्री विपिन श्रीवास्तव, जिला सहमंत्री  ओमप्रकाश, नगर उपाध्यक्ष राजेश एंव जिला मिलन केन्द्र प्रमुख बृजेश सिंह, जिला दल के सदस्य सोनू वर्मा, नगर संयोजक उत्तम, नगर सहसंयोजक गोपी, नगर सहसंयोजक राजन, नगर बलोउपासना प्रमुख संजय यादव, एवं हेमन्त त्रिपाठी, संजीव कुमार, अजय चौरसिया, तीर्थराज, बृजभुषण जी, सुनिल बिन्द, पंकज बिन्द, श्रवण यावद एवं हिमान्शु गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक भरत मिलाप संपन्न

गाजीपुर। प्राचीन श्री रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 13 अक्टूबर को सकलेनाबाद में ऐतिहासिक भरत मिलाप संपन्न हुआ। प्रभु श्री राम 14 वर्ष वनवास के अंतराल रावण को मारकर लक्ष्मण सीता जामवंत हनुमान सुग्रीव के साथ पुष्पक विमान से वापस अयोध्या के लिए प्रस्थान कर देते हैं। रास्ते में प्रभु श्री राम भारद्वाज मुनि के आश्रम पर विश्राम करते हैं। वे अपने सबसे प्रिय सेवक श्री हनुमान जी को अपने आने का संदेश अपने भाई भरत के पास अयोध्या भेजते हैं। प्रभु श्री राम का संदेश लेकर श्री हनुमान जी ब्राह्मण का भेष धारण करके अयोध्या पहुंचते हैं, जहां भरतजी अपने बड़े भाई प्रभु श्री राम की चरण पादुका सिंहासन पर विराजमान करके अयोध्या का कार्य भार देखते हुए प्रभु श्री राम के आने की राह देख रहे थे और अपने मन में विचार करते थे कि श्री राम के वनवास काल मैं एक दिन शेष रह गया है।

भरत जी इतना सोच ही रहे थें कि प्रभु श्री राम का संदेश लेकर हनुमान जी ब्राह्मण का भेष धारण करके अयोध्या श्री भरत जी के पास पहुंचते हैं, और श्री राम लक्ष्मण सीता जी के आने का संदेश महाराज भरत को सुनाते हैं। प्रभु श्री राम के आने की शुभ संदेश सुनकर भरत जी ने कहा कि को तुम्ह तात कहां ते आए। मोहि परम प्रिय वचन सुनाएं । हे तात आप कौन हो कहां से आए हो कृपा करके आप मुझे अपना परिचय बताने का कष्ट करें। महाराज भरत की बात को सुनकर हनुमान जी ने अपना परिचय देते हुए कहा कि मारुतसुतमैकपिहनुमाना। नामु मोर सुनु कृपा निधान। महाराज मैं प्रभु श्री राम का सेवक हूं मेरा नाम हनुमान है। प्रभु श्री राम ने अपने आने का संदेश आपके पास भेजा है।रिपु रन जीति सुजस सुरगावत। सीता सहित अनुजप्रभु आवत।

श्री राम लंका पति रावण आदि राक्षसोंको मार कर सकुशल लक्ष्मण सीता सहित अयोध्या के लिए प्रस्थान कर दिए हैं। इस समय वे भारद्वाज मुनि के आश्रम पर ठहरे हुए हैं। इतना सुनते ही महाराज भरत जी ने हनुमान जी से कहा कि, कपितव दरश सकल दुःख बीते। मिले आज मोहि राम पिरीते। हे तात आपके दर्शन पाकर तथा प्रभु श्री राम के आने की संदेश सुनकर मेरा सारा दुख दूर हो गया। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि प्रभु श्री राम मेरे समक्ष खड़े हैं। उधर हनुमान जी भरत जी को संदेश देकर महाराज भरत से आज्ञा लेकर वापस प्रभु श्री राम के पास पहुंच जाते हैं।
महाराज भरत अपने बड़े भाई श्री राम के आने की सूचना पाते ही अपने कुलगुरु वशिष्ठ, भ्राता शत्रुघ्न के साथ रथ पर सवार होकर अयोध्या से श्री राम से मिलने भारद्वाज मुनि के आश्रम के लिए प्रस्थान कर देते हैं।

वहां पहुंचकर रथ को भारद्वाज मुनि के आश्रम से पूर्व भरत शत्रुघ्न दोनों भाई आश्रम पर पहुंचकर श्री राम के चरणों में गिर पड़ते हैं प्रभु श्री राम ने भरत को उठाकर अपने गले से लगा लेते हैं। चारों भाईआपस में मिलते हैं।चारों भाइयों के मिलतेहुए को देखकर उपस्थित जनसमूह हर हर महादेव एवं जय श्री राम केनारो से लीला स्थल गूजाय मान कर दिया। अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से भरत शत्रुघ्न की शोभा यात्रा मुहल्ला हरिशंकरी स्थित श्री राम सिंहासन से शाम 6बजे से निकला जो महाजन टोली, झुन्नू लाल चौराहा, आमघाट, ददरीघाट चौराहा , महुआ बाग चौराहा, पहाड़खांपोखरा होते हुए भरत जी का रथ देर रात 11 बजकर 45 मिनट पर सकलेनाबाद पहुंचा।जहां अपार जन समुदाय के बीच श्री राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का मिलाप का मिलन संपन्न हुआ।

श्री राम भरत मिलन के दृश्य को देखकर श्रद्धालु दर्शक भाव विभोर हो गये। इसके बाद चारों भाई रथ पर सवार होकर श्रृंगवेरपुर/पहाड़ खां पोखरा स्थित श्री राम जानकी मंदिर में पहुंचकर लीला समाप्त हुआ।सुरक्षा के दृष्टि गत पुलिस प्रशासन द्वारा पर्याप्त पुलिस फोर्स की व्यवस्था कीगई थी।
इस मौके पर कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा, उप प्रबंधक पं0 लव कुमार त्रिवेदी मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष बाबू रोहितअग्रवाल, कृष्णांश त्रिवेदी सरदार राजन सिंह, रोहित पटेल आदि उपस्थित रहे।

छात्र नेता और मुहल्लेवासियों का प्रयास रंग लाया, शुरू हुआ कार्य

नाली की समस्या के समाधान में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय सहित मुहल्लेवासियों का प्रयास रंग लाया, शुरू हुआ कार्य

गाजीपुर। जिले के ब्लाक-सदर के अंतर्गत ग्रामसभा फत्तेहपुर सिकंदर कालीनगर कालोनी कि नाली कि समस्या को लेकर पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय सहित मुहल्लेवासियों ने पिछले चार महीनों से लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए आंदोलित होकर ब्लाक सहित जिला प्रशासन व सरकार को आइना दिखाते हुए नाली कि साफ-सफाई सहित नाली निर्माण कि मांग कर रहे थे।
विगत् महीने पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने मुहल्लेवासियों का हस्ताक्षर सहित पत्रक ब्लाक सदर के बीडीओ व जिला प्रशासन को दिया था तथा मुख्यमंत्री को भी डाक के माध्यम से भेजा था साथ ही मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर मांग दर्ज कराई थी, जिसके परिणामस्वरूप मांग पूरी करते हुए ब्लाक सदर के एडीओ पंचायत शिवप्रकाश त्रिपाठी द्वारा अपने निस्तारण में लिखा कि जाम नालियों कि साफ-सफाई कराने के साथ ही नाली निर्माण शुरू कर दिया है जिससे मुहल्लेवासियों को अब जलजमाव कि समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।


बता दें कि कालीनगर कालोनी के लगभग 200 से 250 मकानों का पानी का निकास नहीं हो पा रहा था तथा नालियां जाम होने से नाली का पानी सड़क पर बहने से जलजमाव कि गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई थी जिससे मुहल्ले वासियों में रोष व्याप्त था।
श्री उपाध्याय सहित मुहल्लेवासियों ने नाली कि साफ-सफाई के साथ ही स्थायी समाधान हेतु श्री भरत राय जी के मकान से श्री मुन्ना सिंह जी के मकान तक ढक्कनदार नाला सहित सीसी रोड लगभग 200 मीटर निर्माण कराने कि मांग कर रहे थे। छात्र नेता दीपक उपाध्याय ने बताया कि हम मुहल्लेवासियों कि मांग को ब्लाक सदर के अधिकारियों द्वारा मान लिया गया है तथा लिखित में अवगत कराते हुए नाली निर्माण शुरू कर दिया गया है जिससे मुहल्ले वासियों में हर्ष का माहौल व्याप्त है सभी कि तरफ से सरकार सहित ब्लाक के अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया ।

हिंदू परिषद बजरंग दल ने किया शस्त्र पूजन

गाजीपुर। शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल के तत्वाधान में शस्त्र पूजा का आयोजन बीकापुर में किया गया, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार द्वारा संबोधन में कहा गया कि आज हिंदू समाज को आत्मरक्षा के लिए शास्त्र के ज्ञान के साथ-साथ शस्त्र का भी ज्ञान होना जरूरी है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए और राष्ट्र के सम्मान की लड़ाई में शास्त्र का उपयोग किया जा सके। शस्त्र पूजन का मंत्र उच्चारण ईश्वर आनंद शुक्ला द्वारा किया गया और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए विचार व्यक्ति किया गया। कार्यक्रम रमेश गुप्ता,प्रदुम पांडे, आकाश पांडे,गोपाल गुप्ता,अनिल गोस्वामी,बालेंद्र त्रिपाठी,अमित केसरी,श्याम चौधरी,राज पांडे,अजय पटेल,विपिन,अमित, बृजेश,नागेश सिंह,धर्मेंद्र,सोनू श्रीवास्तव,अजय,रवि प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

बाली सुग्रीव लड़ाई, श्री हनुमान माता सीता मिलन, लंका दहन लीला का हुआ मंचन

बाली सुग्रीव लड़ाई, श्री हनुमान माता सीता मिलन, लंका दहन लीला का हुआ मंचन।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरि शंकरी की ओर से लीला के 13वें दिन10अक्टूर शाम 7:00 बजे शुक्रवार रामलीला मैदान लंका में बालि सुग्रीव लड़ाई, हनुमान माता सीता मिलन एवं लंका दहन लीला दर्शाया गया। लीला शुरू होने से पहले कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने प्रभु श्री राम की विधिवत आरती पूजन किया।

इसके बाद रायबरेली के कलाकारों ने सर्वप्रथम बालि सुग्रीव की लड़ाई से लीला की शुरुआत किया। लीला के क्रम में दर्शाया गया कि बाली द्वारा अपने छोटे भाई सुग्रीव को किन्हीं कारणवश उसके राज्य से निकाल दिया गया था, साथ ही उसके पत्नी रूमा को बलपूर्वक हथिया लिया था। इस कारण सुग्रीव अपने बड़े भाई बालिके भय से हनुमान आदि वानरी सेनाओके साथ ऋष्यमूक पर्वत पर एक गुफा में रहता था। वहां बालि श्राप के कारण नहीं जा सकता था। उधर श्री राम लक्ष्मण सीता की खोज करते हुए ऋष्य पर्वत के पास पहुंचते हैं, तो सुग्रीव ने देखा कि दो वीर पुरुष को अपने कंधे पर धनुष बाण लिए ऋष्य मूक पर्वत की ओर आते देखा। वे उनका भेद लेने के लिए हनुमान जी को भेजते हैं हनुमान जी ब्राह्मण का रूप धारण करके दो वीर पुरुषों के पास आकर उनका परिचय,तथा उनके आने का प्रयोजन पूछते हैं।

श्री राम ने अपना परिचय बताते हुए कहा कि हम दोनों अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के पुत्र राम और लक्ष्मण हूं। मैं अपनी पत्नी सीता की खोज में निकला हूं। इतना सुनते ही हनुमान जी अपने असली रूप में आकर श्री राम के चरणों में साष्टांग दंडवत करते हुए क्षमा याचना करते हैं। श्री राम ने हनुमान जी को अपने गले लगा लिया। और उन दोनों भाइयों को अपने राजा सुग्रीव के पास ले जाकर सुग्रीव से श्री राम लक्ष्मण का परिचय बताते हुए उन्होंने सारा बात महाराज सुग्रीव को बता देते हैं और श्री राम से सुग्रीव के दुखो को बताते हैं। श्री राम और सुग्रीव दोनों अग्नि का साक्षी लेकर मित्रता निभाने का वचन लेते हैं। महाराज सुग्रीव ने माता की खोज के लिए नल, नील, अंगद, जामवंत, हनुमान सहित बानरी सेनाओ को सभी दिशाओं में सीता की खोज करने के लिए आदेश देते हैं।

महाराज सुग्रीव की आज्ञा पाकर श्री हनुमान जी सत योजन समुद्र पार करके लंका पहुंचकर सीता जी से अशोक वाटिका में जाकर मिलते हैं। वे भूख लगने पर सीता जी से आज्ञा लेकर रावण के बगीचे में पहुंचते हैं और फल कोखाते हैं। साथ ही वृक्षों को उखाड़ फेकते हैं। रखवाले जब इसका विरोध करते हैं तो रख वालों को घसीट घसीट कर मारते हैं। अशोक वाटिका में बंदर द्वारा राक्षसों को मारने पीटने की बात सुनकर रावण ने मेघनाथ को भेजा । मेघनाथ ने हनुमान जी को ब्रह्मास्त्रका आह्वान करके हनुमान जी को बांध देता है। इसके पूर्व ब्रह्मास्त्र को देखकर हनुमान जी मन में सोचते हैं किअगर ब्रह्मांस्त्र से नहीं बांधा जाऊंगा तो ब्रह्मा जी की महिमा घट सकती है इस कारण हनुमान जी अपने आप को ब्रह्मास्त्र से बंध जाते हैं। कहते हैं कि ब्रह्मस्त्र तेहि साधा कपि मन कीन्ह विचार। जौ न ब्रह्म सर मानहूं महिमा मिटहि अपार।  हनुमान जी ने ब्रह्मास्त्र को देखकर हाथ जोडे खड़े होकर मेघनाथ के भूतों द्वारा आप को बंधवाते हैं।

मेघनाथ हनुमान जी को लेकर रावण के दरबार ले जाता है। रावण ने अपने दूतों के द्वारा हनुमान जी बंधन में देखा और अपने दूतों को आदेश देकर हनुमान जी के पूंछ में आग लगा देने का आदेश देता है रावण के आजा अनुसार दूतों ने हनुमान जी की पूछ में आग लगा देते हैं। आग लगते ही हनुमान जी आकाश मार्ग से उड़ते हुए पूरे लंका नगरी को जला दिया। इस मौके पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लवकुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, कृष्णाशं, रोहित पटेल, आदि रहे।

मूर्ति विसर्जन जैसे होती थी वैसे ही होगी: डीएम-एसपी

गाजीपुर। दशहरा दीपावली त्यौहारो को सकुशल तथा शांतिपूर्ण ढंग से मनाये जाने हेतु जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा ने गुरुवार को दशहरा के शुभ अवसर पर मूर्ति विसर्जन हेतु चिन्हित स्थानो का स्थलीय निरीक्षण किया। जिसमें बनाये गये रजागंज मूर्ति विसर्जन स्थल का जायजा लिया एवं सम्बन्धित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देशित देते हुए कहा कि पूर्व में जिन स्थानो पर व जिस तरह से मूर्ति विसर्जित की गयी थी उसी प्रकार से मूर्ति विसर्जन किया जायेगा।

कोई स्थान परिवर्तन नहीं होगा। मूर्ति विसर्जन के समय ग्रामीणो/शहरो के मूर्ति विसर्जन का समय निर्धारित के अनुसार ही विर्सजित किया जायेगा। कोई भी मूर्ति नालो, नहरो तथा गंगा नदी में नही करेगा। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, एस0पी0सिटी ज्ञानेंद्र, उपजिलाधिकारी सदर प्रखर उत्तम सहित सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

बटन दबाकर रात 8 बजे होगा रावण दहन

बटन दबाकर रात 8 बजे होगा रावण दहन

ग़ाज़ीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकर के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा ने जानकारी दी की 12 अक्टूबर को शाम 7 बजे के बाद कोई भी दुर्गा प्रतिमा रामलीला मैदान लंका में प्रवेश नहीं कर सकेगी। जो भी दुर्गा पूजा समिति विसर्जन से पूर्व भगवान श्री राम की आरती लेना चाहते हैं, वह उस दिन 7 से पहले गेट नंबर 4 से प्रवेश ले सकते हैं। 7 बजे के बाद कोई भी प्रतिमा रामलीला मैदान में प्रवेश नहीं कर पाएगी।

उन्होंने बताया कि दशहरा के दिन रामलीला मैदान के रावण बाड़े में 7:30 बजे से 8:00 तक राम रावण युद्ध का सजीव मंचन किया जाएगा, जिसका लाइव प्रसारण भी किया जाएगा। ठीक 8 बजे रामलीला कमेटी के संरक्षक एवं जिलाधिकारी आर्यका अखौरी तथा सह संरक्षक/ पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा के हाथों बटन दबाकर रावण के विशाल का पुतले का दहन किया जाएगा। गाजीपुर की जनता से अपील है कि शांतिपूर्वक ढंग से रामलीला मैदान पहुंचकर दशहरे के पर्व का आनंद लें और रावण दहन के अद्भुत नजारे का गवाह बने।

अधिशासी अभियंता आशीष शर्मा ने जनपद वासियों से की अपील

निर्बाध बिजली आपूर्ति एवं उसके सापेक्ष राजस्व वसूली प्राथमिकता

गाजीपुर। विद्युत वितरण द्वितीय खंड के अधिशासी अभियंता आशीष शर्मा ने पत्रकार वार्ता में जनपदवासियों से बिजली का बिल भुगतान करने का अपील किया है। उन्‍होने बताया कि भुगतान पर ही शासन हमें मरम्‍मत कार्य के लिए बजट देता है। अगर बिजली का बिल बकाया ज्‍यादा होगा तो शासन गाजीपुर को बजट बहुत कम देगा। जिससे कि मेंटेनेंस कार्य होते हैं। सुविधाजनक चौबिसों घंटे बिजली सप्‍लाई के लिए शत-प्रतिशत बिजली का बिल भुगतान करें। उन्‍होने बताया कि विद्युत वितरण खंड-दो के परि‍क्षेत्र में एक लाख छह हजार उपभोक्‍ता हैं, जिसमे से 43 हजार 400 उपभोक्‍ताओं ने बिजली का बिल कभी भुगतान नही किया है। उनके उपर 461 करोड़ रुपया बकाया है। 26 हजार उपभोक्‍ता रेगुलर बिल जमा नही करते हैं। उनके उपर करीब 94 करोड़ रुपया बकाया है। 20 हजार उपभोक्‍ता ही रेगुलर बिल का भुगतान करते हैं। जिससे कि शासन हमे मरम्‍मत कार्य के लिए बजट बहुत कम देता है। उन्‍हाने बताया कि हमारी प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्‍ताओं को चौबिसों घंटे बिजली मिले, फाल्‍ट कम से कम हो, जो भी फाल्‍ट हो उसे तुरंत ठीक किया जाए। बिजली की चोरी को रोका जाए। स्‍मार्ट मीटर दो महीने में लगभग हर घर में लग जायेगा। पीएम सूर्य घर योजना की सारी फाइलों का निस्‍तारण कर लाभार्थी को तुरंत लाभ दिया जायेगा। पावर हाउसों पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। मोंटी कार्लो कंपनी के कामों की समीक्षा की जाएगी। अगर काम गड़बड़ हुआ है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। बिजली की समस्‍या के लिए जिला कंट्रोल मोबाइल नम्‍बर 9453047253 पर संपर्क कर सकते हैं।

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