भरत मिलाप देख भाव-विभोर हुए लोग

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से एतिहासिक भरत मिलाप का आयोजन सम्पन्न हुआ। जिसे जनसमूह श्रीराम भरत के मिलाप का नयनाभिराभ किया।

जिस समय श्रीराम लक्ष्मण लंकापति रावण का वध करने के बाद लंका का राजपाठ विभिषण को देकर सीता लक्ष्मण सहित वानरी सेनाओं के साथ लंका से पुष्पक विमान से अयोध्या के लिए प्रस्थान करते है। रास्ते में भारद्वाज मुनि के आश्रम में विश्राम करते है, इसी दौरान श्रीराम हनुमान को आने का संदेश भेजते है। श्रीराम का संदेश लेकर हनुमान जी भरत के पास आतेे है। सूचना पाकर गुरू वशिष्ठ के साथ भरत शत्रुघ्न अपने बड़े भाई श्रीराम व लक्ष्मण से मिलने चल देते है। श्रीराम अपने भरत से मिलने को आतुर होते है। थोड़े दिनों में भरत जी भारद्वाज मुनि के आश्रम से दूर ही पर रथ से उतरकर श्रीराम को साष्टांग दण्डवत करते है। श्रीराम भरत को उठाकर अपने गले लगा लेते है।


इस दौरान भरत शत्रुघ्न गुरू वशिष्ठ का शौभा यात्रा हरिशंकरी से शाम 8 बजे से शुरू होकर महाजन टोली, झुन्नुलाल चौराहा, आमघाट, महुआबाग होते हुए सकेलनाबाद 9 बजेे रात में पहुँचा। जहाँ रात 1 बजे भरत मिलाप का आयोजन किया गया। इसकेे बाद वापस पहाड़ खाँ के पोखरा स्थित श्रीराम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न का रथ मंदिर में पहुँचा।


इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार तिवारी, रामसिंह यादव, विशम्भर नाथ गुप्ता आदि रहे।

एम्बुलेंस कर्मियों के द्वारा मनाया गया विजयदशमी का पर्व

102 और 108 एम्बुलेंस कर्मियों के द्वारा मनाया गया विजयदशमी का पर्व

गाजीपुर। असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व पूरे देश में मनाया गया। इस पर्व पर लोग एक दूसरे को बधाई भी देते नजर आए। वही बहुत सारे प्रतिष्ठानों में मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजा-पाठ भी संपन्न हुआ । एक दूसरे को प्रसाद भी वितरण किए गए। कुछ ऐसा ही जनपद में चलने वाले 102 और 108 एंबुलेंस के जिला अस्पताल स्थित कार्यालय में भी हुआ ।यहां पर 102 और 108 एंबुलेंस के ईएमटी और पायलट के साथ उनके उच्च अधिकारियों ने विजयादशमी की पर्व को मनाया साथ ही साथ प्रसाद भी वितरण किया। 102 और 108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि 102 और 108 एंबुलेंस के चालक और ईएमटी परिवार के सदस्य की तरह है। यह लोग अपनी तत्परता से प्रतिदिन लोगों को नई जिंदगी देने का भी काम करते हैं। ऐसे में इस त्यौहार के मौके पर जब यह लोग अपने परिवार से दूर है तो इन लोगों को परिवार के जैसा माहौल देना हम सभी लोगों का कर्तव्य बन जाता है। जिसको लेकर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम मैनेजर संदीप चौबे, अखंड ,आशुतोष के साथ ही पायलट और ईएमटी शामिल हुए।

मांगों को लेकर चौदहवें दिन भी जारी रहा छात्रों का धरना

गाजीपुर। पीजी कॉलेज के प्रांगण में छात्रों ने चौदहवें दिन बुधवार को भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। सभी छात्रों ने एक स्वर कहा जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक धरना जारी रहेगा। बता दें कि छात्र जिस मुद्दों को लेकर धरना दे रहे हैं वे छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से छात्र संघ चुनाव कराने, प्राचार्य के महाविद्यालय में समय से आने कि मांग, टीसी चरित्र शुल्क कम करने कि मांग,बीपीई प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर प्रवेश लेने, अवैध वसूली बंद करनें, बीपीई का रिजल्ट जारी करने कि मांग,फीस वृद्धि वापस लेंने, पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराने, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराने, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने,साइकिल स्टैंड फीस कम करने, कालेज कि वेबसाइट को सरल करने, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाने, स्नातक द्वितीय,तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करने, आरो वाटर मशीन लगाने कि मांग,महाविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बनायें तथा सभी शिक्षक व कर्मचारी समय से आने व विभाग खोलने सहित आदि मांग है।

धरना में शामिल पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय छात्र नेता आकाश कुमार चौधरी,निलेश बिंद,धनंजय सिंह कुशवाहा,निखिल राज भारती अमृतांश बिंद ,रणविजय प्रताप,विकास तिवारी,आशीष यादव ,ईश्वर यादव,आरती बिंद सुजीत यादव आदि छात्र मौजूद थे।

श्री राम ने किया रावण का वध

राम रावण युद्ध, रावण वध, रावण दहन

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से दशहरा का पर्व परम्परागत रूप से मनाया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वन्दे वाणी विनायकौ रामलीला मण्डल द्वारा लंका मैदान में 24 अक्टूबर मंगलवार को शाम 7 बजे श्रीराम रावण युद्ध, और रावण वध का मंचन किया गया। दशहरे के मौके पर रामलीला मैदान लोगों की भीड़ से खचाखच भरा रहा। लीला का शुभारम्भ कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी द्वारा मुख्य अतिथि को माला पहनाकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी को बुके देकर तथा पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को माला पहनाकर शुरू किया गया। लीला में दर्शाया गया कि श्रीराम लक्ष्मण द्वारा खरदूषण, मेघनाद, कुंभकर्ण को मारे जाने पर अपने राजदबार से उठकर अपने राजमहल रावण जाता है और शस्त्र लेकर ज्यौ ही युद्ध भूमि पर जाने को तैयार होता है तो नाना माल्यवंत, स्त्री मन्दोदरी, भाई विभिषण ने समझाने की कोशिश की परन्तु रावण अहंकार में चूर किसी की बात नही सुनता है वही विभिषण को भरी राजबदार में रावण लात मारकर राज्य से निष्कासित कर देता है विभिषण रामदल में जाकर श्रीराम के शरण में चले जातेे है। उधर रावण आसुरी सेनाओं के साथा रथ पर सवार होकर युद्ध के लिए चल देता है और श्रीराम लक्ष्मण को युद्ध के लिए ललकाराता है। उसकी ललकार सुनकर वानरों के झुण्ड के साथ श्रीराम युद्ध में आ जातेे है और राम के लाख समझाने के बाद भी रावण नही मानता है।

अंत में श्रीराम रावण का युद्ध शुरू होता है, राम द्वारा 30 बाणों की बौछार के बाद भी रावण जिन्दा रहता है, अंत में विभिषण ने इशारा किया कि इसके नाभि में अमृत है, श्रीराम विभिषण के इशारे पर अग्नि बाण से उसके नाभि में प्रहार किये। अंत में रावण धराशायी हो जाता है, श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण को लेकर रावण के पास राजनीतिक उपदेश ग्रहण करने के लिए जातेे है। रावण ने लक्ष्मण को राजनीति शिक्षा का उपदेश देने के बाद श्रीराम का दर्शन करके श्रीराम उद्घोषण करके शरीर का त्याग कर देात है। रावण के पुतले को डीएम, एसपी द्वारा इलेक्ट्रिक बटन दबाकर दहन किया गया। रावण के धाराशायी होने पर हर हर महादेव जय श्रीराम के नारों से लीला स्थल गंूज उठा।
इस मौके पर सुरक्षा के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक नगर, एडीएम, क्षेत्राधिकारी, नगर एसडीएम तथा अन्य अधिकारी के साथ कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक वीरेश राम वर्मा, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

8 बजे होगा रावण दहन,7 बजे तक ही मां दुर्गा प्रतिमाओं का होगा लंका मैदान में प्रवेश

रावण दहन 8 बजे, उसके पूर्व सांय 7 बजे तक ही मां दुर्गा प्रतिमाओं का होगा लंका मैदान में आरती हेतु प्रवेश

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” के तत्वाधान में परंपरागत रामलीला मंचन के कार्यक्रम के क्रम में 24 अक्टूबर ( मंगलवार) को राम रावण युद्ध के उपरांत रावण वध मंचन के बाद सांयकाल 8 बजे ऐतिहासिक रावण दहन का कार्यक्रम जिलाधिकारी गाजीपुर, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर एवम गाजीपुर की गणमान्य जनता के समक्ष किया जाएगा। जिसमें विशेष रूप से दुर्गा प्रतिमाओं का भसान से पूर्व लंका मैदान में आगमन और प्रभु श्रीराम द्वारा आरती की परंपरागत पूजन कार्यक्रम सांयकाल 7 बजे तक ही होगा। उसके बाद लीला प्रारंभ हो जाएगी, ऐसी स्थिति में किसी भी दुर्गा प्रतिमाओं को लंका मैदान में आने की अनुमति नहीं होगी, अतः सार्वजनिक दुर्गा पांडाल कमेटियों से अनुरोध है कि दशहरा मेला की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कमेटी के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। सांयकाल 7 बजे तक ही गेट नंबर 4 से ही दुर्गा प्रतिमाओं का प्रवेश होगा और पारंपरिक रूप से पूजन व आरती के बाद परिक्रमा कर उसी गेट से वापसी हो जाएगी। सांयकाल 7 बजे के बाद राम रावण युद्ध लीला शुरू होगी और ठीक 8 बजे रावण के विशाल पुतले का दहन किया जाएगा। यह जानकारी अति प्राचीन रामलीला कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने दी।

बाली सुग्रीव लड़ाई,श्री हनुमान माता सीता से मिलन,लंका दहन

बाली सुग्रीव लड़ाई, श्री हनुमान माता सीता से मिलन, लंका दहन

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में वन्दे वाणी विनायकौ आदर्श श्रीराम लीला मण्डल के द्वारा स्थानीय लंका के मैदान में लीला के 13वें दिन रविवार सायं 7बजेे बाली सुग्रीव लड़ाई, श्री हनुमान सीता मिलन, लंका दहन लीला का मंचन किया गया। लीला के दौरान श्रीराम लक्ष्मण सीता की खोज करते हुए ऋष्यमूक पर्वत पर पहुँचकर हनुमान के द्वारा सुग्रीव से मित्रता होने के बाद सुग्रीव द्वारा बाली के सताये जाने के सम्बन्ध में श्रीराम से अवगत कराते है। श्रीराम ने सुग्रीव की बात को सुनकर बाली से युद्ध करने के लिए सुग्रीव को भेजते है। युद्ध केे दौरान बाली द्वारा सुग्रीव को मारकर मूर्छित कर दिया जाता है, होश आने पर सुग्रीव श्रीराम के पास जा करके कहता है कि प्रभु बाली ने मुझे मारकर अधमरा कर दिया। सुग्रीव के बात को सुनकर पुनः श्रीराम ने बताया कि मैं वाण इसलिए नही चलाया कि दोनो भाईयों का मुख एक समान है, यह कहके दूसरे बार पुनः सुग्रीव को माला पहनाकर युद्ध के लिए बाली केे पास श्रीराम भेजते है। अन्त में श्रीराम के कथनानुसार बाली से युद्ध करने के लिए सुग्रीव युद्ध भूमि में जाता है, इतने में श्रीराम ने देखा कि पुनः बाली द्वारा सुग्रीव को मार दिया जायेगा तब वे एक पेड के सहारे से अपने बाण से बाली को मार गिरातेे है। बाली मूर्छित होकर जमींन पर गिर पड़ता है, बाली को थोड़ी देर बाद होश आने पर श्रीराम को देख करके हाथ जोड़ करके कहता हैं कि मैं बैरी सुग्रीव पिआरा कारण कवन नाथ मोहिमारा, हे प्रभु मेरी दुश्मनी सुग्रीव से है मैंने आपका क्या बिगाड़ा कि आप दोनों भाई के बीच में आकर मुझे बाण सेे मारकर घायल कर दिया। बाली केे मुख से इस प्रकार की बात सुन करके श्रीराम कहते है कि हे बाली तुने अपने छोटे भाई सुग्रीव को सताते हुए उसको अपने राज्य से निष्कासित कर दिया, और उसकी पत्नी को तुमने अपने पास रख लिया है, इसलिए तुम्हे मारने में कोई दोष नही है। अगर आप चाहो तो मैं आपको जीवन दान दे सकता हूँ, श्रीराम के बात को सुन करकेे बाली ने कहा जनम-जनम मुनि जतन कराही अन्त राम मुख आवत नाही। उसने कहा कि प्रभु ऋषि मुनि आपका स्मरण करते है, फिर भी आपका दर्शन नही पाते है मैं तो भाग्यशाली हूँ कि आपके द्वारा मैं मारा जा रहा हूँ। इतना कहने के बाद बाली ने अपने पुत्र अंगद को श्रीराम के चरणों में डालते हुए कहा कि हे प्रभु इस बालक को अपने शरण में रखते हुए अपनी कृपा दृष्टि इस पर बनाये रखियेगा, इतना कहने के बाद बाली प्रभु श्रीराम के चरणो में अपने नश्वर शरीर को त्याग देता है। उधर बाली की पत्नी तारा अपने पति को वीरगति प्राप्त का समाचार सुनकर वह श्रीराम के पास आ करके श्रीराम के समक्ष विलाप करती है, उसके विलाप को देखकर श्रीराम प्रभु उसे समझाते है कि हे तारा क्षिति जाल पावक गगन समिरा पंच रचित अति अधम शरीरा, इस प्रकार का उपदेश दे करके बाली पत्नी तारा को सान्तवना देते हुए कहते हेै कि हे तारा अपने पति का नश्वर शरीर को ले जा कर विधि विधान के साथ अपने पति का अन्तेष्टि करो। उधर श्रीराम द्वारा किष्किन्धा राज का राजा सुग्रीव को लक्ष्मण के द्वारा दिलातेे है। सुग्रीव किसकिन्धा का राज पाते ही अपने दरबार में वानरी सेनाओं को इकट्ठा करता है और श्रीराम केे भार्या सीता जी की खोज के लिए अपने सेनाओं को आज्ञा देता हैै अपनी राजा की आज्ञा पाकर जामवन्त अंगद नील नल हनुमान सहित सीता की खोज मेें निकल जाते है। थोड़ी दूर हनुमान जी जामवन्त अंगद समुद्र के तट तक पहुँचते है, जहां सम्पातीय अधमरा होकर पड़ा था, जहां सम्पाति ने देखा कि वानरी सेना हमारी ओर आ रही है भगवान की कृपा है कि आज मेरे लिए आहार भेज दिया, सभी वानरी सेना उसके चेहरे को देखते हुए समझ गयी कि ये वानरी सेनाओं को समाप्त करना चाहता है, इसके बाद जामवन्ती जी गिद्ध राज जटायु के बारे में बात कर ही रहे थे कि सम्पाति के कानो मेें भनक चला गया वह वानरी सेनाओं के बीच जा करकेे अपने भाई गिद्ध राज जटायु के विषय में पूछता है, जामवन्त जी ने कहा कि गिद्ध राज जटायु का भाग्य अच्छा है, कि राम राज के लिए अपने शरीर को भगवान के प्रति समर्पण कर दिया। इतना सुनते ही सम्पाति सीता जी का पता बताते हुए कहता है कि हे जामवन्ती मैं अब बूढ़ा हो चला नही तो मैं सत जोजन समुन्द्र पार करकेे सीता जी को ले आता, मैं देख रहा हूँ कि सीता जी लंका के अशोक वाटिका के नीचे बैठी हुई है। इतना सुनने के बाद हनुमान जी लंका में छलांग लगा देते है, थोडी देर में लंका पहुँचकर अशोक वाटिका के नीचे राक्षसों के बीच सीता जी को बैठे देखते है, अशोक वाटिका में ही सीता हनुमान का मिलन हुआ। अंत में रावण पुत्र इन्द्रजीत आता है और हनुमान को वाधकर रावण के दरवार में ले जाता है। रावण के आदेश पर हनुमान के पूंछ में आग लगाते है। श्री हनुमान पूंछ में आग लगा देखकर आकाश मार्ग की ओर बढते है। और उपर निचे आते जाते है। इस अपने पूंछ में आग के माध्यम से पूरे लंका नगरी को जलाकर राख कर देते है। इस दृश्य को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गये। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार तिवारी, रामसिंह यादव, विशम्भर नाथ गुप्ता आदि रहे।

घर-घर दे रही है दस्तक

दस्तक अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी घर-घर दे रही है दस्तक

गाजीपुर। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जो 3 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चल रहा है। जिसमे 16 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चलाए जा रहा है। इस अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा घर-घर दस्तक अभियान का सफल संचालन कर रही है। इस दौरान इन लोगों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चलने वाले विभिन्न योजनाओं को पहुंचाने एवं जागरूक करने का कार्य कर रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के चिकित्सा अधीक्षक आशीष कुमार राय ने बताया कि समस्त ग्राम पंचायत एवं ग्रामों में स्थानीय आशा एवं आंगनबाड़ी द्वारा घर-घर भ्रमण कर दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक घरों में जागरूकता एवं आवश्यक जानकारी के साथ-साथ अपने एवं अपने आसपास को साफ सुथरा रखने की जानकारी दी जा रही। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति का बैठक कर नियमित टीकाकरण दिवसों पर छोटे बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कराने के साथ-साथ आशा प्रत्येक दिवस पर माइक्रो प्लान के अनुसार अपने क्षेत्र में कार्यों का संपादन कर रही है। कुपोषित बच्चों के उपचार एवं उन्हें संदर्भ पर विशेष बल देते हुए कार्य करना। दिमागी बुखार के प्रभाव को कम करने के क्रम में घरों में जागरूकता करना एवं प्रत्येक घरों में कम से कम पांच सवालों को करना पहले क्या परिवार में कोई सदस्य को बुखार है, यदि है तो उनको जांच हेतु सूचीबद्ध करना, दूसरा सवाल परिवार में किसी सदस्य को दो सप्ताह से कम की खांसी सांस लेने में परेशानी तो नहीं है, यदि है तो उनकी आवश्यक जांच कराने हेतु नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाना। परिवार में कोई ऐसा सदस्य तो नहीं है जिसको 1 सप्ताह से अधिक खांसी आ रही हो या वजन कम हो रहा हो या बलगम में खून आ रही हो तो यह संभावित क्षय रोग के लक्षण हैं। यदि ऐसा दिखता है तो इन परिवारों को निकटतम हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाना। फ्रंटलाइन वर्कर आशा कार्यकर्ता के द्वारा मच्छर जनित रोग मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जापानी इनफ्लाइट्स, कालाजार इत्यादि से बचाव के विषय में परिवार के सदस्यों को अवगत कराना मुख्य काम है। घरों में मच्छरों से प्रजनन की अनुकूल स्थितियों के विषय में संवाद करते हुए परिवार के सदस्यों से आग्रह करें कि वह घर में देखें की कोई ऐसा पात्र या जगह तो नहीं है जहां मच्छरों का प्रजनन की संभावनाएं अधिक है जैसे कलर टूटी हुई मटकी फटे हुए टायर इत्यादि यदि ऐसे हैं तो इन्हें तुरंत इन्हे निसप्रयोजित करना आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है।

डीएम ने पखारें कन्याओं के पाव, दिया उपहार

गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के अष्टमी के दिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा मिशन शक्ति फेस-4 के तहत रायफल क्लब सभागार में रविवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी व मुख्य विकास अधिकारी सन्तोष कुमार वैश्य की उपस्थिति में 51 आंगनबाड़ी की बालिकाओं का कन्या पूजन करते हुए उन्हें बैग लेखन सामग्री व पोषण सामग्री तथा फल की टोकरी देते हुए कन्या पूजन का कार्यक्रम किया गया। जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण, अधिकारी जिला प्रोबोशन अधिकारी तथा सुभाष नेहरू युवा केंद्र उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बालिकाओं का पूजन करते हुए उन्हें उपहार भेंट दिया।

संजय अध्यक्ष व मांधाता सिंह मंत्री निर्वाचित

ग़ाज़ीपुर।यूपी एग्रीकल्चर डिपार्मेंट मिनिस्ट्रियल संघ एसोसिएशन का द्विवार्षिक अधिवेशन रविवार को कृषि भवन के सभागार में संपन्न हुआ। जिसमें अध्यक्ष,वरिष्ठ उपाध्यक्ष,मंत्री कोषाध्यक्ष, के पद पर निर्वाचन होना था।जिसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए।अध्यक्ष और मंत्री के पद पर वोटिंग किया गया।जिसमें 34 सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया।जिसमें अध्यक्ष पद के लिए संजय कुमार यादव को 25 मत प्राप्त हुए,उनके निकटतम प्रतिद्वंदी संजय चौधरी को 9 वोट प्राप्त हुए, मंत्री पद पर मांधाता सिंह को 24 वोट प्राप्त हुए,व उनके निकटतम प्रतिद्वंदी जितेंद्र सिंह यादव को 10 वोट प्राप्त हुए।इस प्रकार संजय कुमार यादव अध्यक्ष व मंत्री मांधाता सिंह नव निर्वाचित हुए।

चुनाव प्रक्रिया चुनाव अधिकारी के रूप में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव के देखरेख में संपन्न हुआ। निर्वाचित अध्यक्ष संजय कुमार यादव व मंत्री मांधाता सिंह को प्रमाण पत्र देकर उनको गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। उपरोक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धर्मेंद्र प्रताप सिंह प्रांतीय अध्यक्ष यू0पी0 एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन उपस्थित रहे। कार्यक्रम उपस्थित सभी जनपद के पदाधिकारी और प्रांतीय पदाधिकारी को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
उक्त कार्यक्रम में आलोक राय, सुभाष सिंह,गिरश चंद सिंह, अखिलेश राय,भूपेंद्र सिंह, विपिन कुमार सिंह, धर्मराज प्रजापति,विनोद कुमार भारती, देवेंद्र प्रताप यादव, अरविंद कुमार यादव,पांचू राम, नवीन सिंह, दीपक कुमार, रामनिवास साहनी, अर्चना श्रीवास्तव, शालिनी सिंह, दिव्या लता, विजय कुमार श्रीवास्तव, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, दीपक कुमार यादव, राज बहादुर सिंहयादव, धीरेंद्र कुमार सिंह,अजय कुमार श्रीवास्तव, आशुतोष गुप्ता, रमाशंकर सिंह यादव, बृजेश कुमार राय, सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे ।

छात्र नेताओं ने दी चेतावनी

गाज़ीपुर।पीजी कॉलेज के प्रांगण में छात्रों ने ग्यारहवें दिन रविवार को अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि महाविद्यालय द्वारा छात्रहित में उठाए गए मुद्दों कि उपेक्षा करने पर छात्रों में आक्रोश व्याप्त है,सभी छात्रों ने मिलकर चेतावनी दी है कि यथा शीघ्र मांग पूरी न होने पर विजयादशमी के दिन जैसे रावण का अहंकार व तानाशाही का दहन हुआ था ठीक वैसे ही महाविद्यालय प्रबंधक व प्राचार्य का पुतला फूंक कर यहां छात्रों पर हो रहे अत्याचार व तानाशाही का दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।

छात्र नेता निलेश बिन्द ने कहा कि छात्रों से लाइब्रेरी शुल्क लिया जाता है, लेकिन तीन साल हो गए नई शिक्षा नीति कि एक भी किताब महाविद्यालय द्वारा नहीं खरीदी गई है जिससे छात्रों को पठन-पाठन करने में समस्या हो रही है। जिसे छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।

छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से छात्र संघ चुनाव कराने, प्राचार्य के महाविद्यालय में समय से आने कि मांग, टीसी चरित्र शुल्क कम करने कि मांग,बीपीई प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर प्रवेश लेने,अवैध वसूली बंद करनें, बीपीई का रिजल्ट जारी करने कि मांग,फीस वृद्धि वापस लेंने, पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराने, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराने, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने,साइकिल स्टैंड फीस कम करने, कालेज कि वेबसाइट को सरल करने, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाने, स्नातक द्वितीय,तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करने, आरो वाटर मशीन लगाने कि मांग,महाविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बनायें तथा सभी शिक्षक व कर्मचारी समय से आने व विभाग खोलने सहित आदि मांग है।

धरना में शामिल छात्र नेता आकाश कुमार चौधरी, निलेश बिन्द, आलोक राय, अमृतांश बिन्द,प्रिंस प्रजापति, सुजीत यादव, अनूप यादव,अविनिश यादव, सुधांशु, मयंक
आदि छात्र मौजूद थे।

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