नगर की बदहाल सड़क दे रही हादसे को दावत, टूट कर अलग हुआ ई रिक्शा का पहिया

गाजीपुर। गड्ढा मुक्ति का दावा भले ही सरकार आए दिन करती रहती हो, लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में सरकार के दावे फेल होते हुए नजर आ रहे हैं। जिला मुख्यालय का मिश्रबाजार मार्ग इस समय जर्जर होने के साथ ही गड्ढे में समा गया है। इस सड़क पर इतने गड्ढे हो चुके हैं कि लोगों को आए दिन दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। ऐसे में यहां पर लोगों को किस तरह से समस्याएं हो रही हैं। यह तो दुर्घटना का शिकार हो रहे ई रिक्शा सहित अन्य वाहनों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है।

मिश्रबाजार में सवारी लेकर आ रही ई रिक्शा अचानक सड़क के गड्ढे में जाते ही ई रिक्शा का आगे का पहिया टूट गया जिससे ई रिक्शा में सवार एक दूसरे से टकरा गए। इस घटना से कोई नुकसान तो नही हुआ लेकिन ई रिक्शा चालक का भारी नुकसान हो गया। ई-रिक्शा चालक गुड्डू ने कहा कि खराब सड़क की वजह से हमारे ई रिक्शा का पहिया टूट गया लेकिन रिक्सा में सवार सभी लोग बाल बाल बच गए।

मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एंव मासिक स्टाफ की हुई बैठक

गाजीपुर ।मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एंव मासिक स्टाफ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुआ। बैठक के दौरान कर-करेत्तर की समीक्षा में मुख्य राजस्व अधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, चकबन्दी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय, के संबंध मे विस्तारपूर्वक समीक्षा की। मुख्य राजस्व अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का निर्देशित किया कि अपने-अपने लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कराना सुनिश्चित करे इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी।
इसके उपरांत मुख्य राजस्व अधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ली। बैठक में लंबित प्रकरण एवं विवादित प्रकरण, दाखिल खारिज, विवादित वादो का निस्तारण करने का निर्देश दिया। मुख्य राजस्व अधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में सभी अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे प्रत्येक कार्यक्रम में तत्परता दिखाते हुए कार्यों का संपादन किया जाना सुनिश्चित करें, ताकि सरकार की राजस्व योजनाओं का लाभ जनसामान्य को आसानी के साथ प्राप्त हो सके। मुख्य राजस्व अधिकारी ने निर्देश दिया कि समस्त अधिकारी राजस्व वसूली का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर करते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि धारा 24, धारा 116, धारा 80, धारा 34, धारा 33, धारा 67, के लंबित मामलों का समयान्तराल  निस्तारण किया जाए। धारा 34 की सुनवाई और निष्पादन में तहसीलदार और नायब तहसीलदार गंभीरता से कार्य करें और उपजिलाधिकारी इसकी नियमित समीक्षा भी करें। उन्होने सीमा स्तम्भ, कृषि भूमि पट्टा, आवास हेतु भूमि आवंटन, कुम्हारीकलां पट्टा आवंटन, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दियां ।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एंव पटल सहायक उपस्थित रहे।                          

नगर का वार्ड पूरी तरह से अव्यवस्था का है शिकार:अभिनव सिंह

गाजीपुर। सोमवार को समाजवादी पार्टी के युवा नेता अभिनव सिंह के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के युवा और महिला कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका की पोल खोलने के अभियान के तहत नगर भ्रमण कार्यक्रम किया। जिसके तहत वार्ड नम्बर 5 मियांपुरा मुहल्ले में भ्रमण किया गया। वार्ड का भ्रमण करने के पश्चात मियांपुरा स्थिति शमशाद अहमद के आवास पर हुई बैठक में अभिनव सिंह ने कहा कि यह वार्ड पूरी तरह से अव्यवस्था का शिकार है। उन्होंने कलेक्टर घाट पर व्याप्त गंदगी की चर्चा करते हुए कहा कि घाट की नियमित सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है।

गंगा स्नान एवं पूजन के लिए आने वाले स्नानार्थियों को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। शहर का सारा गंदा पानी नाले के रास्ते गंगा में गिर रहा है। नाला भी पूरी तरह से खुला हुआ है। जिसके चलते तमाम आवारा पशु नाले में गिरते रहते हैं। वार्ड की गलियां व सड़कें पूरी तरह से जाम है। नालियों में सिल्ट जमा है। नालियां पूरी तरह से खुली है। जर्जर सड़कें और खुली नालियों के चलते वार्डवासियों का घर से निकलना दूभर है। उनके चोटिल होने की संभावना हर समय बनी रहती है। विधुत खंभे भी कमजोर है। इस वार्ड में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मी लापता है। कूड़ा उठाने वाला वाहन बेसमय वार्ड में आता है। उसका कोई लाभ वार्डवासियों को नहीं मिल पाता। वार्ड की गलियां अंधेरी है। नगरपालिका के शहर के विकास का दावा झूठा है। नगरपालिका पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। उसका नगर की समस्याओं से कुछ भी लेना देना नहीं है।


इस कार्यक्रम में उपस्थित महिला सभा की नगर अध्यक्ष अल्का अग्रवाल ने नगर में हो रहे आधे अधूरे सीवर के काम के चलते नगर की जनता काफी दुखी हैं। उन्होंने सीवर में हो रहे घटिया निर्माण सामग्री पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में सीवर शहर की सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से सीवर का काम जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग किया। इस भ्रमण कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजदीप रावत,विनय साहू ,मखन्चू चौधरी , संजय यादव,मोहम्मद हुसैन, मोहम्मद दानिश,शहजाद,शाजिद खान,गौतम कुशवाहा,आसिया बानो, हसीना बेगम, पिंटू यादव,भानुमती देवी, शाहिद अंसारी,आदि उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम का मखन्चू चौधरी ने किया।

जनपद आगमन पर डीएम ने किया अधिकारी प्रशिक्षुओं का स्वागत

गाजीपुर। जनपद में भारत सरकार की विभिन्न अखिल भारतीय एवं केंद्रीय सेवाओं के 12 अधिकारी प्रशिक्षुओं का आगमन हुआ। इनमें 1 प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), 3 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (IPS), 2 प्रशिक्षु भारतीय विदेश सेवा (IFS), 1 प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service), 1 प्रशिक्षु भारतीय कॉर्पाेरेट विधि सेवा (ICLS), 3 प्रशिक्षु भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) तथा 1 प्रशिक्षु भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (IRMS) के अधिकारी शामिल हैं।

जनपद आगमन पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा सोमवार को समस्त प्रशिक्षु अधिकारियों से भेंट कर उनका स्वागत किया गया तथा उन्हें जनपद की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक संरचना से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा प्रशिक्षु अधिकारियों को जिले के विकास कार्यों, प्रशासनिक प्राथमिकताओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी अधिकारी प्रशिक्षु जनपद के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति, जनजीवन, शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह भ्रमण कार्यक्रम भावी प्रशासकीय अधिकारियों के लिए व्यवहारिक अनुभव एवं क्षेत्रीय समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।

रैली निकालकर मनाया गया विधिक सेवा दिवस


गाजीपुर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा व जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार विधिक सेवा दिवस के अवसर पर जनपद के समस्त तहसीलो में सोमवार को विधिक सेवा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर रैलियां निकाली गई। विधिक सेवा दिवस मनाये जाने का उद्देश्य आम जनमानस में उनके अधिकारों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं को प्रचार-प्रसार करना है।

 विधिक सेवा दिवस के अवसर पर विजय कुमार- चतुर्थ, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी व राजकीय सम्प्रेक्षण गृह व राधिका इण्टर कालेज, गोराबाजार से रैली निकाल कर विधिक सेवा दिवस का शुभारम्भ व गोष्ठी का आयोजन किया गया।


इस अवसर पर अवधेश कुमार शर्मा, कनिष्ठ लिपिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर, पराविधिक स्वयंसेवकगण/अधिकार मित्र सत्य प्रकाश, उजाला श्रीवास्तव, सरीन फातिका, राकेश कुमार पाण्डेय व छाया कुरील उपस्थित रहे।  

कलाकार उम्र से बूढ़ा हो सकता है,मन से नहीं:अंजन श्रीवास्तव

श्री चित्रगुप्त वंशीय सभा द्वारा सम्मानित हुए मशहूर फिल्म अभिनेता अंजन श्रीवास्तव, बोले-“कलाकार उम्र से बूढ़ा हो सकता है, मन से नहीं”

गाजीपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के ददरीघाट स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर में सोमवार को हिंदी फिल्म और थिएटर जगत के जाने-माने अभिनेता अंजन श्रीवास्तव का सम्मान किया गया। इस मौके पर वे अपनी पत्नी संग मंदिर पहुंचे और भगवान श्री चित्रगुप्त जी का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष आनंद शंकर श्रीवास्तव एवं मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गाजीपुर के गणमान्य नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया । उन्हें स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम देकर अभिनेता अंजन श्रीवास्तव और उनकी पत्नी को सम्मानित किया, इस अवसर पर वरिष्ठ अभिनेता ने बेहद सहज और विनम्र भाव से सभी से मुलाकात की और प्रेस वार्ता की।

अंजन श्रीवास्तव ने भोजपुरी में बातचीत करते हुए बताया कि वे मूल रूप से गाजीपुर के फौजी गांव गहमर के निवासी हैं। उन्होंने बचपन को याद करते हुए बताया कि गहमर से वे लोग कोलकाता चले गए थे, वहां शिक्षा हुई और एक्टिंग में रुझान की वजह से वे वहां थिएटर और नाट्य एकेडमी से जुड़े थे, उन्होंने बताया कि उनके पिता और दादा दोनों बैंक कर्मचारी थे और वे स्वयं भी इलाहाबाद बैंक में 31 वर्ष तक कार्यरत रहे।

उन्होंने कहा, “सन 1978 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म गोलमाल से मैंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। लेकिन उससे पहले से मैं नाट्य मंचों और थिएटर से आज भी जुड़ा हूं और आज भी मैं सक्रिय हूं, उन्होंने बताया कि वे बड़े बड़े अभिनेताओं और निर्देशकों के साथ काम किया है और आज भी कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि मेरी दो वेब सीरीज़ और कई फिल्में रिलीज होने वाली हैं।”

अपनी पत्नी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने मुस्कराकर कहा, “आज मैं जहां हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान मेरी पत्नी का है।”
अभिनेता ने कहा, “कलाकार उम्र से बूढ़ा हो सकता है, लेकिन उसका मन कभी बूढ़ा नहीं होता।” उन्होंने गाजीपुर के प्रति अपने स्नेह का इज़हार करते हुए कहा, गाजीपुर से मेरा गहरा लगाव है। जब भी यहां के लोग बुलाएंगे, मैं ज़रूर आऊंगा।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने श्री चित्रगुप्त वंशीय सभा के पदाधिकारियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति सम्मान और स्नेह के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
संस्था द्वारा स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से प्रमोद अनंग, अमरनाथ तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, नितिन आनंद, ओमप्रकाश तिवारी, कमलेश सिंह, कमलेश श्रीवास्तव सभासद, संजीव श्रीवास्तव, क्षितिज श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव आदि लोगों ने संस्था द्वारा स्वागत किया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी व आम सदस्यों के साथ हुई बैठक

गाजीपुर।सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा.उपासना रानी वर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी व आम सदस्यों के साथ बैठक विकास भवन में सम्पन्न हुआ।बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा कार्यालय में कार्यरत कर्मियों के मूलभूत सुबिधा(सामग्री) के लिए कुर्सी,कम्प्यूटर प्रिंटर उपलब्ध कराया जाना,व सभी कर्मियों के कार्य विभाजन लेकर विस्तृत प्रकाश डाला।जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित सभी कर्मियों के लिए कुर्सी,कम्प्यूटर सहित अन्य सामग्रियों के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा अभिषेक कुमार यादव से उक्त सामग्री खरीदारी के लिए सहमति बनी ।जिसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित कर्मी को डिमांड पत्रावली तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक की कार्यवृत्त जारी करने हेतु निर्देशित किया।
बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव ,संजय कुंवर,आलोक श्रीवास्तव,मनोज सिंह,बबुआ यादव,हनुमान यादव,बृजेश यादव,पुनिता,राफीउल्लाह, शाहिद परवेज,रामअवतार,मनोज यादव,हरिशंकर जायसवाल,अमित कुमार,संजय यादव,अमित वर्मा,पिंकू पासवान आदि लोग उपस्थित रहे।

गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का हुआ समापन

गाजीपुर में आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल 2025 रविवार को समापन हुआ।इसकी शुरुआत वाराणसी के होटल द क्लार्क्स में शुक्रवार को गरिमामय माहौल में हुई थी। वहीं शनिवार को गाजीपुर की ऐतिहासिक धरती साहित्य, संस्कृति और संवाद के रंगों से सराबोर हो गई. यह आयोजन सिर्फ साहित्य का उत्सव नहीं था बल्कि भारतीय चेतना और आजादी के मूल्यों पर गहन चर्चा का मंच भी बना .भारत न्यूज नेटवर्क और भारत डायलॉग्स के संयुक्त तत्वाधान में ये आयोजन किया गया।जिसमें विभिन्न देशों के साहित्यकार,राजनयिक,पत्रकार,शिक्षाविद,रंगकर्मी,लोक कलाकार,इतिहासकार,सिनेमा जगत के कलाकारों ने हिस्सेदारी की.गाजीपुर में होटल नंद रेजीडेंसी और लंका मैदान में दो दिवसीय साहित्य महोत्सव हुआ.जिसमें विभिन्न सत्रों में अलग अलग विषयों में परिचर्चा और व्याख्यान हुए।


साहित्य महोत्सव के तहत “पूर्वांचल की स्त्री चेतना” विषय पर रति सक्सेना,कमिला यूनिक और प्रो.श्रद्धा सक्सेना ने व्याख्यान दिए.इसी तरह “भोजपुरी सिनेमा व अन्य क्षेत्रीय फिल्में-चुनौतियां एवं सम्भावनाएं” विषय पर अविनाश दास,संजय मासूम, सत्य व्यास,अमित बहल और मनोज भावुक ने वक्ता के रूप में व्याख्यान दिए।”काशी और लहुरी काशी एक अनोखा सम्बन्ध” विषय पर व्योमकेश शुक्ला से विवेक सत्यमित्रम ने चर्चा की. ” क्या पुस्तकों की प्रासंगिकता समाप्त होगी” विषय पर वक्ता रति सक्सेना,सुशांत झा,सत्य व्यास,अणु शक्ति सिंह,आनंद सिंह ने अपने विचार रखे.जबकि ” भोजपुरी साहित्य अतीत वर्तमान और भविष्य” विषय पर मृत्युंजय सिंह,प्रभाकर सिंह,राकेश श्रीवास्तव,डा. सुमन सिंह ने विचार व्यक्त किये।


आयोजन के दौरान अथर्व पांडेय,शिवानी पांडेय और अनुष्का कुमारी ने शास्त्रीय गायन भी प्रस्तुत किया.इसी क्रम में चंदन कुमार ने अपनी टीम के साथ भोजपुरी गीत संगीत कार्यक्रम की प्रस्तुति दी.जबकि काव्य गंगा कार्यक्रम के तहत हिंदी,उर्दू,भोजपुरी, अंग्रेजी कविताओं का काव्य पाठ किया गया।जिसमे अजहर इकबाल,डा. एमडी सिंह,विनय राय,नौमान शौक,मैट सिडिओ, रति सक्सेना,सुमन सिंह,हिमांशु उपाध्याय ने कविता पाठ किया।
साहित्य महोत्सव के दौरान विभिन्न गहन विषयों पर विचार विमर्श के सत्र भी सम्पन्न हुए.जिसमे भारत न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय के साथ साथ अनिल सूकलाल, डा. आनंद प्रधान,विवेक सत्यमित्रम,जेबी सिंह,डा. ओमकार राय,अरविंद सिंह,अच्युत पांडेय,एम के रैना,पूजा प्रियम्वदा ने विचार विमर्श किया।
महोत्सव के दौरान कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।.जिसमे डा. देवेंद्र नाथ तिवारी की लिखी “ककहरा” ,संजीव गुप्ता की “भोजपुरी कहावतों की दुनिया”शामिल रही।


महोत्सव में अन्य तमाम सामयिक विषयों पर भी व्याख्यान,परिचर्चा और विचार विमर्श किये गए.जिसमे अपने अपने क्षेत्रों की नामचीन हस्तियां शामिल रही।इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाली नामचीन हस्तियों में मनोज राजन त्रिपाठी,जोलानी मकीवा,प्रतीक त्रिवेदी,अंजन श्रीवास्तव,राजमोहन,केशव तिवारी,फौजिया दास्तानगो,रितेश यादव,रमन मैग्सेसे विजेता अंशु गुप्ता, दिव्य प्रकाश दुबे,राजमोहन,भगवानदीन,गिरिजा माधव,माधव कृष्णा,शकुंतला राय,मांधाता राय,अभय मिश्रा,राघव शरण शर्मा,सुशांत झा,श्रुति कृष्णन, विभूति नारायण चतुर्वेदी,अमर नाथ तिवारी शामिल रहे।
इस दौरान भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने अपने संबोधन में कहा कि लोग अक्सर गाजीपुर में पैदा होने वालों को बनारस से जोड़ देते हैं लेकिन उन्होंने गर्व से कहा कि उन्होंने हमेशा गाजीपुर और शेरपुर को ही अपनी पहचान बताया।

उन्होंने कहा कि आज हम ग्लोबल विलेज में रहते हैं. हमारी चुनौतियां अलग हैं और संघर्ष भी मूलभूत हैं लेकिन यह तथ्य कि हम बैठकर अपनी समस्याओं पर चर्चा कर पा रहे हैं, इस बात का संकेत है कि भारत ने आजादी के बाद की आजादी की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 ने यह साबित किया कि साहित्य सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि यह समाज, संस्कृति और आजादी के मूल्यों पर गहन संवाद का माध्यम है।सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय के विचारों ने यह स्पष्ट किया कि आजादी का असली अर्थ आत्मिक और सामाजिक स्वतंत्रता है. महावीर और बुद्ध की शिक्षाओं से लेकर गांधी और मंडेला के संघर्ष तक, यह फेस्टिवल भारतीय चेतना की गहराई और आधुनिक जीवन मूल्यों की सार्थकता को उजागर करता है।


महोत्सव के दौरान साहित्य,संगीत,संस्कृति, कला के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का शुभारंभ

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का शुभारंभ

भारत न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय रहे मौजूद

दो दिवसीय महोत्सव में विभिन्न देशों के राजनयिक,साहित्यकर्मी,इतिहासकार ले रहे भाग

नामचीन कलाकार,शिक्षाविद आयोजन में कर रहे शिरकत

गाजीपुर।शहर के नंद रेजीडेंसी होटल में शनिवार को लिटरेचर फेस्टिवल 2025 की शुरुआत हुई।भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क और भारत डायलॉग्स के तत्वाधान में गाजीपुर में दो दिवसीय साहित्य महोत्सव 2025 का आयोजन किया जा रहा है।जिसका शुभारम्भ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और भारत न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय ने किया।

साहित्य महोत्सव के उदघाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह लिटरेचर फेस्टिवल दुनिया को यह संदेश देता है कि भारत केवल चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश नहीं है, बल्कि यह विश्व की सबसे समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति भी है। भारतीयों की निष्ठा, ईमानदारी और कर्मठता दुनिया के लिए एक अमूल्य धरोहर हैं।


उन्होंने कहा कि जहां भी भारतवंशी जाते हैं, वे अपनी मेहनत और सत्यनिष्ठा से एक अलग पहचान बनाते हैं। मनोज सिन्हा ने कहा कि गाजीपुर की मिट्टी में एक अलग ही चमक है। इतिहास में साधुओं, ऋषियों, मनीषियों और साहित्यकारों ने यहां की पवित्र मिट्टी से जो पाया, उसे दुनिया तक पहुंचाया है। उन्होंने गाजीपुर को “अस्तित्व का अलौकिक मंच” बताया, जहां साहित्य के शब्द, नृत्य की गति, संगीत के सुर और विचारों की शक्ति एक भावनात्मक संगम की तरह मिलते हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि डॉ. विवेकी राय की ‘सोनामाटी’ में जिस तरह पात्र प्रकृति से एकाकार हो जाते हैं, उसी तरह गाजीपुर भी मनुष्य को अस्तित्व से जोड़ देता है। मेरे लिए गाजीपुर इस अद्वैत भाव का प्रवेश द्वार है।मनोज सिन्हा ने कहा कि साहित्य मन की निरंतर चिकित्सा करता है। समाज साहित्य के बिना जीवित तो रह सकता है, लेकिन उसकी प्रफुल्लता खो जाती है। बिना साहित्य के समाज चल तो सकता है, दौड़ भी सकता है, लेकिन उसका दम फूल जाता है क्योंकि साहित्य ही समाज को वास्तविक शक्ति देता है। उन्होंने कहा कि साहित्य नए विचारों, नए चिंतन, नए सृजन और नई कल्पना की प्रेरणा देता है। यही आस्था, नवीनता और भावनाओं की गहराई समाज की असली ताकत बनती है।


एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाली सबसे प्रभावशाली शक्तियों में से एक है। भारत के पास विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। देश में यूनिकॉर्न की संख्या 111 तक पहुंच चुकी है। चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ ही भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भी है।

हाई कमिश्नर ने साझा किए विचार

दक्षिण अफ्रीका के हाई कमिश्नर प्रोफेसर अनिल सोकलाल ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों पर बात की। रंगभेद के कठिन वर्षों से लेकर 1995 में डॉ. नेल्सन मंडेला की भारत यात्रा और उसके बाद भारत के साथ दक्षिण अफ्रीका के संबंधों के बारे में बताया।


इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार और भारत न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि भारत के नक्शे में गाजीपुर का नाम लिए बिना साहित्य और संस्कृति की चर्चा अधूरी है। गाजीपुर ने स्वामी सहजानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, पहवारी बाबा, कुबेर नाथ राय, डॉ. विवेकी राय और डॉ. पीएन सिंह जैसे महान विचारकों और साहित्यकारों को जन्म दिया है। कबीर ने कहा था ”पोथी पढ़ी-पढ़ी जग मुआ, पंडित भया न कोए, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होए।” यानी असली ज्ञान किताबों से नहीं, बल्कि प्रेम और मानवीय संवेदनाओं से मिलता है।


शायरी से लूटी वाहवाही

लिटरेचर फेस्ट में मशहूर शायर अजहर इकबाल ने घुटन सी होने लगी उस के पास जाते हुए, मैं खुद से रूठ गया हूं उसे मनाते हुए…पेश कर खूब वाहवाही लूटी। उन्होंने दिल की गली में चाँद निकलता रहता है एक दिया उम्मीद का जलता रहता है …पेश किया। इसके अलावा लोक गायिका चंदन तिवारी, अमर नाथ तिवारी, शायर नोमान शौक ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम में इन्होंने भी की शिरकत

राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत, लेखक संजय मासूम, मनोज भावुक, संजीव गुप्ता, निर्देशक अविनाश दास, नीदरलैंड से गायक राजमोहन, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा भानू प्रताप सिंह, भाजपा नेता पियूष राय, वरिष्ठ अधिवक्ता कृपा शंकर राय, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा, सीएमएस डॉ. राजेश सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


गाजीपुर में होटल रेजीडेंसी और रामलीला मैदान में 8 एवं 9 तम्बर को दो दिवसीय लिटरेचर फेस्टिवल 2025 चल रहा है।जिसमे विभिन्न देशों के राजनयिक,साहित्यकर्मी,पत्रकार शिरकत कर रहे है।साथ ही इस आयोजन में देश के नामचीन कलाकार,इतिहासकार,लोक कलाकार और शिक्षाविद भी शामिल हो रहे हैं।आयोजन के विभिन्न सत्रों में ये सभी बुद्धिजीवी अपने अपने विचार रख रहे है।इस आयोजन के तहत लंका मैदान में एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

पुरस्कार और प्रमाण पत्र से छात्राओं को किया गया सम्मानित


राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाज़ीपुर में छह दिवसीय रोजगार योग्यता कार्यशाला का समापन


गाज़ीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में शनिवार को नंदी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित छह दिवसीय रोजगार योग्यता (Employability Skills) कार्यशाला का आज सफल समापन हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को आवश्यक व्यावसायिक, संचार एवं जीवन कौशलों से सुसज्जित कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना था। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता कुमारी के मार्गदर्शन एवं कार्यशाला समन्वयक डॉ. शंभू शरण प्रसाद के कुशल संचालन में यह कार्यक्रम सफल रहा। नंदी फाउंडेशन के प्रशिक्षक मोहम्मद साकिब द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण में छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से आत्मविकास, पेशेवर व्यवहार तथा करियर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।


छह दिवसीय प्रशिक्षण में कवर किए गए प्रमुख विषय:
पहला दिन: स्वयं की पहचान (Self-Awareness), शारीरिक भाषा (Body Language) और अंग्रेजी भाषा कौशल (English Language Skills) — छात्राओं ने अपनी शक्तियों एवं कमजोरियों की पहचान, हावभाव के महत्व और पेशेवर संवाद में अंग्रेजी के प्रभावी प्रयोग को समझा।
दूसरा दिन: लक्ष्य निर्धारण एवं समय प्रबंधन (Goal Setting and Time Management), रोजगार के अवसर (Job Opportunities) तथा स्वास्थ्य ही जीवन (Good Health–Good Life) — इस सत्र में छात्राओं ने लक्ष्य तय करने, समय का सदुपयोग करने, करियर अवसरों को पहचानने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व को सीखा।
तीसरा दिन: डिजिटल पहचान (Digital Identity) और पेशेवर संचार (Professional Communication) — छात्राओं को ऑनलाइन प्रोफेशनल पहचान बनाने, डिजिटल उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग और प्रभावी संवाद की तकनीकों से परिचित कराया गया।
चौथा दिन: आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), व्यावसायिक नैतिकता (Professional Ethics) और मिनी प्रेजेंटेशन — इस दिन छात्राओं ने तार्किक एवं विश्लेषणात्मक सोच, नैतिक निर्णय लेने की क्षमता और समूह प्रस्तुति (Presentation) के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
पाँचवाँ दिन: बायोडाटा निर्माण (Resume Preparation) और धन प्रबंधन (Money Management) — छात्राओं ने आकर्षक और प्रभावी बायोडाटा बनाने के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत वित्त का प्रबंधन करने की कला सीखी।
छठा दिन: साक्षात्कार तैयारी (Interview Preparation) और समस्या समाधान (Problem Solving Skills) — अंतिम दिन छात्राओं को वास्तविक साक्षात्कार की तैयारी और तार्किक समस्या समाधान की विधियाँ सिखाई गईं। मॉक इंटरव्यू और चर्चाओं ने छात्राओं के आत्मविश्वास को और अधिक सशक्त किया।


समापन सत्र में प्राचार्या डॉ. अनीता कुमारी ने कार्यशाला में शामिल सभी छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।


प्राचार्या ने यह भी घोषणा की कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय चरण जनवरी 2026 में आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद प्लेसमेंट कैंप (Placement Camp) का आयोजन होगा। इस कैंप में इस प्रशिक्षण में भाग लेने वाली छात्राओं को साक्षात्कार में भाग लेने और चयन प्रक्रिया से गुजरने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन कार्यशाला संयोजक डॉ. शंभू शरण प्रसाद द्वारा अध्यक्ष एवं प्रशिक्षक मोहम्मद साकिब को धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।


यह छह दिवसीय कार्यशाला महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं रोजगार योग्यता संवर्धन की दिशा में एक प्रभावशाली पहल रही, जिसने छात्राओं के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम स्थापित किया है।

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