बैठक में डीएम ने की राजनैतिक दलों और मतदाताओं से अपील

गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी  अविनाश कुमार  ने अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओ एवं दायित्वों और उनके अधिकारो से अवगत कराने हेतु जनपद के विभिन्न राजनैतिक दलो के पदाधिकारियों एंव निर्वाचक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी संग बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार मे सम्पन्न हुआ।
बैठक मे जिलाधिकारी ने समस्त राजनैतिक दलो को  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों, कार्यक्रमों और इसकी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सभी राजनैतिक दलों से बूथ लेबल एजेंट बी एल ए  नियुक्त करने का अनुरोध किया जो पुनरीक्षण कार्यों में बी एल ओ का सहायोग करेंगे ।

जिलाधिकारी ने कहा कि  सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके तथा गणना प्रपत्रों का मुद्रण, वितरण, मिलान एवं इनका संग्रहण समय से हो तथा नये मतदाता , डुप्लीकेट, शिफ्टेड एवं मृत मतदाताओं को मतदाता सूची मे जोड़ा/हटाया जा सके। उन्होने बताया कि मतदेय स्थल पर बारह सौ से अधिक मतदाता नही होगे। इसके लिए सभी मतदेय स्थलों का सही से ड्रॉफ्ट प्रकाशन से पहले ही सम्भाजन की प्रक्रिया पूर्ण करा ली जायेगी तथा सम्भाजन के बाद नये मतदेय स्थलों के बनने पर बीएलओ की नियुक्ति भी समय से पूर्ण की जायेगी। उन्होने बताया कि जनपद मे  मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जायेगा, जिससे विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण के दौरान कार्यों में बाधा नही होगी। उन्होंने कहा कि वृद्ध, बीमार, दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी), निर्धन एवं अन्य अशक्त व्यक्तियों को यथासंभव सुविधा प्रदान करने के लिए स्वयं सेवकों की तैनाती की जायेगी।


जिलाधिकारी ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र नवयुवकों का नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल हो। उन्होंने सभी बूथ लेबल अधिकारियों को गणना प्रपत्र, घोषणा पत्र एवं फार्म-6 उपलब्ध कराने को कहा, मतदाता द्वारा भरे गए गणना प्रपत्र की एक प्रति बीएलओ अपने पास रखेंगे और दूसरी प्रति अपने हस्ताक्षर सहित मतदाता को लौटाएंगे। इस दौरान गणना प्रपत्र के अलावा अन्य कोई अभिलेख न लिए जाएं। उन्होंने बताया कि शहरी मतदाता, अस्थायी प्रवासी गणना प्रपत्र को ऑनलाइन भी भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ, बी एल ए को ईआरओ, द्वारा प्रक्रिया से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि 03 नवम्बर, 2025 तक विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण से संबंधित तैयारी, प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों का मुद्रण किया जायेगा। 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण किया जायेगा एवं प्रपत्रों को भरवाकर प्राप्त किया जायेगा।

09 दिसम्बर, 2025 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। दावे और आपत्तियां दाखिल किये जाने की अवधि 09 दिसम्बर, 2025 से 08 जनवरी, 2026 तक होगी। नोटिस जारी किये जाने, सुनवाई एवं सत्यापन व दावे और आपत्तियों का निस्तारण एवं गणना प्रपत्रों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्णय किये जाने की अवधि 09 दिसम्बर, 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक होगी। 07 फरवरी, 2026 को अन्तिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों और मतदाताओं से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करने की अपील की है। बैठक मे अपर जिलाधिकारी वि0रा0/उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार,  राजन प्रजाप्रति, प्रवीण सिंह भाजपा, रविकान्त राय कांग्रेस, राजेश यादव सपा, सुभाष राम, आदित्य कुशवाहा बसपा, जावेद अहमद  आम आदमी पार्टी, एवं अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं समस्त ई आर ओं ,सहायक निर्वाचन अधिकारी देवी प्रसाद सिंह, उपस्थित थे।

डीएम ने किया राजनीति दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम गोदाम का निरीक्षण

गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार ने बुधवार को जिला कार्यालय स्थित ईवीएम गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव की स्थिति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.)/उपजिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार, सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रविकान्त राय (कांग्रेस), राजेश कुमार यादव (सपा),  राजन कुमार प्रजापति (भाजपा), आदित्य कुशवाहा, सुभाष राम सिंपाही (बसपा) एवं जावेद अहमद (आप) उपस्थित रहे।

गाजीपुर पत्रकार भवन पर वरिष्ठ पत्रकार स्व.राजीव सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

गाजीपुर पत्रकार भवन पर वरिष्ठ पत्रकार स्व० राजीव सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

गाजीपुर। गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने बुधवार को कचहरी स्थित भवन में संस्था के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार स्व० राजीव सिंह को उनके निधन के बाद भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन “संस्था” के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह की अध्यक्षता में उपस्थित पत्रकारों ने उन्हें याद करते हुए एक शोक सभा आयोजित की और दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर संस्था के मंत्री आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि राजीव सिंह गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य थे,उनका व्यक्तित्व हंसमुख और सौम्य था,वे काफी सामाजिक भी थे, वे अपने पीछे अपनी मां पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। वो जनसंदेश परिवार से जुड़कर समाचार संकलन का कार्य बहुत ही ईमानदारी से करते थे। कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रहे थे, उनके निधन की सूचना 26 अक्टूबर की सुबह प्राप्त हुई थी, अंतिम संस्‍कार 26 अक्टूबर की शाम को ही गाजीपुर बैकुंठ धाम पर किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में संस्था के सदस्य, पत्रकार जगत एवं अन्य सामाजिक वर्ग के लोग उपस्थित हुए थे। सदस्यों ने पत्रकार राजीव सिंह के जाने से इसे पत्रकार जगत में अपूरणीय क्षति बताया। शोक सभा में गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के संरक्षक अशोक श्रीवास्तव, अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह, मंत्री आशुतोष त्रिपाठी, विनय कुमार सिंह, आलोक त्रिपाठी, अभिनव चतुर्वेदी, मनोज कुमार गुप्ता, रविकांत पांडेय, विनय तिवारी, विनोद गुप्ता, शशिकांत तिवारी, प्रदीप शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।

शिविर लगाकर श्रद्धालुओ को दूग्ध व चाय का किया निःशुल्क वितरण

शिविर लगाकर श्रद्धालुओ को दूग्ध व चाय का किया निःशुल्क वितरण
गाजीपुर। सूर्य आराधना का चार दिवसीय पर्व डाला छठ मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य अर्घ्य के साथ समाप्त हुआ। इस डाला छठ पर लाखो की संख्या मे महिलाएं अस्तांचल व उदयांचल सूर्य को अर्घ्य देने गंगा घाटो व स्थानीय पोखरो व नदियो के किनारे छठ माता की फल फूल से भरे धन धान्य का प्रतिक टोकरी, सूप, धूप से पूजा करते हुए दूग्ध से जल में अर्घ्य देती है। घाटो पर किसी ब्रती महिला को अर्ध्य देने के लिए गाय के दूध की कमी न हो इसका प्रबन्ध कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवाभारती प्रकल्प के ओर से सोमवार के सांय व मंगलवार को प्रातः पर्याप्त मात्रा में दूध की उपलब्धता गंगा घाटो पर स्थानीय शिविर लगाकर की गयी।

जिसमें नगर क्षेत्र के ददरीघाट, कलक्टरघाट, चीतनाथ घाट, अंजही घाट पर डाला छठ के सभी श्रद्धालु माता बहनो को दूध उपलब्ध कराया गया एवं प्रातःकाल निःशुल्क वितरण किये जाने वाले दूध के साथ साथ छठ पर्व मे शामिल सभी आगन्तुको को चाय व काढ़ा का वितरण किया गया। इस व्यवस्था के सकुशल संचालन करते हुए जिला प्रचारक ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसंेवक संघ अपने मनाये जाने वाले शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत सेवा भारती प्रकल्प के तरफ से श्रद्धालुओ को कोई असुविधा न हो इसके लिए बराबर निगरानी रखी जा रही है, नौकायान व सड़क मार्गो से गंगा घाटो का भ्रमण करके सभी व्यवस्थाओ को सूचारू कराया जा रहा है, जिससे डाला छठ पर्व मनाने वाले श्रद्धालुओ को किसी प्रकार की कोई समस्या या परेशानियो का सामना न करना पड़े।

इसके लिए धारानगर, कासिमाबाद, मरदह, बिरनो, रेवतीपुर, जमानियां, भदौरा, भांवरकोल, बाराचवंर, गाजीपुर आदि खण्डो पर छठ पूजा सकुशल सम्पन्न कराने के लिए स्वयंसेवक अपना सहयोग प्रदान किये। इस अवसर पर नगर संचालक, नगर प्रचारक, विहिप कांशीप्रान्त सेवा प्रमुख, नगर कार्यवाह सहित स्वयंसेवक बंधुओ ने अपना अपना योगदान दिया।

डूबते सूर्य को श्रद्धालुओं ने दिया अर्घ्य

गाजीपुर। सूर्य उपासना के पर्व डाला छठ पर भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य सोमवार की शाम को दिया गया। व्रती महिलाएं समूहों में छठ मैया के गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। शहर के साथ ही सभी ग्रामीण क्षेत्र के गंगा घाटों, पोखरों, नहरों एवं तालाबों पर श्रद्धालु महिलाओं की भीड़ उमड़ी। व्रती महिलाओं ने मां गंगा की गोद में खड़े होकर सूर्यदेव की आराधना की। परिवार के लोगों ने सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। पर्व को लेकर व्रती महिलाओं सहित उनके परिवार के लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा।


आज दोपरहर को व्रती महिलाओं तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों का गंगा घाटों के लिए निकलने का सिलसिला शुरु हो गया था। शाम को सभी गंगा घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। घाटों पर पहुंची व्रती महिलाएं सुपली में फल, सुपारी, नारियल, पान की पत्ती आदि पूजा संबंधित सामानों को लेकर पहुंची। इसके बाद वेदी को गंगा जल से धोकर धूप-अगरबत्ती जलाने और ईख को खड़ा कर कलश स्थापित किया।


करीब डेढ़ से दो घंटे तक पूजन-अर्चन किया। सूर्यास्त से पहले व्रती महिलाएं गंगा में पहुंची और हाथों में सुपली लेकर सूर्य की उपासना की। बाद में अस्त होते सूर्य को व्रती महिलाओं के पुत्र, पति, बेटी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने दूध और गंगा जल का अर्घ्य दिया। शहर के ददरीघाट, चीतनाथ घाट, कलेक्टर घाट, स्टीमर घाट, सिकंदरपुर घाट, नवापुरा घाट सहित अन्य घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। अर्घ्य का कार्य संपन्न होने के बाद व्रती महिलाएं तथा उनके घर के सदस्य घरों के लिए घाटों से रवाना हुए।

थाई बॉक्सिंग में शाह फ़ैज़ स्कूल का जलवा

थाई बॉक्सिंग में शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल का जलवा 

गाजीपुर। सांसद थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन 24 एवं 25 अक्टूबर को सीगरा स्टेडियम वाराणसी में संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में  लगभग 350 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों से आए हुए खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। इस प्रतियोगिता में  शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल से 6 खिलाड़ियों ने अलग-अलग भारवर्ग में प्रतिभाग किया ।

जिसमें कोच  देवेंद्र प्रजापति  के सहयोग  से क्रीती कौर एवं प्रियांशु राय स्वर्ण पदक , अंजली यादव रजत पदक और शिवांश विश्वकर्मा , विराट सिंह और अयान खान ने  कांस्य पदक प्राप्त कर अपने विद्यालय का नाम रोशन किया। उक्त अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अदहमी , निदेशिका डॉ मीना अदहमी एवं प्रधानाचार्य इकरामुल हक ने कोच एवं बच्चों को उनके कार्यों के लिए बधाई दिया तथा भविष्य में और ऊंचाइयों को स्पर्श करने की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों को प्रोत्साहित किया।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित

गाज़ीपुर। 26 अक्टूबर को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष अरूण कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में महान पत्रकार एवं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई।
गोष्ठी आरंभ होने के पुर्व महासभा के सभी कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने का संकल्प लिया। जिलाध्यक्ष अरूण कुमार श्रीवास्तव ने इस संगोष्ठी में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी एक ऐसे क्रांतिकारी पत्रकार थे, जिन्होंने अपनी कलम को हथियार बनाकर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया। उनकी लेखनी में वह शक्ति थी, जो न केवल जनमानस को झकझोर देती थी, बल्कि ब्रिटिश हुकूमत की नींव भी हिला देती थी। वे पत्रकारिता को केवल समाचार देने का माध्यम नहीं मानते थे, बल्कि इसे समाज परिवर्तन का सशक्त हथियार मानते थे। उनका पूरा जीवन सत्य, न्याय और स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए समर्पित था।

उनका झुकाव शुरू से ही समाज सुधार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर था। उन्होंने अपनी कलम से ब्रिटिश शासन की क्रूर नीतियों का विरोध किया और भारतीयों की पीड़ा को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने ‘प्रताप’ नामक अखबार की स्थापना की, जो जल्द ही स्वतंत्रता संग्राम के सिपाहियों की आवाज बन गया। यह अखबार गरीबों, किसानों और मजदूरों की समस्याओं को उठाने वाला प्रमुख माध्यम बन गया।

विद्यार्थी जी की पत्रकारिता निर्भीक और निष्पक्ष थी। वे सत्ता के सामने कभी नहीं झुके और अन्याय के विरुद्ध लिखने के कारण कई बार जेल भी गए। उनके लेखों में समाज के दबे-कुचले लोगों की आवाज थी, जिनका शोषण अंग्रेजी शासन और जमींदारी प्रथा के तहत हो रहा था। वे मानते थे कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह जनता को जागरूक करने, उनकी चेतना को विकसित करने और अन्याय के खिलाफ खड़ा करने का माध्यम है।

उनकी पत्रकारिता के साथ-साथ, उनका स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण योगदान था। वे महात्मा गांधी और भगत सिंह दोनों के विचारों से प्रभावित थे। जहां एक ओर वे अहिंसक आंदोलनों में भाग लेते थे, वहीं दूसरी ओर वे क्रांतिकारियों के पक्ष में भी खड़े रहते थे। उनका मानना था कि स्वतंत्रता की लड़ाई में हर विचारधारा का सम्मान किया जाना चाहिए।

1931 में, कानपुर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। विद्यार्थी जी, जाति और धर्म से ऊपर उठकर, घायलों की मदद के लिए सड़कों पर उतर आए। इसी दौरान, भीड़ ने उन्हें घेर लिया और वे हिंसा का शिकार हो गए। 25 मार्च 1931 को उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन उनकी शहादत भारतीय पत्रकारिता और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमर हो गई।

गणेश शंकर विद्यार्थी सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि न्याय और सत्य के योद्धा थे। उनकी लेखनी आज भी हमें सिखाती है कि पत्रकारिता का धर्म सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि समाज को दिशा दिखाना और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना है।
इस संगोष्ठी में मुख्य रूप से चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, मोहनलाल श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, अमरनाथ श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव , हर्ष, प्रियांशु, आर्यन आदि थे। इस गोष्ठी का संचालन जिला महामंत्री अरूण सहाय ने किया।

संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेंकिग किया,पंपलेट के माध्यम से किया जागरूक

गाजीपुर।मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत थाना भॉवरकोल, नन्दगंज, थाना जंगीपुर के ग्राम अरसदपुर तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेंकिग किया गया। वाहनों के चालान करने के उपरान्त मिशन शक्ति के बारे में जागरूकता पम्पलेट के माध्यम किया गया। थाना मरदह, थाना बडेसर के ग्राम शक्कापुर बरेसर में, दिलदारनगर में, थाना गहमर, थाना करीमुद्दीनपुर के लौवाडीह एवं विभिन्न थानो एवं ग्राम पंचायतों में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही जागरूकता रैली का आयोजन करते हुए ग्रामीण महिलाओं, सरकारी विद्यालयो, गैर सरकारी विद्यालय, प्राइवेट विद्यालायों, अस्पतालो, सा0 स्वास्थ्य क्रेन्दो में पहुचकर कर मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया गया। विद्यालयों में बालिकाओं और बच्चों को महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न हेल्पलाइन नंबर 1090 वूमेन पावर लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन , 181  महिला हेल्पलाइन, 101 अग्निशमन सेवा, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 102/108 एंबुलेंस सेवा, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1930 साइबर हेल्पलाइन व सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

डाला छठ त्यौहार को लेकर डीएम-एसपी ने किया घाट का निरीक्षण,दिए निर्देश

गाजीपुर।डाला छठ त्यौहार को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा.ईरज राजा संयुक्त रूप से जनपद के सेवराई तहसील के ग्राम गहमर के नरवा घाट आदि का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओ का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान उन्होने विभिन्न घाटो को लेकर छोटे बडें घाटो पर चौकसी बरतने को कहा। छठ पूजा के स्थानो एवं घाटो पर साफ-सफाई, बैरिकेटिग व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, घाटो पर नावो तथा उस पर तैनात गोताखोरो की व्यवस्था, साथ ही घाटो पर लगाए गए नाविको एवं गोताखोरो का पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करने का निर्देश दिया। उन्होने घाटो पर अस्थायी कपड़ा चेन्जिग रूम तथा घाटो पर जाने वाली सड़को को गढ्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया। उन्होने निर्दश दिया कि घाटो पर किसी प्रकार की दुकाने न लगाई जाए जिनसे भीड़-भाड़ होने की सम्भावना हो। उन्होने चिकित्सा विभाग को जनपद के प्रमुख घाटो पर एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होने ऐसे घाट जहां भीड-भाड़ अधिक होती है ऐसे प्रत्येक प्रमुख घाटो पर कन्ट्रोल रूम/खोया/पाया केन्द्र बनाते हुए कर्मचारी तैनात करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियो से अपील की है कि त्यौहार को शान्तिपूर्ण ढ़ग से मनाया जाए, गहरे पानी मे न जाए, घाटो पर कम से कम व्यक्ति ही जाए। इसके साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस फोर्स के साथ महिला आरक्षियों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। मौके पर उपजिलाधिकारी, सेवराई तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी जमानियॉ,  ग्राम प्रधान गहमर एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
 

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को लेकर मंत्री रविंद्र जायसवाल ने अधिकारियों संग की बैठक,दिए निर्देश

गाजीपुर।जनपद के प्रभारी मंत्री राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग उ0प्र0 सरकार रविंद्र जायसवाल ने भारत के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरष सरदार वल्लभभाई पटेल के 150 वीं जयंती समारोह को जनपद मे भव्यता के साथ मनाए जाने हेतु लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह मे अधिकारियों संग बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, जनपद मे नवाचार एवं सुरक्षा उपयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री ने कहा की सरदार वल्लभभाई पटेल, जिन्हें भारत के लौह पुरुष के रूप में याद किया जाता है जिनकी 150वीं जयंती का महत्तपूर्ण अवसर है। उन्होने बताया कि सरदार बल्लभभाई पटेल एक दूरदर्शी राजनेता और राष्ट्रीय एकता के निर्माता, सरदार बल्लभ भाई पटेल ने स्वतन्त्रता के  बाद 560 से अधिक रियासतों को एक राष्ट्र मे एकीकृत करने मे महत्तपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया । उनकी चिरस्थायी विरासत का सम्मान करने और एकता, देशभक्ति और सेवा के उनके आदर्शो को सुदृढ़ करने के लिए, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूरे देश में सरदार/150 समारोह का आयोजन किया जा रहा है। सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र के प्रति योगदान के संबंध में सभी नागरिकों व विशेषकर युवाओं में जागरुकता बढ़ाने के लिए पदयात्रा तथा कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। एकता मार्च एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन व राष्ट्रीय एकता के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक है और एक मजबूत और एकजुट भारत के निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। यह प्रधानमंत्री के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी प्रदर्शित करता है।
मंत्री ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर के अवसर पर जनपद में पद यात्रा का आयोजन किया जाएगा और इसके साथ स्वच्छता अभियान, स्वदेशी मेले, नशा मुक्ति अभियान, सरदार पटेल की विरासत पर सेमिनार व वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आदि आयोजित की जाएंगी। जनपद स्तर पर आयोजित की जाने वाली पद यात्रा का नेतृत्व जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जायेगा, उक्त पद यात्रा मे आवश्यक सहयोग हेतु माई भारत के जिला युवा कल्याण अधिकारी द्वारा किया जाएगा। उन्होने माई भारत पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओ का पंजीकरण कराते हुए निबन्ध  प्रतियोगिताए/पोडकास्ट/प्रश्नोत्तरितयों व राष्ट्रीय रील प्रतियोगिताओ आदि का आयोजन कराने को कहा। इसके अतिरिक्त जनपद स्तर पर आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रमो को माई भारत पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। उन्होने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि सरदार बल्लभभाई पटेल जयंती को जनपद मे भव्यता के मनाई जाए, इस अवसर पर  जनपद मे कुछ ऐसे नये नवाचार पेश किए जाए, जो एक नजीर बने, जिससे जनपद का नाम पूरे प्रदेश/देश मे गौवान्वित हो।बैठक मे जिलाधिकारी अविनाश कुमार, जिला प्रभारी डा. राकेश त्रिवेदी,  जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा सुनील सिंह, भानू प्रताप सिंह,मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल सोनकर, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला युवा अधिकारी कपिल देव, एवं अन्य जनपदस्तरीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

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