जिलाधिकारी की प्रेस वार्ता: बैनामा से पहले स्वामित्व-कब्जे की जांच जरूरी, बाढ़ की भ्रामक खबरों पर किया स्पष्ट
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता कर भूमि के क्रय-विक्रय, बाढ़ की स्थिति, सड़कों की मरम्मत तथा चीनी-प्याज के भंडारण एवं उपलब्धता समेत विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के बढ़ते मामलों को लेकर आमजन से बैनामा कराने से पहले विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त भूमि विवादों के परीक्षण में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बैनामा के समय भूमि के वास्तविक स्वामित्व, वैधानिक अंश और कब्जे की स्थिति का समुचित सत्यापन नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि कई मामलों में विक्रेता अपने वैधानिक अंश से अधिक भूमि का विक्रय कर देते हैं। वहीं, सहखातेदारों के बीच विधिक बंटवारा या अंश निर्धारण न होने के बावजूद सड़क से सटे अथवा सुविधाजनक हिस्से को अलग से बेच दिया जाता है। कुछ मामलों में ऐसी भूमि का भी बैनामा कर दिया जाता है, जिस पर विक्रेता का वास्तविक कब्जा नहीं होता। इससे बाद में क्रेता, विक्रेता और सहखातेदारों के बीच विवाद उत्पन्न होते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित मामले में पूर्व में जारी आदेश को प्रभारी मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में 5 अगस्त 2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत भूमि खरीदने से पहले स्वामित्व एवं अभिलेखों का सत्यापन करने तथा विक्रेता के वैधानिक अंश से अधिक भूमि का विक्रय न करने पर विशेष जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने मीडिया में जनपद में दो लोगों के बाढ़ के पानी में डूबने से मौत की प्रसारित खबर को गलत बताते हुए स्पष्ट किया कि दोनों मौतों का कारण बाढ़ नहीं है। उन्होंने बताया कि सेवराई और मोहम्मदाबाद तहसील के मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नियमित समीक्षा की जा रही है। जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लोगों को बाढ़ से बचाव के लिए जागरूक करने के साथ ही आवश्यक स्थानों पर रूट डायवर्जन और नदियों पर बैरिकेडिंग जैसी कार्रवाई की जा रही है। वर्षा ऋतु के चलते सड़कों की मरम्मत के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका द्वारा एक अक्टूबर 2026 के बाद सड़क मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। प्रमुख सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने जनपद में चीनी और प्याज की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जिले में दोनों वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लगातार जांच की जा रही है। अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डिप्टी आरएमओ आशुतोष पांडेय का मोबाइल नंबर 9838072270 सार्वजनिक करते हुए कहा कि यदि कहीं अवैध रूप से चीनी या प्याज का भंडारण किए जाने की जानकारी हो तो इस नंबर पर शिकायत की जा सकती है। प्रेस वार्ता में मुख्य राजस्व अधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी, जिला पूर्ति अधिकारी अनन्त प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ आशुतोष पांडेय, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद डॉ. धीरेन्द्र राय सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।