रोजगार तलाशने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनें छात्राएं : डॉ. शंभु शरण प्रसाद
व्यवसाय योजना पर कार्यशाला में करीब 100 छात्राओं ने लिया हिस्सा, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर एवं अविष्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को छात्राओं में उद्यमिता, नवाचार एवं स्वरोजगार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से व्यवसाय योजना (Business Plan) विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में करीब 100 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी हासिल की।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभु शरण प्रसाद ने कहा कि आज के बदलते दौर में विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक बनने के लिए आवश्यक कौशल और सोच से लैस किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता विकास वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। नए विचारों के माध्यम से प्रभावी समाधान विकसित करना ही उद्यमिता की वास्तविक पहचान है।

उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने आसपास मौजूद समस्याओं को अवसर के रूप में देखें और उनके समाधान के लिए नवाचारी दृष्टिकोण अपनाएं। उन्होंने कहा कि समस्या की पहचान से ही नए विचार और संभावित व्यवसाय की शुरुआत होती है।कार्यशाला में बताया गया कि “आवश्यकता आविष्कार और नवाचार की जननी है” की भावना को आत्मसात करते हुए समाज एवं आसपास की समस्याओं को पहचानना उद्यमिता की पहली सीढ़ी है। किसी विचार को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए नवीन सोच के साथ वित्तीय संसाधन, लागत विश्लेषण, विपणन रणनीति, ग्राहक एवं बाजार की पहचान तथा भविष्य की संभावनाओं का आकलन भी आवश्यक है।

इस दौरान व्यवसाय योजना के विभिन्न चरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें समस्या की पहचान, नवीन समाधान, व्यवसाय का नामकरण, संसाधन एवं संसाधन नियोजन, उत्पाद या सेवा का डिजाइन, विपणन एवं बिक्री, ग्राहक एवं बाजार की पहचान, वित्तीय नियोजन तथा व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं प्रमुख रहीं।

कार्यशाला एवं नवाचार संबंधी गतिविधि का आयोजन महाविद्यालय की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के समन्वयक डॉ. पीयूष सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार, डॉ. हरेंद्र यादव, डॉ. एखलाक अहमद, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. रामनाथ केसरवानी एवं डॉ. गजनफर सईद सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।