आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मुक्त विश्वविद्यालय की अनोखी पहल, शुरू हुआ बाल विकास एवं पोषण शिक्षा प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में अनोखी पहल की है। विश्वविद्यालय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बाल विकास एवं पोषण शिक्षा पर विशेष प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है। खास बात यह है कि इस पाठ्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं से किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।
यह प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम न्यूनतम छह माह और अधिकतम दो वर्ष में पूरा किया जा सकता है। विद्यार्थियों को केवल चार प्रश्नपत्रों के निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। अध्ययन के लिए आवश्यक समस्त सामग्री मुक्त विश्वविद्यालय के ‘एकलव्य ऐप’ के माध्यम से पीडीएफ प्रारूप में निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
विशेष वर्गों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की व्यवस्था
मुक्त विश्वविद्यालय ने समाज के विशेष एवं वंचित वर्गों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत भारतीय सेना एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के आश्रितों, जेल में सजा काट रहे कैदियों, थर्ड जेंडर (किन्नर) समुदाय तथा कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए शिक्षार्थियों के लिए निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा जो विद्यार्थी अध्ययन सामग्री और पुस्तकों की हार्ड कॉपी नहीं लेना चाहते, उन्हें ट्यूशन फीस में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।
14 सितंबर तक नए प्रवेश का मौका
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के प्रथम सप्ताह से शुरू हो चुकी है। नए प्रवेश की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2026, जबकि पुराने विद्यार्थियों के प्रवेश नवीनीकरण एवं पुनः पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन एवं डिजिटल तरीके से संचालित की जा रही है।
नौकरी और व्यवसाय के साथ भी कर सकते हैं पढ़ाई
मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम ऐसे विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर उपयोगी हैं, जो उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं अथवा किसी व्यवसाय, कार्य या सरकारी-गैर सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। ऐसे विद्यार्थी अपनी नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के साथ-साथ आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर स्थित अध्ययन केंद्र (S-088) के समन्वयक डॉ. शिव कुमार के अनुसार, विश्वविद्यालय के माध्यम से 70 से अधिक डिग्री, डिप्लोमा एवं प्रमाण पत्र कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इस वर्ष से अध्ययन केंद्र पर एमए गृह विज्ञान, एमए लोक प्रशासन तथा एमएससी बॉटनी, जूलॉजी, केमेस्ट्री और पर्यावरण विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में भी नए प्रवेश प्रारंभ हो गए हैं।
एक साथ दो उपाधियां हासिल करने का अवसर
मुक्त विश्वविद्यालय की एक और खास सुविधा विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। कोई नियमित विद्यार्थी किसी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत रहते हुए भी मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से एक अतिरिक्त उपाधि पाठ्यक्रम साथ-साथ कर सकता है। इससे विद्यार्थियों को अपनी शैक्षिक योग्यता और रोजगार के अवसर बढ़ाने का अतिरिक्त मौका मिल रहा है।