साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को राहत, साइबर सेल ने लौटाए 5.57 लाख रुपये

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को गाजीपुर साइबर सेल ने दिलाई राहत, 5.57 लाख रुपये कराए वापस

बैंकों और डिजिटल पेमेंट संस्थानों से समन्वय कर ठगी की रकम कराई होल्ड, विधिक प्रक्रिया के बाद पीड़ितों के खातों में लौटाई धनराशि

गाजीपुर। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को झांसे में लेकर बैंक खातों, एटीएम/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए गाजीपुर साइबर सेल ने 92 पीड़ितों को राहत दिलाते हुए कुल 5 लाख 57 हजार 44 रुपये की धनराशि सुरक्षित कराकर वापस उनके बैंक खातों में पहुंचाई है। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल अधिकारी साइबर के मार्गदर्शन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल को गृह मंत्रालय के अधीन I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के MRM पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन-शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर सेल की टीम ने शिकायतें प्राप्त होते ही संबंधित बैंकों, डिजिटल पेमेंट गेटवे और अन्य वित्तीय एवं तकनीकी संस्थानों से समन्वय स्थापित किया। साइबर अपराधियों के खातों में ट्रांसफर की गई धनराशि को समय रहते होल्ड और लीन कराया गया। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर कुल 5,57,044 रुपये की धनराशि पीड़ितों के मूल बैंक खातों में वापस कराई गई।

92 पीड़ितों को मिली राहत

साइबर सेल की इस कार्रवाई से जनपद के 92 आवेदक/पीड़ित लाभान्वित हुए। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती समय में की गई शिकायत धनराशि को सुरक्षित कराने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

साइबर ठगी से बचने को पुलिस की अपील

गाजीपुर पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer अथवा अन्य स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध क्यूआर कोड स्कैन करने से भी बचें।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, ठगी की घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साइबर सेल की टीम

इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक विवेक पाठक (प्रभारी, साइबर क्राइम सेल), आरक्षी शिवम सिंह, आरक्षी शुभम सिंह एवं आरक्षी प्रेमशंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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