जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
गाजीपुर। जनगणना 2027 के प्रपत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़ने और नागरिकों को जाति दर्ज कराने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए जातिगत आंकड़ों का उपलब्ध होना आवश्यक है। ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आंकड़े सामने आने से आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों में जातिगत सर्वेक्षण के माध्यम से सामाजिक आंकड़े जुटाने की पहल की गई है। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार को भी जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम शामिल कर जातिगत आंकड़े एकत्र करने चाहिए। साथ ही जाति संबंधी जानकारी दर्ज करते समय त्रुटियों को कम करने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा ने कहा कि देश की आबादी में पिछड़े वर्गों की बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन उनकी वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित अद्यतन एवं व्यापक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया तो पिछड़े वर्गों की वास्तविक भागीदारी और जरूरतों का सही आकलन मुश्किल होगा। कांग्रेस सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए संघर्ष करती रहेगी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि जातिगत जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी मिलने पर ही सरकार उनके लिए प्रभावी नीतियां तैयार कर सकती है। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि पिछड़े वर्गों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में उनकी जनसंख्या के अनुपात में अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए जातिगत जनगणना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक समानता, भागीदारी और न्याय की लड़ाई को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि जनगणना 2027 के प्रपत्र में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने तथा जातियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध कराने के संबंध में केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
इस दौरान हामिद अली, चंद्रिका सिंह, महबूब निशा, सुमन चौबे, राशिद, उषा चतुर्वेदी, शबीहूल हसन, रईस अहमद, ताहिर अब्बासी, कुंदन खरवार, संतोष कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा और आदिल सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।