तनाव को अवसर बनाएं, मन के घाव छिपाएं नहीं : डॉ. प्रदीप यादव
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर और चार्ट प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
गाजीपुर। जीवन में तनाव हर जगह है, लेकिन तनाव को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। सफलता और असफलता जीवन के क्षण मात्र हैं। इसलिए दोनों को अपने ऊपर हावी न होने दें। प्रत्येक परिस्थिति के लिए स्वयं को तैयार रखें और अपनी तुलना किसी दूसरे से करने के बजाय अपनी क्षमताओं एवं मनोभावों को समझें। यदि किसी मानसिक परेशानी का समाधान स्वयं नहीं कर पा रहे हैं, तो विशेषज्ञ की सहायता लेने में संकोच न करें। तन के घाव दिखाई देते हैं, लेकिन मन के घाव नहीं। इसलिए मानसिक पीड़ा को छिपाने के बजाय किसी करीबी से साझा अवश्य करें।

उक्त बातें मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर के मनोचिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, तनाव प्रबंधन और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम से पूर्व डॉ. प्रदीप यादव ने छात्राओं द्वारा बनाए गए चार्ट एवं पोस्टरों का अवलोकन किया और उनसे संवाद कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। इस दौरान संजना पांडेय, आनंदी गुप्ता, संस्कृति उपाध्याय और गुनगुन जायसवाल सहित अन्य छात्राओं ने पैनिक अटैक से निपटने, गुस्से पर नियंत्रण, नशामुक्ति के उपाय, मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक के बीच अंतर तथा मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों की सहायता करने जैसे विषयों पर सवाल पूछे। मुख्य वक्ता ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रेरित किया।

मानसिक स्वास्थ्य जीवन का महत्वपूर्ण पक्ष : डॉ. शिवकुमार
कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन करते हुए मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. शिवकुमार ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे जीवन का महत्वपूर्ण पक्ष है। इससे जुड़ी अनेक भ्रांतियां और चुनौतियां हैं। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के माध्यम से पूरी दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की थीम “जीवन के अनुभवों को सुना जाए : सच्ची आवाजें, सच्चे बदलाव” के अनुरूप लोगों के वास्तविक अनुभवों को समझना तथा समुदाय और परिवार के स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।

प्राचार्य ने छात्राओं के रचनात्मक प्रयासों को सराहा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद ने मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्हें अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। प्राचार्य ने छात्राओं द्वारा रंगों, चित्रों और विचारों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों की प्रभावी अभिव्यक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि शरीर और मन एक-दूसरे से जुड़े हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील रहते हुए अपनी क्षमताओं और कमजोरियों को पहचानना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने से संकोच नहीं करना चाहिए।

पोस्टर प्रतियोगिता में पलक, चार्ट में मुस्कान रहीं प्रथम
मनोविज्ञान विभाग की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2026 की थीम पर चार्ट, पोस्टर एवं विचार-अभिव्यक्ति प्रतियोगिता के साथ विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किया गया। इसमें 30 से अधिक छात्राओं ने मानसिक स्वास्थ्य के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को आकर्षक चित्रों, रंगों एवं रचनात्मक विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन डॉ. सारिका सिंह, डॉ. इखलाक खान और डॉ. ओम शिवानी ने किया।

पोस्टर प्रतियोगिता में पलक चौरसिया ने प्रथम, खुशबू चौहान ने द्वितीय तथा ऋतु राज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अलीशा परवीन और अलीशा खान के प्रयासों की भी सराहना की गई। वहीं, चार्ट प्रतियोगिता में मुस्कान कुमारी प्रथम, आनंदी गुप्ता द्वितीय और शाइस्ता तृतीय स्थान पर रहीं। हुमैरा फातिमा और नेहा वर्मा के प्रयास भी प्रशंसनीय रहे।

विचार-अभिव्यक्ति में संजना पांडेय ने मारी बाजी
मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं ने अपने ज्ञान और अनुभवों को विचारों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता का निर्णय डॉ. निरंजन कुमार यादव, डॉ. नेहा कुमारी और डॉ. रामनाथ केसरवानी ने किया। इसमें संजना पांडेय ने प्रथम, जोया सुल्तान ने द्वितीय और आनंदी गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन मनोविज्ञान परिषद के प्रभारी डॉ. शिवकुमार ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोविज्ञान परिषद की छात्राओं माही प्रजापति, इल्मा सिद्दीकी, निशा यादव, मुस्कान, खुशी गुप्ता, आस्था कश्यप और खुशबू यादव सहित अन्य छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. संगीता मौर्य, डॉ. पीयूष सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण तथा मनोविज्ञान विभाग एवं महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।