स्कूलों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू, 31 अक्टूबर तक चलेगी मुहिम

डेंगू, मलेरिया और दिमागी बुखार से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक, स्कूलों में स्वच्छता पर जोर

गाजीपुर। जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और सहायता प्राप्त विद्यालयों में सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार और जल-जनित बीमारियों से बचाव के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों के माध्यम से ग्रामीणों को भी स्वच्छता अपनाने और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जागरूकता रैली निकालकर दिया जाएगा स्वच्छता का संदेश

अभियान के अंतर्गत विद्यालयों के छात्र-छात्राएं गांवों और मजरों में जागरूकता रैलियां निकालेंगे। नारों और तख्तियों के माध्यम से लोगों को जलजमाव रोकने, मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण रखने तथा आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। दैनिक प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को संचारी रोगों के लक्षण, बचाव के उपाय और स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें स्वच्छता की शपथ भी दिलाई जाएगी।

हाथ धोने और विद्यालय परिसर की सफाई पर जोर

विद्यालयों में मध्याह्न भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से सही तरीके से हाथ धोने का अभ्यास कराया जाएगा। विद्यालय परिसर, रसोईघर, पेयजल स्रोत और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परिसर और आसपास कहीं भी खुले में पानी जमा नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना कम हो सके।

बुखार के लक्षण दिखने पर तत्काल उपचार के निर्देश

अभियान के दौरान आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के सहयोग से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जाएगी। किसी विद्यार्थी में बुखार या संचारी रोग के अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी प्राथमिक अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर उपचार सुनिश्चित कराया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों और नोडल शिक्षकों को अभियान पूरी निष्ठा के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों से कहा गया है कि वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को घर तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रेरित करें। अभियान का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही समुदाय में संचारी रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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