All posts by tiwarishivpratap

त्योहारों को लेकर डीएम और एसपी ने शहर भ्रमण लिया जायजा

गाजीपुर। शुक्रवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह द्वारा आगामी त्योहारों, दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ के दृष्टिगत जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को बेहतर बनाये रखने के लिए शहर में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण मनाने की अपील भी की। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने विशेश्वरगंज चौराहे से भ्रमण शुरू किया, जिसमें नगर के विभिन्न क्षेत्र शामिल थे। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई का जायजा लिया और संबंधित अधिकारी को साफ सफाई की समुचित व्यवस्था रखने को कहा। एसपी ने पुलिस विभाग को त्योहारों के अवसर पर विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश दिया। उन्होंने तैनात पुलिस बल को लगातार भ्रमणशील रहते हुए स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया। भ्रमण के दौरान एसडीएम सदर, एसपी सिटी ज्ञानेन्द्र, क्षेत्राधिकारी सदर गौरव सिंह, कोतवाली पुलिस मौजूद रहे। इस दौरान डीएम और एसपी ने शहर में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों तथा अफसरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

महाविद्यालय के हिटलरशाही रवैया के खिलाफ छात्र नेताओं का धरना जारी

गाजीपुर। पीजी कॉलेज के प्रांगण में दूसरे दिन शुक्रवार को भी छात्रों ने महाविद्यालय में हो रही समस्या को लेकर 32 सूत्रीय मांगों के सम्बन्ध में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन हिटलरशाही रवैया छात्रों के साथ अपना रहा है और छात्रों कि समस्या दूर करना तो दूर धरना पर छात्रों से बातचीत भी करना उचित नहीं समझ रहे हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनुज भारती ने कहा कि महाविद्यालय के प्राचार्य न तो समय से आते हैं और ना ही कोई भी छात्रों का काम समय से करते हैं। केवल छात्रों को मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है। वही छात्र नेत्री आरती बिन्द ने कहा कि हमारी मांगे सभी जायज है और महाविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द धरना पर आकर मांगे पूरी नहीं किया तो धरना प्रदर्शन को और तेज गति दिया जाएगा।
छात्र नेता आकाश चौधरी ने कहा जब तक सभी छात्रहित कि मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से बीपीई प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर प्रवेश ले, अवैध वसूली बंद करें, फीस वृद्धि वापस लें, पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराए, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराए, छात्रसंघ चुनाव कराए, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए, साइकिल स्टैंड फीस कम करे, कालेज कि वेबसाइट को सरल करें, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाए, स्नातक द्वितीय, तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करें, साइकिल स्टैंड फीस केवल स्टैंड में खड़ा करने वाले छात्रों का ले, महाविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बनायें और सभी शिक्षक व कर्मचारी समय से आए सहित आदि मांग है।


धरना में शामिल छात्र नेता धीरज सिंह, अमृतांश बिन्द, ईश्वर यादव, निलेश बिन्द, विकास यादव, शैलेश यादव, धन्नजय कुशवाहा, कृष्णा नन्द शर्मा, सत्यम कुमार, राहुल कुमार, प्रिंस प्रजापति, जितेंद्र राय, रोहित मौर्य, शुभम शर्मा, रविकांत यादव, ओम प्रताप सिंह, शिवप्रकाश पाण्डेय, सुनील यादव, प्रशान्त कुमार बिन्द, छोटू, अनीष गौण, राहुल दूबे, अभिषेक वर्मा, प्रिंस सिंह, शुभम कुमार, अंकित यादव, अरूण प्रजापति, रणविजय प्रताप, अनिल कुमार, अमन राय, आकाश यादव, अनुज यादव, अविनाश यादव, प्रकाश राय, हिमांशु राय, अंकित तिवारी और सत्येन्द्र सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे।

जिला जज ने बच्चों को किया सम्मानित, कहा…..

गाजीपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के द्वारा निर्देश पर स्वच्छता जागरूकता अभियान 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2023 के अन्तर्गत निबन्ध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्राथमिक स्तर, माध्यमिक स्तर एवं उच्च स्तर के प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों में प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान व तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने हेतु सोमवार को जिला पंचायत सभागार में एक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अपर जनपद न्यायाधीश चन्द्र प्रकाश तिवारी, अपर जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव प्रथम, शरद कुमार चौधरी मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं दीपेन्द्र कुमार गुप्ता पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर, ए0डी0एम अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्ष अधिकारी, खण्ड शिक्षाधिकारी एवं अन्य द्वारा प्रतिभाग किया गया।

समारोह का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा प्रथम तीन प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वच्छता को अपनाने, ईमानदारी एवं मेहनत से कार्य करने की शिक्षा दी। इस अवसर पर जनपद न्यायालय के उत्कृष्ट सफाई कर्मी राजेश कुमार रावत को जनपद न्यायाधीश द्वारा पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

सैंकड़ों छात्र नेताओं ने दे दिया बड़े आंदोलन की चेतावनी

गाजीपुर। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर लोकनायक बलिया से गाजीपुर होते हुए महामना (बनारस बीएचयू) तक की पदयात्रा पर नागेन्द्र सिंह झुन्नू के नेतृत्व में निकले पदयात्रा में छात्र नेता आदित्य योगी, सूरज गुप्ता, आदर्श मिश्रा, अमित यादव, मदनी नसीम, रोहित कुमार, शैलेश सिंह, धनंजय सिंह, सुनील सिंह पप्पू, नितेश सिंह, रंजन गुप्ता तथा विकास गुप्ता आदि का तीनों महाविद्यालय पीजी कॉलेज, स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज व हिन्दू पीजी कॉलेज के संयुक्त मिलकर छात्र नेताओं ने सैकड़ों कि संख्या में गाजीपुर घाट होते हुए शहर के विभिन्न जगहों जैसे रौजा, विशेश्वरगंज, मिश्रबाजार आमघाट, महुआबाग, कचहरी, सरजू पाण्डेय पार्क, सिंचाई विभाग, शास्त्रीनगर, स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज, विकास भवन, पीजी कॉलेज चौराहे, पीजी कालेज प्रांगण में चन्द्रशेखर के मूर्ति पर माल्यार्पण कर पदयात्रा महराजगंज होते हुए सहेडी तक छात्रों ने लगातार भव्य स्वागत किया और पदयात्रा के दौरान जगह-जगह चौराहे पर स्थापित मूर्तियों पर माल्यार्पण किया।

बता दें कि छात्रसंघ गाजीपुर के छात्र नेताओं कि पदयात्रा में सैकड़ों कि संख्या शामिल होने कि खबर से जिला प्रशासन व महाविद्यालय प्रशासन ने एक दिन पहले ही दोनों महाविद्यालयों को बंद करा दिया था। ताकि भीड़ न जुट सकें। परन्तु छात्र नेताओं के सैकड़ों कि संख्या में पदयात्रा में शामिल होने से प्रमुख चौराहों पर घंटों जाम कि स्थिति देखने को मिली। सभी छात्र नेताओं ने एक स्वर में छात्रसंघ बहाली की मांग की लगातार नारे के साथ उठाते रहें। और मांग पूरी न होने पर इससे भी बड़े आंदोलन कि चेतावनी भी देते रहें। पदयात्रा का स्वागत करने वालो में मुख्य रूप से डॉ समीर सिंह, सिध्दांत सिंह करन, दीपक उपाध्याय, अभिषेक राय, ,सत्येन्द्र यादव सत्या, दिनेश यादव, प्रद्युम्न सिंह यादव राजन, अभिषेक यादव, मनीष चौधरी, मनीष सिंह, पिंटू यादव, शिवम उपाध्याय, अविनाश राय, ऋषभ राय, रणजीत यादव, सत्यपाल यादव, राकेश यादव, गोविन्द सिंह यादव, देवेन्द्र यादव, शैलेश यादव, विकास यादव, अनुज कुमार, बृजेश सिंह, सुधांशु तिवारी, अतुल यादव, ओजस्व साहु, प्रदीप यादव, विवेक राय, नागेन्द्र कुशवाहा, अभिषेक द्विवेदी, राहुल यादव जरगो, राजू यादव, प्रिस, अभिषेक गौण, निलेश बिन्द, धीरज सिंह, रोशन सिंह, राहुल यादव, कमलेश गुप्ता, धन्नजय कुशवाहा, ईश्वर यादव, रविप्रकाश, निखिल राज, विधानचंद्र राय, राजू पाण्डेय, धर्मेंद्र कुमार, अभय, राकेश यादव आदि सैकड़ों छात्रनेता मौजूद थे।

22 एचआरपी सहित 88 महिलाओ की हुई जांच व ईलाज

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस में 22 एचआरपी सहित 88 महिलाओ की हुई जांच व ईलाज

गाजीपुर। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदबाद जो प्रथम संदर्भ में इकाई के रूप में शुमार है। यहां पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 22 एचआरपी महिलाएं सहित 88 महिलाओ ने ईलाज एवं परामर्श के साथ ही निशुल्क जांच भी कराया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) मुहम्मदाबाद पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन सोमवार को किया गया। केंद्र पर नियमित जांच व उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था की चिह्नित लाभार्थी को प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। हर माह की इन चारों दिवसों का सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किए जाने वाले पीएमएसएमए दिवस के साथ एफआरयू पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया गया।

इस दिवस पर गर्भवती की प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफ़लिस, वजन, ब्लड प्रेशर एवं अन्य जांच की नि:शुल्क सुविधा हुई। इसके साथ ही टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका, आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक दवाएं मुफ्त दी गई । एचआरपी युक्त महिलाओं की पहचान, प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया । पोषण, परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन के लिए सलाह भी दिया गया । साथ ही साथ यहां हेल्थ एटीएम के माध्यम से डिजिटल पैरामीटरो पर भी गभर्वती महिलाओं की जांच की गई। बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि महिलाओं को शासन के द्वारा निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी दी गई। जो पिछले दो-तीन सालों से चल रहा है। ई रूपीस वाउचर के जरिए अल्ट्रासाउंड जो पीपीपी मॉडल पर कराया जा रहा है। उनका भुगतान रूपीस बाउचर जो विभाग के द्वारा जनरेट कर लाभार्थी को दिया जा रहा है। और उस के माध्यम से अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक के द्वारा तत्काल स्कैन करने पर लाभार्थी के मोबाइल पर ओटीपी आता है। और ओटीपी डालते ही अल्ट्रासाउंड का भुगतान तत्काल संचालक को हो जाता है। आज के आयोजन में एएनसी 88,हिमोग्लोबिन 88,एचआईवी 66,पीपीमोड़ पर अल्ट्रासाउंड 39,एचआरपी 22,पेट जांच 81 गर्भवती महिलाओ की हुई,साथ ही 88 का वजन जांच एवं हेल्थ एटीएम का 19 महिलाओ ने लाभ उठाया। इस कार्यक्रम में डा0 नीरज मौर्या महिला रोग विशेषज्ञ, प्रियंका स्टाफ नर्स, इकराम गांधी लैब टेक्नीशियन, नीरा राय काउंसलर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

टीबी मुक्त भारत पर होगा मंथन, ग्राम प्रधान व सीएचओ निभाएंगे अहम भूमिका

ग्राम पंचायतों में टीबी मुक्त भारत पर होगा मंथन, ग्राम प्रधान व सीएचओ निभाएंगे अहम भूमिका

टीबी मुक्त पंचायत व फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल पर सोमवार से शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

• प्रत्येक टीबी यूनिट/ब्लॉक स्तरीय सीएचसी व पीएचसी से एक-एक अधिकारी


एनटीईपी कर्मी और सहायक विकास अधिकारी को बनाया जायेगा मास्टर ट्रेनर


• ब्लॉक पर ग्राम प्रधान, सचिव और सीएचओ को करेंगे प्रशिक्षित, जांच व उपचार में बनेंगे सहायक


• टीबी मरीज की देखभाल के लिए घर का एक सदस्य अथवा करीबी बनेगा फैमिली केयर गिवर

गाज़ीपुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) और प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त प्रयास से टीबी मुक्त पंचायत बनाने की योजना को धरातल पर उतारने की पहल की जा रही है। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायतों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंचायत की विकास योजनाओं में टीबी मुक्त पंचायत की गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही टीबी मरीज की देखभाल के लिए उसके घर के एक सदस्य अथवा करीबी को फैमिली केयर गिवर भी बनाया जाएगा। इसी को लेकर सोमवार (नौ अक्टूबर) से सीएमओ कार्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसमें हर टीबी यूनिट/ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी-पीएचसी) से एक अधिकारी, जिला क्षय रोग केंद्र के एक एसटीएस, एसटीएलएस या हेल्थ सुपरवाइजर के साथ एक सहायक विकास अधिकारी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सोमवार व मंगलवार को चलने वाले इस प्रशिक्षण में करीब 35 स्वास्थ्यकर्मियों और 16 सहायक विकास अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह सभी मास्टर ट्रेनर ब्लॉक पर ग्राम प्रधान, सचिव, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद ग्राम प्रधान और सचिव मिलकर पंचायत समिति के अन्य सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे। सीएचओ, आशा- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण लेने के बाद यह लोग समुदाय को टीबी के लक्षण, रोकथाम, भ्रांतियों को दूर करने, उपचार, जांच और उपलब्ध सुविधाओं समेत टीबी रोगियों के लिए सरकार की ओर से प्रदान किये जाने वाले विभिन्न लाभों के बारे में जागरूक करेंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गांव को टीबी मुक्त करने के लिए जांच और उपचार की व्यवस्था को दुरुस्त करना तथा एक वर्ष में प्रत्येक 1000 की आबादी पर 30 संभावित मरीज खोज कर जांच करना है। पिछले तीन सालों में जिन क्षेत्रों में अधिक या कम टीबी मरीज मिले हैं उनकी सूची ग्राम और वार्ड वार तैयार करेंगे। उनमें से हर माह 10-10 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया जायेगा। इसके बाद वहाँ विशेष ध्यान देकर स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, परामर्श, पोषण व भावनात्मक सहयोग प्रदान कर जल्द से जल्द टीबी मुक्त पंचायत के रूप में घोषित किया जाएगा। इस कार्य में ग्राम प्रधान, सचिव व पंचायत सहायक के साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) सहित ग्राम प्रधान, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, एनटीईपी कर्मी व अन्य स्वास्थ्यकर्मी सहयोग करेंगे।जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि हर टीबी यूनिट पर तैयार होने वाली तीन मास्टर ट्रेनर्स (प्रशिक्षकों) की यह टीम ग्राम प्रधान, सचिव और सीएचओ को प्रशिक्षण देगी। सभी मिलकर क्षय रोगियों की जल्दी पहचान और उपचार के लिए काम करेंगे, जिससे टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता संभावित टीबी मरीजों की जानकारी दर्ज करेंगी और इसकी सूचना सीएचओ को देंगी। मरीजों को दवा उपलब्ध कराएंगी। वह बैंक खाते का विवरण दर्ज कराएंगी, जिससे इलाज के दौरान टीबी रोगियों को सही पोषण के लिए हर माह निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये मिल सकें।डॉ मिथलेश ने बताया कि अब तक टीबी का उपचार ले रहे मरीजों के लिए एक ट्रीटमेंट सपोर्टर नियुक्त किया जाता था, जो कि आशा कार्यकर्ता होती थी। लेकिन अब मरीज का ध्यान रखने के लिए उसी के परिवार से अथवा उसके किसी नजदीकी व्यक्ति को केयर गिवर का दायित्व सौंपा जायेगा। यह पहल टीबी के शुरुआती लक्षणों की पहचान करके उन्हें रोकने और बीमारी के दौरान समय पर रेफरल द्वारा रोगी और उनके परिवार के सदस्यों की समुचित देखभाल और सहायता सुनिश्चित करेगी। इससे उपचार, उचित पोषण और उपचार के मानकों का पालन करने में मदद मिलेगी और टीबी से ग्रसित व्यक्तियों के समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा।

14 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला

रामलीला की तैयारी को मिला अंतिम रूप 14 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला

गाजीपुर। देशभर में नवरात्रि, दशहरा एवं दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। जगह-जगह मूर्ति एवं पुतला बनाने का कार्य अंतिम रूप ले लिया है। रामलीला एवं मूर्ति पंडालों को बनाए जाने का कार्य भी अपने आखिरी पड़ाव पर है। इसी कड़ी में रामलीला समिति चकिया की तैयारी भी पूरी हो चुकी हैं। समिति के अध्यक्ष यशवंत पाण्डेय ने बताया कि रामलीला समिति चकिया द्वारा 14 अक्टूबर से रामलीला का आयोजन किया जाना है और 24 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। इसके बाबत समिति के उपाध्यक्ष राकेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय, प्रबंधक राजेश पाण्डेय तथा महामंत्री कृष्णानंद पाण्डेय भी अपनी दायित्वों के निर्वहन में लगे हुए हैं। समिति के पदाधिकारीयो ने बताया कि समिति के कार्यकर्ता एक महीने पहले से ही रामलीला के अभ्यास कार्य में लगे हुए हैं। रामलीला के दौरान प्रयोग में किए जाने वाले जरूरी वस्त्रो की भी खरीदारी कर ली गई है। हालांकि मौसम को भी आयोजन के विपरीत रहने की संभावना है। लेकिन समिति की कार्यकर्ता पूरे जोश और उमंग के साथ इसका सामना करने के लिए तैयार है।

कुंडेश्वर प्रथम और गौसपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया

क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजमेंट के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर प्रथम तो गौसपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया



गाजीपुर। क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजमेंट जिसके अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केदो का कुल 7 बिंदुओं पर राज्य-स्तरीय टीम के द्वारा मूल्यांकन किया जाता है। और इसी मूल्यांकन के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट, सेकंड और थर्ड कैटिगरी में चयनित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। इसी के तहत गाजीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद के अंतर्गत दो हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर प्रथम और गौसपुर ने दूसरा स्थान जनपद में प्राप्त किया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस के तहत राज्य स्तर की एक टीम अपने निर्धारित बिंदुओं पर पिछले दिनों स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत संचालित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का निरीक्षण किया था। इसी के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर 82.9% अंक पाकर जनपद में प्रथम स्थान और गौसपुर 78.3% अंक पाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने बताया कि इसी योजना के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर रघुवरगंज का भी कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस स्थान को प्राप्त करने के लिए टीम के द्वारा हॉस्पिटल का मेंटेनेंस, स्वच्छता, बेस्ट मैनेजमेंट, हाइजीन प्रमोशन, इनफेक्शन कंट्रोल, बिल्डिंग व रिकार्डो का रखरखाव को आधार बनाया गया है।

कोर्ट ने दुष्कर्मी को दस साल की सजा सुनाई

गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश SC/ST मोहम्मद गजाली की अदालत ने शनिवार को दुष्कर्म के मामले में आरोपी फिरोज को 10 साल की सजा के साथ 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया। अभियोजन के अनुसार थाना कोतवाली के गोराबाजार निवासी रामाश्रय भारती ने थाना कोतवाली में इस आशय की तहरीर दिया कि 18 जुलाई 2011 को सुबह 4 बजे फिरोज उसकी पुत्री को बहलाफुसला कर घर से भगा ले गया। वादी की सूचना पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरांत पीड़िता को बरामद किया और उसका डाक्टरी कराने के उपरान्त न्यायालय में बयान दर्ज कराया। दौरान विवेचना राविया खातून, कमलेश व कल्लू डोम उर्फ अजय का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने चारो आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण आरोपी कमलेश की मृत्यु हो गई। शेष आरोपियों का विचारण शुरू हुआ। अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप चतुर्वेदी ने कुल 6 गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। शनिवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए राविया खातून और कल्लू डोम उर्फ अजय को दोषमुक्त कर दिया और वही फिरोज को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।

तीन लोगों को चार साल की सजा

गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने शनिवार को हत्या के प्रयास के मामले में 3 लोगों को 4 साल की कैद के साथ प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार 10 जनवरी 2013 को समय 10:30 बजे दिन में स्कूटर से मोहम्दाबाद कचहरी आ रहा था कि कठउत बाजार में सड़क पर दीनानाथ राय की सफेद सफारी बिना नंबर की गाड़ी जिसमे चालक की सीट पर झुंना राय, बैठा था तथा गाड़ी में रामजी राय तथा दीनानाथ बैठे थे। जैसे ही गाड़ी BSNL टावर के पास पहुचा वादी की हत्या करने की गरज से वादी की स्कूटर में पीछे से टक्कर मार दिया। पुनः गाड़ी बैक करके वादी को कुचलने का प्रयास किया। वादी शिवकुमार राय की तहरीर पर थाना मोहम्दाबाद में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरान्त आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने कुल 6 गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। शनिवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाते हुए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।