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सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का हुआ आयोजन, निकाली गई कलश यात्रा

(जखनिया) गाजीपुर। क्षेत्र के मीरपुर गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का कलश यात्रा ,वाराणसी के वैदिक विद्वान आचार्य पंडित सुरेश चंद्र पांडे की देखरेख में शिव मंदिर से काली मां मंदिर तक 51 कन्याओं, माताओं ने कलश लेकर ढोल नगाड़े के साथ उद्घोष करते हुए स्थापित किया। जहां विधि विधान से पूजन करते हुए आचार्य ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण मात्र से ही एक जन्म नहीं बल्कि जन्म जन्मांतर तक पापों का नाश हो जाता है। मानव के मन मे स्वच्छ विचारों का उदय हो जाता है। मन को शांति मिलती है। कहा कि अगर मन शांत है तो कोई भी अवगुण मानव के शरीर में अंदर प्रवेश नहीं कर पाता। मन को शांत होने का अर्थ है इच्छाओं का समाप्त हो जाना, जब हमारी इच्छाएं पूरी तरह से शांत हो जाती है तो आम मनुष्य भी महान संत स्वरूप हो जाता है। बताया कि यह श्रीमद्भागवत पुराण कथा 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक पूरे सप्ताह भर होगी। समापन सिद्ध पीठ हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति जी महाराज द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर ब्यास रामानंद, अजीत सिंह, सुरजीत सिंह, विपिन सिंह, इंद्र बहादुर सिंह, अनुराग सिंह, वीर बहादुर, आशीष, संतोष, अभिषेक, हरप्रसाद, सभाजीत, राम नवल सहित गांव के काफी संख्या में लोग रहे। कथा के आयोजक पूर्व शिक्षक मंगला सिंह है।

एम.जे.आर.पी स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

गाजीपुर। एम. जे. आर. पी. पब्लिक स्कूल में दीपावली के शुभ अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन महात्मा ज्योतिराव फूले पब्लिक स्कूल जगदीशपुरम के प्रांगण में किया गया। इस प्रतियोगिता में प्राइमरी ग्रुप (कक्षा 3 से 5), जूनियर ग्रुप (कक्षा 6 से 8) और सीनियर ग्रुप (कक्षा 9 से 10) तक के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। यह प्रतियोगिता विद्यालय के कला शिक्षक राजीव गुप्ता, अनिल कुमार कुशवाहा एवं धनलक्ष्मी वर्मा के निर्देशन में प्राइमरी ग्रुप, जूनियर ग्रुप व सीनियर ग्रुप में सम्पन्न हुई, जिसमें छात्रों द्वारा बनाई गई रंगोलियों में आजादी का अमृत महोत्सव, अमर जवान शहीद, स्टाप रैपिस्ट, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ आदि मुख्य आर्कषण का केंद्र रही। इस प्रतियोगिता में प्राइमरी गुप में रंगोली नं० 3 प्रथम रंगोली नं0 21 द्वितीय व रंगोली नं0 10 तृतीय स्थान, जूनियर ग्रुप में रंगोली नं० 22 प्रथम, रंगोली नं0 79 द्वितीय व रंगोली नं0 66 तृतीय स्थान व सीनियर ग्रुप में रंगोली नं0 115 प्रथम, रंगोली नं0 95 द्वितीय और रंगोली नं0 109 तृतीय स्थान पर रहा। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में विद्यालय की सह-प्रबंधक संध्या कुशवाहा, महजबीन बानों व सरस्वती सिंह रहीं।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुदर्शन सिंह कुशवाहा, उप-प्रधानाचार्य राकेश पाण्डेय, हरि कुशवाहा, राज नारायण कुशवाहा, अनुपमा वर्मा, दिनकर सिंह, भागवत कुशवाहा, संजीव अग्रहरी एवं समस्त शिक्षक गण व छात्र उपस्थित रहे।

डीएम ने जनपदवासियों को दी बधाई, की अपील

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को दी दीपावली एवं डालाछठ की हार्दिक शुभकामनाएं।


गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखोरी ने जनपदवासियों को दीपावली पर्व की बधाई देते हुए उनके स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि एवं खुशहाल भविष्य की कामना किया है। जनपद के सभी अधिकारियों ने लोगों से अपील किया है कि कम से कम पटाखों का प्रयोग करें, सावधानी बरतें तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मानक का पालन करें। जिलाधिकारी ने लोगो से अपील किया है कि दिपावली के अवसर पर कम से कम पटाखे जलाये। पटाखे जलाते समय बच्चों के साथ बड़े अवश्य रहें। जिलाधिकारी ने यह भी अपील किया है कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि ग्रीन पटाखे जलाये जाए। जिलाधिकारी ने अपने बधाई संदेश में सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए जनपदवासियों से यह भी आहृवान किया है कि अपने को सुरक्षित रखकर दीपावली के पर्व को परम्परागत ढंग एवं हर्षोंल्लास के साथ मनायें।

राज्यमंत्री ने किया मेले का उद्धघाटन, बताया आयुर्वेद का महत्व

गाजीपुर। रविवार को सिधौना ग्राम सभा के प्राथमिक विद्यालय पर हर दिन हर घर आयुर्वेद 2022, सप्तम आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष में आयुष स्वास्थ्य मेगा इवेंट एवं आयुष स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री आयुष ,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एमओएस) डॉ. दयाशंकर मिश्र ( दयालु ) ने किया। मंत्री ने कैंप का उद्घाटन फीता काटकर किया। सर्वप्रथम मंत्री ने धन्वंतरी भगवान का दीपोत्सव किया तत्पश्चात गांव में स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान मंत्री का स्वागत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर शिव दुलार यादव, पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ आनंद विद्यार्थी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी वाराणसी डॉक्टर भावना द्विवेदी, मंडली यूनानी अधिकारी डॉ नियाज जिला अहमद, जिला होम्योपैथ अधिकारी डॉक्टर संपूर्णानंद गुप्ता ने माल्यार्पण व शाल पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने अपने संम्बोधन में आयुर्वेद को अथर्ववेद का उपवेद एवं ब्रह्मा जी के मुख से निकली विद्या बताया। उन्होंने कहा की महर्षि चरक एवं महर्षि धन्वंतरि ने काशी में जन्म लिया और आयुर्वेद को आगे बढ़ाया। उन्होंने महर्षि सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक बताते हुए आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी यूनानी के महत्व को बताते हुए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का अनुरोध किया तथा जिले में स्थित चिकित्सालयों के बारे में जानकारी दी कि आप वहां पर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर मंत्री ने योग प्रशिक्षण शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा योग प्रशिक्षकों को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में , योग प्रशिक्षक रूद्र प्रकाश तिवारी, विनय कुमार गुप्ता, नम्रता तिवारी, रामविलास राम ,अवधेश चौहान ने योग सिखा कर कर योग के महत्व को अपने स्वस्थ जीवनशैली में अपनाने हेतु प्रेरित किया। हजारों की संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ लिया तथा किसानों को निशुल्क बीज एवं औषधि पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में अन्य जिलों से भी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बिंदेश्वरी सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी, डॉ रजनीश यादव, डॉ राजेश गुप्ता, डॉ दिलीप कुमार, समीक्षा बरनवाल, डॉ मोनिका गुप्ता, डॉ अतुल अग्रवाल, रेनू पटेल फार्मासिस्ट एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित रहे।

ऐसे मनाए दीपावली का त्यौहार, न करें यह काम

ग़ाज़ीपुर। जनपदवासियो से दीपावली के त्यौहार को लेकर अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार सिंह ने अपील किया। उन्होंने बताया है कि प्रायः दीपावली के समय वायु प्रदूषण के दौरान गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड सकता है। कहा कि पटाखे से बच्चो‚ बुजुर्गों‚ गभवर्ती महिलाओ और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्या और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। पटाखों में कई ज्वलनशील रसायन होते हैं जिनमें पोटेशियम क्लोरेट पाउडर वाला अल्युमीनियम‚ मैग्नीशियम‚ बेरियम‚ तांबा‚ सोडियम‚ लिथिय, स्ट्रोंटियम इत्यादि शामिल होते हैं। इन रसायनों के जलने पर तेज आवाज / ध्वनी के साथ बहुत ज्यादा धुंआ भी निकलता है। पशुओं और पक्षियों के लिए भी यह धुंआ नुकसान देह होता है। इन प्रतिकूल प्रभावों के साथ-साथ दीपो के त्योहार के महत्व को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित दीपावली मनायी जाना चाहिए। इसके लिए जनपदवासियो को समझदारी एवं सर्तकता से “दीपावली का त्यौहार” मनाया जाना चहिए। जिसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा अपील की जाती है कि दीपावली दीपो के प्रकाश का पर्व है। यथासंभव मिट्टी के दीये का प्रयोग करे। पटाखों का कम ही उपयोग करें। आधे जले या न जल सकने वाले पटाखे को पुनः जलाने⁄उठाने⁄हटाने का प्रयास बिल्कुल ना करें। हवा में उड़ने वाले पटाखों को जलाने से परहेज करें। घर के अदंर पटाखें न जलायें साथ ही पटाखों को शरीर से दूर रख कर जलायें। पटाखे जलाते समय ढीले या सिंथेटिक कपड़े न पहनें‚ सूती कपड़े का प्रयोग करें। आस–पास ज्वलनशील पदार्थ न रखे। पटाखे जलाते समय पास में पानी से भरी बाल्टी एवं मग अवश्य रखे। आंख में जलन होने पर आंखों को ठण्डे पानी से धोंये व चिकित्सकों का सलाह लें। घायल व जले हुये व्यक्ति को अग्नि वाले स्थान से हटाये। जले हुए हिस्से पर कॉलगेट टूथ पेस्ट / वरनाल / आलू का लेप लगायें। जले हुए भाग पर राख, मिट्टी या पाउडर‚ ग्रीस तथा अन्य पदार्थ न लगायें। जले हुए भाग को साफ सूती कपडा⁄मारकीन से ढककर ही अस्पताल ले जाये। किसी भी प्रकार की घटना होने पर धबराये नही‚ धैय रखे। कोई घटना या दुर्घटना होती है तो तत्काल प्राथमिक उपचार कराकर अपने नजदीकी चिकित्सालय में आश्यक उपचार कराएं और सलाह लें। जिला प्रशासन ने जनहित में आपात स्थिति से निपटने के लिए हेल्फ लाइन नंबर जारी किया है।
जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण‚ गाजीपुर।
कन्ट्रोल रूम नम्बर:- 0548-2224041‚ 1077
मुख्य चिकित्साधिकारी–8005192658
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक –9450755364
आपदा विशेषज्ञ–9451343388‚ अन्य राहत – 9454021985

शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्राचार्य का किया सम्मान

”प्राचार्य प्रो. वी के राय का शिक्षकों-कर्मचारियों ने सम्मान किया ”

गाजीपुर। स्वामी सहजानन्द पीजी कालेज में शनिवार को महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों तथा कर्मचारियों ने एक कार्यक्रम मे प्रो. वी के राय के महाविद्यालय के प्राचार्य पद के दायित्व संभालने के एक वर्ष व्यतीत होने पर उन्हें सम्मानित किया। सभी ने प्राचार्य कक्ष मे प्रो. राय को पुष्प-मालाएँ भेंट करते हुए उनके सफल एवं सहयोगी कार्य-दक्षता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। ध्यातव्य है कि उ.प्र. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा चयनित एवं संस्तुत प्रो. वी के राय ने पिछले वर्ष 23 अक्टूबर को महाविद्यालय मे प्राचार्य पद पर कार्य-भार ग्रहण किया था। प्रो. राय इससे पूर्व वाराणसी के हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय मे शारीरिक शिक्षा विभाग मे एसोशिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। महाविद्यालय के शिक्षकों तथा कर्मचारियों का मानना है कि प्रो. राय के सक्रिय एवं रचनात्मक व्यक्तित्व का परिणाम है कि महाविद्यालय अपने स्वर्ण-जयंती वर्ष में निरंतर प्रगति-पथ पर अग्रसर है। महाविद्यालय के तीन वरिष्ठ प्राध्यापकों को अत्यंत तत्परता पूर्वक प्रोफेसर पद पद नाम हेतु कार्यवाही की गयी, छात्रों को शुद्ध पेय-जल उपलब्ध करने के लिए नए आरो सिस्टम लगाए गए। महाविद्यालय कि वैबसाइट को छात्रों के लिए यूजर फ्रेंडली तथा अधिक सूचनाप्रद बनाने के लिए परिवर्तन किए गए, महाविद्यालय मे खेल-कूद की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य-योजना तैयार की गयी, परिसर मे पौधरोपन तथा अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा नयी शिक्षा नीति के अनुरूप सेमेस्टर आधारित पठन-पाठन सुनिश्चित किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. वी के राय ने सभी शिक्षकों तथा कर्मचारियों को उनके सहयोग एवं कार्य शैली के लिए आभार व्यक्त किया. प्रो. राय ने महाविद्यालय के प्रबंध समिति के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बांटी दीपावली की खुशियां

टीबी मरीजों को पोषण सामग्री के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष ने बांटी दीपावली की खुशियां

गाजीपुर। 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का सपना प्रधानमंत्री के द्वारा देखा गया है। जिसको लेकर इन दिनों टीबी मुक्त भारत अभियान भी चल रहा है। इसी के तहत टीबी के मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण की देखरेख करने की जिम्मेदारी का कार्यक्रम चल रहा है। जिसको लेकर जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा पिछले दिनों से 21 टीबी मरीजों को गोद लिया गया था । उन मरीजों को दूसरी बार पोषण सामग्री के साथ ही साथ उन्हें दीपावली की मिठाई वितरित कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी गई।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान जो प्रधानमंत्री का 2025 का सपना है। अगर हमारे जनपद में सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा और हमारे जनप्रतिनिधि इस महा अभियान में अपनी सहभागिता निभाते रहें तो हम 2024 तक गाजीपुर को टीबी मुक्त करने में सफल हो जाएंगे । इसी को लेकर मेरे द्वारा जिन मरीजों को गोद लिया गया है। उनको आज दूसरे महीने का पोषण सामग्री वितरित करने के साथ उनके दीपावली की खुशियों में चार चांद लगाने के लिए मिष्ठान और फल भी दिया गया है । ताकि वह अपने आपको समाज से कहीं अलग न समझे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि व पति पंकज सिंह चंचल भी मौजूद रहे । उन्होंने मरीजों से बातचीत करते हुए कहा कि यदि आप लोगों को कभी भी दवा, पोषण सामग्री या फिर विभाग के द्वारा किसी भी तरह की परेशानी आती है तो उसके लिए हमारे कार्यालय की तरफ से जो फोन आप लोगों को जाता है उस पर आप अपनी समस्या बताएं। जिसका निराकरण मेरे द्वारा तत्काल कराने का कार्य किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि जनवरी 2022 से अब तक कुल 2837 क्षय रोग के मरीज हैं। स्टेट द्वारा माह जनवरी 2022 से माह दिसम्बर तक का जनपद गाजीपुर का टी बी मरीजों को खोजने का लक्ष्य 5 हजार का है। जिनमें कुल अब तक गोद लिए गए मरीजों की संख्या 1108 है। गोद लेने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, पूर्व जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला क्षय रोग अधिकारी, पीजी कॉलेज के प्रबंधक, राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ अन्य कई संभ्रांत लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में डीटीओ डॉ मनोज सिंह, अनुराग कुमार पांडे, सुनील कुमार वर्मा , वेंकटेश प्रसाद शर्मा ,संजय सिंह यादव, श्वेताभ गौतम, रविप्रकाश सिंह,शुभम दुबे, अरविन्द कुमार, अमन आर्या, अश्विनी कुमार तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए ब्राम्हण रक्षा दल ने सीएम को सम्बोधित पत्रक डीएम को सौंपा

गाजीपुर। बलिया जनपद के थाना नगरा में 14 अक्टुबर को हुए नाबालिंग लड़की के साथ जघन्य बलात्कार की घटना से ब्राम्हण समाज अत्यन्त दुखी है। इस घटना से समाज विचलित हो रहा है। इस घटना का निष्पक्ष पर्दाफाश करने के लिए मुख्यमंत्री से मांग कर पीड़ित परिवार की सुरक्षा प्रदान करने व आर्थिक सहायता की मांग को लेकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी शुक्रवार को पत्रक सौंपा। पत्रक के माध्यम से 14 अक्टूबर को निर्भया 2 ग्राम ताड़ीबड़ा गांव, नगरा के साथ एक अत्यन्त निन्दनीय घटना अपराधियों द्वारा नाबालिंग बच्ची के साथ किया, जो मानवता के लिए अत्यन्त निन्दनीय है। सम्पूर्ण मानव समाज के साथ साथ ब्राम्हण समाज इस घटना की घोर निन्दा करता है। जिसको न्याय दिलाने के लिए ब्राम्हण रक्षा दल ने मांग किया कि पीड़िता को समुचित न्याय एवं सुरक्षा व आर्थिक सहायता 20 लाख को दिलाते हुए अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाकर समुचित न्याय व पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। बता दें कि पीड़िता मेला देखने गांव में ही गयी थी। उसी दौरान घात लगाए बैठे अपराधियों ने अपहरण कर लिया व पूरी रात अमानवीय कृत्य करते रहे और जान से मारने की पूरी कोशिश किया। जब उन्हे यह विश्वास हो गया कि अब इसकी मृत्यु हो गयी है तब पुलिया के करीब खेत में फेंक दिया। ब्राम्हण रक्षा दल इस घटना की असलियत के पर्दाफाश के लिए सीबीआई से जांच कराने की मांग करता है। जिससे पीड़िता व उसके परिजनों को न्याय मिल सके। पत्रक सौपने वाले प्रतिनिधि मण्डल में बासूदेव पाण्डेय, वरिष्ठ नेत्री कुमुम तिवारी, कृष्णानन्द उपाध्याय, सोनू पाण्डेय, मनोज उपाध्याय, शशांक उपाध्याय, दीपक पाण्डेय एडवोकेट, दीपक उपाध्याय, अभिषेक द्विवेद्वी, शिवम उपाध्याय, रूद्रमणि त्रिपाठी, अतुल तिवारी, अतुल पाण्डेय, बबिता, गोल्डेन पंडित, मृत्युन्जय मिश्रा, जनार्दन दूबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।

महिला पीजी कालेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत एक लघु संगोष्ठी एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर चार्ट एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन शुक्रवार को हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टीडी कॉलेज जौनपुर के मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ नरेंद्र कुमार राय एवं प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सविता भारद्वाज ने मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं द्वारा निर्मित चार्ट एवं पोस्टर प्रतियोगिता का गहन अवलोकन किया एवं उनके उत्साह एवं भागीदारी की प्रशंसा की। मनोविज्ञान परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने पूरी दुनिया में सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को वैश्विक प्राथमिकता बनाए रखने के लिए सरकार और समाज को प्रत्येक स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि आज विश्व कोविड-19 शारीरिक स्वास्थ्य से कहीं अधिक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है। मानसिक समस्याओं से ग्रस्त आधे से अधिक लोग अपना इलाज नहीं कराते हैं तथा मानसिक समस्या आत्महत्या का तीसरा कारण है। राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सुविधा एक समान रूप में उपलब्ध नहीं हो पाती है। इस अवसर पर छात्राओं ने शब्द और रंग के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विविध पहलुओं को उजागर किया। छात्राओं ने सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों एवं क्रियाओं, तथा मनोरोगों से जुड़े विभिन्न कारकों, आत्महत्या, हिंसा, पारिवारिक- व्यक्तिगत समस्याओं, सामाजिक भेदभाव, सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य, स्वस्थ मस्तिष्क-स्वस्थ व्यक्तित्व आदि विषयों पर आकर्षक चार्ट एवं पोस्टर बनाएं। चार्ट प्रतियोगिता में मनीषा कुशवाहा प्रथम, दीक्षा सिंह द्वितीय एवं जान्हवी वर्मा तृतीय स्थान पर रही जबकि पोस्टर प्रतियोगिता में सैयद बुशरा अली प्रथम, मालती यादव द्वितीय तथा सलोनी गुप्ता तृतीय स्थान पर रही। डॉ अनिता कुमारी, डॉ सुमन यादव, डॉ शिखा सिंह ने चार्ट-पोस्टर प्रतियोगिता के निर्णायक के दायित्व का निर्वहन किया। कार्यक्रम का संयोजन एवं आभार ज्ञापन मनोविज्ञान प्रभारी डॉ शिवकुमार ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनोविज्ञान परिषद की अरीबा अंसारी, रोशनी, अंजलि चौरसिया, नीतू मोदनवाल, मुस्कान खान आदि की सक्रिय भूमिका रही।

दलीय सीमा तोड़कर नेताओं ने दी नेता जी को नम आंखो से श्रद्धांजलि

गाजीपुर। शुक्रवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष रामधारी यादव की अध्यक्षता में समाजवादी पार्टी के संस्थापक, संरक्षक, देश के पूर्व रक्षामंत्री एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे धरती पुत्र एवं जननायक स्व.मुलायम सिंह यादव के निधनोपरान्त उनकी स्मृति में एक सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा शहर मुख्यालय स्थित सरजू पांडे पार्क में आयोजित हुई। इस श्रृद्धांजलि सभा में दलीय सीमा तोड़कर सभी राजनीतिक दलों के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर नेताजी को नमन करते हुए अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस श्रृद्धांजलि सभा में सभी वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और उनके किये गये कार्यों की चर्चा करते हुए भरपूर प्रशंसा की। इस श्रृद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने नेता जी के निधन पर दुख प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया और कहा कि उनका जाना बेसमय हुआ है। आज के राजनीतिक परिदृश्य में मुल्क को उनकी बहुत जरूरत थी। वक्ताओं ने नेता जी के लड़ाई और सोच को आगे बढ़ाते हुए नेता जी के आदर्शों एवं उनके बताए रास्ते पर चल कर जनसेवा करने का संकल्प लिया।


वक्ताओं ने उन्हें सर्वसमाज का‌ नेता बताया और कहा कि वह शिक्षक, अधिवक्ता, किसान, नौजवान, छात्र, सैनिक, महिलाएं, बेरोजगार, मुसलमान, कलाकार, साहित्यकार तथा समाज का कोई ऐसा वर्ग नहीं रहा जिसके हित में मुलायम सिंह की कलम न चली हो। वक्ताओं ने कहा कि नेता जी ने लोहिया और जयप्रकाश जी के सिद्धांतों और उनके सपनों को अमलीजामा पहनाने का काम किया। उनके निधन से समाजवादी पार्टी ही नहीं बल्कि देश के समाजवादी आंदोलन और भारतीय राजनीति को अपूर्णीय क्षति हुई है। वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ लोहिया के बाद समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे। वह लोकतंत्र के सजग प्रहरी थे। उनके निधन से आज देश के गरीबों, शोषितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज पूरी तरह से खामोश हो गयी है। वह सामाजिक न्याय और और धर्मनिरपेक्षता के प्रबल पक्षधर और सशक्त पैरोकार थे।वह सम्बन्धों के धनी थे। सम्बन्ध निभाने में उनका कोई जोड़ नहीं था। सम्बन्धों को निभाने में वह कभी कभी दलीय सीमा को भी तोड़ देते थे। सभी वक्ताओं ने कहा कि उनका कृतित्व वर्षों वर्षों तक याद किया जाएगा और वह हम सब के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि नेता जी सभी का सम्मान और सभी की मदद करते थे। वह पक्ष के पहाड़ थे। चाहे पक्ष का हो चाहे विपक्ष का जिनके साथ वह खड़े होते थे अन्त तक खड़े रहते थे। उनके निधन से पक्ष हो चाहे विपक्ष सभी दुखी हैं। उनके निधन से भारतीय राजनीति के एक युग का अवसान हो गया है। गरीब उनकी राजनीति के केन्द्र में था। वक्ताओं ने गरीबों के हित में किये गये उनके कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बेरोजगारी भत्ता, कन्या विद्याधन, मुफ्त पढ़ाई, मुफ्त दवाई और मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था उन्होंने किया था। और हर जिले में अधिवक्ताओं के लिए अधिवक्ता भवन का निर्माण कराया था। उन्होंने ही रक्षा मंत्री रहते हुए सीमा पर तैनात शहीद सैनिकों का शव उनके घर पहुंचाने का इंतजाम किया था।

वह आजीवन समाज से गैरबराबरी समाप्त कर समता मूलक समाज बनाने की लड़ाई लड़ते रहे। वक्ताओं ने यह भी कहा कि यह उनके व्यक्तित्व का ही कमाल था कि लोगों ने दलीय सीमा तोड़कर क्या पक्ष क्या विपक्ष सभी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया। सांसद अफजाल अंसारी ने नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नेता जी को सर्वमान्य नेता बताया और भारत सरकार से उन्हें भारत रत्न सम्मान देने की मांग किया। उन्होंने नेता जी को गरीबों का रहनुमा और हर दिल अजीज बताते हुए कहा कि नेता जी एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार थे। गैरबराबरी के खिलाफ वह आजीवन संघर्ष करते रहे। उनकी संघर्ष गाथा हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। हमें उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है यदि व्यक्ति संघर्ष करेगा तो उसके लिए कोई मंजिल नामुमकिन नहीं है। जमानियां विधायक ओमप्रकाश सिंह ने नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेता जी अपने कार्यों, विचारों, वसूलों और सिद्धान्तों के लिए हमेशा याद किये जायेंगे। नेता जी मरे नहीं बल्कि अमर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह जैसे नेता आज भारत की राजनीति में दुर्लभ हो गये है। उनके अंदर संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता थी। उनके मन में गरीबों के लिए गहरी वेदना और पीड़ा थी। जब भी अवसर मिला गरीबों ही नहीं समाज के हर तबके के लिए दिल खोलकर कलम चलाई। वह सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर हमें समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत है। विधायक डॉ वीरेंद्र यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जिले में नेता जी की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव रक्खा जिसे उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से हाथ उठाकर अपनी सहमति प्रदान किया। उन्होंने कहा कि नेता जी ने हमेशा हम सबको संघर्ष का पाठ पढ़ाया और वह गरीबों पिछड़ों के सवाल पर आजीवन संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नेता जी को श्रद्धांजलि देने के लिए नेताओं का तांता लगा रहा वह नेता जी की लोकप्रियता को दर्शाता है।


विधायक जै किशन साहू ने श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेता जी साहस और सत्य के पर्याय थे। उनके सिद्धांतों और उसूलों को अपने जीवन में आत्मसात कर नेता जी को हमेशा के लिए जीवंत रखने की जरूरत है। वह अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आजीवन संघर्ष करते रहे। पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा ने कहा कि नेता जी ने श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह आंदोलन के नेता थे और हमेशा हम सबको ग़रीबों के सवाल पर आंदोलन की प्रेरणा देते थे।
इस श्रृद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से मोहम्मदाबाद विधायक मन्नू अंसारी, विवेक कुमार सिंह शम्मी, पूर्व विधान परिषद सदस्य बच्चा यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ नन्हकू यादव, दयानंद यादव, राजेश कुशवाहा, अशोक कुमार बिंद, राजकिशोर यादव, गोपाल यादव, पूर्व विधायक रामनारायन कुशवाहा, गोरख सिंह यादव, पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा, रामवचन यादव, सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन रामधारी यादव, मदन यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, दिनेश यादव, अमित ठाकुर, जै हिंद यादव, राजेंद्र यादव, गोवर्धन यादव, भानु यादव,हरेंद्र विश्वकर्मा, बीना यादव, डॉ सीमा यादव,रणजीत यादव,सिंकदर कन्नौजिया, डॉ समीर सिंह,सत्या यादव, अरविंद यादव, प्रभुनाम राम, परशुराम बिंद,डॉ विकास यादव, आत्मा यादव,ओपी यादव, विजय शंकर यादव,मुन्नन यादव, नफीसा बेगम, विभा पाल, नरसिंह यादव,रविशेखर विश्वकर्मा,अभिनव सिंह, रीना यादव रामप्रताप यादव, गरीब राम, विजय बहादुर यादव, केसरी यादव, आजाद राय, राहुल सिंह,विजय शंकर पाल, अनिल यादव, प्रमोद यादव आदि उपस्थित थे। इस श्रृद्धांजलि सभा में पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह जी के साथ साथ दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं में मुख्य रूप से कांग्रेस की तरफ से जिलाध्यक्ष सुनील राम, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, रविकांत राय, चन्द्रिका सिंह, रामनगीना पांडे, शफीक अहमद, भाजपा की तरफ से जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल, पूर्व मंत्री विजय कुमार मिश्रा, विजय शंकर राय, वासुदेव पांडे, अर्जुन सेठ, अखिलेश सिंह, भाकपा माले की तरफ से ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, बसपा की तरफ से सांसद अफजाल अंसारी, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिनाथ राजभर, रामचन्द्र राम, लोकदल की तरफ से पूर्व जिलाध्यक्ष रमाशंकर यादव, बलिराम यादव, सतीश चन्द्र यादव, जितेन्द्र राय आदि ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस श्रृद्धांजलि सभा का संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।