गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के आठवे दिन श्री भरत जी गुरू वशिष्ठ व शत्रुध्न की शोभा यात्रा 28 सितम्बर के शाम 7 बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम सिंहासन से बाजे-गाजे के साथ शुरू होकर मुरली कटरा परसपुर, झुन्नु लाल चौराहा, आमघाट, राजकीय महिला महाविद्यालय, महुआबाग, पहाड़खाँ का पोखरा हेतु हुए सकलेनाबाद पहुँचा। लीला के दौरान भरत तथा शत्रुध्न गुरू वशिष्ठ के आदेशानुसार अपने ननिहाल कैकेय अपने प्रदेश लौटकर अयोध्या पहुंचे, वहाँ पहुँचकर उन्होंने पूरे अयोध्या वासियों को उदास देखा। वे माता कैकेयी के कक्ष में पहुँचकर पिता जी व बड़े भाई श्रीराम के बारे में जानकारी प्राप्त किये। जब कैकेयी ने बताया कि पिता जी स्वर्ग को सिधार गये और श्रीराम 14 वर्ष के लिए वनवास चले गये। इतना सुनते ही क्रोधित हो जाते हैं। थोड़ी समय बाद जब क्रोध शांत हुआ तो राजदरबार में पहुँच करके अयोध्या वासियों के साथ अपने बड़े भाई श्रीराम को मनाने के लिए चित्रकुट पहुंच जाते हैं। वहाँ पर पहुंचकर श्रीराम को दण्डवत प्रणाम करने के बाद वे अयोध्या चलने के लिए निवेदन करते हैं। श्रीराम ने भरत के बात को सुनकर अयोध्या जाने से इन्कार कर देते हैं तथा अपना चरणपादुका (खड़ाऊ) दे करके अपने छोटे भाई भरत जी को अयोध्या लौट जाने के लिए आदेश देते हैं। श्रीराम के आदेशानुसार महाराज भरत श्रीराम के खड़ाऊ को सर पर रख करके अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं। इस दृश्य को देखकर पूरे दर्शनार्थी भावविघोर हो जाते हैं। इस अवसर पर मंत्री ओमप्रकाश तिवारी (बच्चा), उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, प्रबंधक वीरेश राम वर्मा, उप प्रबंधक मयंक तिवारी, अजय कुमार पाठक, मनोज तिवारी, रामसिंह यादव, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी आदि लोग उपस्थित रहे।
गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागो के अन्तर्गत संचालित विकास कार्यक्रमो की प्रगति समीक्षा बैठक बुधवार को जिला पंचायत सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्याे में मजदूरो के भुगतान में लापरवारही पर 4 विकास खण्डो के टी0ए0 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। कहा कि मजदूरो का पसीना सूखने से पहले उनकी मजदूरी दे दी जाये। समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद के 28 विभागो एवं 16 विकास खण्डो के अन्तर्गत संचालित विकास कार्यक्रमो की प्रगति समीक्षा करते हुए जानकारी ली। उन्होने मनरेगा योजना के तहत कराये जा रहे समस्त बिन्दूओ पर समीक्षा की जिसमें कई विकास खण्डो की प्रगति धीमी तथा कई ग्राम पंचायतो में कार्य प्रारम्भ न होने तथा 4 विकास खण्ड जिसमें सादात, करण्डा, बिरनो एंव देवकली मे मनरेगा कार्यो में मजदूरो के भुगतान पेण्डिंग होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित टी0ए0 का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि मजदूरो का पसीना सूखने से पहले उनकी मजदूरी दे दी जाये, इसमें लापरवाही क्षम्य नही होगी। उन्होने कहा कि मनरेगा के तहत जो भी कार्ययोजना बनी है उसे निश्चित समयान्तर्गत में ही पूर्ण कराये, जिससे मजदूरो को रोजगार मिलेे। उन्होने वर्ष 2020-21 एवं वर्ष 2021-22 के अपूर्ण प्रधानमंत्री आवास एवं मुख्यमंत्री आवास की रिकवरी कराने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि खण्ड विकास अधिकारी सचिव एवं ग्राम प्रधान संग प्रतिदिन बैठक करते हुए, यह निर्देशित करे की शासन की किसी भी योजनाओ मे यदि किसी भी तरह की धन उगाही की सूचना प्राप्त होती है तो उन्हे बक्सा नही जायेगा। उन्होने मुख्य विकास अधिकारी को प्रधानमंत्री एंव मुख्यमंत्री आवासो की एक जिला स्तरीय कमेटी बनाकर जांच का निर्देश दिया तथा खण्ड विकास अधिकारी स्वयं आवास योजना में पात्रो से दूरभाष के माध्यम से वार्ता करते हुए उन्हे किसी भी व्यक्ति या दलाल को पैसे देने से रोकेगे तथा यह बतायेगे की यह आवास उनके पात्रता के क्रम में उन्हे मिला है। उन्होने अधूरे सामुदायिक शौचालयो को 15 अक्टूबर तक पूर्ण कराते हुए हैण्डओवर का निर्देश दिया तथा कहा कि हैण्डओवर हुए सामुदायिक शौचालय अपने रोस्टर के अनुसार क्रियाशील रहे यह जिला पंचातय राज अधिकारी की जिम्मेदारी है, जिसे वह बराबर चेक करते रहेगे। जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में विभागीय विकास परक योजनाओं को समय से पूरा करने के सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर पात्र व्यक्तियों को त्वरित गति से लाभ पहुचाया जाये। इसमे किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहने पाए। उन्होने आई जी आर एस की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिया कि यदि किसी भी विभाग के शिकायत पत्र का निस्तारण निर्धारित समयांतराल मे नही किया जाता और वह डिफाल्टर होता है तो इसका उत्तरदायित्व सम्बन्धित अधिकारी का होगा। उन्होने समस्त अधिकारियो को प्राप्त शिकायतो का निस्तारण निर्धारित समयांतराल मे गुणदोष के आधार पर करने का निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने पंचायत भवन निर्माण, अन्त्येष्टि स्थल निर्माण, ओ डी एफ प्लस की प्रगति, ग्राम पंचातय सचिवो के विरूद्ध लंबित कार्यवाही, वृद्धा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, शादी अनुदान एवं छात्रवृत्ति, निराश्रित विधवा पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, हर घर जल योजना, आयुष्मान कार्ड, हेल्थ वेलनेस सेन्टर, पी एच सी निर्माण, टीकाकरण की प्रगति, परिवार नियोजन, पोषाहार वितरण, आपरेशन कायाकल्प, एम डी एम संचालन, डी0डी0यू0जी0 के0 वाई0 की प्रगति, मत्स्य विकास, औद्यानिक मिशन, निराश्रित गौ-वंश आश्रय स्थलो के सचालन व सत्यापन, लम्पी वायरस , फसल बीमा, सोलर पंम्प स्थापना, नहरो की सिल्ट सफाई, संचालन की स्थिति, राजकीय नलकूप की स्थापना एंव संचालन की स्थिति, सोलर लाईटो की स्थापना, पर्यटन विकास, एवं अन्य विभागीय योजनओ की विस्तारपूर्वक समीक्षा की । इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 हरगोविन्द, परियोजना निदेशक राजेश यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी उपस्थित रहे।
भाजपा जिलाध्यक्ष के पत्र पर जिले के चार मार्गों का अतिशीघ्र होगा कायाकल्प
गाजीपुर। भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने लोकसभा की प्रवासी केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी को पत्र लिखकर जिले के चार प्रमुख महत्वपूर्ण मार्गों मनिहारी -जखनियाँ तहसील होते फद्दूपुर मार्ग लगभग 21 किमी, सैदपुर से भितरी, धुवार्जुन होते शादियाबाद मार्ग, लगभग 24 किमी, राष्ट्रीय राजमार्ग 29 जंगीपुर, लावा मोड़ से वाया सुभाखरपुर आरीपुर मार्ग लम्बाई 10.25 किमी, नन्दगंज से शादियाबाद मार्ग 16.65 किमी जो जर्जर और गड्ढों के कारण दुर्गम है। उनके सुदृढीकरण एवं चौड़ीकरण हेतु कहा था। उस पर तत्काल प्रभाव से मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद से वार्ता कर उन्हें पत्र लिखकर इसके त्वरित निर्माण को कहा है। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा ने विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी देते हुए बताया कि इस आशय की जानकारी स्वयं केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह को फोन करके बताते हुए कहा कि लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने इस पर अतिशीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिया है।
गाजीपुर। जनपद के न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह द्वितीय, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने गोराबाजार स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) का बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैदियों से पूछताछ करते हुए उनके समय पर नाश्ता, खाना-पान की जानकारी ली और रसोई भी चेक किया। निरीक्षण दौरान जिला जज ने कहा कि प्रत्येक दिन की खाने की वस्तु का चार्ट मीनू दीवार पर लगा होना चाहिए, उन्होंने शौचालय में साफ-सफाई एवं हार्पिक, साबुन, हैण्डवाश, मच्छरों के लिए छिड़काव आदि की व्यवस्था करना सुनिश्चित करते हुए विशेष ध्यान देने का निर्देश। कैदियों के प्रत्येक रूम में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कैदियों से उनका हाल जाना तथा वे किस मुकदमे, कहा के निवासी है तथा कितने वर्षों से सजा काट रहे हैं। उसके बारे में जानकारी भी ली। उन्होने कहा कि किसी भी बालक के साथ उत्पीड़न अथवा परेशानी न होने पाय। उन्होने कहा कि बच्चों के सम्पूर्ण विकास में खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृतिक गतिविधियों, विज्ञान का बड़ा हाथ होता है। इसलिए हर बच्चे को खेलकूद तथा कलात्मक, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार है। उसके उपरान्त जिलाधिकारी आर्याका अखौरी ने स्वर्गीय शिवपूजन पाठक बालिका बाल गृह रस्तीपुर सैदपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। संस्था में 16 बच्चियां आवासित पायी गयी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा के दृष्टिगत 2 गार्ड की तैनाती का निर्देश दिया। उन्होने परिसर में साफ सफाई पर विशेश ध्यान देने के साथ उपस्थिति पंजीका चेक करते हुए उपस्थित कर्मचारी से पूछताछ करते हुए वहां बनाये गये रसोई घर ,शयन कक्ष, मनोरंजन कक्ष का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संस्था में सीसीटीवी कैमरा एवं इनवर्टर एवं शुद्ध पेयजल हेतु कोई व्यवस्था न होने पर तत्काल आर0ओ0 मशीन लगाने का निर्देश दिया। उन्होने बच्चो/बच्चियों के खाने-पीने एवं साफ-सफाई तथा उनकी सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान दिया जाय। इसमें किसी स्तर की लापरवाही क्षम्य नही होगी। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अधिकारी संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आज पूरे जनपद में प्रकाशनरी डोज को लेकर लगेगा मेगा कैंप
गाजीपुर। कोविड-19 टीकाकरण अभियान जो पूरे देश में भारत सरकार के द्वारा निशुल्क लगाया गया। वही आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर तक प्रकाशनरी डोज निशुल्क लगाया जा रहा है। जिसके क्रम में 29 सितंबर गुरुवार को पूरे जनपद में मेगा कैंप के तहत 74,500 लोगों को प्रकाशनरी डोज से आच्छादित करने का कार्यक्रम चलाया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में 15 जुलाई से 30 सितंबर 2022 तक अभियान चलाकर 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को निशुल्क प्रकाशनरी डोज से आच्छादित किया जाना है। अब तक इस अभियान से प्रदेश के लक्षित 12.39 करोड़ लाभार्थियों के सापेक्ष 3.5 करोड़ से अधिक को प्रकाशनरी डोज लगाया जा चुका है। वही जनपद गाजीपुर की बात करें तो जनपद में 22.58 लाख लोगों को प्रकाशनरी डोज से आच्छादित करने का लक्ष्य दिया गया था। जिसके साथ में अब तक 8.15 लाख लोगों को प्रकाशनरी डोज लगाया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से लेकर 30 सितंबर तक प्रकाशनरी डोज आम नागरिक को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि उसके पूर्व इसके लिए लोगों को शुल्क देना पड़ता था। वहीं उन्होंने बताया कि 29 सितंबर गुरुवार को इसके लिए अंतिम मौका है। जिसमें अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा ले। अन्यथा की स्थिति में 30 सितंबर के बाद से प्रकाशन की डोज लगाने के लिए शुल्क चुकाना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि मेगा कैंप जनपद में जिला पुरुष अस्पताल गोरा बाजार, जिला महिला अस्पताल के साथ ही सभी ब्लॉकों के सीएचसी, पीएचसी और प्रत्येक ब्लाक में 5-5 मोबाइल टीम लगेगी।
गाजीपुर। सैदपुर ब्लाक के सिधौना गांव में सोमवार को जनपद के दो दर्जन जिला पंचायत सदस्यों ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह के मनमाने पन और खुद के अनदेखी पर आक्रोश जताया। जिपं सदस्य कमलेश ने कहा कि पिछले ढेड़ साल के कार्यकाल में मात्र दो बैठकें हुई है। जबकि हर तीन महीने पर एक बैठक अवश्य करनी चाहिए। पिछले अगस्त महीने में बैठक की तिथि तय कर कैंसिल कर दिया गया। सितंबर माह की बैठक मंगलवार को तय था जिसे अकारण अचानक कैंसिल कर दिया गया। कहा कि सदन के अधिकांश सदस्य जिला पंचायत मीटिंग न बुलाने और बार बार महत्वपूर्ण बैठकों को कैंसिल किये जाने से नाराज है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष महोदया बड़े पैमाने पर हुए स्ट्रीट लाइट घोटाले की जांच कराने से भाग रहीं है। जिला भर में करीब बारह करोड़ के 28 हजार लाइट मनमाने ढंग से लगाए गए है। जिनमें अधिकांश खराब होकर बेकार पड़े है। खेदन यादव ने कहा कि अपने क्षेत्र के विकास कार्यो की उपेक्षा और अनदेखी किये जाने से पंचायत सदस्य आक्रोशित है। पांच महीने बाद मंगलवार को जिला सभागार में होने वाले महत्वपूर्ण बैठक को अचानक रद्द किए जाने के बाद आक्रोशित सभी सदस्यों ने आगे की लड़ाई के लिए एकजुटता दिखाने के लिए यह आवश्यक बैठक किया है। पूरे सदन में अपना जनमत खो चुकीं सपना सिंह अपने समर्थक सदस्यों को सजेहने में नाकाम है। हम सभी सदस्यगण जिले के आला अधिकारियों सहित प्रदेश के उच्चाधिकारियों को इस उपेक्षा और अनदेखी की शिकायत करेंगे। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल ने कहा कि इसमें किसी अपने की चाल है जो हमारे ऊपर दवाब बनाना चाह रहा है। वहां 18 सदस्य थे जिनमे से 6 को डिनर के लिए बुलाया गया था, उन्हें पता ही नही था की ऐसी कोई मीटिंग भी है। ये सारे समाजवादी पार्टी के हैं। इनके आरोप बेबुनियाद हैं, हम नियम के अनुसार सही हैं। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्यों में रामखेलावन, विवेक यादव (सैदपुर) भोला बिंद, देवेंद्र यादव, जोखन यादव (देवकली) आकाश यादव(जमानियां) पांचू यादव, पंकज यादव(करंडा) आनंद कुमार(जखनिया), मटरू पहलवान (बिरनो) और गोबिंद यादव(रेवतीपुर) शैलेश कुमार, पारस यादव (मरदह) प्रीतम पासवान, विजय बंगाली, पूजा यादव (मोहम्मदाबाद) अखिलेश गौतम, रंजीत कुमार, आलोक, महेश यादव(सदर) शामिल रहे।
गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के सातवे दिन 27 सितम्बर, मंगलवार को सायं 7 बजे स्थानीय विशेश्वरगंज स्थित पहाड़खां पोखरा पर वन्दवाणी विनायकौ रामलीला मण्डल द्वारा श्रीराम केवट सम्वाद व घरनैल द्वारा सुरसरी पार जाने का लीला मंचन किया गया। श्रीराम चरित मानस ग्रन्थ के आधार पर अयोध्या काण्ड से लिया गया लीला दर्शाया गया कि माता कैकेयी के वरदान के अनुसार श्रीराम वनवास काल के दौरान अयोध्या राज्य सीमा के पार श्रीराम के सखा निषादराज का राज्य शुरू होता है। श्रीराम का रथ सीमा पार करके श्रृगवेरपुर राज्य में पहुंचता है तो निषादराज को दूतों द्वारा पता चलता है कि दो वीर पुरूष रथ पर सवार हो करके श्रृगवेरपुर की ओर आ रहे हैं तो निषादराज ने दूतों से कहा कि जाओ पता लगाओ कि वे दोनो वीर कौन हैं। निषादराज के आदेशानुसार दूतों ने जा करके पता किया कि वे दोनों वीर अयोध्या नरेश चक्रवर्ती राजा दशरथ के पुत्र श्रीराम, लक्ष्मण हैं। इतना सुनकर दूतों ने निषादराज को उनके बारे में सारा पता बताते हैं, जब निषादराज ने सुना कि अयोध्या के श्रीराम जो हमारे पुराने सखा हैं वे अपने भाई के साथ श्रृंगवेरपुर के सीमा पर आ पहुंचे हैं तो वे खुश हो करके अपने सैनिकों के साथ वहां पहुंचते हैं और पुराने बात को याद करके उन्होंने श्रीराम को अपने गले लगा लिया और सारी बाते सुनकर श्रीराम से निषादराज कहते हैं कि मित्र आप हमारे राज्य में चलिए वहां पर 14 वर्ष बिताइयेगा इतना सुनते ही श्रीराम ने कहा कि जिस राज्य को हमने त्यागकर वन प्रदेश के लिए प्रस्थान किया है, तो पुनः आपकी राज्य में जाने पर मैं प्रतिबन्धित हूँ, क्योंकि आपके साथ जाने पर मेरा संकल्प अधूरा रह जायेगा। निषादराज ने अपने मित्र के बात को मानकर सिसुपा वृक्ष के नीचे श्रीराम के ठहरने का व खाने-पीने का व्यवस्था करा दिया। श्रीराम, लक्ष्मण रातभर सिसुपा वृक्ष के नीचे विश्राम करने के बाद दूसरे दिन सुबह उठकर अपने नित्य कर्म से निवृत्त हो करके गंगा के तट पर खड़ा हो करके केवट को बुलाते हैं। केवट ने कहा कि महाराज आप अपना परिचय बताईये श्रीराम ने परिचय बताया केवट ने जब सुना कि श्रीराम सामने खड़े हैं, उसने कहा कि महाराज मैं पहले आपका पैर धो लूंगा तब मैं नाव पर बैठाउंगा क्योंकि आपके पैर में जादू है। इतना सुनते ही श्रीराम ने केवट से कहा कि जाओ पानी भरके लाओ और जल्दी पैर धूल करके मुझे गंगा पार उतारों। इतना सुनते ही केवट घर से कठौथा लाकर गंगाजल ले करके प्रभु श्रीराम का पैर धूल करके चरणामृत पान किया। उसके बाद उसने श्रीराम को नाव में बैठाकर गंगा पार कर दिया। पार होने के बाद प्रभु श्रीराम ने उत्तरायी देने लगे तो उसने कहा कि अब कछुनाथ न चाहिअ मोरे दिन दयाल अनुग्रह तोरे इतना कहने के बाद वह श्रीराम के चरणो में प्रणाम करके लौटना चाहता है तो प्रभु ने उसे अविरल भक्ति देकर उसे विदा कर देते हैं। इस अवसर पर मंत्री ओमप्रकाश तिवारी (बच्चा), उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, प्रबंधक वीरेश राम वर्मा, उप प्रबंधक मयंक तिवारी, अजय कुमार पाठक, मनोज तिवारी, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी आदि लोग उपस्थित रहे।
गाजीपुर। मंगलवार को जिला कारागार का स्थलीय निरीक्षण जनपद न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह-द्वितीय, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और पुलिस अधीक्षक रोहन पी0 बोत्रे ने संयुक्त रूप से किया। निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश ने कारागार चिकित्सालय मे भर्ती कैदियों से बीमारियो के सम्बन्ध मे पूछा तथा उनके खान-पान एवं साफ-सफाई की जानकारी ली। इस दौरान जिला कारागार के हवालात कार्यालय के स्टाक रजिस्टर की जांच की गयी, इसके पश्चात बारी-बारी से सभी बैरको का निरीक्षण किया गयां। बैरको मे बन्दियो के कार्ड पर अगली पेशी का दिनांक को चेक किया गया। कारागार मे रसोई घर के निरीक्षण मे आज के दिन में बनने वाले भोजन के मीनू की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि जेल के अन्दर किसी भी दशा मे मोबाइल का प्रवेश न होने पाये इस हेतु रोस्टर बनाकर चेंकिग अभियान चलाकर चेक किया जाये। इसके अतिरिक्त महिला बन्दी गृह मे दी जा रही सुविधाओ के बावत जानकारी ली। मौके पर क्षेत्राधिकारी सदर, कारागार के जेल अधीक्षक एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
गाजीपुर। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना, क्रियान्वयन तथा संचालन प्रबंधन हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मगंलवार को जिला पंचायत सभागार में संपन्न हुआ। बैठक में जिलाधिकारी ने पशुओ के लिए माह अगस्त 2022 के भरण पोषण एवं सहभागिता योजना में समिति द्वारा अनुमोदित धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गयी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने बताया कि भरण पोषण योजना के अन्तर्गत माह अगस्त, 2022 हेतु 34 गो-आश्रय केन्द्रो के 2620 गोवंश तथा सहभागिता योजना के अन्तर्गत माह अगस्त में 596 गोवंश की समीक्षा किया गया। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री निराश्रित बेसहारा सौभाग्य योजना अन्तर्गत उपस्थित पशु चिकित्सकों से अब तक कितने पशुओ को चिन्हित कर पशुपालकों को सुपुर्द किए गए हैं, उनकी जानकारी ली तथा पशु चिकित्साधिकारी एंव खण्ड विकास अधिकारी की एक टीम बनाकर जॉच का निर्देश दिया। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि इस योजना में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चो के परिवारो में दुधारू पशुओ की सुपुर्दगी की जाये। उन्होने पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि पशुओ की बराबर वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए, यदि किसी पशु के मृत्यु के बाद भी उसका भुगतान किया जाता है तो सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही तय है। उन्होने निर्देश दिया कि सहभागिता योजना के तहत पशुपालको मे दिये जाने वाले भुगतान समय से किया जाये। इसमे लापरवाही क्षम्य नही होगी। बैठक मे निर्माणाधीन बृहद गोवंश आश्रय स्थल पिपनार, कान्हा गोशाला जमानिया एंव सादात को पूर्ण कराने, गोवंशो हेतु भूसा एवं साथ-साथ चोकर व दानला की उपब्धता, स्वास्थ्य परीक्षण, व लम्पी स्कीन डिजीज से बचाव/टीकाकरण, क्रिटिकल गैप्स योजना, की विस्तरपूर्वक जनकारी ली। निर्माणाधीन कान्हा गोशाला जमानियां 10 अक्टूबर एवं कान्हा गोशाला सादात को 15 अक्टूबर 2022 तथा वृहद गोशाला पीपनार को माह अक्टूबर 2022 तक पूर्ण कराकर पशुओ को संरक्षित कराने का निर्देश दिया। उन्होने सख्त निर्देश दिया राजमार्गाे पर किसी भी दशा मे निराश्रित गांवश विचरण करते न पाये जाये इसकी जिम्मेदारी स्वयं सम्बन्धित अधिकारी की होगी। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/पंचायत , एवं अन्य सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
गाजीपुर। सरैया गांव के मूल निवासी वरिष्ठ पत्रकार वैभव वर्धन का मगंलवार की आज सुबह पीजीआई चंडीगढ़ में निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से पत्रकार जगत में शोक की लहर है। पीजीआई चंडीगढ़ में विगत करीब डेढ़ साल से उनका इलाज चल रहा था। वैभव ने केवल 48 वर्ष की उम्र में इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया। अत्यंत सरल स्वभाव के वैभव पत्रकारिता जगत में एक बड़े नाम थे और आजतक, इंडिया न्यूज समेत कई बड़े चैनल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में काम कर चुके थे। वह अपने पीछे अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गये हैं। उनका अंतिम संस्कार आज हरिद्वार में किया जायेगा। गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के कार्यालय में आज पत्रकारों में दो मिनट का मौन रखकर उनको श्रद्धांजलि दी।श्रद्धांजलि देने वालों में अशोक श्रीवास्तव, विनोद कुमार पांडेय, देवव्रत विश्वकर्मा, अभिषेक सिंह, सूर्यवीर सिंह, मोहन तिवारी, अनिल उपाध्याय, आशुतोष त्रिपाठी, रविकांत पाण्डेय, विनोद गुप्ता, सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, शशिकांत यादव, प्रदीप शर्मा, अखिलेश यादव, शशिकांत सिंह, विनय सिंह, शशिकांत तिवारी, कमलेश यादव, शिवप्रताप तिवारी भोलू, विक्की, बबलू राय, प्रमोद सिन्हा, वेदप्रकाश श्रीवास्तव, प्रमोद यादव, चंद्रमौलि पांडेय, राममनोज त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, शिवेश पांडेय, इन्द्रासन यादव, विवेक चौरसिया, मंजीत चौरसिया, प्रभाकर सिंह, शशिकांत यादव, अभिनव चतुर्वेदी, विशाल पांडेय, अखिलेश यादव, जितेंद्र यादव, विनय यादव, दिनेश प्रजापति, पवन श्रीवास्तव व अनिल कुमार उपस्थित रहे।