गाजीपुर। 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 147 वीं जयंती पुलिस लाइन में “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में मनाया गया, जिसमें एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे सहित अन्य अधिकारियों ने सर्वप्रथम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वहां उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा की पुलिस अधीक्षक ने शपथ दिलाई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने सरदार बल्लभ भाई पटेल द्वारा हमारे देश को आजाद कराने में किए गए योगदान से सभी को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस लाइन से “एकता के लिए दौड़” (रन फॉर यूनिटी) को हरी झंडी दिखाकर पुलिस अधीक्षक ने रवाना किया। इस दौड़ में पुरुष एवं महिला आरक्षियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। यह दौड़ पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर पीजी कॉलेज चौराहा होते हुए एसपी आवास से बड़ा महादेवा मंदिर गेट से वापस पीजी कॉलेज होते हुए पुलिस लाइन में जाकर समाप्त हुआ। पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सरदार वल्लभभाई पटेल के दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।
गाजीपुर। सोमवार को समाजवादी पार्टी के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष रामधारी यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर देश के पूर्व गृह मंत्री/उपप्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और समाजवादी पुरोधा आचार्य नरेन्द्र देव की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने इन दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने का और समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा ने सरदार वल्लभ भाई पटेल और आचार्य नरेन्द्र देव को देश का महान नेता बताते हुए कहा कि यह दोनों महापुरुष देश की एकता और अखंडता के सूत्रधार थे और आजादी की लड़ाई के महान सेनानी थे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर वह आजादी के आंदोलन में कूद पड़े और देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरदार बल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण किया। देश अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को कभी भूल नहीं सकता। उन्होंने 562 छोटी बड़ी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाकर एक भारत राष्ट्र का निर्माण कराया। जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बारदोली आंदोलन के नायक सरदार बल्लभ भाई पटेल जी सम्पूर्ण देशवासियों के मन में बसते हैं। वह हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल जी आज भी प्रासंगिक हैं। हम उन्हीं के रास्ते पर चलकर देश की एकता और अखंडता के साथ-साथ देश की आजादी की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने आचार्य नरेन्द्र देव को समाजवादी आंदोलन की आत्मा बताया और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्र राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। वह स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ पत्रकार, साहित्यकार और शिक्षाविद् थे। देश को आजाद कराने का उनका जुनून उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन में खींच लाया। वह गांधी के साथ काफी दिनों तक जेल में रहे। इस गोष्ठी में मुख्य रूप से अशोक कुमार बिंद, मदन सिंह यादव, चौथी यादव, सदानंद यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, दिनेश यादव, अमित ठाकुर, गोवर्धन यादव, कमलेश यादव, चन्द्रेश्वर यादव उर्फ पप्पू यादव, चन्द्रिका यादव, सिंकदर कन्नौजिया, नफीसा बेगम, रामसिंह यादव, फिरोज जमाल अंसारी, अतीक अहमद राईनी, शेर अली राईनी, रतन पाल, राजेश यादव, पवन यादव, आरिफ खां, रामाशीष यादव, नन्हें, पंकज यादव, मुन्ना यादव आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।
गाजीपुर। सोमवार को समाजवादी पार्टी के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष रामधारी यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर देश के पूर्व गृह मंत्री/उपप्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और समाजवादी पुरोधा आचार्य नरेन्द्र देव की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने इन दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने का और समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा ने सरदार वल्लभ भाई पटेल और आचार्य नरेन्द्र देव को देश का महान नेता बताते हुए कहा कि यह दोनों महापुरुष देश की एकता और अखंडता के सूत्रधार थे और आजादी की लड़ाई के महान सेनानी थे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर वह आजादी के आंदोलन में कूद पड़े और देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरदार बल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण किया। देश अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को कभी भूल नहीं सकता। उन्होंने 562 छोटी बड़ी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाकर एक भारत राष्ट्र का निर्माण कराया। जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बारदोली आंदोलन के नायक सरदार बल्लभ भाई पटेल जी सम्पूर्ण देशवासियों के मन में बसते हैं। वह हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल जी आज भी प्रासंगिक हैं। हम उन्हीं के रास्ते पर चलकर देश की एकता और अखंडता के साथ-साथ देश की आजादी की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने आचार्य नरेन्द्र देव को समाजवादी आंदोलन की आत्मा बताया और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्र राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। वह स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ पत्रकार, साहित्यकार और शिक्षाविद् थे। देश को आजाद कराने का उनका जुनून उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन में खींच लाया। वह गांधी के साथ काफी दिनों तक जेल में रहे। इस गोष्ठी में मुख्य रूप से अशोक कुमार बिंद, मदन सिंह यादव, चौथी यादव, सदानंद यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, दिनेश यादव, अमित ठाकुर, गोवर्धन यादव, कमलेश यादव, चन्द्रेश्वर यादव उर्फ पप्पू यादव, चन्द्रिका यादव, सिंकदर कन्नौजिया, नफीसा बेगम, रामसिंह यादव, फिरोज जमाल अंसारी, अतीक अहमद राईनी, शेर अली राईनी, रतन पाल, राजेश यादव, पवन यादव, आरिफ खां, रामाशीष यादव, नन्हें, पंकज यादव, मुन्ना यादव आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।
गाजीपुर। 31 अक्टूबर भारत के इतिहास की महत्पूर्ण तिथि है। इस दिन भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि तथा स्वाधीन भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल के जन्म दिवस पर आज राष्ट्र कृतज्ञ भाव से अपने नेताओं को श्रद्धापुष्प अर्पित कर रहा है। इसी क्रम में स्वामी सहजानंद पीजी कालेज में सोमवार को राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए महावि के अंग्रेजी बिभाग के अध्यक्ष प्रो. अजय राय ने भारत की एकता एवं अखंडता के लिए सरदार पटेल के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि जर्मनी के चांसलर बिस्मार्क की भांति पटेल ने छोटे-छोटे रजवाड़े-स्टेट्स का एकीकरण कर एक स्वम्प्रभु राष्ट्र की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। उनके इस महती योगदान को स्मरण करते हुए भारत सरकार ने 1914 से उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस कार्यक्रम में शपथ ग्रहण समारोह का भी आयोजन किया गया जिसमे शिक्षकों कर्मचारियों तथा एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। इसके साथ ही एकता, अखंडता एवम सुरक्षा का संदेश देने के लिए 3 किमी की दौड़ आयोजित की गयी। जिसका संयोजन डॉ. विलोक सिंह, एनसीसी प्रभारी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. रामधारी राम, सत्येंद्र राय, सुरेंद्र प्रसाद, मुन्ना, मनोज राम, पुष्करदेव सारस्वत तथा छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।
गाजीपुर। समृद्धि, पुत्र प्राप्ति व मंगलकामना के पर्व छठ पर रविवार की शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। सोमवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व का समापन होगा। शहर में विभिन्न घाटों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। शाम होने से पहले ही व्रती महिलाएं तालाबों व नदियों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पहुंचने लगी। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में बने अस्थायी और स्थाई घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। बड़ी संख्या में छठ व्रती अपने पूरे परिवार एवं गाजे-बाजे के साथ छठ घाट पर पहुंचे। शाम को पूरे विधि-विधान से छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य एवं छठ माता की आराधना की। बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि व अन्य लोग भी व्रतियों को पर्व की शुभकामनाएं देने छठ घाटों पर पहुंचे। सूर्य देव की उपासना का यह पर्व शुद्धता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला है।
सूर्य देव के साथ-साथ छठी मैया की पूजा का विधान है। इस व्रत में सूर्य और षष्ठी माता दोनों की उपासना होती है। इसलिए इसे सूर्यषष्ठी भी कहा जाता है। दिन में छठी व्रतियों ने गेहूं, घी व शक्कर का ठेकुआ, चावल, घी और शक्कर का लड्डू प्रसाद के लिए बनाया। बांस के बने सूप डाला, दौरा, टोकरी में प्रसाद को रखा गया। इसके साथ ही प्रसाद के रूप में सेब, केला, अमरूद, नींबू सहित अन्य फल प्रसाद के रूप में रखे गए। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए छठ व्रती सूर्य उदय से पहले ही घाट पहुंचने लगेंगे। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद 36 घंटे का कठिन व्रत का पारण होगा। घरों से लेकर घाटों तक भक्तिपूर्ण माहौल बना रहा। छठ महापर्व की तैयारियां घरों में कई दिनों से चल रही थी। घरों से लेकर घाटों तक भक्ति के गीत गूंजते रहे। शहर के ददरीघाट, कलेक्टर घाट, गोलाघाट, चीतनाथ घाट और नवापुरा घाट सहित विभिन्न घाटों को भक्तिमय गीतों ने माहौल ने भक्तिमय बना दिया। इस दौरान घाटों पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा।
इस दौरान घाटों का जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने डाला छठ के पावन पर्व पर संध्याकाल मे गंगा घाट पर नाव के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कलक्टर घाट से होते हुए सिकंदरपुर घाट, पीरनगर, बड़ा महादेवा घाट होते हुए छोटा महादेवा गोराबाजार घाट तक नाव के माध्यम से भ्रमण किया। मौके पर एस पी सिटी गोपीनाथ सोनी, उप जिलाधिकारी सदर प्रतिभा मिश्रा, क्षेत्राधिकारी सदर गौरव कुमार, ई ओ नगर पालिका सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में भारतरत्न, लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती के अवसर पर 100 गांव मे रन फार यूनिटी कार्यक्रम के भव्य आयोजन हेतु तैयारी बैठक विकास भवन कार्यालय में शनिवार को सम्पन्न हुआ। बैठक में उन्होने उपस्थित समस्त सम्बन्धित अधिकारियो को उनके कार्याे तथा दायित्वो का बोध कराते हुए आवश्यक निर्देश दिये। उन्होने कहा कि 31 अक्टूबर, 2022 को भारतरत्न, लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाये जाने का निर्देश शासन स्तर से प्राप्त है। जो जनपद के समस्त तहसीलो एवं सभी विकाखण्डो मे राष्ट्रीय एकता दिवस 2022 पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जायेगा। इस दौरान लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय एकता पर आधारित शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जायेगा। जनपद स्तर पर यह कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ मनाया जायेगा। राईफल क्लब सभागार से रन फार यूनिटी का आयोजन किया जायेगा जो नेहरू स्टेडियम गोराबाजार पर जाकर समाप्त होगी। नेहरू स्टेडियम गोराबाजार मे सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से सरदार बल्लभ भाई पटेल पर आधारित पुस्तको की प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल की जीवनी, कार्य एवं दर्शन पर आधारित क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। बैठक मे एस पी सिटी गोपी नाथ सोनी, डिप्टी कलेक्टर चंद्रशेखर यादव, क्षेत्राधिकारी गौरव कुमार, सूचना अधिकारी राकेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अंशुल मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक नाथ तिवारी, जेलर राकेश कुमार वर्मा, जिला विकास अधिकारी राजेश यादव, जिला क्रीड़ा अधिकारी अरविन्द यादव, सुभाष चन्द्र प्रसाद नेहरू युवा केन्द्र एवं अन्य अधिकारी सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।
गाजीपुर। आगामी धान खरीद वर्ष 2022-23 के अन्तर्गत जनपद में धान खरीद की तैयारियों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में शनिवार को जिला पंचायत सभागार में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0)/जिला खरीद अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति, जंगीपुर, डिपो प्रबन्धक, भारतीय खाद्य निगम, जिला प्रबन्धक, पी0सी0एफ0 एवं पी0सी0यू0, गाजीपुर तथा गाजीपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। आगामी धान खरीद हेतु जनपद को कुल 122 क्रय केन्द्र खोले जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। गतवर्ष जनपद में कुल 131 क्रय केन्द्र संचालित थे। गतवर्ष विपणन शाखा के संचालित 31 केन्द्रों के सापेेक्ष इस वर्ष 31 क्रय केन्द्र, पी0सी0एफ0 के 15 केन्द्रों के सापेक्ष 14 केन्द्र, पी0सी0यू0 के 40 केन्द्रों के सापेक्ष 10 केन्द्र, भारतीय खाद्य निगम के 01 केन्द्र के सापेक्ष 01 केन्द्र, कुल 56 केन्द्र अनुमोदित हुए हैं। जिलाधिकारी द्वारा सभी एजेन्सियों को गतवर्ष संचालित केन्द्रों का प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। सचिव मंडी समिति द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 65 पॉवर डस्टर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 65 पॉवर डस्टर तथा एनॉलिसिस किट शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा। चावल मिलों का पंजीयन/सत्यापन के सम्बन्ध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद स्थित क्रियाशील कुल 53 राइस मिलों में से 38 राइस मिलों में ब्लेन्डर व सार्टेक्स उपलब्ध है। जिलाधिकारी द्वारा सभी ब्लेन्डर एवं सार्टेक्सयुक्त मिलों का गहन परीक्षण कराते हुए केन्द्रों से मिलों का सम्बद्वीकरण प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। भण्डारण व्यवस्था के सम्बन्ध में डिपो प्रबन्धक, भारतीय खाद्य निगम द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में निगम के पास देवकठिया 10000 मी0टन नियमित भण्डारण क्षमता उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त गतवर्ष लगभग 18000 मी0टन अतिरिक्त भण्डारण क्षमता सृजित करते हुए सी0एम0आर0 का भण्डारण कराया गया था। यूसुुफपुर मंडी परिसर में एस0डब्लू0सी0 द्वारा 5000 मी0टन का गोदाम निर्माणाधीन है। निर्देशित किया गया कि गतवर्ष के सभी गोदामों का शीघ्र चिन्हांकन करते हुए यूसुफपुर मंडी में निर्माणाधीन गोदाम को 15 नवम्बर, 2022 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये है।
गाजीपुर। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ0प्र0 लखनऊ के निर्देश के क्रम में जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमन्त राव द्वारा शनिवार को स्वयं शिक्षा क्षेत्र जमानियाँ के प्राथमिक विद्यालय सरैया एवं कम्पोजिट विद्यालय हेतिमपुर, क्षेत्र रेवतीपुर के प्राथमिक विद्यालय रमवल, उच्च प्राथमिक विद्यालय रमवल व कन्या कम्पोजिट विद्यालय सुहवल का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय सरैया क्षेत्र जमानियाँ पर श्वेता राय स0अ0, मनीषा शर्मा स0अ0 बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पायी गईं। उक्त दोनों अध्यापिकाओं का अनुपस्थित तिथि का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में 120 छात्रों के नामांकन के सापेक्ष 28 छात्र उपस्थित पाये गये, जो कि अत्यन्त ही न्यून है, जिसके लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित समस्त स्टाफ को कठोर चेतावनी देते हुए छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। कम्पोजिट विद्यालय हेतिमपुर क्षेत्र जमानियाँ के निरीक्षण में सभी स्टाफ उपस्थित पाये गये तथा विद्यालय का परिवेश व छात्रों की उपस्थिति सन्तोषजनक पायी गयी। इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय रमवल क्षेत्र रेवतीपुर के निरीक्षण के दौरान 144 छात्रों के नामांकन के सापेक्ष केवल 20 छात्र उपस्थित पाये गये, जिसके लिए विद्यालय के समस्त स्टाफ को कड़ी चेतावनी देते हुए खण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण माँगा गया। कन्या कम्पोजिट विद्यालय सुहवल क्षेत्र रेवतीपुर निरीक्षण के दौरान बन्द पाया गया, जिसके लिए विद्यालय के समस्त स्टाफ का निरीक्षण तिथि का वेतन/मानदेय अग्रिम आदेश तक बाधित किया गया। उपरोक्त निरीक्षण के दौरान उपरोक्त समस्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों सहित समस्त विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया गया है कि नियमित रूप से ससमय विद्यालयों में उपस्थित होकर अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन शासन के आदेशानुसार क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता कदापि न किया जाय। साथ ही साथ यह भी निर्देशित किया गया कि समस्त प्रधानाध्यापक/सहायक अध्यापक तथा शिक्षामित्र निरीक्षण के दौरान शिक्षण की गुणवत्ता, विद्यालयों की साफ-सफाई, विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत प्रेषित धनराशि को डी0बी0टी0 के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों के खातों में हस्तान्तरित कराये तथा शत्-प्रतिशत छात्रों का आधार पंजिकरण अनिवार्य रूप से कराया जाये, अन्यथा विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान उपरोक्त कमियों के पाये जाने पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिए विद्यालय के स्टाफ व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगें।
गाजीपुर। जनपद में डेंगू से बचाव हेतु सभी चिकित्सालय को सतर्क रखा गया है। इस क्रम में विगत दिनों राजकीय चिकित्सालय एवं निजी पैथोलॉजी से डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल नियमानुसार पुष्टि हेतु आई०एम०एस०बी०एच०यू प्रेषित किए जा रहे हैं। अब तक भेजे गए 82 सैंपल में से 75 के परिणाम प्राप्त हो गए हैं, जिसमें जनपद के 50 रोगियों में डेंगू धनात्मक की पुष्टि हुई है। सभी मरीज उपचार के पश्चात स्वस्थ हैं। जनपद के बाहर के चिकित्सालयों में उपचार हेतु गए मरीजों में से 19 मरीजों के डेंगू धनात्मक होने की सूचना प्राप्त हुई है। इस प्रकार जनपद में अब तक कुल 69 मरीज डेंगू धनात्मक पाए गए हैं। सभी मरीजों की स्वास्थ्य के निरंतर निगरानी करते हुए निरोधात्मक कार्यवाही कराई जा रही है। अब 7 मरीजों के सैंपल जो कल भेजे गए हैं उनके परिणाम लंबित हैं। सभी चिकित्सालयों में जांच एवं उपचार के पर्याप्त व्यवस्था की गई है। त्योहारों के दौरान बाहर से आने वाले जनपद वासियों की आशा के द्वारा निगरानी हेतु सभी चिकित्सा अधीक्षक को पूर्व में निर्देशित किया जा चुका है कि यदि किसी भी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण प्रतीत हो तो उनको तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संदर्भित किया जाए। आम जनता से भी अपील है की डेंगू के लक्षण जिसमें तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और उल्टी आदि की शिकायत हो तो घबराएं नहीं अति शीघ्र नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराए। प्लेटलेट्स का कम होना डेंगू का कोई लक्षण नहीं है अन्य वायरल बीमारियों में भी प्लेटलेट्स कम हो सकता है जोकि बीमारी दूर होने से अपने आप बढ़ जाता है। आम जनता से यह भी अपील है कि पूरे दिन अपने शरीर को ढक कर रखें तथा घरों के अंदर तथा आसपास कहीं भी किसी भी प्रकार के बर्तन, टायर, ट्यूब, कंटेनर, प्लास्टिक के सामान कूलर फ्रिज के कंडेंसेशन प्लेट में पानी इकट्ठा ना होने दें तथा उनकी नियमित सफाई करें। याद रखें डेंगू फैलाने वाले मच्छर हमारे घरों के अंदर अंधेरे वाली जगह में ही रहते हैं और दिन में काटते हैं। यदि किसी को भी बुखार हो वह दिन में भी मच्छरदानी लगाकर सोए एवं पर्याप्त मात्रा में सुपाच्य भोजन करें। डेंगू के उपचार हेतु कोई विशेष दवा अथवा वैक्सीन नहीं है सिर्फ बुखार कम करने के लिए पैरासीटामोल का चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। डिस्प्रिन अथवा आईबीब्रुफेन का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। डेंगू स्वतः एक सप्ताह में ठीक हो जाने वाली बीमारी है। अत्यधिक प्रसार वाले जनपदों-प्रयागराज जौनपुर वाराणसी लखनऊ आदि की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
गाजीपुर। बता दें कि छठ पूजा त्यौहार को लेकर प्रशासन घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने अधिकारियों संग ददरी घाट, साईं मंदिर घाट, कलेक्टर घाट सहित विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मेले के दौरान घाटों पर लगने वाले सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल से संबंधित जानकारी ली और संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इस दौरान सदर एसडीएम प्रतिभा मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर गोपीनाथ सोनी, क्षेत्राधिकारी सदर गौरव सिंह, नगर पालिका ईओ लालचन्द सरोज और सदर तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।