All posts by UP Fast News

सर्पदंश की स्थिति में करें यह कार्य

गाजीपुर।जनपद में सर्पदंश की घटना दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। उक्त के क्रम में आम जन-मानस को सर्पदंश से बचाव एवं इलाज हेतु प्रचार प्रसार करके इसके प्रसार को कम किया जा सकता है।

सर्प दिखने पर क्या करेः- सर्प को पकड़ने अथवा मारने का प्रयास न करें तथा उचित दूरी बनाकर रखे, सर्प को दौड़ाने, उस पर केमिकल व गर्म पानी फेकने से बचें, फारेस्ट अथवा फायर विभाग को सूचित करें।

सर्पदंश से बचावः- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, आस-पास झाड़-झंखाड़ ना होने दे, घर का कूड़ा करकट घर से दूर फेकें, दिवारों के छेद एवं दरार को भर दें, खिड़की को जाली से ढकवायें, अंधेरे में झाड़ियों में न जाये तथा टार्च का प्रयोग करें, बच्चों को अंधेरे में तथा झाड़ियों में न खेलने दे।

सर्पदंश की स्थिति में क्या करेंः- सबसे पहले जिसे सांप ने काटा है उसे लिटा दे ताकि चलने फिरने से जहर न फैले, उसे हिम्मत दे जिससें कि वह घबराए नही, घबराने से भी ब्लड फ्लो तेजी से बढ़ेगा और जहर फैलेगा, जल्द से जल्द नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाये, तंग कपड़े, ज्वेलरी, घड़ी, अंगूठी, बिछिया, पालय को उतार दें, क्योकि बाद में सूजन बढ़ सकती है,।

सर्पदंश की स्थिति में क्या न करेंः- कतई न घबराएं, शांत रहें। हर सर्पदंश का इलाज सम्भव है, झाड़, फूक, पुरानी परम्पराओ, देशी दवा आदि में समय बर्बाद न करे, सर्पदंश के हिस्से को काट कर या मुँह से चूस कर जहर निकालने की कोशिश न करें, सर्पदंश वाले स्थान को न धोएं न साफ करे, इससे सर्पदंश के स्थान को पहचानने में कठिनाई होगी, काटने वाली जगह पर रूमाल, कपड़ा, रस्सी जैसे कुछ न बाधें, बर्फ न लगाये, मालिस आदि न करें।

सर्पदंश का वैक्सीन (एन्टी स्नेक बेनम) जनपद के समस्त सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला पुरूष चिकित्सालय (मेडिकल कालेज) में निःशुल्क उपलब्ध है।
सर्पदंश की घटना हो जाने पर तुरन्त सहायता के लिए दिये गये नम्बरों पर सम्पर्क करें ।( 108, 112)

डीएम ने विभिन्न शरणालयो बाढ़ का किया निरीक्षण,ली जानकारी

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने गुरुवार को विभिन्न बाढ प्रभावित क्षेत्रो एवं बनाए गए बाढ शरणालयो का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने विकास खण्ड करण्डा क्षेत्र मे बनाए गए बाढ शरणालयो की निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने प्रा0 विद्यालय दीनापुर करण्डा, राममूरत महिला महाविद्यालय बड़सरा, इण्टर कालेज गोशन्देपुर, इण्टर कालेज करण्डा का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ शरणालयो की क्रियाशीलता की  जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाढ के दौरान सभी प्रभारी अधिकारी/कर्मचारी (लेखपाल, सचिव) अपने-अपने कार्यस्थलो क्षेत्रो मे भ्रमणशील रहते हुए अपने कार्य दायित्वो का ईमानदारी के साथ निर्वहन करेगें। बाढ शरणालयो में भोजन, पेजयल, विद्युत ,प्रकाश ,दवाए आदि के पर्याप्त व्यवस्था रहे कही कोई कमी न हो। मेडिकल टीम एक्टिव मोड मे रहें। सॉप, बिच्छु एवं अन्य विशैले जीव जन्तुओ के काटने पर उसके इलाज के लिए लगाए जाने वाले एन्टि स्नैक वेमन व अन्य मेडिसीन व पशुओ का दिये जाने वाले चारे पानी व दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चत रहे। उन्होने उपस्थित सफाई कर्मचारियो को बाढ शरणालय व बाढ के पश्चात गॉव मे साफ-सफाई का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि बाढ के पश्चात पानी जब घटता है तो जल जमाव व गन्दगी के कारण विभिन्न प्रकार की संक्रामक रोग पैदा करते है यह वही समय है जब आप लोग पूरे लगन के साथ अपने कार्य का निर्वहन कर गॉव मे साफ-सफाई रखेगे। यह एक महान कार्य है। जिसके लिए आपको जिला स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। मौके पर मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष योती, उप जिलाधिकारी सदर प्रखर उत्तम, तहसीलदार सदर , खण्ड विकास अधिकारी करण्डा, एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थि थे।

डीएम ने की बैठक,योजना पर की चर्चा

गाजीपुर।जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित मुद्दे, बाल कल्याण समिति के कार्य, बालकों के संरक्षण संबंधित योजनाएं जैसे बाल सेवा योजना ,स्पॉन्सरशिप योजना पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया की जनपद में नवीन संस्था बनाए जाने के संबंध में प्रस्ताव प्रेषित कराया जाए तथा देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बाल संसद इकाई व बाल कल्याण समिति द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष वैश्य ,अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी ,जिला समाज कल्याण अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

साल में एक बार फाइलेरिया से बचाव की दवा खाएं,जीवन को सुरक्षित बनाएं :सीएमओ

साल में एक बार फाइलेरिया से बचाव की दवा खाएं, जीवन को सुरक्षित बनाएं – सीएमओ

सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनसहभागिता के साथ जागरूकता भी जरूरी : डीएमओ

जनपद के 13 ब्लॉक समेत नगर के सभी वार्डों में चलेगा एमडीए अभियान

करीब 34.42 लाख लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

ब्लॉक के लिए 3033 और नगर के लिए 120 टीम तैयार, अपने सामने खिलाएँगे दवा

पेशेंट सपोर्ट नेटवर्क सदस्यों ने साझा किया बीमारी के उपचार व प्रबंधन का अनुभव

गाजीपुर। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम को लेकर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई एवं सीफार संस्था ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सर्वजन दवा सेवन अभियान के लिए समस्त तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह अभियान 10 अगस्त से दो सितंबर तक जनपद के 13 ब्लॉकों एवं नगर के सभी 25 वार्डों में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत करीब 34.42 लाख लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव की दवा (एल्बेण्डाजोल व डीईसी) खिलाई जाएगी। इसके लिए ब्लॉकों में 3033 टीमें और नगर के लिए 120 टीमें तैयार की गईं हैं। एक टीम में दो सदस्य (आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मी) रहेंगे। छह हजार से अधिक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर और 600 से अधिक सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं। सभी ब्लाकों के ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन व सुपरवाइज़र का प्रशिक्षण एवं टास्क फोर्स की बैठक हो चुकी है। नगर सहित सभी ब्लॉकों में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। अभियान में पंचायत राज विभाग, आजीविका मिशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शिक्षा विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, आईसीडीएस, नगर विकास विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं आईएमए, रोटरी क्लब, लायन्स क्लब, इनरव्हील क्लब तथा व्यापार संगठन से सहयोग लिया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया (फीलपाँव या हाथीपाँव) वाहक मच्छर क्यूलेक्स के काटने के बाद इसके लक्षण पांच से 15 साल के बाद दिखाई देते हैं। इसलिए एक साल से ऊपर के सभी बच्चों, किशोर-किशोरियों, वयस्कों, वृद्धजनों को फाइलेरिया से बचाव की दवा जरूर खानी चाहिए। यह दवा स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर अपने समक्ष खिलाएँगी। दवा खाली पेट नहीं खानी है। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खानी है। इस दवा के पाँच साल लगातार और साल में एक बार सेवन करने से हम अपना जीवन सुरक्षित बना सकते हैं। सीएमओ ने समस्त मीडिया बंधुओं के माध्यम से जनमानस से अपील की कि फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन जरूर करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने कहा कि किसी भी संदेश को जनमानस तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से फाइलेरिया एमडीए कार्यक्रम को लेकर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए वर्ष 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगातार प्रभावी नियंत्रण को लेकर कार्यवाई की जा रही है। फाइलेरिया रोग से प्रभावित अंग के साफ-सफाई और व्यायाम से इसे सिर्फ नियंत्रित किया जा सकता है। अभियान में स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएँगे। इन दवाओं का वितरण बिल्कुल भी नहीं किया जायेगा। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। यह दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हालांकि इन दवाओं का कोई विपरीत प्रभाव नहीं है। फिर भी किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैंतो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं। ऐसे लक्षण इन दवाओं के सेवन के उपरांत शरीर के भीतर परजीवियों के मरने के कारण उत्पन्न होते हैं। सामान्यतः यह लक्षण स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। परंतु ऐसी किसी भी परिस्थिति के लिए प्रशिक्षित रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) भी बनाई गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर आरआरटी को उपचार के लिए तुरंत बुलाया जा सकता है। यह अभियान सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार के साथ कार्य दिवसों में चलेगा।
कार्यशाला में फाइलेरिया पेशेंट सपोर्ट नेटवर्क की सदस्य कासिमाबाद निवासी गुड्डी मौर्य (42 वर्ष) और हृदयलाल पासवान (29 वर्ष) ने अपने फाइलेरिया बीमारी के अनुभवों को साझा किया और फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के लिए प्रेरित किया। गुड्डी ने बताया कि वह करीब 30 साल से हाथीपांव बीमारी से ग्रसित हैं। इलाज में बहुत पैसा खर्च किया लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। सब्जी की दुकान से अपना घर चलाती हैं। दो साल से नेटवर्क के साथ जुड़ीं हैं। नेटवर्क के साथ जुड़ने और नियमित व्यायाम करने से उनके पैरों की सूजन बहुत कम हो गई है। उन्हें पता नहीं था कि कई साल पहले हुई यह बीमारी इतना गंभीर रूप ले सकती है। हृदयालाल ने कहा – वह 17 साल से फाइलेरिया से ग्रसित हैं। पिछले एक साल से नेटवर्क से जुड़कर अपने पैर की सूजन को कम करने के लिए नियमित व्यायाम और योग कर रहे हैं। पहले पता होता तो हम भी फाइलेरिया से बचाव की दवा खा लेते। लेकिन अब दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं।
कार्यशाला में अन्य मच्छर जनित संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार आदि को लेकर की जा रहीं प्रभावी कार्यवाई के बारे में भी जानकारी दी गई। मीडिया बंधुओं के साथ सवाल-जवाब सत्र भी चलाया गया। कार्यशाला में एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह, एसीएमओ डॉ मनोज कुमार, सहायक मलेरिया अधिकारी राम सिंह, बायोलोजिस्ट एपी मौर्य, डीवीबीडीसी अंकिता त्रिपाठी, पाथ से डॉ अबु कलीम, डब्ल्यूएचओ से डॉ मंजीत सिंह चौधरी, पीसीआई से मनीष दुबे, सीफार के मंडलीय, जिला व ब्लॉक प्रतिनिधि, फाइलेरिया व मलेरिया निरीक्षक सुनील, प्रमोद, राज कुमार, नागेंद्र एवं अन्य अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

ओवैसी के जय फ़िलिस्तीन नारे का राज्यसभा सांसद ने दिया करारा जवाब

ओवैसी के जय फ़िलिस्तीन नारे का राज्यसभा सांसद डा संगीता बलवंत ने दिया करारा जवाब

वाराणसी।लोकसभा 2024 में तेलंगाना की हैदराबाद सीट जीतने वाले असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में शपथ लेते हुए जय फिलिस्तीन का नारा लगाया था।
इस नारे के कारण देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए।
इस बीच राज्यसभा की सदस्य डा. संगीता बलवंत ने सदन से ही ओवैसी को कविता के माध्यम से करारा जवाब दिया।
बातचीत के दौरान राज्यसभा सांसद ने कहा कि ओवैसी के इस कृत्य से संसद की गरिमा को क्षति पहुँची हैं और यह भी पता चलता है कि देश के प्रति उनकी विचारधारा कैसी हैं।

13 से 15 अगस्त तक चलेगा हर घर तिरंगा अभियान

                                                               
गाजीपुर।आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम मनाए जाने के विषय में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत विगत वर्षो मे हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश मे समस्त आवासित घरों/सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों पर तिरंगा फहराते हुए प्रदेश में जनपद ने अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया था। सचिव, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा गतवर्ष की भाँति इस वर्ष भी 13 से 15 अगस्त, 2024 तक उसी उत्साह एवं राष्ट्रीयता की भावना से हर घर तिरंगा अभियान चलाये जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जाग्रत करते हुए स्वतंत्रता के प्रतीकों के प्रति सम्मान का भाव उजागर करना है। 13 से 15 अगस्त, 2024 के मध्य जनपद में हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाये जाने हेतु कार्यवाही की जानी है। हर घर तिरंगा कार्यक्रम प्रत्येक सरकारी अधिकारी/कर्मचारी, शिक्षकगण, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न नागरिक संगठनों आदि के सहयोग से क्रियान्वित किया जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर संबंधित विभाग द्वारा जागरूकता सत्र का आयोजन करते हुए ग्राम प्रधानों को शत-प्रतिशत घरों, दुकानों, कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, राशन की दुकानों, नलकूपों इत्यादि पर झण्डा फहराने हेतु प्रेरित किया जाये। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, गैर सरकारी संगठनों, रेस्टोरेन्ट, शापिंग काम्पलेक्स, टोल प्लाजा, पुलिस चौकी/थाना इत्यादि को इस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से झण्डा फहराये जाने का निर्देश दिया। हर घर तिरंगा कार्यक्रम हेतु समस्त सरकारी अधिकारी/कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आँगनबाड़ी कर्मियों, आशा बहुओं आदि को पूर्व की भांति निर्धारित दायित्व दिया जाए तथा उक्त दायित्वों के निर्वहन किया जाए। 13 से 15 अगस्त तक समस्त सरकारी भवनों में तिरंगा लाईटिंग कराई जाए। समस्त शिक्षण संस्थाओं में हर घर तिरंगा से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उक्त आयोजन के संबंध में शासन से निर्गत निर्देशों का प्राईवेट शिक्षण संस्थाओं द्वारा भी पूर्ण रूप से पालन किया जाए। ग्राम विकास विभाग/पंचायती राज विभाग/नगर विकास विभाग सुनिश्चित करें कि शत प्रतिशत अमृत सरोवरों पर झण्डा फहराया जाए।
 बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, अपर जिलाधिकारी भू0/रा0, पुलिस विभाग के अधिकारी, जिला विकास अधिकारी ,परियोजना निदेशक ,समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

गाजीपुर।जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को सम्पन्न हुई। बैठक में उन्होने राजस्व परिषद के महत्वपूर्ण कार्यक्रम/अभियान (आर0टी0के0, अंश निर्धारण, ई-खसरा, सीमा स्तम्भ एवं राजस्व न्यायालय इत्यादि), गोड एवं खरवार जाति प्रमाण पत्र के संबंध में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड मानक के अनुसार प्रगति, बाढ़ की तैयार (बाढ़ शरणालय का भौतिक सत्यापन, राहत चौपाल के आयोजन की स्थिति, विगत वर्षो के भुगतान की स्थिति) की प्रगति रिपोर्ट, आई0जी0आर0एस0, भूमि अधिग्रहण, आदि योजनाओ की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान धारा 24, धारा 80 एवं धारा 116 से सम्बंधित आवेदनों को जल्द से जल्द निस्तारण करने का संबंधित को निर्देश दिया। बैठक मे समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि अपने तहसीलों मे साफ- सफाई, पानी की व्यवस्था, शौचालय, बैठने की व्यवस्था कराने को कहा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी भू0/रा0 आयुष योती, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार एवं  अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अयोध्या सांसद को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए:ओम प्रकाश राजभर

अयोध्या सांसद को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए:ओम प्रकाश राजभर

कहा – वक्फ बोर्ड की जमीनें सरकार की संपत्ति हैं

गाजीपुर। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर-प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर सोमवार को जिले के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मंत्री बनने के बाद पहली बार पहुंचे। जहां पर ओमप्रकाश राजभर ने वक्फ बोर्ड में संशोधन बिल की वकालत की और कहा कि आज की ये जरूरत है, वहीं अयोध्या रेप कांड पर बोले कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये कड़े कानून लाये जा रहे हैं। उन्होंने अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद का आरोपी के साथ फोटो पर मीडिया को दिए गए बयान पर कहा कि उनको तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिये। उन्होंने कहा कि आरोपी उनकी पार्टी का नगर अध्यक्ष है, सोशल मीडिया पर आरोपी का फ़ोटो उनके साथ वायरल हो रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के जाति मामले पर बोलते हुए कहा कि अखिलेश जी जब प्रेस वार्ता करते हैं तो वो पत्रकार की जाति पूछते हैं। उनको अपनी भी जाति बतानी चाहिये। वक्फ बोर्ड कानून पर अखिलेश यादव के विरोध पर कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीनें सरकारी संपत्ति हैं। इसका मालिकाना हक वक्फ बोर्ड जताता है। इसके लिये कानून में संसोधन की बात हो रही है।आज ये विसंगति सपा और कांग्रेस की सरकारों की वजह से है। आरक्षण में आरक्षण कोटे मुद्दे पर मायावती के विरोध पर बोले कि सपा बसपा ने पिछड़े और दलितों के कंधे पर राजनीति की। सुप्रीम कोर्ट ने आज जो आदेश दिया है तो इनको बुरा लग रहा है। इनके विरोध का कारण है कि अमीर अमीर होता रहे और गरीब गरीब रहे। मैं 22 साल से इसकी मांग कर रहा हूं। मायावती जी को इसका स्वागत करना चाहिये। मैंने मायावती जी के साथ काम किया है वो राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं मैं जिलाध्यक्ष था, आज छोटी पार्टी का ही सही मैं भी उसका राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण को बांटकर देने की सरकार तैयारी कर रही है। वहीं अखिलेश यादव के डीएनए बयान पर राजभर बोले कि उनके ही पिताजी ने कहा था बच्चों से गलती हो जाती है। और यहां बच्चा नहीं चच्चा हैं।इनके घर मे पुलिस चौकी किसने खोला था। सपा की सरकार में उसके घर मे चौकी खुली। सपा पहले ही उसको बचाने की कोशिश कर रही है।ऐसे लोगों पर बुलडोजर कार्रवाई हो रही है वो सही है।

स्वास्थ्य समेत सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं:सीडीओ

जिला टास्क फोर्स की हुई बैठक

फाइलेरिया उन्मूलन : एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए आयोजित हुई ‘जिला टास्क फोर्स’ बैठक

स्वास्थ्य समेत सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं – सीडीओ

जनपद में 10 अगस्त से दो सितम्बर तक खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

एक वर्ष से कम, गर्भवती महिला और अति गंभीर बीमार लोगों को छोड़ कर करेंगे दवा का सेवन

पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाने के लिए 10 अगस्त को मनेगा ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’

एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़ों (कृमि) से बचाव की दवा

गाज़ीपुर। जनपद में लोगों को लाइलाज बीमारी फाइलेरिया से बचाने के लिए दस अगस्त से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही 10 अगस्त को पेट के कीड़े यानि कृमि से बचाव के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) भी मनाया जाएगा। दोनों कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को राइफल क्लब सभागार में जिला टास्क फोर्स बैठक व अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संतोष कुमार वैश्य ने की। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य समेत सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर एमडीए और एनडीडी कार्यक्रम को सफल बनाने का निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकार ने कहा कि एमडीए के साथ साथ एनडीडी अभियान के दौरान किसी भी विभाग के स्तर से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से समस्त सरकारी विभागों व कार्यालयों में बूथ लगवाकर लोगों को दवा सेवन करवाया जाए। सभी विभाग समय से अपना माइक्रोप्लान तैयार कर लें और उसी के अनुसार अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभियान से पहले ही फाइलेरिया बीमारी की भयावहता के बारे में लोगों से चर्चा करें और अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता के साथ सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने सामने फाइलेरिया और कृमि से बचाव की दवा का सेवन करवाएं। सीडीओ ने अपील की कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन व एनडीडी कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया व कृमि से बचाव की दवा खाकर स्वयं को फाइलेरिया व कृमि से सुरक्षित करें एवं गाजीपुर को फाइलेरिया व कृमि मुक्त जनपद बनाएं। घर – घर जाने वाली स्वास्थ्य टीमों का पूरा सहयोग करें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि एमडीए अभियान जनपद के मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक को छोड़कर अन्य सभी ब्लाकों एवं नगर में चलेगा। इसके तहत दस अगस्त से दो सितम्बर तक दो सदस्यों की टीम घर घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा (डीईसी व एल्बेण्डाज़ोल) खिलाएंगी। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिला और अति गंभीर रूप से बीमार लोगों को छोड़कर सभी को खिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया (हाथीपाँव) एक लाइलाज बीमारी है, जिससे बचने के लिए पाँच साल तक लगातार साल में एक बार बचाव की दवा का सेवन जरूरी है। इसके अलावा मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 अगस्त) को निजी, सरकारी, सरकारी सहायता विद्यालयों, मदरसों एवं केंद्रीय विद्यालय में एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़ों (कृमि) से बचाव के लिए एल्बेण्डाज़ोल दवा खिलाई जाएगी। लेकिन जो बच्चे बीमार हैं या दवा खा रहे हैं, उन्हें यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य व आंगनबाड़ी केंद्र या आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें।
बैठक में एमडीए अभियान के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ जेएन सिंह, एनडीडी अभियान के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ मनोज कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सरकारी चिकित्सालयों के अधीक्षक, जिला मलेरिया अधिकारी तथा आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, आजीविका, समाज कल्याण, कृषि, आपूर्ति, नगर पालिका, सूचना विभाग के अधिकारी व कर्मी, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार, एवीडेंस एक्शन संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।

बन्द चीनी मिल को पुनः शुरू करने के लिए राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने की मांग

बन्द चीनी मिल को पुनः शुरू करने के लिए राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने की मांग

गाजीपुर।सदन में फिर गूंजी गाजीपुर की आवाज जनपद में वर्षो से बंद नंदगंज चीनी मिल को पुनः प्रारंभ करने के लिए राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने आवाज उठाई।

राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने केन्द्र सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पटेल आयोग की संस्तुति के बाद 1978 में नंदगंज के ग्राम सिहोरी में सरकारी चीनी मिल की स्थापना की गई थी। लगभग 19 वर्षो तक चली इस चीनी मिल से प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख कुंतल गन्ने से चीनी बनाई जाती थी जिससे उस समय के बेरोजगारों को रोजगार के सुअवसर प्राप्त हुए, गन्ना किसान खुशहाल और समृद्ध थे उस समय गाजीपुर के आसपास के जनपदों के किसानों ने भी गन्ना उत्पादन पर जोर दिया था और खुशहाल थे। किन्हीं कारण बस 1997 में इस चीनी मिल को बंद कर दिया गया जिससे गन्ना किसानों में मायूसी छा गई और हजारों की संख्या में लोग बेरोजगार हो गए।

राज्यसभा सांसद ने अपनी बातो को सदन में रखते हुए नंदगंज चीनी मिल को पुनः स्थापित करने या किसी अन्य रोजगार दायक योजना को स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से मांग की।