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घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी,नहीं तो रोगों को देंगे बुलावा

घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी,
नहीं तो संक्रामक व संचारी रोगों को देंगे बुलावा

  • आ रहा है त्योहारों का सीजन, रखें साफ-सफाई व स्वास्थ्य का ख्याल
  • जन जागरूकता के साथ फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव का कार्य भी तेज
  • बचाव के लिए मच्छर रोधी क्रीम व मच्छरदानी का करें प्रयोग

गाजीपुर।त्योहारों का सीजन आ रहा है। यही मौका है कि घर, छत व आसपास के स्थानों की अच्छे से साफ-सफाई कर ली जाए। छत पर पड़े निष्प्रयोज्य बर्तनों, बोतलों, गमलों, टायरों, कूलर आदि में एकत्रित पानी को अलग कर सफाई कर ली जाए। घर के बाहर लगी झाड़ियों की कटाई कर ली जाए। जमा हुई गंदगी, कचरा आदि को भी दूर कर लिया जाए। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल का।
उन्होंने कहा कि घर व आसपास कहीं भी जल जमाव या गंदगी एकत्रित न होने दें, क्योंकि जिन स्थानों पर पानी ठहरेगा या जल जमाव की स्थिति पैदा होगी, वहाँ मच्छरों का लार्वा पनपेगा। इसकी वजह से वेक्टर (मच्छर, मक्खी आदि) जनित विभिन्न संक्रामक व संचारी रोग उत्पन्न होंगे। त्योहार के समय में सभी का स्वास्थ्य बेहतर हो, खुशहाल हो, इसके लिए हमें जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। सीएमओ ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य समेत 10 विभागों के सहयोग से जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान भी संचालित किया जा रहा है। वायरल फीवर और डेंगू पर प्रभावी रोकथाम व नियंत्रण के लिए निरोधात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि जनपद में डेंगू, मलेरिया व मच्छर जनित अन्य बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है जिससे स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर जन-जागरूकता के माध्यम से बदलते मौसम, संचारी रोगों से बचाव और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी जा रही है। शहरी क्षेत्र के लिए गठित की गयी नगर पालिका की टीम वार्ड और मोहल्लों में जाकर जन-जागरूकता के साथ ही फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव का कार्य कर रही हैं, जिससे इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि वेक्टर जनित अधिकतर बीमारियाँ मच्छरों के काटने से फैलती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर व आस-पास साफ-सफाई रखें तथा जल का भराव न होने दें। झाड़ियों और नालियों को साफ सुथरा रखें, आसपास रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल आयल या मिट्टी का तेल डालकर लार्वा को नष्ट करें, घर के दरवाजे और खिड़की पर मच्छर रोधी जाली लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। कूलर, फ्रिज आदि को साप्ताहिक रूप से साफ करें। छत पर निष्प्रयोज्य बर्तन, पाइप, टायर, नारियल के खोल आदि न डालें। गमलों और फूलदानों को भी साफ रखें।
डीएमओ ने बताया कि इस साल अब तक डेंगू के 167 मरीज मिले हैं। डेंगू से अभी तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है। वर्ष 2022 में 176 और 2021 में 115 डेंगू के एलाइजा पुष्ट मरीज पाये गए थे।
खानपान पर दें ध्यान – डीएमओ ने बताया कि बुखार की स्थिति में मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थों जैसे ताजे फलों का जूस, दाल का पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल, दूध-छाछ, ताजे फल, प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने वाले खाद्य पदार्थों आदि का सेवन करना चाहिए। तले भुने, गरिष्ठ भोजन, दर्द निवारक दवाओं आदि से बचना चाहिए।
डेंगू, मलेरिया व बुखार में अंतर समझना जरूरी – डीएमओ ने बताया कि आम लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि उन्हें मलेरिया हुआ है या डेंगू या सामान्य बुखार है। मलेरिया का बुखार ठंड देकर आता है तो डेंगू में लगातार बुखार के साथ हड्डियों-जोड़ों में दर्द रहता है। इस तरह के कोई भी लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सक से परामर्श लेकर मलेरिया और डेंगू की जाँच करानी चाहिए। जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मलेरिया व डेंगू के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

मुनी आगमन ताडका वध सीता राम मिलन

मुनी आगमन ताडका वध सीता राम मिलन

गाजीपुरअति प्राचीन श्रीराम लीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला केे दूसरे दि बुधवार को शाम 7ः00 बजे मुनि आगमन, ताड़का वध तथा सीता राम मिलन लीला का मंचन किया गया। बताते चले कि एक समय महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्यों के साथ अपने सिद्ध आश्रम में यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे थे कि अचानक सुबाहू मारीच नामक राक्षस उनके हवन कुण्ड में हड्डियो का ढेर तथा ऋषियों के खून इकट्ठा करके यज्ञ विध्वंस कर देते थे। महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से परेशान होकर अपने आश्रम से अयोध्या के लिए राम लक्ष्मण को मांगने राजा दशरथ के पास पहुँचते है जब महाराज दशरथ को दूतों द्वारा पता चला कि विश्वामित्र मुनि दरवाजे पर खड़े है तो अपने कुल गुरू शतानन्द और ब्राम्हणों को लेकर उनके स्वागत केे लिए राज दरबार के गेट पर पहुँचते है उन्होंने महर्षि विश्वामित्र को देखकर साष्टांग दण्डवत प्रणाम किया और पूछा कि हे मुनि केहि कारण आगमन तुम्हारा कहहू सोनाथ मोहि विस्तारा इतना बात सुननेे के बाद विश्वामित्र ने कहा कि महाराज दशरथ मेरे यज्ञ हवन में सुबाहू मारीच नामक राक्षस विध्वंस कर दे रहे है मैं आपके पास आपके दोनों पुत्र श्रीराम व लक्ष्मण को लेने आया हूँ, विश्वामित्र की बात को सुनकर राजा दशरथ ने पहले कहा कि हे मुनि ये दोनों बालक छोटे है बड़े-बड़े राक्षसों का सामना कैसे कर सकते है इसके बाद महर्षि विश्वामित्र क्रोधित होते है उनके क्रोध को देखकर कुल गुरू वशिष्ठ ने अनेकों प्रकार से महाराज दशरथ को समझा-बुझाकर कहा कि हे राजन महर्षि विश्वामित्र उन दोनों राक्षसों को अपने श्राप से भष्म कर सकते थे परन्तु वे ऐसा न कर पायेंगे।

उनका सोचना हैं कि इसका सारा श्रेय आपके पुत्रों को देना चाहते है, महर्षि वशिष्ठ के बातों को ध्यान देते हुए तथा उनके आज्ञा से महाराज दशरथ अपने दोनों पुत्रों श्रीराम व लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते है। महर्षि विश्वामित्र श्रीराम व लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम के लिए चल देते है, कुछ दूर पहुँचने पर घोर जंगल आया वहाँ पर श्रीराम व लक्ष्मण ने एक पत्थर को देखा उन्होने कहा कि हे महर्षि ये सुनसान जंगल में ये पत्थर किसका है, महर्षि विश्वामित्र ने श्रीराम से कहा हे राम यह पत्थर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है, गौतम ऋषि अपने श्राप से अपनी पत्नी को पत्थर बना दिया। अतः वह आपके चरण रज को चाहती है, गुरूदेव के आज्ञा पाकर श्रीराम ने पत्थर को अपने चरण रज से स्पर्श कर दिया जिससे वह पत्थर नारी के रूप में परिवर्तित हो गयी और अहिल्या श्रीराम जी का स्तुति करते साकेतपुर को चली गयी। श्रीराम लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ आगे चलते है तो गंगा नदी के पास पहुँचकर उन्होंने गंगा जी का परिचय कराते हुए कहा कि हे राम ये मोक्ष दायिनी गंगा को आपके पूर्वज भगीरथ तपस्या करके धरती पर लाये है। उसी स्थान पर बैठ करके विश्वामित्र ने श्रीराम लक्ष्मण को पुष्ट देकर आदेश दिया कि हे राम आप दोनों भाई पतित-पावनी माँ गंगा का पूजन करे, पूजन-अर्चन के बाद विश्वामित्र मुनि श्रीराम लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम के लिए प्रस्थान कर देते है। थोड़ी दूर पहुँचने पर उन्हें घनघोर जंगल दिखायी दिया उसी जंगल के बीच श्रीराम ने पद चिन्ह देखा। पद चिन्ह देखकर श्रीराम ने पूछा कि हे मुनि यह पद चिन्ह किसका है, महामुनि विश्वामित्र ने कहा कि हे राम यह जंगल ताडका वन के नाम से विख्यात है। यही पर राक्षसी ताड़का कही छिपी हुई है, इतना सुनते ही श्रीराम ने अपने धनुष से टंकार किया। टंकार सुनकर राक्षसी ताड़का महामुनि विश्वामित्र के ऊपर प्रहार करना चाही। इतने में श्रीराम ने एक ही बार में अपने बाण से राक्षसी ताडका का वध कर डाला। इसके बाद विश्वामित्र मुनि यज्ञ हवन सकुशल सम्पन्न होने के बाद दूसरे दिन महाराज जनक द्वारा निमंत्रण पाकर जनकपुर के लिए यज्ञ उत्सव देखने के लिए चल देते है। वहाँ पहुँचकर उन्होने आम्र पल्लवी आश्रम में एक दिन विश्राम करते है दूसरे दिन महर्षि विश्वामित्र के पूजा के लिए श्रीराम बगीचे में पहुँचते है जहाँ पर सीता जी अपने भ्रमण केे दौरान पुष्प वाटिका मे थी। वहीं सीता और राम का सुन्दर मिलन होता है।

इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक दिनेश राम वर्मा, उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, राजेश प्रसाद, अशोक अग्रवाल, विशम्भर नाथ गुप्ता, डा0 गोपाल पाण्डेय, पं0 कृष्ण कृष्ण बिहारी त्रिवेदी पत्रकार व रामसिंह यादव उपस्थित थे।

राजकीय महिला महाविद्यालय में ‘नवागत स्वागत’कार्यक्रम का आयोजन

गाज़ीपुर।शिक्षणेत्तर गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यधिक सहायक होती हैं। विद्यार्थियों की वास्तविक दीक्षा पठन-पाठन के साथ विविध कार्यक्रमों के माध्यम से जीवन के विभिन्न रंगों को अपने जीवन में उतारने और उत्साह के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ाने में होती हैं। नए विद्यार्थी महाविद्यालय की गतिविधियों और यहां के रीति-रिवाज और मूल्यों को अपने अंदर अपनी वरिष्ठ साथियों से सीख कर आत्मसात जरूर करेंगे।विद्यार्थी में स्वस्थ और तनावमुक्त रहेंगे। उपरोक्त बातें प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज ने राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की ओर से आयोजित ‘नवागत स्वागत’ के अवसर पर कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोविज्ञान परिषद के प्रभारी डॉ शिव कुमार ने किया।


इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और स्वागत गीत से हुई। मनोविज्ञान परिषद की छात्राओं ने टीका और लघु उपहार के माध्यम से अपनी छोटी बहनों का स्वागत किया। वरिष्ठ छात्राओं ने रंगारंग गीत, नृत्य एवं कविताओं एवं नाट्य प्रस्तुतियों से अपने प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अपनी नवागत बहनों का रंगारंग समारोह पूर्वक स्वागत किया। साक्षी कुमारी, अंजलि अग्रहरी, शांति सोनी, सोना तिवारी, अनुकृति ने एकल नृत्य प्रस्तुतियां दी, तो सुप्रिया- दीक्षा ने भूत नृत्य; प्रियंका अंजलि सोना तिवारी ने बॉलीवुड मिक्स नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। छात्राओं ने प्रवेश से लेकर पढ़ाई, परीक्षा, परिणाम और मस्ती तक के विद्यार्थी जीवन को एक संगीतमय नाटक के रूप में प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत जीत लिया।


छात्राओं ने फ्रेशर्स को कैटवॉक, बैलून गेम, म्यूजिकल चेयर आदि के माध्यम से शांति सोनी को मिस् फ्रेशर, अंजलि अग्रवाल को ग्रेट स्माइल, मंजरी खातून को मिस जीनियस एवं साक्षी कुमारी को ग्रेट परफॉर्मर के रूप में चयनित किया। उपस्थित अध्यापकों द्वारा तियारा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम का संचालन रितु यादव एवं मालती द्वारा तथा संयोजन मनोविज्ञान परिषद की छात्राओं पूर्णिमा, मुस्कान, सुप्रिया, जिया, पायल,बुशरा खान, रिश, बुशरा अली आदि छात्राओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ अकबरे आजम, डॉ अनिता कुमारी, डॉ विकास सिंह, डॉ शिखा सिंह, डॉ नेहा कुमारी, डॉ सारिका सिंह, डॉ संगीता, डॉ पीयूष सिंह आदि उपस्थित रहें।

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन:प्रधानमंत्री के प्रति महिलाओं ने जताई कृतज्ञता

महिलाओं ने प्रधानमंत्री के प्रति जताई कृतज्ञता

अवध पैराडाइज मे नारी शक्ति वंदन सम्मेलन आयोजित

गाजीपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम व्यापक दृष्टि वाला एक ऐसा कानून हैं,जिसकी शक्ति से प्रत्येक स्तर पर आधी आबादी को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।आज यह बात भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने गाजीपुर सदर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करने हेतु नगर के अवध पैराडाइज में आयोजित नारी शक्ति वन्दन सम्मेलन में महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कही, उन्होंने कहा कि इस कानून के बनने से विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। और भारतीय जनता पार्टी सरकार का यह सदैव पूरा-पूरा प्रयास है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बन स्वावलंबी भारत के निर्माण में सहयोगी बने। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में महिलाओं के मजबूत स्थिति को कोई नकार नहीं सकता।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं के समृद्धी और सम्मान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। महिलाओं के कल्याण के लिए समर्पित योजनाओं के माध्यम से जहां शिक्षा, रोजगार और आर्थिक समृद्धि की पूरी व्यवस्था निहित है,वहीं उनके सम्मान को बढ़ाने का भी काम सरकार ने किया है।

महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष नम्रता चौरसिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व मे लगातार 9 वर्षों से चल रही सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के लिए लाया गया यह कानून निर्णायक पहल है, यह कानून आधी आबादी के सम्मान के साथ साथ 33% आरक्षण से महिलाओं के हिनता और दीनता को समाप्त करेगा।और आगामी लोकसभा चुनाव में मातृ शक्ति के बल पर पुनः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारी बहुमत की सरकार बनने जा रही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन किया।कार्यक्रम संयोजक नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने सबके प्रति धन्यवाद आभार व्यक्त किया।

अध्यक्षता डा. उमा शर्मा तथा संचालन महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष किरन सिंह ने किया।


कार्यक्रम में निवर्तमान जिलध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, कृष्ण बिहारी राय,प्रो शोभनाथ यादव, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष साधना राय,पूनम मौर्या, सरोज मिश्रा, रीमा खरवार, माया सिंह, आशा प्रजापति, रंभा राय, बुच्ची बिन्द, करुणा श्रीवास्तव, लालमुनि गोड,मीनू मौर्या, सुनीता सिंह, उषा जायसवाल, कुसुम बिंद, प्रीति गुप्ता, दयाशंकर पांडेय, प्रवीण सिंह जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।

गरीब और मजलूमों से अधिकार पत्र भरवाएगी कांग्रेस

दलित गौरव संवाद के जरिए हर विधान सभा के गरीब और मजलूमों से अधिकार पत्र भरवाएगी कांग्रेस

गाजीपुर। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील राम और शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने बुधवार को सकलेनाबाद स्थित कांग्रेस के कैंप कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर स्वाभिमान के वास्ते, संविधान के रास्ते के नारे के साथ दलित गौरव संवाद अभियान कार्यक्रम की बात कही,कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया कि कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर प्रत्येक विधानसभा में दलितों और मजलूमों के साथ चौपाल कर उनसे उनकी मांगों की जानकारी कर मांग पत्र भरवाने का कार्य वृहद स्तर पर किया जाएंगा। यह कार्यक्रम 26 नवंबर संविधान दिवस तक कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाया जाएगा।

इस अवसर पर शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा की कांग्रेस की नीति रही है दलितों, मजलूमों और समाज के गरीब व माध्यम वर्गीय लोगों की समस्याओं को समझ कर उसका निराकरण करना, इसी क्रम में 9 अक्टूबर से लेकर 26 अक्टूबर तक दलित गौरव संवाद अभियान गाजीपुर में चलाया जाएगा।

इस अवसर पर एआईसीसी रविकांत राय ने भी इस कार्यक्रम के जरिए गांव-गांव में दलितों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनकर निराकरण की बात कही है, उन्होंने बताया आज सरकार का ध्यान भेदभाव की राजनीति पर ज्यादा है जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय वर्ग परेशान है।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से पीसीसी सदस्य अजय कुमार श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह , राजेश गुप्ता, हामिद अली, दिव्यांशु पांडे ,सुधांशु तिवारी, विद्याधर पांडे, माधव कृष्ण, झून्ना शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।

सपाइयों ने भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने का लिया संकल्प

ग़ाज़ीपुर।सोमवार को समाजवादी पार्टी के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन में सम्पूर्ण क्रान्ति के पुरोधा लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई ।गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोकतंत्र की रक्षा करने और तानाशाही भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने का संकल्प लिया ।सर्वप्रथम सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता शिवमुनि यादव ने अपने समाजवादी गीत के माध्यम से लोकनायक जयप्रकाश जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया।

इस गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि जय प्रकाश जी एक स्वतंत्रता सेनानी,समाज सेवी राजनीतिक संत और आधुनिक भारत के अग्रणी विचारक थे । उन्होंने कहा कि जय प्रकाश के राजनीतिक विचार कल तो प्रासंगिक थे ही बल्कि आज के राजनीतिक हालात में जयप्रकाश जी के विचार और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं । आपात काल की तरह आज जब वर्तमान हुकूमत से इत्तेफाक न रखने वाले विरोधी नेताओं, पत्रकारों और कलाकारों के साथ बदले की भावना से उन्हें जेलों में ठूंसने का काम किया जा रहा है ऐसे बुरे वक्त में जयप्रकाश जी को पूरा मुल्क बहुत ही शिद्दत के साथ याद कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश जी हमेशा व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई लड़ते रहे उन्हें सत्ता से कभी मोह नहीं रहा । वह हमेशा जुल्म और जालिम से लड़ने में विश्वास करते रहे। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर उनको जीवंत रखने की जरूरत है। हम सबको उनसे प्रेरणा लेकर वर्तमान तानाशाही हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने की जरूरत है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर स्थित जयप्रकाश की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने से रोकने‌ पर भाजपा सरकार के इस हिटलरशाही कदम की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मदान्ध हो गई है। आज इस सरकार के कार्यकाल में महापुरुषों को श्रृद्धासुमन अर्पित करना भी मुश्किल हो गया है। अखिलेश जी को रोकने के लिए बैरीकेडिंग करना और लोहे की चादर लगाना इमरजेंसी और ब्रिटानी हुकूमत की याद दिला रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को जयप्रकाश जैसे महापुरुषों के सम्मान का भी ख्याल नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जयप्रकाश जी का अपमान कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगी । यह अपमान की कीमत भाजपा सरकार को चुकानी पड़ेगी ।

प्रदेश कार्यसमिति के आमंत्रित सदस्य रामधारी यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जय प्रकाश जी को लगभग 30वर्षों तक एक छत्र शासन करने वाली और निरंकुश होती जा रही कांग्रेस पार्टी की सरकार को समाप्त कर जनता पार्टी की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए याद किया जाता है । उन्होंने जय प्रकाश जी के राजनीतिक विचारों को साझा करते हुए कहा कि जय प्रकाश चाहते थे कि यदि हम सही अर्थों में जनता का राज स्थापित करना चाहते हैं तो इसके लिए हमें ,सम्पूर्ण क्रान्ति करके सामाजिक परिवर्तन करना पड़ेगा । जनता को राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, बौद्धिक, शैक्षणिक स्वतंत्रता दिलानी होगी । हमें गरीबी, बेरोजगारी, शोषण को जड़ से समाप्त करना होगा । जब जनता खुद अपने कामों में सीधे भागीदार बनने लगेगी तभी लोकशाही को सच्चे अर्थों में जनता का राज कहा जा सकेगा । उनका सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक विचार सम्पूर्ण क्रान्ति कि विचार था ।वह सम्पूर्ण क्रान्ति करके शोषण और विषमता को जन्म देने वाली वर्तमान व्यवस्था को खत्म करके एक नये समाज की स्थापना करना चाहते थे ।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से फेंकूं यादव गांधी, रविन्द्र प्रताप यादव,मो.जुम्मन, डॉ सीमा यादव, रीता विश्वकर्मा,सदानंद यादव,विभा पाल, बलिराम पटेल, निजामुद्दीन खां, गोवर्धन यादव, अमित ठाकुर,अजय यादव, मारकन्डेय यादव, आत्मा यादव,राजेश कुमार यादव,भरत यादव,कंचन रावत,विजय यादव रीना यादव,प्रभु नाथ राम, भानु यादव,दारा यादव ,सतिराम यादव, बैजू यादव,संतोष यादव, अनुराग यादव , विन्ध्याचल यादव, अरविंद यादव, शिवमुनि यादव, संतोष यादव,सुजीत कुमार , पंकज यादव आदि उपस्थित थे। इस गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गोपाल यादव एवं संचालन जिला सचिव एवं मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने किया ।

चित्र बनाकर कला गुरु डॉ. राजकुमार सिंह की मनाई गई जयंती

चित्र बनाकर कला गुरु डॉ. राजकुमार सिंह की मनाई गई जयंती

ग़ाज़ीपुर।आज शिष्यों ने गाज़ीपुर के गंगा जमुनी तहजीब को चरितार्थ कर दिया है। सम्भावना कला मंच के संस्थापक व प्रख्यात कला गुरु डॉ. राजकुमार सिंह (स्मृति शेष) के जन्म दिवस पर सम्भावना कला मंच,के तत्वाधान में कला-सूत्रम आर्ट गैलरी द्वारा “कला-लोक” एकदिवसीय चित्रकला कार्यशाला का आयोजन युवराजपुर में किया गया। उनके शिष्यों ने कैनवास पर अपनी मनोभावों को चित्र के माध्यम से उतार कर अपने कला गुरु का जन्मदिन मनाया। इस कार्यशाला का अनौपचारिक उद्धघाटन प्रख्यात वक्ता अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने कला गुरु डॉ. राजकुमार सिंह के छविचित्र पर पुष्प अर्पित व दिप प्रज्वलित कर किया। इस कार्यशाला के आयोजक कला-सूत्रम आर्ट गैलरी के संयोजक सुधीर सिंह ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्रम व पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका स्वागत सम्मान किया।

इस कार्यशाला में डॉ. सूर्यनाथ पाण्डेय, सीमा सिंह, पंकज शर्मा, सुधीर सिंह, विनोद राव, डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, सपना सिंह, आशीष गुप्ता, कृष्ण पासवान, चंदन यादव, शिवंशी शर्मा, अंजली, मनीष कुशवाहा, सत्यम मौर्य, रीति सिंह, उत्कर्ष सिंह, अंकिता, हर्ष शर्मा, सतीश यादव आदि प्रतिभागी कलाकार रहे। आयोजक सुधीर जी ने बताया कि यह कार्यक्रम पूर्वरूपित है। इस “कला-लोक” कार्यशाला का आयोजन बीते 1 जनवरी 2023 को ही होना सुनिश्चित हुआ था, जो कि कला गुरु डॉ. राजकुमार सिंह की जयंती पर बिल्कुल नहीं होना था। बल्कि यह चित्रकला कार्यशाला का आयोजन उनके लिए ही, उनके साथ ही करने का तय किया गया था। पर अचानक सब कुछ बदल गया। वह काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। अस्वस्थ होने के बावजूद भी वो हर वक़्त अपने छात्रों और कला के ही बारे में सोचते रहते, रंग, ब्रश, चित्र, कोई आयोजन व कला के ही बारे में बातें करते पर अस्वस्थ होने की वजह से वह खुद अपनी चित्रकारी से दिन-प्रतिदिन दूर होते चले गए, जैसे जैसे दिन बीते वैसे वैसे वह अपनी सृजनता को बहुत याद करने लगे थे।

उनको बार-बार चित्रकारी करने का मन करता था। आए दिन वह रंग, ब्रश मंगवाने की जिद्द करने लगे थे। ऐसा लगता था कि चित्रकारी के बिना वह ज्यादा अस्वस्थ होते जा रहे हैं, जो बहुत चिंता का विषय था। उनके साथ हर समय उनकी पत्नी सीमा सिंह रहती थीं। मेरी बात इनके पत्नी से हुई और मैंने उनसे एक कार्यशाला का आयोजन करने के लिए कहा, उन्होंने उनके शिष्य राजीव से कार्यशाला के लिए बात की तो वो तुरन्त तैयार हो गए और 1 जनवरी को अपने गुरु जी के साथ उनके गाँव पर ही करने का तय हुआ पर होनी को ऐसा मंजूर नहीं था। कला गुरु डॉ. राजकुमार सिंह की तबियत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और उन्हें उस कार्यशाला के एक दिन पूर्व ही बनारस हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा जिससे यह कार्यशाला सम्पन्न नहीं हो पाया। जो अब उनके नहीं रहने पर उनके जन्मदिन पर आयोजित किया गया है। अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने बताया कि कोई भी साहित्यकार और चित्रकार कभी मरता नहीं, वो अपने कृतियों के साथ हमेशा जीवित रहता है। इस कार्यशाला के सभी प्रतिभागी कलाकारों को मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों के द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।


इस कार्यशाला में प्रभाकर त्रिपाठी, सुजीत कुमार, जनार्दन यादव, डॉ. शम्मी सिंह, शोभा विश्वकर्मा, राजेश कुमार, पुनीत सिंह, प्रभात सिंह, कान्हा सिंह, ओमप्रकाश सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन सम्भावना कला मंच के सह-संयोजक डॉ. राजीव गुप्ता ने किया।

धनुष मुकुट पूजन के साथ शुरू हुआ रामलीला

धनुष मुकुट पूजन के साथ हुआ रामलीला का शुरूआत


गाजीपुर।अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 10 अक्टूबर मंगलवार को शाम 7 बजे से धनुष मुकुट पूजन के साथ रामलीला का आयोजन शुरूआत किया गया। धनुष मुकुट का पूजन मुख्य अतिथि सदर एसडीएम प्रखर उत्तम व क्षेत्राधिकारी गौरव कुमार द्वारा धनुष मुकुट का विधि विधान के साथ पूजन आरती किया गया। इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, भाजपा के संतोष कुमार तथा कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी प्रबन्धक, वीरेश राम वर्मा, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, अशोक अग्रवाल ने पूजन आरती किया।

इसके बाद वंदे वाणी विनायकौ आदर्श श्री रामलीला मण्डल के द्वारा नारद मोह व श्रीराम जन्म लीला का मंचन किया गया। बताते हैं कि एक समय देवर्षि नारद एक गुफा के अंदर भगवान के तपस्या लीन हो गये। जब इन्द्र को पता चला कि देवर्षि नारद हमारे राज सिंहासन को पाने के लिए तपस्या कर रहे हेै। अतः वह डरकर अपने मित्र कामदेव को बुलवाते है तथा उन्हें आदेश देते हैं कि आप अपसराओं के साथ नारद जी का तपस्या भंग करने तपस्थली पर जाये, जिससे हमारा राजसिंहासन बच सके, देवराज इन्द्र की आज्ञा का पालन करते हुए कामदेव नारद ऋषि के तपस्या को भंग करने के लिए उनके पास पहुँच गये तथा काफी प्रयत्न किया बावजूद इसके नारद जी पर उनका कोई असर नही पड़ा। अन्त में हारकर नारद जी चरणों में गिरकर दण्डवत प्रणाम करके वापस देवराज इन्द्र के पास चले जाते है, अब नारद जी को यह आभास होता है कि मैंने कामदेव पर विजय प्राप्त कर लिया। इस बात का उन्हें मोह पैदा हो गया।

वे अहंकार में चूर हो करके ब्रम्हा और महेश के पास पहुँचकर कामदेव पर विजय प्राप्त करने की सूचना दोनो देवताओं को देते है। उनके बात को सुनकर ब्रम्हा और शिव जी ने कहा देवर्षि नारद इस बात को तो आपने हमसे कहा लेकिन विष्णु जी से इस बात को मत कहिएगा, बावजूद इसकेे देवर्षि नारद विष्णु जी के पास जाकर कामदेव पर विजय प्राप्त करनेे की सारी बाते बता देते है। भगवान विष्णु ने देवर्षि नारद जी से सारी बातों को सुनकर अपने भक्तो की रक्षा के लिए एक उपाय करते है वह उपाय यह है कि अपने माया से माया पूरी नगर का निर्माण किया, वह नगर राजा शीलनिधि के अधीनस्थ था राजा शिलनिधि अपनी पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयम्बर रचे थे, जिसमें सभी राजाओं के साथ नारद जी भी पहुँचते है नारद जी को देखकर राजा शिलनिधि देवर्षि नारद का आदर सम्मान करते है तथा अपनी पुत्री के भाग्य के बारे में नारद जी से पूछते है देवर्षि नारद विश्व मोहिनी केे हाथ को देखते ही मोहित हो गये, वे विश्व मोहिनी से स्वयम्बर रचाना चाहते थे।

इस बात को लेकर देवर्षि नारद भगवान विष्णु के पास जाकर कहते है कि हे प्रभु आपन रूप देहू प्रभु मोहि आन भांति नहिं पावौ ओहि। नारद जी की बात सुनकर भगवान विष्णु ने उन्हें बंदर का रूप देकर अपने यहाँ से उन्हें विदा करते है, नारद जी बंदर का रूप लेकर पुनः स्वयम्बर में जातेे है तथा राजाओं के बीच में बैठ जाते है जहाँ विश्व मोहिनी वरमाला लिए स्वयम्बर में विचरण कर रही थी। इसी बीच भगवान विष्णु स्वयम्बर में आकर विश्व मोहिनी से वरमाला धारण कर उसे अपने साथ विष्णु लोक के लिए लेकर चले जाते है। उधर शिवगणों द्वारा नारद जी के रूप को देख्रकर शिवगणों द्वारा उनकी हंसी उड़ाते हुए कहा कि आप अपना मुँह शीशे में तो देख लीजिए जब उन्होंने शीशे में मुँह देखा तो बंदर का रूप दिखायी दिया, वे क्रोधित होकर भगवान विष्णु के पास जाकर श्राप दे देते है कि हे विष्णु जिस प्रकार आपने मुझसे छल किया है मैं आपको श्राप देता हूँ कि जिस विश्व मोहिनी के लिए मैं तड़प रहा हूँ एक दिन वो समय आयेगा कि आप त्रेता युग में श्रीराम के रूप मेें अवतार लेंगे और यही विश्व मोहिनी सीता के रूप में अवतार लेगी और रावण द्वारा उसका हरण होगा, उस समय यही बंदर भालू आपकी मदद करेंगे इस प्रकार का श्राप देे करके वहाँ से चले जाते है जब नारद जी का मोह भंग होता है तो पुनः भगवान विष्णु के पास जा करकेे उनके चरणों में गिर करकेे अपने दिये हुए श्राप को वापस लेना चाहते थे, नारद जी की बात सुन करके भगवान विष्णु ने कहा हे देवर्षि नारद आपने मुझे श्राप दिया कहां मैंने तो जान बूझकर ऐसा काम किया कि आप मुझे श्राप दे दे। अब मैं आपको एक युक्ति बताता हू कि आप पर्वत पर जाकर भगवान शिव की अराधना करे, इतना सुनने के बाद देवर्षि नारद भगवान विष्णु के आज्ञा को स्वीकार कर तपस्या के लिए विश्व लोक से चले जाते है। इस प्रकार नारद जी का मोह भंग होता है।


उधर, राजा दशरथ पुत्र के लिए अपने राजदरबार में बैठे थे कि उनके कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ उनके राजदरबार में पहुँचते है राजा को दुःखी देखकर सारी बाते पूछते है दशरथ जी ने कहा कि गुरूदेव क्या मेरे बाद सूर्यवंश का दीप बुझ जायेगा, इतना सुनने के बाद महर्षि वशिष्ठ ने राजा दशरथ कोे आश्वासन देते है कि हे दशरथ आप एक पुत्र के लिए परेशान है और रो रहे है मैं तो देख रहा हूँ कि आपके घर में चार पुत्र अवतार लेंगे। आप महर्षि श्रृंगऋषि को बुलाकर पुत्र कामेष्टी यज्ञ कि तैयारी करे। इतना सुनने के बाद राजा दशरथ नंगे पांव श्रृंगीऋषि के पास जा करके अनुनय विनय करतेे है, उनके विनय को सुनकर श्रृंगऋषि ने कहा कि हे राजन आप अपने राजदरबार में जाकर यज्ञ की तैयारी कराइये थोड़ी दिनों बाद श्रृंगऋषि महाराज दशरथ के पास जाकर पुत्र कामेष्टी यज्ञ विधि विधान से करवाते है। यज्ञ से प्रसन्न हो करकेे अग्निदेव राजा दशरथ केे खीर भरा कटोर दे करकेे कहा कि हे राजन आप इस खीर कोे तीनों रानियों में वितरण कर दीजियेगा, अग्नि देव की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ रानियों के कक्ष में पहुँचकर अग्निदेव द्वारा खीर को तीनों रानियों में बांट दिया। इसके बाद तीनों रानियों ने गर्भधारण कर लिया। खीर के प्रभाव से कौशल्या ने श्रीराम को जन्म दिया उसकेे बाद कैकेयी ने भरत को जन्म दिया और सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। सारी अयोध्या ने खुशियोें का लहर दौड़ गया, उधर भगवान शंकर कैलाश पर्वत पर ध्यान मग्न थे। उन्होंने अंतरधान होकर देखा कि हमारे अराध्य देव श्रीराम ने महाराज दशरथ केे घर पर अवतार ले लिया है वे अपने आसन से उठ करके दोनो हाथ जोडकर स्तुति करते है कि भय प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी हर्षित महतारी मुनिमन हारी अद्भुत रूप विचारी। उधर अयोध्यावासियों द्वारा सोहर बधइया आदि मांगलिक गीत गाती है। इस लीला को देखकर दर्शक उच्च स्वर में जय श्री राम व हर हर महादेव के नारों से गूंजाय मान कर दिया।


इस अवसर पर कमेटी के उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डा0 गोपाल जी पाण्डेय पूर्व प्रवक्ता, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा, संयुक्त मंत्री लक्ष्मीनारायन, उपमंत्री पण्डित लवकुमार त्रिवेदी उर्फ बड़े महाराज, प्रबन्धक दिनेश राम वर्मा, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, अजय कुमार पाठक, ओम नारायण सैनी, अनुज अग्रवाल, सरदार चरनजीत सिंह, राजेश प्रसाद, अशोक अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, पण्डित कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, रामसिंह यादव, विशम्भर गुप्ता आदि रहे।

छात्र नेताओं ने की यह मांग

ग़ाज़ीपुर।मंगलवार को पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर छात्रों कि विगत् दिनों छात्र संघ चुनाव तिथि घोषित करने की मांग को लेकर प्राचार्य द्वारा मिटिंग बुलाया गया था। जिसमें पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों समेत चुनाव लडने के इच्छुक प्रत्याशी इस मिटिंग में शामिल हुए। प्राचार्य द्वारा छात्रों कि मांग पर जिलाधिकारी को एक नवंबर से सात नवम्बर के बीच छात्रसंघ चुनाव कराने की बात कही है बशर्ते यदि विश्वविद्यालय द्वारा कोई परीक्षा इस तिथि के अंदर नहीं हुई और प्रशासन कि अनुमति मिली तो चुनाव सम्पन्न करा लिए जाएंगे। बता दें कि प्राचार्य द्वारा स्वत: कहा गया है कि लिंगदोह समिति की सिफारिश के अनुसार वर्तमान सत्र में महाविद्यालय में चुनाव कराए जा सकते है ।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सम्पूर्णानंद यादव ने कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो गई है फिर भी महाविद्यालय प्रशासन चुनाव द्वारा देरी किया जा रहा है। जिसे छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि सरकार द्वारा कोई लिखित नोटिस नहीं जारी कि गई है कि चुनाव नहीं कराए जाए। फिर विश्वविद्यालय व महाविद्यालय प्रशासन द्वारा क्यू जानबूझकर चुनाव को रोके हुए हैं यदि इस बार महाविद्यालय प्रशासन द्वारा तय तिथि पर छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ तो छात्र आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होंगी। पूर्व अध्यक्ष अनुज कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा यदि महाविद्यालय प्रशासन को चुनाव कराने कि अनुमति नहीं देता है तो छात्र जिला बंद करने को बाध्य होंगे। वही पूर्व महामंत्री प्रवीण विश्वकर्मा ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव न होने से छात्रों को अनेकों समस्या का सामना करना पड़ रहा है लेकिन छात्रों के प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं है। सभी छात्रों ने एक स्वर में छात्रसंघ चुनाव कि तिथि घोषित करने पर प्राचार्य को धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ ही चुनाव तय तिथि पर कराये जाने की जिला प्रशासन से मांग कि है।
बैठक में शामिल निखिल राज भारती, ईश्वर चन्द्र यादव,धीरज सिंह,प्रिस प्रजापति, धन्नजय कुशवाहा, अमृतांश बिन्द, निलेश बिन्द, कृष्णा यादव, राहुल कुमार,अभिषेक वर्मा,बाबू लाल गौतम, अभिजीत कुमार, रणविजय प्रताप,अनुज यादव, कृष्णा नन्द शर्मा, विकास कुमार,प्रशान्त कुमार,संजय मौर्य आदि छात्र नेता मौजूद थे।

राजकीय महिला महाविद्यालय में चार्ट-पोस्टर प्रतियोगिता हुई आयोजित

ग़ाज़ीपुर।राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाज़ीपुर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के पूर्व सप्ताह में मनोविज्ञान परिषद की ओर से मंगलवार को चार्ट-पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस बार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम ‘सभी व्यक्तियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एक मानवाधिकार’ था। अर्थात मानवाधिकारों की तरह मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं सबके लिए सुलभ होनी चाहिए तथा सरकार एवं समाज का दायित्व सबका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करना होना चाहिए। इस बार ‘दुश्चिंता’ बीमारी के विभिन्न आयामों पर अधिक बल दिया गया हैं।

वर्तमान में दुश्चिंता विकार कई रूपों में जैसे प्रत्येक घटना को नियंत्रण करने की इच्छा, अपने और दूसरों से अत्यधिक अपेक्षाएं अत्यधिक सोचना, अत्यधिक योजनाएं बनाना आदि कई रूपों में विद्यार्थियों, युवाओं, वयस्कों, वृद्धो आदमी कई रूपों में हमेशा पायी जाती है। इसीलिए वर्तमान युग को ‘चिंता का युग’ भी कहा जाता है। यह चिंता विकार लंबे समय तक बने रहने पर मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है।


40 से अधिक छात्राओं ने दुश्चिंता, विषाद, नकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य एवं घटनाओं से संबंधित आकर्षक और रंगारंग चित्र बनाएं। इन चित्रों का मूल्यांकन डॉ दिवाकर मिश्रा, डॉ शंभू शरण प्रसाद एवं नेहा जी द्वारा किया गया। चार्ट प्रतियोगिता में रितु यादव प्रथम, सबीना द्वितीय, महक तृतीय एवं मालती यादव तथा मंजूरी खातून प्रसंशित स्थान पर रही। जबकि पोस्टर प्रतियोगिता में दीक्षा सिंह प्रथम, बुशरा द्वितीय, मानसी अग्रवाल तृतीय तथा सोनम कुमारी एवं शिवानी वर्मा प्रशंसित स्थान पर रहीं। मनोविज्ञान विभाग में आयोजित इन चार्ट पोस्टरो का अग्रसेन पीजी कॉलेज, वाराणसी के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ओम प्रकाश चौधरी, छपरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर हरिकेश सिंह, महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राओं ने अवलोकन किया और शिक्षकों से संवाद किया। कार्यक्रम का संयोजन मनोविज्ञान परिषद के प्रभारी डॉ शिवकुमार द्वारा किया गया।