
गाजीपुर।निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना, क्रियान्वयन तथा संचालन प्रबन्धन हेतु जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मंगलवार को रायफल क्लब सभागार में संपन्न हुआ। जिलाधिकारी ने उपस्थित पशु चिकित्सकों एवं खण्ड विकास अधिकारियों से अब-तक कितने पशुओ को चिन्हित कर पशुपालकों को सुपुर्द किए गए हैं एवं कितने पशुओ को आश्रय स्थल मे रखा गया है एवं कितने गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए,की जानकारी ली। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहभागिता योजना में जरूरतमंद परिवारो में दुधारू पशुओ की सुपुर्दगी की जाए तथा उसका समय से भुगतान भी किया जाए।
बैठक में मुख्य पशु चकित्साधिकारी ने बताया कि अब तक 57 स्थायी/अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए है। जिसमें कुल 8130 पशु संरक्षित किए गए है तथा 960 पशुओ का सहभागिता योजना में जरूरतमंद परिवारो को दिया गया है।
जिलाधिकारी ने पशु चिकित्साधिकारियों एंव खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि गो-आश्रय स्थलो पर पशुओ की बराबर वेरिफिकेशन किया जाए। जहां-जहा चारागार की जमीने चिन्हित की गई है वहां पशुओ के लिए हरे चारे उगाए जाए। सभी पशु चिकित्साधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी एक अभियान चलाकर छुट्टा पशुओ का संरक्षित करे किसी भी दशा मे कोई भी पशु सड़को या रास्तो में विचरण करते न पाए जाए अन्यथा आप इसके स्वयं जिम्मेदार होगे।
यदि किसी पशु के मृत्यु के बाद भी उसका भुगतान किया जाता है तो सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही तय है। उन्होने निर्देश दिया कि सहभागिता योजना के तहत पशुपालको मे दिके जाने वाले भुगतान समय से किया जाए। इसमे लापरवाही क्षम्य नही होगी। पशुओ को हरा चारा, पानी समय से टीकाकरण किया जाय साथ ही गोआश्रय स्थलो पर पानी, साफ-सफाई की व्यवस्था रखी जाए। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी,समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/पंचायत, एवं अन्य सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।











