गाज़ीपुर।बुधवार की सुबह मुहम्मदाबाद कोतवाली के चंदनी गांव में फर्राटा पंखा में प्लग लगाते समय करंट की चपेट में आने से अधेड़ की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चंदनी गांव निवासी नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव (48) सुबह अपने कमरे में लगा फर्राटा पंखा बंद हो गया था। उन्होनें स्विच को खोलकर ठीक कर रहे थे।अचानक विद्युत आ जाने के कारण वह उसकी चपेट में आ गए और स्विच के तार में ही चिपक गये। इसी बीच छोटा लड़का जब उस कमरे में आया तो स्थिति देखकर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर परिवार के लोग दौड़कर वहा पहुंचे और विद्युत तार का कनेक्शन काट दिया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने इसकी सूचना मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर उप निरीक्षक सुनील कुमार यादव पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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11 एसोसिएट प्रोफेसर बने प्रोफेसर
गाजीपुर । उच्च शिक्षा निदेशालय प्रयागराज द्वारा यूजीसी के नियमानुसार कैरियर एडवांसमेंट योजना के तहत पीजी कालेज के ग्यारह एसोसिएट प्रोफेसरों (अकादमिक लेबल-13 क ) को प्रोफेसर( अकादमिक लेबल-14) के पद पर प्रोन्नत प्रदान किया गया है। उत्तर प्रदेश के महाविद्यालयों में एक नवम्बर 2021 से पूर्व प्रोफेसर पदनाम की व्यवस्था नहीं थी। लम्बे संघर्ष के बाद योगी सरकार ने अपने शासनादेश 1 नवम्बर 2021 द्वारा यूजीसी के नियमानुसार चयन प्रक्रिया के बाद प्रोफेसर पदनाम ( अकादमिक लेबल-14) पर स्वीकृति प्रदान कर शासनादेश जारी किया।जिसके पश्चात महाविद्यालयों में प्रोफेसर बनने के लिए सम्बद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों को विषय विशेषज्ञ नामित किया गया था। इसके साथ ही निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा नामित राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एवं सम्बन्धित महाविद्यालय के सचिव/ प्रबंधक तथा प्राचार्य सहित गठित चयन समिति/ स्क्रीनिंग कमेटी के द्वारा कैरियर एडवांसमेंट योजनान्तर्गत “परफार्मेंस वेस्ड अप्रेजल सिस्टम” में अर्जित एपीआई. अंकों के आधार पर प्रोन्नत हेतु संस्तुति प्रदान की गई थी,। इसके बाद निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा पत्रावली की जांच कर प्रोफेसर पदनाम प्रदान करते हुए एक नवंबर 2021 से वेतनमान निर्धारण किया गया।स्नातकोत्तर महाविद्यालय,गाजीपुर के ग्यारह एसोसिएट प्रोफेसर अब प्रोफेसर कहे जाएंगे। जिसमें डा, राघवेन्द्र कुमार पांडेय, डा. एसडी सिंह परिहार, डा. एसएन सिंह, डा.अरूण कुमार यादव, डा. अवधेश कुमार सिंह, डा. रविशंकर सिंह, डा. जी सिंह, डा. वीके यादव, डा. विनय कुमार दूबे, डा. मीना सिंह एवं डा.डीआर सिंह प्रमुख हैं। इसके साथ ही स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के दो असिस्टेंट प्रोफेसरों को एसोसिएट प्रोफेसर, तथा छह असिस्टेंट प्रोफेसरों को चयन वेतनमान एवं आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों को वरिष्ठ वेतनमान में प्रोन्नति प्रदान की गई है। इतनी बड़ी संख्या में प्राध्यापकों के प्रोन्नति होने पर महाविद्यालय परिवार सहित शुभचिंतकों एवं पुराने और नए छात्रों, सहित क्षेत्रीय जनों द्वारा बधाईयां देते रहे।
जिले की बेटी ने पूरी दुनिया में गाजीपुर का नाम किया रोशन
गाजीपुर। जिले की बेटी ने पूरी दुनिया में गाजीपुर का नाम रोशन कर दिया है। पूर्वांचल की पहली आर्किटेक्ट अफशीन खान को एशिया प्रशांत के सर्वश्रेष्ठ मिश्रित उपयोग विकास के लिए लंदन में सम्मानित किया गया। अफशीन खान वर्तमान समय में श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो में आने वाले द-वन प्रोजेक्ट के लिए डिजाइन मैनेजर के रुप में काम कर रही हैं। इस परियोजना में सात सितारा होटल, निवास कार्यालय और खुदरा के साथ-साथ पांच मिलियन वर्ग फुट के साथ तीन लंबा टावर में बनना हैं। पूर्वांचल में पहली आर्किटेक्ट होने का उन्हें गौरव प्राप्त हुआ है।
बातचीत में अफशीन खान ने बताया कि यह पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी परियोजना को बढ़ावा देने के लिए दिया जाता है। मैं इसे पाकर बहुत प्रसन्न हूं। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को विकास की गति दे सकती है। महिलाओं में जितना त्याग, समर्पण और काम करने की लगन होती है, उतना किसी में नही होती है। उन्होंने कहा कि देश और समाज के विकास के लिए बालिकाओं का शिक्षित होना आवश्यक है। आपको बता दें कि सफलता हासिल करने वाली अफशीन खान गाजीपुर के चर्चित सख्शियत जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अबू फखर खान की पुत्री हैं। इस सम्मान से गौरवांवित होते हुए अबू फखर खान ने कहा कि अफशीन खान शुरु से ही पढ़ने में मेधावी छात्रा थी। इस सफलता को हासिल कर मेरी बेटी ने मेरे जनपद के साथ ही पूरे देश का नाम रोशन करने का काम किया है। मुझे इस बात का फक्र है कि मेरी पुत्री ने जिले का पताका लंदन में फहराया है।
20 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार
गाजीपुर। खानपुर थाना पुलिस को रविवार की देर शाम उसने क्षेत्र के शादी भादी गांव के पास संदिग्धों और वाहन चेकिंग के दौरान दो बाइक सवार तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किया। सोमवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने अभियक्तों को मीडिया के समक्ष पेश किया। उन्होंने बताया कि फंदे में आए अभियुक्त शातिर किस्म के तस्कर है। उनके पास से भारी मात्रा में गांजा के साथ ही असलहा और कारतूस बरामद हुआ है।उन्होंने कहा की क्षेत्र में शांति व्यवस्था के मद्देनजर खानपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र सिधौना चौकी इंचार्ज सुनील कुमार और हमराहियों के साथ रविवार की देर शाम भ्रमण पर थे। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ तस्कर भारी मात्रा में गांजा लेकर आ रहे हैं। इस पर पुलिस टीम शादी भादी गांव के पास संदिग्ध वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग शुरु कर दिया। इसी बीच बाइक सवार तीन व्यक्ति आते दिखाई दिए। पास आने पर जैसे ही पुलिस ने रुकने का इशारा किया, बाइक घुमाकर भागना चाहे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दो को पकड़ लिया। जबकि एक फरार हो गया। इनके कब्जे से 20 किलो गांजा के साथ ही 315 बोर का दो तमंचा और कारतूस तथा एक बाइक बरामद हुआ है। एसपी ने बताया कि फंदे में आए तस्करों में सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के तरांव निवासी बृजकिशोर यादव और यही का राजदीप यादव शामिल है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह अपने सहयोगी मुख्य अभियुक्त सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के बौरवां निवासी रूपक सिंह के साथ मिलकर नाजायज गांजा का व्यापार करते थे। रूपक सिंह उड़िसा से गांजा लाता था तथा अन्य जनपदों में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बेचता था। लोगों को डराने एवं पुलिस से बचने के लिए हम लोग अवैध असलहा अपने पास रखते थे। एसपी ने बताया कि फरार मुख्य अभियुक्त रूपक सिंह की तलाश की जा रही है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ के साथ कां शुभम सिंह परिहार, कां. शुभम कुमार, कां. आकाश सिंह, कां. रिंकू कुमार, कां. अनूप पाठक, कां. कुशल त्रिपाठी और कां धर्मेन्द्र पटेल शामिल थे।
कर्मचारियों ने लिया नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत शपथ
ग़ाज़ीपुर।हमारे देश में आजकल लोगों में नशे की आदत काफी बड़ी मात्रा में देखी जा रही है। यहां तक की युवा वर्ग भी नशे की चपेट में कुछ इस प्रकार से आ रहा है कि उन्हें नशे के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं देता है।इसीलिए सरकार द्वारा लोगों को नशे से बचाने के लिए नशा मुक्त भारत अभियान को चालू किया गया है, जिसके अंतर्गत गवर्नमेंट लोगों को नशे से छुटकारा दिलाने के लिए काफी प्रयास कर रही है, परंतु सिर्फ गवर्नमेंट ही नहीं बल्कि हमें भी इसमें सहयोगी बनना होगा।इसी को लेकर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्दबाद पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने शपथ दिलाया इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरतर व अन्य केंद्रों पर नशा मुक्ति अभियान के तहत शपथ दिलाया गया।
अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से पत्र आया था जिस के क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद के साथ ही अन्य कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे आरोग्य मेला में शामिल कर्मचारियों ने इस अभियान के तहत शपथ ग्रहण नशा मुक्ति की शपथ लिया। उन्होंने बताया कि नशे की लत से न सिर्फ इंसान का जीवन बर्बाद होता है बल्कि यह जानलेवा होती है. यह लत न सिर्फ नशा करने वाले व्यक्ति बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है. इसलिए इसे सिर्फ एक आदत के रूप में ही नहीं बल्कि एक बीमारी के रूप में परिभाषित किया जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमेशा नशे की लत की गंभीरता को लेकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।
नशे से दूरी बनाने के संबंध में बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि कि, नशा करने की शुरुआत सिर्फ शौकिया तौर पर होती है। इसीलिए अगर आपको कभी शौकिया तौर पर भी किसी भी प्रकार का नशा करने के लिए कहा जाए तो आपको साफ तौर पर उसके लिए मना कर देना है।
क्योंकि अगर आपको एक बार नशे की लत लग जाएगी तो आपको इससे निकलने में काफी टाइम लग जाएगा और हो सकता है कि आप नशे के इस प्रकार आदी हो जाएं कि आप अपना सारा काम धंधा भूल करके हमेशा नशे में ही डूबे रहे।
नशा करने से बचने के लिए आपको ऐसे लोगों के साथ किसी भी प्रकार का मेल मिलाप नहीं रखना चाहिए जो किसी भी प्रकार का नशा करते हैं क्योंकि नशे की स्टार्टिंग संगत से ही होती है। अगर आपकी संगत खराब है तो आप जल्दी नशे की गिरफ्त में आ जाएंगे। इसलिए आपको ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो नशे का सेवन करते हैं।
आपको ना तो कभी शौकिया तौर पर नशे का सेवन करना चालू करना चाहिए, ना ही कभी कबार। संक्षेप में कहें तो आपको अपने मन में यह निश्चय लेना चाहिए कि आप कभी भी अपने जीवन में नशे का सेवन नहीं करेंगे, साथ ही अन्य लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे और एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएंगे।
एमएलसी चंचल ने की जनसुनवाई
गाजीपुर।भाजपा के एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने रविवार को पीडब्ल्यूडी के सर्किट हाउस मे जनसुनवाई की।एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने आज जन सुनवाई के दौरान सर्किट हाउस के सभाहाल मे लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुन कर समबंधित अधिकारियों से यथाशीघ्र समाधान को कहा।
इस अवसर पर विशाल सिंह चंचल ने बताया कि देश और प्रदेश मे भाजपा की सरकार ने जनता के हित के लिए हर संभव प्रयास किया है। जिससे लोगों के जीवन स्तर मे व्यापक सुधार और क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हुआ है। इस जनसुनवाई मे भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं सामान्य जन भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख राजन सिंह,मनोज गुप्ता,गोपाल राय,अरविंद राय,डा प्रदीप पाठक, शशिकान्त शर्मा आदि उपस्थित रहे।
घरों का मालिकाना हक मिल जाने से नही होंगे आपसी विवाद:चंचल
गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा स्वामित्व योजना के अंन्तर्गत तैयार किए गए ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी के डिजिटल एवं भौतिक वितरण कार्यक्रम लोक भवन सभागार लखनऊ में आयोजित किया गया। जिला पंचायत सभागार में इस कार्यक्रम का संजीव प्रसारण जनप्रतिनिधियों-अधिकारियों सहित लाभार्थियों ने देखा। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने संयुक्त रुप से जनपद के ग्रामीण लोगों को उनके ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी का वितरण किया।इस अवसर पर एमएलसी विशाल सिंह चंचल कहा कि यह खुशी का अवसर है। आप सभी लोगों को आपके मकान के मालिक होने का अधिकार सरकारी तौर पर मिल गया है। आपके मकान पर अब कोई कब्जा नहीं कर सकेगा। पीएम मोदी और सीएम योगी ने एक बहुत बड़ी महत्वपूर्ण योजना लागू की है, जिससे आप सभी लोगों को आपके अपने घर का मालिकाना हक मिल गया है। उन्होंने कहा कि घरों का मालिकाना हक मिल जाने से अब आपसी विवाद नहीं होंगे तथा आप लोग अपना जीवन सुख-शांति में व्यतीत कर सकेंगे। अपर जिलाधिकारी वि.रा. ने कहा कि जिन लोगों को आज उनके मकानों की घरौनी मिली है, व उनके घरों का मालिकाना हक प्राप्त हुआ हैं, अब ये लोग अपने घर को और बेहतर बनाने के लिए लोन भी ले सकते हैं।उन्होंने कहा कि लोगों को ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी के डिजिटल एवं भौतिक विवरण प्राप्त होने से अब ग्रामीण क्षेत्र में आपसी विवाद नहीं होंगे। ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि वह अपने घर-परिवार के लोगों को शिक्षित करें, स्वच्छता अपनाएं तथा नशे का सेवन न करें। कहा कि नशे के सेवन में व्यय होने वाली धनराशि का बचत करते हुए अपने बेटा-बेटियों को शिक्षित करने व उच्च शिक्षा दिलाने में लगाएं। उन्होंने बताया कि आज कार्यक्रम में उपस्थित कुल 41 तथा अन्य तहसीलों में भी लोगों को घरौनियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी आकाश कुमार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों साथ ही लाभार्थी उपस्थित रहे। संचालन सदर तहसीलदार ने किया। अंत में उपजिलाधिकारी प्रतिभा मिश्रा ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
एम्बुलेंस में हुआ प्रसव,जच्चा और बच्चा स्वस्थ
ग़ाज़ीपुर।108 एंबुलेंस में इन दिनों लगातार प्रसव कराने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कारण की जब गर्भवती को जरूरत से ज्यादा दर्द बढ़ जा रहा है तब परिजन 108 एंबुलेंस के लिए कॉल कर रहे हैं। और फिर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में ही प्रसव हो जा रहा है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को ग्राम पंचायत और औढारि ब्लॉक मनिहारी का था। जहां पर एंबुलेंस के लिए कॉल किया गया जिसके बाद तत्काल मौके पर पायलट और ईएमटी एंबुलेंस लेकर पहुंचे और गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्र के लिए लेकर चले। लेकिन दर्द बढ़ जाने के कारण रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ा।
108 एंबुलेंस के ब्लॉक प्रभारी दीपक राय ने बताया कि ग्राम पंचायत औढारि ब्लॉक मनिहारी की रहने वाली गर्भवती सरोज पत्नी तेज प्रताप की प्रसव पीड़ा की जानकारी देते हुए 108 एंबुलेंस की डिमांड की गई। जिसके बाद इमरजेंसी मेडिकल टेक्निकल रवि प्रताप और पायलट करीम अंसारी के द्वारा एंबुलेंस को लेकर बताए गए लोकेशन पर पहुंचे। जहां से गर्भवती को लेकर पास के स्वास्थ्य केंद्र के लिए चले लेकिन रास्ते में दर्द बढ़ जाने के कारण इमरजेंसी मेडिकल टेक्निकल रवि प्रताप सिंह और परिवार की महिलाओं के सहयोग से एंबुलेंस के अंदर ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया। जिसके पश्चात महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने जच्चा और बच्चा को दोनों को स्वस्थ बतलाया।
युवक का शव मिलने से फैली सनसनी
गाजीपुर। दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के धर्मागतपुर गांव के पास स्थित श्मशान घाट के पास स्थित टीनशेड में रखे भूसा में एक युवक का सड़ा हुआ शव मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे दुल्लहपुर क्षेत्र के धर्मागतपुर गांव के पास स्थित श्मशान घाट के पास कुछ लड़कें जामुन तोड़ रहे थे। इसी दौरान एक जामुन वहां पर स्थित रमेश राजभर के भूसा रखे टीनशेड में जा गिरा। जामुन लेने के लिए जब लड़के टीनशेड के पास पहुंचे तो भूसा के अंदर से एक व्यक्ति का हाथ निकला हुआ नजर आया और बदबू भी उठ रहा था। लोगों ने भूसा हटाया तो देखा कि एक युवक का सड़ा हुआ शव पड़ा था।लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। दुल्लहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। दुल्लहपुर और बिरनो सीमा विवाद की वजह से आधा घंटा तक शव पड़ा रहा। बाद में दुल्लहपुर सीमा की घटना होने पर पुलिस शव को कब्जे में लेकर थाना लाई। थाना पहुंचे धर्मागतपुर गांव निवासी बासुदेव राजभर ने मृतक का पहचान अपने पुत्र नंदकिशोर राजभर (28) के रूप में की। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि मृतक नंद किशोर विक्षिप्त था और 3 जून से लापता था। आसपास उसकी काफी खोजबीन की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका था। इस संबंध में थानाध्यक्ष शैलेश मिश्रा ने बताया कि परिजनों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों के मुताबिक मृतक नंदकिशोर विक्षिप्त था।
अध्यापकों का वेतन रोकने का दिया आदेश
गाजीपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव की अध्यक्षता में नगर संसाधन केंद्र के सभागार में समस्त नगर क्षेत्र के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सहायता प्राप्त विद्यालयों की बैठक हुई। इसमें बीएसए ने डीबीटी में बच्चों का आधार वेरिफिकेशन अत्यंत कम होने पर नाराजगी व्यक्त किया। जिन विद्यालयों पर आधार वेरिफिकेशन शून्य है, वहां के समस्त अध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश दिया।
उन्होंने मिशन प्रेरणा, निपुण भारत, प्रेरणा तालिका को पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत बच्चों को खाद्य पोषण भत्ता बांटने के लिए एवं प्रेरणा पर अपलोड करने के संबंध में निर्देश दिया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी नगर आलोक यादव, एसआरजी प्रीति सिंह, एआरपी शीला सिंह, संकुल प्रभारी प्रदीप कुमार पांडेय, पीयूष कुमार श्रीवास्तव, अदनान अहमद, रहमान अंसारी आदि उपस्थित थे।