गाजीपुर। पैसे के लिए विद्यालय के जिम्मेदार प्रबंधक और प्रिंसिपल कैसे कानून व्यवस्था को तार तार कर डालते हैं इसकी पोल एसटीएफ ने यूपी बोर्ड की परीक्षा में उस वक्त खोल दिया जब दूसरे परीक्षार्थी की जगह पर एक परीक्षार्थी को परीक्षा देते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि पकड़े गए मुन्ना भाई को मोटी रकम लेकर विद्यालय के प्रिंसिपल के द्वारा बगैर बायोमेट्रिक जांच के ही परीक्षा केंद्र के अंदर तक पहुंचा दिया गया था। इतना ही नहीं इसके पहले भी दो दिन इसी छात्र के द्वारा दूसरे छात्र का परीक्षा दिया गया था। पूरा मामला यूपी बोर्ड के द्वारा संचालित हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का है जिसको लेकर जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा पूरी तैयारी करने का दावा किया गया था। इतना ही नहीं परीक्षाओं में किसी भी तरह की नकल या फिर प्रॉक्सी छात्रों का एंट्री ना हो इसके लिए भी विद्यालय के प्रबंधकों प्रधानाचार्ययों और शिक्षकों के साथ जिलाधिकारी ने बैठक कर सबको कड़े निर्देश दिए गए थे लेकिन जिले में जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देश को ताक पर रखकर सोमवार को अंग्रेजी की परीक्षा देने के लिए सालवर विद्यालय के अंदर पहुंच गया और परीक्षा भी दे रहा था। इस बात की जानकारी वाराणसी एसटीएफ की टीम को हो चुकी थी और एसटीएफ की टीम ने अचानक से दुल्लहपुर के बहलोलपुर गांव में चलने वाले भगेलु दास इंटर कॉलेज पर छापेमारी किया। छापेमारी में शिवम नाम का युवक दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। एसटीएफ ने जब जांच किया तो पता चला कि विद्यालय में बगैर बायोमेट्रिक एंट्री के छात्र को विद्यालय में एंट्री दिया गया था। इतना ही नहीं इसके पहले के भी दो विषयों में वह परीक्षा दे चुका था। STF अपने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि साल्वर शिवम यादव और प्रधानाचार्य विंध्याचल यादव के पास से दो मोबाइल एक आधार कार्ड एक ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका बरामद हुई है। यही नहीं एक हाई स्कूल अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र एक प्रवेश पत्र भी बरामद हुआ है। साल्वर के गिरफ्तार होने के बाद टीम परीक्षा केंद्र को लेकर सक्रिय हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह ने बताया कि पकड़ा गया युवक अपने परिवार के ही किसी सदस्य के नाम पर परीक्षा दे रहा था। इस तरह के मामले अब सामने आने के बाद अब आगामी परीक्षाओं के लिए कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं और सभी कक्ष निरीक्षकों और ड्यूटी में लगे हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि आगे से इस तरह का कोई भी मामला आता है तो उन्हें परीक्षा देने से वंचित न किया जाए बल्कि परीक्षा के उपरांत इनकी जांच किया जाए और जांच में कोई भी कमी पाए जाने पर ऊपर के अधिकारियों को जानकारी देते हुए करवाई किया जाए। बता दे की जनपद का दुल्लहपुर जखनिया इलाका नकल करने के साथ ही साथ फर्जी छात्रों के माध्यम से दूसरों की परीक्षा संपन्न कराए जाने के भी मामले आते रहे हैं। अभी पिछले साल भी इसी इलाके से भारी मात्रा में नकल की सामग्री के साथ मुन्ना भाई भी पकड़े गए थे जिस पर पुलिस ने परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई किया था। इन्हीं सब को देखते हुए परीक्षा से पूर्व जिलाधिकारी बैठक कर खड़े निर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके इस तरह का मामला सामने आया है।
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लखनऊ-काशी समेत कई कोर्ट को उड़ाने की धमकी, जिले में हुई कोर्ट की जांच
गाजीपुर। वाराणसी में एक सरकारी ईमेल के जरिए बनारस सहित प्रदेश के कई जनपदों के कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी दिया गया। वाराणसी समेत कुल 18 कचहरियों में ब्लास्ट की धमकी में अयोध्या, मथुरा, प्रायगराज सहित कई शहर हैं। वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल जिला जज को मिला है।

इस धमकी के बाद पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और उसके बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसी को लेकर गाजीपुर में भी कोर्ट सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस के साथ ही अन्य पुलिसकर्मी के लोग शुक्रवार को कोर्ट की सुरक्षा को जांच करने के लिए कोर्ट पर पहुंचे और सभी लोगों ने गहनता से पूरे कोर्ट परिसर की जांच किया।

साथ ही आने-जाने वाले लोगों के साथ ही आए हुए वादकारियों के द्वारा अपने साथ ले गए सामानों की भी खोलकर गहनता से जांच किया। इसको लेकर क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि कोर्ट परिसर के नियमित जांच कराई जाती है। उसी क्रम में आज की भी जांच है लेकिन जिस हिसाब से आज वाराणसी कोर्ट सहित अन्य कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई अगर उसको देखा जाए तो आज की कोर्ट परिसर की जांच काफी आम हो गई है।



मुख्तार अंसारी का चचेरा भाई गिरफ्तार
गाजीपुर। साल 2001 में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद तहसील के उसरी गांव की चट्टी पर दिन दहाड़े मुख्तार अंसारी गिरोह और बृजेश सिंह के गिरोह में गैंगवार हुआ था और इसी गैंगवार में मनोज राय की हत्या हुई थी और उस हत्या के मामले में साल 2023 में मनोज राय के पिता शैलेंद्र राय के द्वारा मुख्तार अंसारी सहित करीब 10 से 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और इस मुकदमे में गौस मोईनुद्दीन अंसारी जो मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई और रिश्ते में साढु भाई भी लगते हैं आरोपी थे जो पिछले कई सालों से फरार चल रहे थे और इसी फरारी को लेकर इन पर ₹25000 का इनाम भी घोषित किया गया था और इनाम घोषित किए जाने के बाद उनके खिलाफ NBW का वारंट भी जारी था और इस वारंट के तहत मोहम्मदाबाद पुलिस ने एक दिन पूर्व उन्हें गिरफ्तार किया और फिर उनकी गिरफ्तारी के बाद आज गाजीपुर न्यायालय में पेश किया गया इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया और अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि आज एमपी एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह के न्यायालय में गौस मोइनुद्दीन उर्फ तन्नू अंसारी को पेश किया गया था जहां पर शैलेंद्र राय के द्वारा दर्ज कराए गए मनोज राय हत्याकांड के मामले में यह फरार चल रहे थे और इस मामले में पुलिस ने एनबीडब्ल्यू वारंट पर इन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जिस पर माननीय न्यायाधीश ने उनके मामले पर सुनवाई करते हुए इन्हें आज जेल भेजा है और अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
उन्होंने बताया कि गौस मोइनुद्दीन उर्फ तन्नू अंसारी मनोज राय की हत्या में उनके आवास बक्सर जाकर मनोज राय का अपहरण कर मुख्तार अंसारी के साथ लेकर आए थे और फिर उनकी हत्या के मामले में शामिल थे।
बता दे 15 जुलाई 2001 को उसरी चट्टी हत्याकांड हुआ था। उसी दिन मनोज राय की भी हत्या हुई थी, उस समय मनोज राय को भी मुख्तार अंसारी ने हमलावरों में शामिल बताते हुए मुकदमा दर्ज कराई थी, लेकिन मनोज राय के पिता ने पुत्र की हत्या बताते हुए 2023 में मुख्तार अंसारी और उसके साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की चार्जशीट में मृतक मनोज राय के पिता ने मुख्तार अंसारी के साथ सरफराज मुन्नी, अफरोज उर्फ चुन्नू, जफर उर्फ चंदा के साथ दस लोगों को नामजद किया था।
जिले में UGC का विरोध तेज: सवर्ण समाज ने सड़कों पर उतरकर की नारेबाजी
यूजीसी कानून के खिलाफ जिले में सवर्ण जातियों का विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर लगाए नारे
कई सवर्ण दलों ने किया इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन

गाजीपुर। उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए सरकार जब से यूजीसी लाई है तब से उत्तर प्रदेश में इसका विरोध शुरू हो गया है। लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई नेता इसको लेकर बयानबाजी भी कर रहे हैं। इसी यूजीसी कानून को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पर क्षत्रिय महासभा, ब्राह्मण जनसेवा मंच, पूर्वांचल छात्र सेना, कायस्थ महासभा, ब्राह्मण रक्षा दल, राष्ट्रवादी जन संग्रह और सवर्ण हिंद फौज के तत्वाधान में यूजीसी जैसे काले कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान यूजीसी कानून को वापस लेने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। इस ज्ञापन मे मुख्यत तीन मांगों को रखा गया। पहला यूजीसी निगरानी में जो समिति बने उसमें सवर्ण सदस्य अनिवार्य किया जाए। दूसरा झूठी शिकायत करने वाले के खिलाफ भी जुर्माना और सजा का प्रावधान किया जाए और तीसरा यह UGC काला कानून वापस लिया जाए।

विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग सड़कों पर उतर गए हैं और सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की और इसे काला कानून बताया है। धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस नियम को जल्द वापस लेने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन के दौरान निमेष पांडे ने कहा कि यह कार्यक्रम लगातार क्रमबद्ध तरीके से चलता रहेगा जिसमें अगली कड़ी में 31 जनवरी को सरजू पांडे पार्क में उपस्थित होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्वांचल छात्र सेना के प्रदेश संयोजक निमेष पांडे, शिवम उपाध्याय, अंशु पांडे, उमेश पांडे, गोपाल पांडे, अभिषेक तिवारी, विवेक तिवारी, मिट्ठू पांडे, चमचम चौबे, मनीष तिवारी, कृष्णानंद उपाध्याय, विवेकानंद पांडे, ऋषिकांत श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, राजू उपाध्याय, अनूप उपाध्याय, सौरभ तिवारी, अजीत उपाध्याय, राहुल दुबे, अमित पांडे, अखिलेश पांडे, मोनू तिवारी, धनंजय मिश्रा, विराट पांडे, शिवम चौबे, राहुल तिवारी, राज कुमार सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अमन सिंह, अभय सिंह, छोटू सिंह, दिव्यांशु सिंह, आशीष सिंह, भोलू सिंह, दीपू सिंह, आनंद मोहन सिंह, अरविंद सिंह, काजू सिंह, चंदन सिंह, शेरू सिंह और सत्यजीत सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।



27 जनवरी को होगा देशव्यापी बैंक हड़ताल
27 जनवरी 2026 की देशव्यापी बैंक हड़ताल को सफल बनाने हेतु UFBU ग़ाज़ीपुर की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
गाजीपुर। 27 जनवरी 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को लंका स्थित एक होटल में आयोजित की गई। बैठक में हड़ताल की तैयारियों, बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने तथा आंदोलन को प्रभावी एवं ऐतिहासिक बनाने की रणनीति पर गंभीर एवं विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। UFBU की सभी घटक यूनियनों ने एकजुटता, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प के साथ 27 जनवरी की हड़ताल को सफल बनाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया। बैठक को संबोधित करते हुए जितेन्द्र शर्मा, जिला मंत्री, बैंक एम्प्लॉइज़ फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) ने कहा कि यह हड़ताल बैंक कर्मियों के सम्मान, अधिकार एवं न्याय से जुड़ा हुआ संघर्ष है, जिसमें देशभर के बैंक कर्मचारी पूरी मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ भाग लेंगे।
अध्यक्षीय संबोधन में राकेश यादव ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की जायज़ मांगों की लगातार अनदेखी अब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों से आह्वान किया कि वे संगठनात्मक एकजुटता का परिचय देते हुए 27 जनवरी 2026 की देशव्यापी हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाएं। अपने संबोधन में सत्येन्द्र गुप्ता ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों, विशेष रूप से पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को अब तक लागू न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंक कर्मियों से एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कमलेश सिंह, जिला मंत्री, पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक के समस्त कर्मचारी UFBU के आह्वान के अनुरूप हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और आंदोलन को मजबूती प्रदान करेंगे। रामजी, जिला मंत्री, बैंक ऑफ इंडिया, ग़ाज़ीपुर ने कहा कि जनपद की सभी बैंक यूनियनें आपसी एकता के साथ आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि 27 जनवरी 2026 की प्रस्तावित बैंक हड़ताल को पूर्ण एकजुटता, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प के साथ ऐतिहासिक सफलता दिलाई जाएगी। 27 जनवरी 2026 को पीएनबी विशेश्वरगंज, ग़ाज़ीपुर परिसर में प्रातः 9:30 बजे से प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। बैठक में विभिन्न बैंकों एवं यूनियनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से शुभम सिंह (बैंक ऑफ इंडिया), सुनील यादव (केनरा बैंक), गायत्री सिंह (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया), सन्नी सिंह (बैंक ऑफ महाराष्ट्र), आलोक प्रकाश (पंजाब नेशनल बैंक), राकेश यादव (PNB ऑफिसर्स यूनियन), राकेश राय (इंडियन बैंक), जितेन्द्र कुमार (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया), उमाशंकर यादव (पंजाब एंड सिंध बैंक), राहुल सिंह (इंडियन ओवरसीज बैंक), पंजाब नेशनल बैंक से आलोक कुमार, शुभम सिंह, के.डी. सिंह, एच.एस. राय, अरुण, शशि शेखर एवं आज़म प्रमुख रूप से शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता राकेश यादव, अध्यक्ष, ऑल इंडिया पीएनबी ऑफिसर्स यूनियन ने की। बैठक का संचालन सत्येन्द्र गुप्ता, जिला संयोजक, UFBU एवं जिला मंत्री, उत्तर प्रदेश बैंक इम्प्लाइज यूनियन (UPBEU), ग़ाज़ीपुर इकाई द्वारा किया गया।
आशुतोष का हुआ ऑल इंडिया रेसलिंग चैम्पियनशिप में चयन
बहरियाबाद। रामकरन इण्टर कालेज ईशोपुर रामपुर के खेल अध्यापक/कुश्ती कोच राम आशीष यादव ने बताया कि रामकरन इण्टर कालेज के मिट्टी के अखाड़े में प्रतिदिन अभ्यास करने वाले आशुतोष यादव का चयन चंडीगढ़ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित हो रही आल इंडिया यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप 2025-26 के लिए हुआ है। आशुतोष का चयन महात्मा गॉंधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय वाराणसी की टीम से 130kg भार वर्ग ग्रिको रोमन स्टाइल में हुआ है। यह प्रतियोगिता दिनाँक 05.01.2026 से 09.01.2026 तक पंजाब के चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में हो रही है।
एकदिवसीय दौरे पर आए डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर जमकर साधा निशाना,कहा….
गाजीपुर। उ प्र सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक आज मंगलवार को अपने एक दिवसीय दौरे के व्यस्त कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय छावनी लाइन पहुंचे। जहां उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता मे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अपनत्वता के भाव से मिले और समस्याओं को सुना और उनकी शिकायतों से संबंधित पत्रक लिए तथा उचित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कहा कि गाजीपुर साधारण जिला नहीं है, यह महर्षि विश्वामित्र की धरती है।यह धरती और गंगा मैया महर्षि विश्वामित्र के समय से है उनमें कोई बदलाव नही हुआ यह वही मिट्टी है जो हमें ऊर्जा प्रदान करती है और गाजीपुर ने आजादी के जमाने से अपना झंडा बुलंद रखा है।

उप मुख्यमंत्री ने सपा को जेबी पार्टी बताया और विपक्षी राजनीतिक दलों के वंशवाद पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा का छोटा से छोटा कार्यकर्ता सिर्फ संगठन समर्पित सेवा और निष्ठा से जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता हैं। जबकि सपा, बसपा, कांग्रेस मे ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास के आधार पर सबको जोड़कर चलती है। यहां प्रत्येक समाज व वर्ग का व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता है। और भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता सर्वोच्च शिखर पर पहुंच सकता है। भाजपा कार्यकर्ताओं को यह सिखाया गया है की भारत माता का झंडा झुकने ना पाए। देश के लिए काम करने वाले लोग हैं। जबकि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस के लोग देश के लिए नहीं अपने जेब के लिए काम करते हैं।

इसके हजारों उदाहरण हैं जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में आई है तब तक हत्या छिनैती लूट बलात्कार और बहुत खुश हुए तो मुंबई से कलाकार बुलाकर सैफई में नाच करवाते हैं और पैसा किसका होता है गरीब जनता का ,भारतीय जनता पार्टी कभी ऐसा सोच भी नहीं सकती की सरकार सरकारी पैसे से मुंबई से कलाकार बुलाएं और नाच कराए। उन्होंने कहा कि हम सबको एकजुट होकर काम करना है। जब हम सरकार में होते हैं तो लाख परेशानियां आती हैं हम आपको भरोसा दिलाते है कि हम अपने गाजीपुर के कार्यकर्ताओं के सम्मान से कभी समझौता नहीं करेंगे और कोई समझौता होने भी नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि हम सब की जिम्मेदारी है कि जन-जन को जोड़कर गाजीपुर में कमल का फूल खिलाना है आप सब विश्वास रखें सरकार आपके मनोकांक्षा पर काम करेगी। डिप्टी सीएम ने कहा हमारे नेतृत्व की नजर आप सब पर हैं। उन्होंने समाचार संवाद के लोगों से बात करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय मे हृदय रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था हो गई है। पर्ची काउंटर पर जल्द ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि वहां 15 मिनट से ज्यादा का समय न लगे, ओपीडी हाल मे क्रास वेंटिलेशन या वातानुकूलित व्यवस्था करने के साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही युरोलाजी तथा एम आर आई के साथ, चिकित्सा सेवाओं में और सुदृढ़ता का प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गाजीपुर मे रिकार्ड 5000 की ओपीडी चल रही है। सभी व्यवस्थाएं चूस्त और मजबूत है। इसके अलावा जितने भी अस्पताल जनपद मे है उनको मजबूत किया जाएगा।

जिला प्रभारी डा राकेश त्रिवेदी व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र से उप मुख्यमंत्री का स्वागत अभिनन्दन किया। कार्यकर्ताओं ने ब्रजेश पाठक को शिकायतो से सम्बन्धित पत्र भी दिए। जिस पर उन्होंने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन भी दिया। भाजपा महामनिषियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और वंदेमातरम् से बैठक प्रारंभ हुई।

बैठक मे राज्यसभा सांसद डॉक्टर संगीता बलवंत, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, पूर्व जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, बृजेंद्र राय, विजय शंकर राय, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह,न पा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, पूर्व विधायक सुनीता सिंह कालीचरण राजभर, शिवपूजन राम ,सरोजेश सिंह, अवधेश राजभर,राजेश राजभर,श्यामराज तिवारी, जितेन्द्र पांडेय,अच्छेलाल गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा, संकठा मिश्रा, विनोद अग्रवाल,अविनाश सिंह,शनि चौरसिया,अभिनव सिंह छोटू,आदि सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे। संचालन महामंत्री प्रवीण सिंह ने किया।


नीट यूजी में फर्जीवाड़ा: 9 के खिलाफ कार्यवाही
गाजीपुर। यूपी नीट यू0जी0 काउंसलिंग 2025 के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के आश्रित उप श्रेणी के अन्तर्गत प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत फर्जी प्रमाण पत्र पर विधिक कार्यवाही किया गया। तहसीलदार सदर के तहरीर पर सदर कोतवाली मे जनपद के कुल 09 अभ्यर्थियो के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही हेतु पत्राचार किया गया। जिसमे पंकज कुमार पुत्र कमलेश कुमार, सुमन संगम पुत्री विद्यानन्द यादव, मधुमिता कुमार पुत्री मिथलेश पाण्डेय, चंदन कुमार पुत्र लालबाबु सिंह,तान्या पुत्री सदन मोहन,अमित राज पुत्र संजय कुमार,अंकित आनन्द पुत्र संजय कुमार सभी निवासी गोराबाजार पोस्ट पीरनगर एंव आराधना सक्सेना पुत्री दिनेश सक्सेना एंव मयंक कुमार पुत्र रविशंकर मालगोदाम रोड पो0 मुख्य डाकघर निवासी है। यूपी नीट यू0जी0 काउंसलिंग 2025 मे शामिल हुए अभ्यर्थियों जिनके द्वारा लगाए गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र की जॉच हेतु महानिदेशक चिकित्सा एवं प्रशिक्षण लखनऊ द्वारा जॉच की अपेक्षा की गयी थी। इस क्रम मे प्रमाण पत्रो की प्रारम्भिक जॉच अपर जिलाधिकारी वि0रा0/प्रभारी अधिकारी प्रमाण पत्र कलेक्ट्रेट गाजीपुर से कराई गई। जॉच के दौरान अभ्यर्थियो का प्रमाण पत्र कार्यालय अभिलेख से मिलान करने पर उक्त प्रमाण पत्र इस कार्यालय से जारी नही होना पाया गया। अभ्यर्थियों द्वारा प्रयोग मे लाए गए प्रमाण पत्र मे काफी भिन्नता पाई गई। न्याय सहायक अधिकारी गाजीपुर ने जॉच कर बताया कि उक्त प्रमाण पत्र यहां से निर्गत नही हुए है।राजस्व सहायक कलेक्ट्रेट गाजीपुर की रिपोर्ट के अनुसार उक्त प्रमाण पत्रों का नम्बर उनके डाकबही से जारी नही होना पाया गया।
अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित छात्र पहुंचे डीएम कार्यालय, किया मांग
पीजी कॉलेज बी.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर के परिणामों में महा-अनियमितता, छात्रों का भविष्य अधर में!
कुलपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एसडीएम चन्द्रशेखर यादव को सौंपा, तत्काल हस्तक्षेप की मांग
गाजीपुर। पीजी कॉलेज के बी.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों के हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। परिणामों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने हजारों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता के भंवर में धकेल दिया है। इस मामले को लेकर बुधवार को छात्रसंघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर कुलपति के नाम संबोधित पत्रक जिलाधिकारी कार्यालय में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसे जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एसडीएम चन्द्रशेखर यादव ने प्राप्त किया। छात्रों का आरोप है कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए इन परिणामों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बेवजह ‘अनुपस्थित’ (Absent) दर्शाया गया है, या उन्हें अनुत्तीर्ण (Failed) घोषित कर दिया गया है, जबकि उन्होंने पूरी लगन और अथक परिश्रम के साथ अपनी सभी परीक्षाएं दी थीं। यह चौंकाने वाली स्थिति न केवल छात्रों के परिश्रम का अपमान है, बल्कि विश्वविद्यालय की परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल उठाती है।

छात्रों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में महाविद्यालय प्रशासन से भी संपर्क किया था, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिल पाया। इस प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था के कारण छात्र मानसिक तनाव, गहरी निराशा और चिंता के भयंकर दौर से गुजर रहे हैं, जिससे उनके एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक वर्ष के बर्बाद होने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।बपूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष, दीपक उपाध्याय ने कड़े शब्दों और बुलंद आवाज़ में कहा, “यह सिर्फ कुछ छात्रों का मामला नहीं है, यह तो हमारे छात्रों के भविष्य पर मंडराता एक ऐसा काला साया है, जिसने सैकड़ों होनहार विद्यार्थियों के सपनों को निगलने का काम किया है। हमने अपनी व्यथा और अपनी मांगों को एसडीएम के सामने पूरी मज़बूती से रखा है, जैसे एक मशाल अंधेरे में राह दिखाती है। हमें अटूट विश्वास है कि हमारी यह आवाज़ कुलपति के कानों तक अवश्य पहुंचेगी, ताकि इस भयावह रिजल्ट में हुई अनियमितता कि स्थिति में तत्काल और निर्णायक हस्तक्षेप हो सके और हमारे छात्रों का भविष्य बर्बाद होने के गर्त में गिरने से बचाया जा सके।

गाजीपुर का दुर्भाग्य है कि यहां विश्वविद्यालय नहीं है और ना ही जौनपुर विश्वविद्यालय का विस्तार पटल है। इसलिए यूनिवर्सिटी जानबूझकर अनियमितता करती है। यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को शून्य, एक, दो, चार नंबर या अनुपस्थित दिखाया जाता है ताकि इम्प्रूवमेंट व बैक पेपर के नाम पर मोटी रकम वसूली जा सकें “जबकि जय श्रीराम जय हनुमान लिखने वालों को प्रथम श्रेणी में पास किया जाता है पूर्व महामंत्री, सुधांशु तिवारी ने परिणामों में हुई इस ‘अविश्वसनीय और अक्षम्य गलती’ पर अपना प्रचंड आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “छात्रों ने दिन-रात एक करके पढ़ाई की, खून-पसीना बहाया, और बदले में उन्हें अनुपस्थिति या अनुत्तीर्णता का ठप्पा मिला है। यह सरासर अन्याय है और किसी भी कीमत पर अस्वीकार्य है। हमने एसडीएम से पुरजोर मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सभी उत्तर पुस्तिकाओं का निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन हो और सही परिणाम अविलंब जारी किए जाएं।

पूर्व अध्यक्ष, अनुज भारती ने इस गंभीर मुद्दे पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “यह सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के सपनों को रौंदने जैसा अक्षम्य कृत्य है।
प्रभावित छात्रों में से एक, कृष्णानंद भारती ने अपनी दर्दभरी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने अपनी परीक्षाओं के लिए अथक परिश्रम किया था। जब मैंने अपना परिणाम देखा और उसमें मुझे ‘अनुपस्थित’ पाया गया, तो मैं पूरी तरह से सदमे में था। यह न केवल मेरे भविष्य को खतरे में डाल रहा है, बल्कि मेरा आत्मविश्वास भी बुरी तरह से टूट गया है। एक अन्य प्रभावित छात्रा, नेहा सिंह ने भावुक होकर कहा, मुझे 2 नंबर मिला है “यह स्थिति हमें मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित कर रही है।

अनामिका कुमारी ने कहा कि मुझे शून्य नंबर दिया गया है मैं काफी सदमे में हूं जबकि मैंने पेपर अच्छा दिया था। हमें समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या करें। हमने एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है और हम चाहते हैं कि हमारे सही परिणाम जल्द से जल्द घोषित किए जाएं, ताकि हम आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।” छात्र समुदाय ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति से इस गंभीर संकट का व्यक्तिगत संज्ञान लेने की पुरजोर अपील की है, जिसके लिए उन्होंने एसडीएम चन्द्रशेखर यादव के माध्यम से एक विस्तृत और महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की त्वरित और गहन जांच सुनिश्चित की जाए, तत्काल प्रभाव से सभी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए, और सही एवं संशोधित परीक्षा परिणाम अविलंब जारी करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाएं। छात्रों को विश्वास है कि प्रशासन की सहानुभूतिपूर्ण और निर्णायक कार्यवाही से उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित हो सकेगा और उन्हें इस अकारण हुए शैक्षणिक तथा मानसिक नुकसान से मुक्ति मिल सकेगी।

पत्रक सौंपने वालों में मुख्य रूप से नेहा सिंह, आस्था कुशवाहा, अनामिका कुमारी, विभा सिंह, रुबीना खातून, मनीषा साहनी, मुस्कान राजभर, निशा कुमारी, जागृति राय, प्रीतम पासवान, सलोनी कुशवाहा, नीतीश मौर्या, राहुल मौर्या, कृष्णा नंद भारती, रोहित कन्नौजिया, जयप्रकाश राम, निशांत चौरसिया, विनय, अंशुमान राणा, आलोक कुमार, आकाश कुमार बिंद्रा, विशाल यादव, दीपक कन्नौजिया, साहिल कुमार पुष्कर, धनंजय कुमार इत्यादि सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
कागजात दुरुस्त न कराने वाले स्कूल वाहनों पर होगी कार्यवाही
गाजीपुर। सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जनपद के सभी विद्यालय प्रबन्धक/प्रधानाचार्य को विद्यालय में संचालित वाहनों जिनसे बच्चो को स्कूल लाने-ले जाने के प्रयोग में लिया जाता है। उसके सम्बन्ध में गुरुवार को महुआबाग स्थित राजकीय बालिका इण्टर कालेज में एक बैठक सम्पन्न हुई, जिसमे जनपद के सभी विद्यालय के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य को विस्तार से सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी धनवीर यादव द्वारा स्कूली वाहनों के सम्बन्ध में जानकारी दिया गया साथ ही सभी लोगो को निर्देश भी दिया गया कि 15 दिन के अन्दर सभी वाहनों के प्रपत्र ठीक करा लें। ऐसा नही करने वाले विद्यालयों के विरूद्ध सघन प्रवर्तन कार्यवाही विभाग द्वारा की जायेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी प्रबन्धकों/प्रधानाचार्य को निर्देश दिया गया कि आगामी 15 दिन के विद्यालय में संचालित होने वाली वाहनों का प्रपत्र सही करा लें तथा अपने-अपने विद्यालय से इंटरनल ट्रैफिक रूल्स कमेटी का गठन अनिवार्य रूप से कर लें। सभी विद्यालय इस आशय का प्रमाण पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे कि उनके विद्यालय में संचालित होने वाली वाहनों के सभी प्रपत्र सही करा लिए गये है। बीना वैध प्रपत्र के कोई भी वाहन संचालित नही है। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि विकास खण्ड मुख्यालय पर भी विद्यालय प्रबन्धक के साथ बैठक आयोजित की जायेगी तथा उनको वाहन के सम्बन्ध में जानकारी दिया जायेगा। विकास खण्ड पर होने वाली बैठको में भी परिवहन विभाग के अधिकारी भी उपस्थिीत रहेंगें। बैठक में यात्री/मालकर अधिकारी द्वारा यह भी सभी प्रबन्धक/प्रधानाचार्य से अपील किया गया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में है। अतः आप सभी लोग अपने-अपने जिम्मेदारी का निवर्हन करना सुनिश्चित करें, जिससे बच्चे वाहन से सुरक्षित घर से विद्यालय आ जा सकें।