


गाजीपुर। बलिया जनपद के थाना नगरा में 14 अक्टुबर को हुए नाबालिंग लड़की के साथ जघन्य बलात्कार की घटना से ब्राम्हण समाज अत्यन्त दुखी है। इस घटना से समाज विचलित हो रहा है। इस घटना का निष्पक्ष पर्दाफाश करने के लिए मुख्यमंत्री से मांग कर पीड़ित परिवार की सुरक्षा प्रदान करने व आर्थिक सहायता की मांग को लेकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी शुक्रवार को पत्रक सौंपा। पत्रक के माध्यम से 14 अक्टूबर को निर्भया 2 ग्राम ताड़ीबड़ा गांव, नगरा के साथ एक अत्यन्त निन्दनीय घटना अपराधियों द्वारा नाबालिंग बच्ची के साथ किया, जो मानवता के लिए अत्यन्त निन्दनीय है। सम्पूर्ण मानव समाज के साथ साथ ब्राम्हण समाज इस घटना की घोर निन्दा करता है। जिसको न्याय दिलाने के लिए ब्राम्हण रक्षा दल ने मांग किया कि पीड़िता को समुचित न्याय एवं सुरक्षा व आर्थिक सहायता 20 लाख को दिलाते हुए अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाकर समुचित न्याय व पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। बता दें कि पीड़िता मेला देखने गांव में ही गयी थी। उसी दौरान घात लगाए बैठे अपराधियों ने अपहरण कर लिया व पूरी रात अमानवीय कृत्य करते रहे और जान से मारने की पूरी कोशिश किया। जब उन्हे यह विश्वास हो गया कि अब इसकी मृत्यु हो गयी है तब पुलिया के करीब खेत में फेंक दिया। ब्राम्हण रक्षा दल इस घटना की असलियत के पर्दाफाश के लिए सीबीआई से जांच कराने की मांग करता है। जिससे पीड़िता व उसके परिजनों को न्याय मिल सके। पत्रक सौपने वाले प्रतिनिधि मण्डल में बासूदेव पाण्डेय, वरिष्ठ नेत्री कुमुम तिवारी, कृष्णानन्द उपाध्याय, सोनू पाण्डेय, मनोज उपाध्याय, शशांक उपाध्याय, दीपक पाण्डेय एडवोकेट, दीपक उपाध्याय, अभिषेक द्विवेद्वी, शिवम उपाध्याय, रूद्रमणि त्रिपाठी, अतुल तिवारी, अतुल पाण्डेय, बबिता, गोल्डेन पंडित, मृत्युन्जय मिश्रा, जनार्दन दूबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।

















