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बैंक कर्मचारी करेंगे दो दिवसीय हड़ताल


बैंक कर्मचारी करेंगे दो दिवसीय हड़ताल
प्रान्तीय कार्यकारिणी की बैठक में हुआ निर्णय


गाजीपुर। पंजाब नैशनल बैंक स्टाफ एसोसिएशन उत्तरप्रदेश की प्रान्तीय कार्यकारिणी बैठक में बोलते हुये प्रान्तीय महामंत्री मदन मोहन राय ने कहा कि बैंक कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा आंदोलन छेड रखा है। बैंककर्मी एकजुट होकर 24 व 25 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने को तैयार है। रविवार को शहर के लंका क्षेत्र में एक स्थानीय होटल के सभागार में स्टाफ एसोसिएशन के 14वें प्रान्तीय अधिवेशन के बाद की पहली प्रान्तीय कार्यकारिणी प्रान्तीय अध्यक्ष ललित श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सम्पत्र हुई जिसमें प्रान्तीय पदाधिकारियों सहित प्रदेश की तमाम जिला इकाइयों से प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए। अपने संबोधन में प्रान्तीय महामंत्री मदन मोहन राय ने कहा कि बैंको में नई भर्ती बहुत जरूरी हो गयी है। खाली पड़े पद भरे नहीं जा रहे हैं। बैंक कर्मचारी काम के बोझ तले दबा है। बैंको में आउटसोर्सिंग यूनियंस के विरोध के बाबजूद जारी है। उन्होंने कहा कि 5 दिवसीय बैंकिंग पर भारतीय बैंक संघ व बैंक यूनियंस के बीच सहमति बन जाने के बाबजूद सरकार इसे क्लियरेंस नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंसियल सर्विस का अनावश्यक हस्तक्षेप कार्मिक नीतियों को विपरीत प्रभावित कर रहा है। बैंक मैनेजमेंट की ओर से द्विपक्षीय समझौतों व सहमतियों का उल्लंघन किया जा रहा है। बारहवें द्विपक्षीय समझौते के मांगपत्र के लंबित मुद्दों पर बातचीत आगे नहीं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को मिलने वाले परिलाभों पर एकमुश्त कर कटौती ने उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है। यह कर कटौती कार्मिक के वेतन से न की जाय। उन्होंने बैंक शाखाओं पर ग्राहकों के बढ़ते हमलों पर चिंता व्यक्त की और सरकार से मांग की कि इसके लिये उचित कानून बनाकर इसे हतोत्साहित किया जाय। प्रान्तीय कार्यकारिणी बैठक में करीब बीस वक्ताओं ने संगठन पर अपने विचार रखे। मंच पर प्रान्तीय अध्यक्ष ललित श्रीवास्तव (लखनऊ), वरिष्ठ उपाध्यक्ष यूपीएन सिंह (गोरखपुर) उपाध्यक्ष राजीव जैन (सहारनपुर) व जितेंद्र शर्मा (अलीगढ़) उपमहामंत्री संजय शर्मा (वाराणसी) आसीन रहे। आयोजक इकाई गाज़ीपुर की ओर से सत्येन्द्र गुप्ता ‘सत्या’ ने स्वागत भाषण पड़ते हुए गाज़ीपुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व क्रांतिकारी इतिहास प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्यों को संबोधित किया।आयोजन में गाज़ीपुर इकाई की ओर से कमलेश सिंह, हृदय शंकर राय, शुभम सिंह, आलोक प्रकाश, कृष्णदेव सिंह, अशोक सिंह, बबिता यादव, संगीता, ने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रभावी भूमिका अदा की।

पत्रकारों ने छात्राओं का किया ज्ञानवर्धन

गाजीपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सप्त दिवसीय शिविर के अंतर्गत आज रविवार को शिविर के दूसरे दिन स्वच्छता जागरूकता अभियान के अंतर्गत रैली निकाली गयी। रैली को वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा रामनाथ केसरवानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जन जागरूकता के अंतर्गत स्वयं सेविकाओं ने गोद लिए हुए गांव मियापुरा, कोयला घाट, नवापुरा एवं ददरी घाट में सफाई अभियान चलाया । स्वयं सेविकाओं ने कार्यक्रम अधिकारियों डॉ ओम शिवानी, डॉ मनीष कुमार सोनकर, डॉ नेहा कुमारी के निर्देशन में ददरी घाट में झाड़ू लगाकर सफाई की ।स्वच्छता अभियान के अंतर्गत रैली के माध्यम से बच्चों ने तरह-तरह के नारे जैसे “हर व्यक्ति का एक ही सपना
स्वच्छ बने भारत अपना, सभी रोगों की बस एक ही दवाई घर में रखो साफ सफाई, स्वच्छता ही सेवा है गंदगी जानलेवा है, साफ सफाई से जोड़ लो नाता नहीं तो होगा बहुत बड़ा घाटा, अब सबको जगाना है गंदगी को दूर भगाना है। रैली के उपरांत बच्चों ने शिविर में लौटकर दोपहर का भोजन करने के बाद विश्राम किया ।

विश्राम के बाद 2:00 बजे से “जन जागरूकता में मीडिया की भूमिका” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न मीडिया संस्थानों से पत्रकारों ने स्वयंसेवी छात्राओं का ज्ञानवर्धन किया । हिंदुस्तान अखबार के पत्रकार अभिषेक सिंह ने मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए कहां की जनता की बात सरकार तक पहुंचाना ही मीडिया का काम है और कोई भी पत्रकार अपनी भूमिका सही तरीके से तभी अदा कर सकता है जब समाज भी उसके साथ खड़ा हो । इंडिया टीवी के पत्रकार शशिकांत तिवारी ने मीडिया के भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है । दैनिक जागरण से आए हुए मनोज गुप्ता ने मीडिया की भूमिका को विस्तार देते हुए कहा कि समाज का काम है जागरूकता फैलाना। मीडिया उसको प्रमुखता से जगह देकर समाज व सरकार के बीच में समन्वय स्थापित करता है । आज दैनिक अखबार के अरुण कुमार तिवारी एवं आवाम खबर के पत्रकार यशवंत यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत रखने के लिए लोगों को अपनी बात को मजबूती से रखना होगा व हर युवा को एक पत्रकार होने की आवश्यकता है । इस दौरान सभी अतिथि वक्ताओं ने स्वयंसेवी छात्राओं अंजली यादव, लक्ष्मी राय, शालू आदि की जिज्ञासाओं का समुचित समाधान किया ।

संगोष्ठी का संचालन डॉ रामनाथ केसरवानी द्वारा किया गया। महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार ने अतिथि वक्ताओं तथा स्वयंसेवी छात्राओं के मध्य हुए जीवंत संवाद को सराहते हुए छात्राओं को सवाल पूछने व समाज में अपनी जागरूक भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनीष कुमार सोनकर ने संगोष्ठी में आए अतिथि वक्ताओं व उपस्थित अन्य सभी लोगों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व जनपद नोडल डॉ अमित यादव, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ओम शिवानी, महाविद्यालय के प्राध्यापक डा. गज़नफर सईद, डॉ निरंजन सहित स्वयं सेवी छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत सभी स्वयं स्वयंसेवी एवं कार्यक्रम अधिकारी गण शिविर में रात्रि विश्राम के लिए वापस लौट गए।

एसपी ने चार अफसरों का बदला कार्यक्षेत्र

गाजीपुर। कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा ने शनिवार को चार थानाध्यक्षों का स्थानान्तरण किया।

8 मार्च को होगा लोक अदालत का आयोजन

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 8 मार्च 2025 को जनपद न्यायालय, न्यायालय सैदपुर एवं मुहम्मदाबाद तथा ग्राम न्यायालय जखनियाँ व जमानियाँ के साथ-साथ अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में किया जाएगा। विजय कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व की भांति राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्देशित प्रकरण यथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र संबंधी, छोटे व लघु दाण्डिक वाद, पारिवारिक वाद, धारा-138 एन.आई.एक्ट, स्टाम्प वाद/पंजीयन वाद, मोटर अधिनियम वाद, चकबंदी वाद, श्रम वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, वाट-माप प्रचलन अधिनियम वाद, कराधान प्रकरण, बिजली चोरी के वाद, सुलह समझौता एवं मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवाद को परिपक्व कराकर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में पूर्व की तुलना में ज्यादा से ज्यादा वादों का निस्तारण कर, आमजन को लाभान्वित करते हुए, राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है।

मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, आगामी बजट में घोषणा की मांग

विश्वविद्यालय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र, आगामी बजट में घोषणा की मांग

गाजीपुर। विश्वविद्यालय निर्माण मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित एक पत्र डाक के माध्यम से भेजा। इस पत्र में स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर को राजा गाधि राज्य विश्वविद्यालय’ के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है, साथ ही आगामी विधानसभा बजट में इसकी घोषणा कराने का आग्रह किया गया है। श्री उपाध्याय ने बताया कि गाजीपुर के छात्रों का भविष्य दांव पर है। जनपद में एक भी विश्वविद्यालय नहीं होने से यहां के छात्रों को अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गरीब और मध्यम वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने में असमर्थ हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में है। ‘राजा गाधि राज्य विश्वविद्यालय’ की स्थापना से छात्रों को अपने ही जनपद में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। छात्र नेता ने कहा कि स्नातकोत्तर महाविद्यालय विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त है।


स्नातकोत्तर महाविद्यालय शहर के मध्य एवं जिले के केंद्र में स्थित है, जो सभी दिशाओं से समान दूरी पर है। महाविद्यालय के पास पर्याप्त भूमि, संसाधन और शैक्षिक गुणवत्ता है, जो इसे विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने के लिए उपयुक्त बनाती है।
राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, क्योंकि महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन आदि पर होने वाला लगभग 1.5 करोड़ रुपए का व्यय पहले से ही राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय निर्माण मंच ने मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आगामी विधानसभा बजट में इसकी घोषणा करने का आग्रह किया है। गाजीपुर के छात्रों को उम्मीद है कि सरकार उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण मांग को स्वीकार करेगी।

171 शिकायत पत्र में 24 का निस्तारण

गाजीपुर।जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील जखनियां में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक ईरज राजा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। जिसमे 69 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए और मौके पर 05 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 171  शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए। जिसमें मौके पर 24 शिकायत/प्रार्थना पत्रो का निस्तारण किया गया।
इसी क्रम में तहसील जमानियां में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता 17 शिकायत/प्रार्थना  प्राप्त हुए जिसमें 02 का मौके पर निस्तारण किया। तहसील सेवराई में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 12 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 04 का मौके पर निस्तारण किया गया। सदर तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 17 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए 04 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील मुहमम्दाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 02 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील कासिमाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 21 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 05 का निस्तारण किया गया एवं तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 21 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त 02 का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत/प्रार्थना पत्रो का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलम्ब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारण किया जाए।तहसील दिवस के उपरान्त तहसील परिषर में बनाए गए समीक्षा भवन का जिलाधिकारी आर्यका अखौरी द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक राजेश यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, उपजिलाधिकारी जखनियां, तहसीलदर जखनियां एवं समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय सेवा योजना के 46वां सप्त दिवसीय विशेष शिविर का हुआ आयोजन

गाजीपुर। शनिवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के 46 वां सप्त दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अनिता कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा प्रबंधक श्वेता सुमन रहीं । कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्राचार्य प्रो. अनिता कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन के द्वारा स्वयंसेवी छात्राओं को पूरे उत्साह एवं मनोयोग से सप्त दिवसीय शिविर में प्रतिभाग करने को प्रेरित किया। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ रामनाथ केसरवानी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया की इन सात दिवसों में स्वयंसेवी छात्राओं को नया अनुभव व सीखने का सुअवसर प्राप्त होगा जिसमें वह राष्ट्रीय सेवा योजना के ध्येय वाक्य “मैं नहीं तुम” को चरितार्थ करते हुए अपने गोद लिए क्षेत्र कोयलाघाट, ददरीघाट, मियापुरा तथा नवापुरा में जाकर विभिन्न सामाजिक विषयों जैसे स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण आदि मुद्दों पर रैली निकाल कर, डोर टू डोर कैंपेन एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी । साथ ही छात्राओं के बौद्धिक संवर्धन के लिए संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा ।

कार्यक्रम को जीवंत एवं मनोरंजक बनाते हुए कार्यक्रम अधिकारी डॉ नेहा कुमारी एवं ओम शिवानी के निर्देशन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई जिसमें सिमी व उसकी सहयोगी के द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया । शालिनी, अंशिका एवं उनकी टीम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से “युवाओं पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभाव” को रेखांकित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्वेता सुमन ने स्वयंसेवी छात्राओं को अपने सपनों एवं महत्वाकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण एवं समाज सेवा से जोड़ने की सीख दी । धन्यवाद ज्ञापन डा. रामनाथ केसरवानी द्वारा किया गया । कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन स्वयंसेविका संध्या राजभर ने किया । कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनीष कुमार सोनकर एवं पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डा गज़नफर सईद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।कार्यक्रम के दौरान जनपद नोडल अधिकारी डॉ अमित यादव, मीडिया प्रभारी डॉ.शिव कुमार, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ विकास सिंह, डॉ निरंजन कुमार यादव, डॉ शिखा सिंह, डॉ सारिका सिंह, डॉ शैलेंद्र यादव, कार्यालय अधीक्षक श्री राधेश्याम कुशवाहा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जबीउल्लाह एवं हिना सहित राष्ट्रीय सेवा योजना की समस्त छात्राएं उपस्थित रहे ।

भंडारित अरहर के बीजों की फफूंद से सुरक्षा कर सकते है नीम

भंडारित अरहर के बीजों की फफूंद से सुरक्षा कर सकते है नीम, नीलगिरी और तुलसी में पाए जाने वाले वाष्पशील कार्बनिक यौगिक :अमरजीत सिंह

गाजीपुर। गोराबाजार पी०जी० कालेज में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में शनिवार को सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के अन्तर्गत वनस्पति विज्ञान विषय के शोधार्थी अमरजीत सिंह ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक “स्टडीज ऑन वोलेटाइल एक्टिविटी ऑफ सम हायर प्लांट्स अगेंस्ट फंगल डिटीरिओरेशन ऑफ पिजन पी (कजनस कजान एल.) ड्यूरिंग स्टोरेज” नामक विषय पर शोध प्रबंध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रस्तुत शोध प्रबंध में भंडारण के समय अरहर के बीजों को नुकसान पहुंचाने वाले कवकों के विरुद्ध विभिन्न उच्च पौधो जैसे नीम (एजाडिराच्टा इंडिका), नीलगिरी (यूकेलिप्टस ग्लोबुलस) और पवित्र तुलसी (ओसीमम सैंक्टम) आदि में उपस्थित वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों द्वारा होने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया है और पाया गया कि इनमें पाए जाने वाले वाष्पशील कार्बनिक यौगिक प्रभावी रूप से अरहर के बीजों में फफूंदी की वृद्धि और विकास को कम या समाप्त करने की क्षमता पाई गई है। यह भी पाया गया है कि इन उच्च पौधों में पाए जाने वाष्पशील पदार्थों के भंडारण के दौरान अरहर के बीजों की गुणवत्ता, अंकुरण क्षमता और पोषण को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, क्योकि भंडारित दालों में फफूंद संदूषण एक गंभीर चुनौती है, जिसके कारण अक्सर हानिकारक माइकोटॉक्सिन के उत्पादन के कारण बीज की व्यवहार्यता कम हो जाती है और पोषण संबंधी गिरावट हो जाती है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति व अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा प्राध्यापकों व शोध छात्र छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी ने संतुष्टि पूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात महाविद्यालय की विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्यों तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे०(डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह, प्रोफे ०(डॉ) अरुण कुमार यादव, प्रोफे० (डॉ०)सुनीलकुमार, प्रोफे०(डॉ०)एस०डी०सिंह परिहार, डॉ०रामदुलारे, डॉ० हरेंद्र सिंह शोध निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ० जे० के० राव, डॉ०इन्दीवर पाठक, प्रोफे०(डॉ०) रविशंकर सिंह, डॉ०प्रतिमा सिंह, प्रोफे०(डॉ०) सुनील कुमार, प्रोफे० एस० एन० सिंह, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० संजय चतुर्वेदी, डॉ०अंजनी कुमार गौतम, राजीव रंजन, डॉ०संतोष सिंह, डॉ० त्रिनाथ मिश्र, डॉ०कमलेश, अमितेश सिंह एवं अन्य प्राध्यापक गण व छात्र छात्राएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ० जे० के० राव ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ० जी० सिंह ने किया।

सूबेदार वशिष्ठ नारायण राय का निधन

सूबेदार वशिष्ठ नारायण राय का 97 वर्ष की आयु में निधन

गाजीपुर। जनपद के पचोखर ग्राम निवासी वशिष्ठ नारायण राय का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका जन्म 1928 में हुआ था। राय साहब ने 1946 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान भारतीय सेना में सेवा प्रारंभ की और 1975 में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए। वे 1948, 1962 एवं 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सक्रिय रूप से शामिल रहे और देश सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे अपने पीछे एक समृद्ध और प्रतिष्ठित परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें दो पुत्र सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जय प्रकाश राय व कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी चिकित्सालय, मुम्बई में चेस्ट स्पेशलिस्ट अवकाश प्राप्त कर्नल (डाक्टर) सत्य प्रकाश राय और दो पुत्रियाँ पूर्व प्रधानाचार्या कांता राय व आशा राय शामिल हैं। परिवार के प्रमुख सदस्यों में प्रोफे० राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय (प्राचार्य, पी.जी. कॉलेज, गाजीपुर), डॉ. सुनीता पाण्डेय (कुलसचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी), कर्नल राजीव कुमार राय, इंजीनियर नवीन ओझा आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। उनका अंतिम संस्कार 14 फरवरी 2025 को प्रातः 10 बजे गाजीपुर में संपन्न होगा। उनके निधन से क्षेत्र में गहरे शोक की लहर है। परिवार, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।

राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने की बजट की सराहना,बोली-यह बजट खुशहाल किसान और राष्ट्र के समग्र विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है

वाराणसी।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-2026 की सराहना करते हुए राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने कहा कि भारत का यह 78 वाँ और मोदी सरकार का यह 12 वाँ बजट है। 50.65 लाख करोड़ का यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि यह हमारी सरकार की नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर युवा, खुशहाल किसान और राष्ट्र के समग्र विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने हमेशा महिलाओं को भारत की विकास यात्रा का केंद्र बिंदु बनाया है। यह बजट इस विश्वास को और मज़बूत करता है कि नारी का उद्धार स्वर्णिम युग का द्वार है।इस बजट में पहली बार उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अगले पाँच वर्षों में दो करोड़ रुपये तक के टर्म लोन की एक नई योजना शुरू की गई है। हमारी सरकार में जल जीवन मिशन ने पहले 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किया है।जिससे महिलाओं पर पानी लाने का बोझ कम हुआ है।राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने कहा कि प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के गतिशील नेतृत्व में हम सिर्फ महिला सशक्तिकरण पर चर्चा नहीं कर रहे है बल्कि इसे वास्तविकता में बदल रहे हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का बजट 3624.80 करोड़ से बढ़कर 4482.90 करोड़ कर दिया गया है जिससे लाखों महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का बजट 1500 करोड़ से 3500 करोड़ कर दिया गया और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का बजट 32500 करोड़ से 54832 करोड़ कर दिया गया है।
किसानो के लिए किसान क्रेडिट कार्डों से 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋणों की सुविधा मिलती है। किसानों के क्रेडिट कार्ड की लिमिट अब 3 लाख रुपए से बढ़कर 5 लाख कर दी गई है।
किसानों के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना चलाई जाएगी। योजना से देश के करीब 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी। इसके तहत 100 ऐसे जिलों को कवर किया जाएगा जहां उत्पादन कम है। तुअर, उड़द, मसूर आदि दालों के लिए 6 साल का स्पेशल मिशन चलाया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्डों से 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋणों की सुविधा मिलती है। किसानों के क्रेडिट कार्ड की लिमिट अब 3 लाख रुपए से बढ़कर 5 लाख कर दी गई है।
विकसित भारत के युग में युवा ही हमको लेकर जाएंगे। इसलिए हमारी सरकार ने सबसे ज्यादा ऐलान युवाओं को लेकर किया है। जब तक युवा तैयार नहीं होंगे तब तक भारत कभी विकसित नहीं बन पाएगा, सुपर पावर नहीं बन पाएगा। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दस हजार करोड रुपए का नया फंड जारी की है। जिससे नौकरियों के नए अवसर खुलेंगे। “
जिज्ञासा, नवाचार और युवा मस्तिष्कों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए आगामी 5 वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिकरिग लैब की स्थापना की जाएगी।
23 आईआईटी में विद्यार्थियों की कुल संख्या में 100% की वृद्धि हुई है, जो विगत 10 वर्षों में 65,000 से बढ़कर 1.35 लाख हो गई है। वर्ष 2014 के पश्चात शुरू की गई पांच आईआईटी में अतिरिक्त अवसंरचना का सृजन किया जाएगा। ताकि 6,500 और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को सुविधाजनक बनाया जा सके।
अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक हजार करोड रुपए का वेंचर कैपिटल फंड शुरू किया गया है।