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पीडीए दिवस के रूप में मनाई गई कांशीराम जयंती,अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प

ग़ाज़ीपुर। समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में शोषितों वंचितों की प्रखर आवाज,समाज सुधारक एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा मान्यवर कांशीराम के जयंती पीडीए दिवस के रूप में शहर मुख्यालय स्थित सरजू पांडे पार्क में मनाई गई।
इस अवसर पर पार्टी के सभी नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीडीए की ताकत को मजबूत कर उनकी सोच की समाजवादी पार्टी सरकार एवं अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रजनीकांत और उनके साथियों ने समाजवादी गीत से किया।
इस समारोह के मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद लाल बिहारी यादव ने कांशीराम को युग पुरुष बताते हुए कहा कि अपनी प्रगतिशील सोच से उन्होंने समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा के अनुसार बहुजन समाज को संगठित होने की जरूरत है। यदि हम संगठित होकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई नहीं लड़े और तानाशाह भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल नहीं किया तो न हमारे हक- अधिकार बचेंगे न संविधान और लोकतंत्र। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो यह सरकार अपनी नापाक हरकतों से यह सरकार हमारे घरौंदों और सपनों को चकनाचूर कर देगी। कांशीराम जी के बताये रास्ते पर चलकर हम सबको संघर्ष कर देशहित में इस सरकार को सत्ता से बेदखल करने की जरूरत है।
जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कांशीराम दलितों पिछड़ों कै मसीहा थे। उन्होंने बहुजनवाद का सिद्धांत प्रतिपादित करते हुए आजीवन वंचितों और शोषितों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते रहे। उनके आंदोलन का ही परिणाम था कि दलित पिछड़ा और मुसलमान अपने हक हकूक के लिए जागरूक हुए।वज्ञ बहुजनों को इस देश के हुक्मरान के रूप में देखना चाहते थे उनका मानना था कि जब तक बहुजन के लोग हुक्मरान नहीं बनेंगे तब तक उनका कल्याण नहीं होगा। कांशीराम जी पूरे जीवन अम्बेडकर के मिशन को आगे बढ़ाते रहे। उन्होंने अपने जीवन में विवाह न करने और सम्पत्ति इक्ट्ठा न करने का प्रण किया उन्होंने पूरे जीवन इस प्रण का पालन किया।वह आजीवन निचले तबके के लोगों के उत्थान के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि जब तक धरती पर असमानता और शोषण है मान्यवर कांशीराम जी के विचार प्रासंगिक रहेंगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक डॉ विरेन्द्र यादव,विधायक जै किशन साहू,सोएब अंसारी उर्फ मन्नू अंसारी,पूर्व विधायक सैय्यदा शादाब फातिमा,पूर्व विधायक खुर्शीद अहमद, पूर्व विधायक चौधरी लालता प्रसाद निषाद, उमाशंकर कुशवाहा,राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा, ओपी भारती,पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव,सुदर्शन यादव, पुनीता यादव,बलिराम पटेल,रामवचन यादव, सुशील जायसवाल, अरुण कुमार श्रीवास्तव,विभा पाल, देवनाथ कुशवाहा,महेन्द्र चौहाध, राजकुमार पांडेय, डॉ रमाशंकर राजभर, रामाधार यादव,रीता विश्वकर्मा, अशोक कुमार बिन्द,रविन्द्र प्रताप यादव,सुजीत यादव ,आत्मा यादव, मन्नू सिंह,शौर्या सिंह,मुन्नीलाल राजभर, आशीष यादव उर्फ राहुल यादव,अमित ठाकुर,विजय शंकर यादव,रामदरस यादव,अभिषेक कुशवाहा, पूजा गौतम, रीना यादव , सत्येन्द्र यादव हत्या,डॉ समीर सिंह,तहसीन अहमद, गोवर्धन यादव,अवधेश यादव डॉ संजय कन्नौजिया, गोविंद यादव,सदानंद कन्नौजिया,जै हिंद यादव,वृजदेव खरवार, योगेंद्र राय, राजेन्द्र यादव, परशुराम बिंद,जमुना यादव, अनिल प्रधान, कमलेश यादव, मार्कण्डेय यादव,आदि मौजूद थे। इस कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।

एमएलसी चंचल के मौजूदगी में आयोजित की गई जल अर्पण कार्यक्रम

गाजीपुर। जनपद के विकास खण्ड सादात के अन्तर्गत बरहपुर नसरतपुर पेयजल योजना में जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर जल वंदना, जल पदयात्रा, स्वच्छता अभियान, जागरूकता बैठक तथा ‘‘मेरा गांव जल सुरक्षित भविष्य‘‘ विषय पर विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। साथ ही ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रधान द्वारा बताया गया कि 408 घरों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है है। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद विशाल सिंह चंचल के साथ ही ब्लॉक प्रमुख सादात, खंड विकास अधिकारी सादात, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत ग्रामवासी, विद्यालय के छात्र टीपीआई, डीपीएमयू सभी कार्यदायी संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं एफटीके महिलाएं, ट्रैनिंग प्राप्त किए 13 तकनीकी मेम्बर उपस्थित थे।

राष्ट्रीय लोक अदालत का जनपद न्यायाधीश ने किया शुभारंभ,1 लाख 10 हजार 990 मामले निस्तारित

गाजीपुर।जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह बताया गया कि लोक अदालत से जहाँ एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लम्बे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि जब लोक अदालत के माध्यम से किसी मामले का निस्तारण होता है तब उसके विरूद्ध कोई अपील नहीं होती है और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के सफलता हेतु सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा सुलह समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य को समाप्त करने का आवाहन किया गया।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत  शक्ति सिंह अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 द्वारा लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए यह बताया गया कि आज की लोक अदालत समाज के सभी वर्गों विशेषकर किसानों, मजदूरों और जवानों को समर्पित है। न्यायालय के प्रति जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए लोक अदालत के माध्यम की आवश्यकता है। यदि छोटे मामले सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारित हो जाते हैं तब न्यायालय पर भार कम होगा और जनता को और जल्दी निर्णय प्राप्त हो सकेगा।
अर्चना, सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर, द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1 लाख 34 हजार 668 मामले निस्तारण हेतु नियत किए गए थे, जिसमें से सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 1 लाख 24 हजार 490 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किए गए। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13 हजार 500 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग द्वारा कुल 1 लाख 10 हजार 990 मामले निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय द्वारा कुल 24 विवाहित जोड़ो की सुलह कराकर विदाई कराई गई। बैंकों द्वारा लगभग 7 करोड़ 34 लाख की धनराशि के मामले में इस लोक अदालत में निस्तारित किए गए।
आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन हेतु एक शिविर भी लगाया गया। इस अवसर पर मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बिजली बिल, गृहकर एवं जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित पंडाल भी लगाए गए हैं। जनपद न्यायाधीश द्वारा कुछ दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल आदि का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर पी.ओ.(एम.ए.सी.टी.) संजय हरिशुक्ला, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैलोज चन्द्रा, अपर जिला जज अली रजा, अभिमन्यू सिंह, रामअवतार प्रसाद, अलख कुमार, विजय कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, सिविल जज(सी.डि.) अमित कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिपेन्द्र कुमार गुप्ता, अपर सिविल जज (सी.डी.) श्वेतांक चौहान सिविल जज(सी.डि.)/एफ.टी.सी अनन्त कुमार, सिविल जज(जू.डि.), दीक्षा त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट मेहनाज खाँ, अपर सिविल जज (जू.डि.)  सुश्री मनी वर्मा, श्वेता नैन, शिवानी, संदेश कुमार पासवान, सोनाली प्रिया गौर व रंजना देवी, न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारी उपस्थित रहे।

जूनियर वर्ग बालिकाओं की कबड्डी व कुश्ती प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

गाजीपुर।खेल निदेशालय उप्र.लखनऊ के निर्धारित कार्यक्रमानुसार जनपद में जूनियर बालको की एथलेटिक्स, जिमनास्टिक, प्रतियोगिता एवं जूनियर वर्ग बालिकाओ की कबड्डी व कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन नेहरु स्टेडियम गोराबाजार के प्रांगण में किया गया। इस प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण के मुख्य अतिथि विनोद कुमार जोशी, अपर उपजिलाधिकारी गाजीपुर के कर कमलो द्वारा विजेता खिलाड़ियो को पुरस्कृत किया गया । अरविन्द यादव क्रीड़ाघिकारी द्वारा मुख्य अतिथि को बुके देकर स्वागत किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता में कुल 05 टीमों ने प्रतिभांग किया, जिसका फाइनल मैच बाबा इन्द्रदेव इण्टर कालेज महेशपुर बनाम अफताब एकेडमी केलही के मध्य खेला गया, जिसमें बाबा इन्द्रदेव इण्टर कालेज महेशपुर 28-25 अंको से विजयी रही। कबड्डी प्रतियोगिता निर्णायक के रुप में अंजनी वर्मा कबड्डी प्रशिक्षिका, इन्द्रजीत यादव, प्रियांशू रहें । कुश्ती प्रतियोगिता में कुल 65 खिलाड़ियो ने अलग-अलग भारवर्ग में प्रतिभाग किया। जिमनास्टिक प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलो के कुल 85 खिलाड़ियो ने अलग-अलग इवेन्ट में प्रतिभांग किया,। इसी प्रकार एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कुल 90 बालको ने प्रतिभांग किया। इस अवसर पर मो0 अकरम अहमद ज्वाइन्ट सचिव उ0प्र0 कबड्डी संघ, कमलेश यादव सचिव कुश्ती संघ गाजीपुर, अमरजीत सिंह अध्यक्ष एथलेटिक्स संघ गाजीपुऱ, अश्वनी राय व्यायाम शिक्षक बेसिक शिक्षा, योगेन्द्र कुमाऱ, मो0 मोईन संयुक्त सचिव फुटबाल संघ गाजीपुर, राधेश्याम सिंह यादव, विनोद कुमार जायसवाल, प्रदीप राय, प्रेमचन्द यादव, विजय, संगीता यादव, कु0 जुगनू वारिसी, एवं समस्त स्टाप उपस्थित रहें। अन्त में अरविन्द यादव क्रीड़ाधिकारी द्वारा सभी आगन्तुओ एवं खिलाड़ियो के प्रति आभार व्यक्त किया ।

डीएम-एसपी ने पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण,1091 अभ्यर्थी रहें अनुपस्थित

गाजीपुर।उप्र. पुलिस भर्ती व पदोन्नति बोर्ड, लखनऊ के द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस व समकक्ष पदों की परीक्षा को निष्पक्ष, नकल विहीन, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने सामुहिक रूप से आदर्श इण्टर कालेज मुहआबाग, राजकीय बालिका इण्टर कालेज महुआबाग एवं राजकीय पालिटेक्निक कालेज गाजीपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग हेतु कंट्रोल रूम को देखते हुए परीक्षा कक्ष में पहुचकर परिक्षार्थियों का प्रवेश पत्र एवं आधार चेक किया गया। उन्होने परीक्षा के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं केन्द्र व्यवस्थापक के साथ लगाए गए सेक्टर एवं जोनल तथा स्टेट्रिक मजिस्ट्रेट को कड़े निर्देश दिया कि किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।कड़ाई से अपने कार्यो एवं दायित्वो का शत प्रतिशत निर्वहन किया जाए। किसी भी केन्द्र पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जाएगी। जनपद में कुल-11 परीक्षा केन्द्रों पर प्रथम दिन दो पालीयों में परीक्षा सकुशल सम्पन्न हुई। जिसमें प्रथम पाली में 4080 अभ्यर्थी में 1119 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहें एवं द्वितीय पाली में 4080 में 1091 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहें।  

डालिम्स सनबीम स्कूल जखनिया में शिक्षकों की भर्ती

डालिम्स सनबीम स्कूल,जखनिया गाजीपुर में शिक्षकों की भर्ती:

जखनिया गाजीपुर। जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनिया द्वारा विभिन्न पदों पर योग्य एवं प्रतिभाशाली शिक्षकों की भर्ती के लिए साक्षात्कार आयोजित किया जा रहा है। यह भर्ती प्रक्रिया 15 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। विद्यालय प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस भर्ती में मदर टीचर, PRT (सभी विषय), TGT (English, SST), PGT (English, Business Studies, Banking, Physics) के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को CBSE मानकों के अनुसार वेतन प्रदान किया जाएगा। साक्षात्कार का आयोजन प्रातः 09:00 बजे से डालिम्स सनबीम स्कूल जखनिया गाजीपुर में किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल अनिवार्य है। इसके अलावा विद्यालय की ओर से गाजीपुर शहर से दैनिक परिवहन सुविधा तथा इनहाउस आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी 7355141911, 7572006586 पर संपर्क कर सकते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने योग्य एवं उत्साही शिक्षकों से इस अवसर का लाभ उठाने और शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने की अपील की है।

घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब केवल ओटीपी सत्यापन के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं के घर पर होगी:डीएम

जिलाधिकारी ने गैस एजेंसी व पेट्रोल पम्प प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब केवल ओटीपी सत्यापन के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं के घर पर होगी: जिलाधिकारी

सभी से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान ना दें: जिलाधिकारी

सभी गैस एजेंसियां अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से सूचना बोर्ड लगाएं:जिलाधिकारी

   
गाजीपुर:जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिती में कलेक्ट्रेट सभागार में गैस एजेंसी प्रतिनिधियो और पेट्रोल पंप प्रतिनिधियो के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनसामान्य को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कही से भी कोई शिकायत मिलती है कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियो से पारदर्शिता बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि कही भी अवैध भंडारण पकड़ा जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि  यदि किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न हो तो उसके लिए कलेक्ट्रेट में इमरजेंसी ऑपरेशन में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबरों 0548-2224041 पर कॉल करके अपनी शिकायत बता सकते हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आयल कपंनी के प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में शहरी क्षेत्र में नई रीफिल की बुकिंग विगत बुकिंग के 26 वें दिन एवं ग्रामीण क्षेत्र में 46 वें दिन से शुरू हो रही है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के पश्चात् प्राप्त ओ0टी0पी0 हॉकर को उपलब्ध कराने पर ही गैस ही आपूर्ति प्राप्त होगी। वर्तमान में जनपद में पेडिंग बुकिंग का औसतन 03 दिनों का बैकलाग चल रहा है।
जिलाधिकारी ने गैस कंपनियों को निर्देश दिए कि जिसने पहले बुकिंग कराई है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले सिलेंडर दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी सीधे उपभोक्ताओं के घर पर ही की जाएगी। इसके लिए ओटीपी आधारित सत्यापन व्यवस्था अनिवार्य रहेगी। उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यदि कहीं शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और कहीं भी ईंधन की कमी की स्थिति नहीं है। जिलाधिकारी ने गैस कंपनियों को निर्देशित किया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने नागरिकों से अपील किया कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
बैठक में जिलाधिकारी ने गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से सभी एलपीजी विक्रेताओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी गैस एजेंसियां अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से सूचना बोर्ड लगाएं कि गैस सिलेंडर अब केवल ओटीपी सत्यापन के बाद ही प्राप्त होगा और वर्तमान बुकिंग नियमों तथा बुकिंग की प्रक्रिया एवं गैस डिलीवरी की अनुमानित समय सीमा का प्रदर्शन रहेे, ताकि उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति न रहे।
 बिना ओटीपी मिलान के सिलेंडर का वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले या बोर्ड न लगाने वालों के विरुद्ध द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से भी अपील है कि वे सुरक्षा हेतु इस डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी भू0/रा0 आयुष चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक शहर राकेश मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी अनन्त प्रताप सिंह, एवं संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी/ कर्मचारी उपस्थित रहें।

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश कुमार चौहान

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय के शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “माध्यमिक स्तर के फुटबॉल एवं कबड्डी खिलाड़ियों के चिंता और व्यक्तित्व का तुलनात्मक अध्ययन ”नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि माध्यमिक स्तर पर खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फुटबॉल और कबड्डी दोनों लोकप्रिय खेल हैं, परंतु इनकी प्रकृति अलग होने के कारण खिलाड़ियों की चिंता और व्यक्तित्व में भी अंतर देखा जाता है। फुटबॉल एक टीम आधारित खेल है जिसमें खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान में सक्रिय रहना पड़ता है। इसमें टीम समन्वय, सहनशक्ति और रणनीति महत्वपूर्ण होती है। इसलिए फुटबॉल खिलाड़ियों में सहयोग, आत्मविश्वास, सामाजिकता और धैर्य जैसे व्यक्तित्व गुण अधिक विकसित होते हैं। प्रतियोगिता के दौरान प्रदर्शन को लेकर उनमें कभी-कभी चिंता भी देखी जाती है। कबड्डी एक शारीरिक संपर्क वाला खेल है जिसमें साहस, त्वरित निर्णय और जोखिम उठाने की क्षमता आवश्यक होती है। कबड्डी खिलाड़ियों में आक्रामकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और साहस जैसे गुण अधिक पाए जाते हैं। खेल के दौरान हर क्षण सतर्क रहने की आवश्यकता के कारण उनमें क्षणिक चिंता अधिक देखी जा सकती है। इस प्रकार फुटबॉल खिलाड़ियों में टीम भावना और संतुलित व्यक्तित्व अधिक विकसित होता है, जबकि कबड्डी खिलाड़ियों में साहस और त्वरित निर्णय क्षमता प्रमुख होती है। दोनों खेल विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) वीरेन्द्र कुमार सिंह एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० लवजी सिंह, प्रोफे० (डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार , प्रोफे०(डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ०शैलेन्द्र सिंह, डॉ०अरविंद उपाध्याय, डॉ०अंजनी कुमार गौतम, प्रोफे० विनय कुमार दुबे, प्रोफे० मीना सिंह, अभिषेक एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ० लवजी सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश कुमार चौहान

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय के शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “माध्यमिक स्तर के फुटबॉल एवं कबड्डी खिलाड़ियों के चिंता और व्यक्तित्व का तुलनात्मक अध्ययन ”नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि माध्यमिक स्तर पर खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फुटबॉल और कबड्डी दोनों लोकप्रिय खेल हैं, परंतु इनकी प्रकृति अलग होने के कारण खिलाड़ियों की चिंता और व्यक्तित्व में भी अंतर देखा जाता है। फुटबॉल एक टीम आधारित खेल है जिसमें खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान में सक्रिय रहना पड़ता है। इसमें टीम समन्वय, सहनशक्ति और रणनीति महत्वपूर्ण होती है। इसलिए फुटबॉल खिलाड़ियों में सहयोग, आत्मविश्वास, सामाजिकता और धैर्य जैसे व्यक्तित्व गुण अधिक विकसित होते हैं। प्रतियोगिता के दौरान प्रदर्शन को लेकर उनमें कभी-कभी चिंता भी देखी जाती है। कबड्डी एक शारीरिक संपर्क वाला खेल है जिसमें साहस, त्वरित निर्णय और जोखिम उठाने की क्षमता आवश्यक होती है। कबड्डी खिलाड़ियों में आक्रामकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और साहस जैसे गुण अधिक पाए जाते हैं। खेल के दौरान हर क्षण सतर्क रहने की आवश्यकता के कारण उनमें क्षणिक चिंता अधिक देखी जा सकती है। इस प्रकार फुटबॉल खिलाड़ियों में टीम भावना और संतुलित व्यक्तित्व अधिक विकसित होता है, जबकि कबड्डी खिलाड़ियों में साहस और त्वरित निर्णय क्षमता प्रमुख होती है। दोनों खेल विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) वीरेन्द्र कुमार सिंह एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० लवजी सिंह, प्रोफे० (डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार , प्रोफे०(डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ०शैलेन्द्र सिंह, डॉ०अरविंद उपाध्याय, डॉ०अंजनी कुमार गौतम, प्रोफे० विनय कुमार दुबे, प्रोफे० मीना सिंह, अभिषेक एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ० लवजी सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।

डीएम की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण योजनाओं,विकास कार्य की हुई समीक्षा बैठक,दिए सख्त निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में उप्र. शासन द्वारा निर्धारित शासन के महत्वपूर्ण योजनाओ, विकास कार्यों एवं राजस्व कार्यो की समीक्षा बैठक सी एम डैशबोर्ड दर्पण पर आधारित कलेक्ट्रेट सभागार मे गुरुवार को सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त विभागो को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभागो की प्रगति बढाते हुए प्रत्येक माह के 25 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड करने का शख्त निर्देश दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विद्युत, पशुपालन, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास के अन्तर्गत मुख्यमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी का लक्ष्य के सापेक्ष, जल जीवन मिशन, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों का अनुरक्षण, सेतुओं का निर्माण, नई सड़कों का निर्माण, भवन निर्माण पंचायती राज, शादी अनुदान योजना, निराश्रित गोवंश का संरक्षण, पारिवारिक लाभ योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, कन्या विवाह सहायता राशि, श्रम एवं सेवायोजना और अन्य सभी विभागीय योजनाए, की समीक्षा की गई। बैठक में आई0जी0आर0एस0 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि आई0जी0आर0एस0 में किसी भी प्रकार की शिथिलता होने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
बैठक मे जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित विभागों से जुड़ी योजनाओं की माह प्रगति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होने संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा में विभागीय विकास परक योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर पात्र आम जन मानस को त्वरित गति से लाभ पहुचाया जाए। कोई भी पात्र व्यक्ति शासन का लाभपरक योजनाओं से वंचित न रहने पाए। उन्होने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के संबंध में स्टाफ के साथ समीक्षा कर समयान्तर्गत कार्य कराना सुनिश्चित करें। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वमार्, अर्थ एवं संख्याधिकारी, समेत समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।