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मांगों को पूरा करें तभी धरना होगा स्थगित

निविदा कर्मियों को नियमित किया जाय,निर्भय सिंह।


गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में शुक्रवार को चौथे दिन भी विद्युत कर्मियों का धरना जारी रहा। इस दौरान जिलाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा ने बताया कि विद्युत कर्मियों का पंद्रह सूत्रीय मांगो को अभी तक सरकार एवम ऊर्जा प्रबंधन द्वारा नही सुना गया है, जिसमे कहि न कही विद्युत कर्मियों में प्रबंधन के खिलाफ भारी गुस्सा है। कहा कि अगर तत्काल जिला प्रशासन मामले को संज्ञान मे नही लिया तो कभी भी पूरे जिले की बिजली बेवस्था ध्वस्त हो सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि पाली ड्यूटी पर कार्यरत सब स्टेशन ऑपरेटर कभी भी कार्य बहिष्कार कर धरने पर आ सकते हैं जिसके कारण विद्युत बेवस्था कभी भी लड़खड़ा सकती है। अगर देखा जाय तो अभी तक विद्युत कर्मियों के हड़ताल को देखते हुवे जिला प्रशासन ने विद्युत सप्लाई को सुचारू रखने के लिए कोई वैकिल्प व्यवस्था नही किया गया है, जिसमे आम जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिला संयोजक निर्भय सिंह ने सरकार से मांग करते हुवे बताया कि हमारे संविदा/निविदा कर्मियों को पंजाब, तेलगाना, उड़ीसा, दिल्ली के तर्ज पर विभाग में समायोजित करके नियमित किया जाय। आज के दौर में यही निविदा कर्मी अपने जान को जोखिम में डालकर आम जनता के सेवा के लिए दिन रात मेहनत करते है और इन लोगो को श्रम विभाग के द्वारा न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाती है। इन लोगो के पैसे का बंदरबाट ऊर्जा चेयरमैन एवं ठेकेदार मिलकर कर रहे है। खुलेआम दलाली ऊर्जा प्रबंधन ठेकेदारों से मिलकर कर रहा है और हमारे मुखमंत्री इस पर चुप्पी साधे हुवे है। हम मुख्यमंत्री से मांग करते है की उत्तर प्रदेश में आबादी को देखते हुवे सभी संविदा/निविदा, मीटर रीडरो को विभाग में नियमित करने के लिए तत्काल कदम उठाए नही तो आने वाले समय में विद्युत कर्मी बहुत बड़ा आंदोलन के साथ साथ भूख हड़ताल करने को बाध्य होगे। जिला सह संयोजक अभिषेक राय ने बताया कि आज अभियंताओं में डर का माहौल बना हुवा है। कोई भी इस डरे हुवे माहौल में कार्य नही करना चाहते है। इसलिए की ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज का जो कार्य करवाने का तरीका है वह ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ है। बराबर तुगलकी फरमान, वर्क टू वर्क रूल के खिलाफ कार्य करवाना, बेवजह वीसी करके धमकी देना, बिना सूचना दिए बगैर जांच किए निलंबित करना। कहा कि कोई भी अभियंता को बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखने के लिए उपकरण भी नही मिल रहा है ना ही बिजली चेकिंग के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है, एवम ना ही किसी भी कर्मचारियों की विभागीय समस्याओं का निदान ऊर्जा प्रबंधन के द्वारा की जा रही है। सभी वर्ग के अभियंता एवम विभागीय कर्मी परेशान है सुनने वाला कोई नहीं है, सिर्फ तानाशाही रवैए से कर्मचारियों एवम अधिकारियों का आर्थिक एवम मानसिक रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है, यही सब मांगों को लेकर धरना विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में चलता रहेगा। कहा कि सबका मूल जड़ ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज है। इसको तत्काल पद से हटाया जाय एवम हमारे केंद्रीय कमेटी को बुलाकर मुख्यमंत्री एवम ऊर्जा मंत्री बैठकर हमारी पंद्रह सूत्रीय मांगो को अमल में लाए तभी धरना स्थगित किया जाएगा। धरने में मुख्य रूप से अधिशाषी अभियंता संजय सिंह,मनीष कुमार,हेमंत सिंह,आशीष चौहान,चंद्रपाल सिंह सहायक अभियंता शेखर सिंह,मिठाई लाल,सुधीर कुमार,विजय यादव,कमलेश कुमार,अवर अभियंता पंकज चौहान,हर्षित राय,रमेश मौर्य,चित्रसेन प्रसाद,विनोद राम, शैलेंद्र ओझा,शशिकांत पटेल,महबूब अली,इंद्रजीत पटेल विद्युत मजदूर पंचायत के ,जिला मंत्री विजयशंकर राय,भानु सिंह,विनय तिवारी,अश्वनी सिंह,प्रवीण सिंह,प्रवीण पाण्डेय,गोविंद कुशवाहा,शशिकांत मौर्य,ज्योतिकांत कुशवाहा,राजेश सिंह,जीवन वर्मा,अनीश अहमद सहित सैकड़ों विद्युत कर्मी,संविदा/निविदा कर्मी मौजूद रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता ई0 विजय यादव एवं संचालन ई0 मिथिलेश यादव ने किया।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर जागरूकता का हुआ आयोजन

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर जागरूकता गोष्ठी का हुआ आयोजन

गाजीपुर। हर साल सर्दियों में वायु प्रदूषण चिंताजनक स्थिति में होता है। इसी मौसम में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है। इसे मनाने की वजह 1984 में हुए एक औद्योगिक हादसा है। जिससे 2-3 दिसंबर की रात को भोपाल में एक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इसी को लेकर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनदाबाद के अंतर्गत आने वाले हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर एवं ग्रामों में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय की अध्यक्षता में किया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि वर्तमान समय में मानवीय अस्तित्व के लिए सबसे बड़े संकट की बात की जाए तो निःसंदेह ही पर्यावरण प्रदूषण धरती के लिए सबसे बड़ा खतरा है। आज विश्व का प्रत्येक भाग मानव द्वारा निर्मित प्रदूषण से जूझ रहा है जिसके कारण विभिन पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन हो गयी है। जल, स्थल, वायुमंडल सहित जीवमंडल का सम्पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र प्रदूषण के कारण संकट में है। मानवीय प्रदूषण के कारण उत्पन संकट को दूर करने के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के माध्यम से देश के नागरिको को जागरूक किया जाता है। प्रदूषण का पारिस्थितिक तंत्र सहित मानवीय जीवन पर घातक प्रभाव होता है। प्रदूषण के कारण पारिस्थितिक तंत्र में असंतुलन उत्पन हो जाता है। जिसके कारण विभिन जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है। प्रदूषण का पारिस्थितिक तंत्र सहित मानव जीवन पर घातक प्रभाव पड़ता है। इसके कारण विभिन जीवों के खाद्यान एवं आवास पर संकट उत्पन होता है। साथ ही विभिन वैज्ञानिक अनुसंधानो में भी यह बात साबित हो चुकी है की प्रदूषण ना सिर्फ हृदय, श्वसन एवं तंत्रिका तंत्र सम्बंधित बीमारियों के लिए जिम्मेदार है। अपितु यह कैंसर जैसे बीमारियों का भी प्रमुख कारक है। प्रदूषण के कारण लोगो की उम्र में 10 वर्ष तक की कमी सम्बंधित शोध भी प्रकाशित हो चुके है।

ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्या है प्रदूषण दिवस 2 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है इसका मुख्य उद्देश्य नागरिको को पर्यावरण प्रदूषण के बारे में जागरूक करना है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के माध्यम से सरकार एवं विभिन गैर-सरकारी संस्थानों के द्वारा विभिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसके माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण का कारकों, इसके नियंत्रण एवं निस्तारण में लोगों की सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्ययोजना को लागू किया जाता है। साथ ही जन-सहभागिता के अतिरिक्त राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के अवसर पर विभिन नियमों एवं कानूनो के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाता है। पर्यावरण प्रदूषण हेतु प्रभावी उपायों के बारे में भी इस दिवस के अवसर पर विभिन प्रकार की जानकारी साझा की जाती है। प्रदूषण के कारकों के आधार पर इसे विभिन प्रकार से विभाजित किया गया है जिन्हे मुख्यत निम्न प्रकार से बाँटा गया है :- जल-प्रदूषण, वायु-प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, प्रदूषण के प्रमुख कारक है। मानव निर्मित औद्योगिक गतिविधियों, रसायनों के प्रयोग, खनिज तेल का उपयोग एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुन दोहन के कारण प्रदूषण पैदा होता है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में एक दूजे के हुए 329 जोड़े

गाजीपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत सामुहिक विवाह समारोह का आयोजन आर टी आई मैदान में शुक्रवार को आयोजित किया गया। शादी समारोह का शुभारम्भं जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह ‘चंचल‘, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, पूर्व पिछड़ावर्ग उपाध्यक्ष प्रभुनाथ चौहान, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर प्रतिभा मिश्रा एवं अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। सामुहिक विवाह योजना में जनपद के 8 विकास खण्डो के कुल 329 जोड़ो का सामुहिक विवाह पूरे विधि विधान से सम्पन्न हुआ। जिसमे 3 मुस्लिम जोड़ो का निकाह भी कराया गया। सामुहिक विवाह कार्यक्रम निर्धारित विकास खण्डवार जिसमे सभी नगर पंचायत एवं नगर पालिका को भी शामिल किया गया है।

सामुहिक विवाह के अवसर पर उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नव विवाहित वर वधुओं को उनके वैवाहिक जीवन की मंगल कामना की। उपस्थित विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह ‘चंचल ने शादी समारोह में आये हुए वर एवं वधु के परिजनो के प्रति शुभकामना व्यक्त करते हुए बताया कि इस योजना के अन्तर्गत 51 हजार की धनराशि प्रदान किया जा रहा है जिसमें 35 हजार रूपये वधु के खाते में तथा 10 हजार रूपये के उपहार एवं 6 हजार शादी समारोह के आयोजन के लिए दिया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह और अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल ने नव विवाहित जोड़ो को उनके सुखमय जीवन की शुभकामना देते हुए कहा कि ‘‘दहेज लेना एक अभिशाप है‘ जिसे हमे समाज से दूर करना है। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने नव विवाहित जोड़ो को बधाई दी तथा मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सामुहिक विवाह योजना कार्यक्रम महिलाओं के प्रति समाज में फैली कुरितियॉ को खत्म करने के लिए एक बहुत ही सार्थक प्रयास है। इस अवसर पर सभी दाम्पत्य जोड़ो को पौधरोपण हेतु पौधे उपलव्ध कराये गये तथा प्रत्येक जोड़ो को अपने सालगीरह पर प्रत्येक वर्ष एक-एक पौध लगाने की अपील की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आमवीर सिंह ने सभी नव विवाहित जोड़ो को आर्शिवचन देते हुए उनके सुखमय जीवन की मंगल कामला कीे।

हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गाजीपुर। थाना भांवरकोल का हिस्ट्रीशीटर और शातिर लुटेरे को अवैध तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। गुरूवार को उ0नि0 ओमकार तिवारी ने मुखबिर की सूचना पर हरिजन बस्ती ग्राम मलिकपुरा जाने वाली सड़क बहद ग्राम मलिकपुरा के पास से लूटेरा और हिस्ट्रीशीटर अमित कुमार पुत्र श्री निवास राम ग्राम मलिकपुरा थाना भाँवरकोल को एक तमंचा .315 बोर और 3 अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर के साथ शाम को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त के उपर भांवरकोल थाना में कई मामलों में मुकदमा दर्ज है।

असलहा और गाजा के साथ एक गिरफ्तार

गाजीपुर। खानपुर पुलिस ने एक तमन्चा, एक जिन्दा कारतूस और 10 किलो गाजा के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया। गुरूवार को थानाध्यक्ष खानपुर थाना क्षेत्र होकर बिहारीगंज डगरा पहुँचे जहाँ उ0नि0 रामसजन यादव पुलिस कर्मियों के साथ वाहन चेकिंग कर रहे थे तभी मुखबिर आया और बताने लगा कि एक व्यक्ति जो मोटर साइकिल पर कोई संदिग्ध वस्तु रखा हुआ है वह तेलियानी की तरफ से बुढीपुर चौराहा की तरफ आ रहा है अगर जल्दी किया जाए तो पकड़ा जा सकता है। मुखबिर की सूचना पर मोटर साइकिल सवार व्यक्ति अजीत यादव पुत्र रामअवध यादव निवासी ग्राम सरवरपुर थाना खानपुर को गुरूवार की रात 8 बजे विछुडनाथ तिराहा ग्राम बभनौली से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त खानपुर थाना का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। अभियुक्त के उपर जिले के अन्य थानों सहित गैर जनपदों के थानों में भी कई अपराधिक मामलों में मुकदमा दर्ज है। अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली टीम में खानपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र, उ0नि0 रामसजन यादव, उ0नि0 फूलचन्द पाण्डेय, कांस्टेबल शमशेर सिंह, का0 अनूप पाठक, का0 धर्मेन्द्र कुमार, का0 रवि कुमार और का0 आकाश सिंह शामिल रहे।

महिला पीजी कॉलेज में पोस्टर प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरूवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की तरफ से एक विचार गोष्ठी और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के प्रारंभ में डॉ. मनीष ने कहा कि प्रारंभ में विश्व एड्स दिवस को बच्चों और युवाओं से जोड़कर देखा जाता था लेकिन एचआईवी केवल बच्चों और युवाओं को ही संक्रमित नहीं करता बल्कि यह हर उम्र के लोगों को अपनी गिरफ्त में ले सकता है। अमेरिकन जीन टेक्नोलॉजी का दावा है कि जीन थेरेपी के माध्यम से इसका ईलाज संभव है लेकिन अभी यह जन सामान्य की पहुँच से बाहर है। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित यादव ने कहा कि एचआईवी संक्रमण एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह सबसे पहले जीवन प्रतिरक्षा प्रणाली को लक्ष्य करता है। जैसे ही लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है यह बीमारी अपने प्रभाव में ले लेती है। डॉ. संगीता ने कहा कि अभी तक इसके लिए कोई टीका नहीं बना है इस लिए बचाव ही इसका सही उपाय है। डॉ. गजनफर सईद ने कहा कि इसके लक्षण में तेजी से वजन का कम होना, दस्त, खासी बुखार जैसे शरीरिक लक्षण दिखने प्रारंभ हो जाते हैं। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. सविता भारद्वाज ने कहा कि हर वर्ष आज के ही दिन विश्व एड्स दिवस इसी उद्देश्य के साथ मनाया जाता है कि एचआईवी संक्रमण की वजह से फैली महामारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। सरकार अपने मकसद में कामयाब तभी होगी जब देश के नागरिकों का सहयोग प्राप्त हो। इस कार्यक्रम में स्वयं सेवियों ने पोस्टर प्रदर्शनी लगाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। इन स्वयं सेवियों के पोस्टर का मूल्यांकन किया गया जिसमें विशाखा चौहान प्रथम, तनवीर फात्मा द्वितीय तथा तीसरे स्थान पर हिना खातून और सत्या कुमारी रहीं साथ ही कृष्णा कुशवाहा सांत्वना पुरस्कार प्राप्त कीं। यह समस्त सूचनाएँ मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार ने साझा करते हुए कहा कि अभी 2020 की ताजा रिपोर्ट यह है कि इस बीमारी के कारण सात लाख के करीब लोगों की मौत हो गयी है। इसका अर्थ यह है कि हम अभी तक इस मामले में जागरूक नहीं हो पाए हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. राजेश यादव, डॉ. हरेंद्र यादव के साथ ही समस्त छात्राएं उपस्थित रहीं।

डीएम ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार वाहन को किया रवाना

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्याका अखौरी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के प्रचार वाहन को फीता काटकार और हरी झंडी दिखाकर कलेक्ट्रेट परिसर से गुरूवार को रवाना किया। यह रथ जनपद के सभी विकास खण्डो, ग्राम पंचायतो तथा तहसीलो में प्रचार प्रसार के माध्यम से सरकार की महत्वपूर्ण लाभकारी योजनाओं एवं बीमा के सम्बन्ध मे जानकारी कृषको तक पहुचायेगा। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक अतिंदर सिंह, फसल बीमा के जिला समन्वयक सुनील कुमार श्रीवास्तव, तहसील क्वार्डिनेटर अजीत दुबे और आशीष कुमार यादव, किसान अरुण कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

जब तक चेयरमैन पद पर रहेगा तब तक नहीं होगा कार्य

विद्युत कर्मियों का जारी है कार्य बहिष्कार।


गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में आज तीसरे दिन गुरूवार को भी कार्य बहिष्कार रहा। जिसमे बिजली कर्मचारियों ,अवर अभियंताओं व अभियंताओं की न्यायसंगत समस्याओं के निराकरण के लिए कार्य बहिष्कार रहा। ऊर्जा निगमों के बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की ज्वलंत समस्याओं से समाधान हेतु प्रबंधन का हठवादी व दंडात्मक रवैया बना हुवा है जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है। इस दौरान जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि हम विद्युत कर्मी पिछले दो दिन से कार्य बहिष्कार पर है फिर भी सरकार मौन धारण की हुई है। भ्रष्ट ऊर्जा चेयरमैन को बचाने के लिए विद्युत कर्मियों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है, मगर विद्युत कर्मी भी झुकने वाले नही है। कहा कि जब तक भ्रष्ट ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज अपने पद से हटेगा नही तब तक विद्युत कर्मी अपने कार्य पर लौटेंगे नही। बता दें कि जिले में लगभग तीन दिनों में करीब तीन करोड़ राजस्व का नुकसान कार्य बहिष्कर के अंतर्गत हुवा है। जिलाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा ने बताया कि जिले के 69 उपकेंद्रों में लगभग 41 उपकेंद्र की लाइट ब्रेक डाउन हैं, हम नही चाहते की हमारे वजह से आम उपभोक्ता परेशान हो मगर सरकार के हटवादी रवैए के वजह से हम मजबूर होकर अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करके न्याय मांग रहे है। जुनियर इंजिनियर संगठन के प्रदेश महासचिव ई0 जयप्रकाश सिंह ने बताया कि ऐसे तानाशाह चेयरमैन को तत्काल पद से हटाया जाए तभी प्रदेश के सभी विद्युत कर्मी स्वच्छ वातावरण एवम भय मुक्त होकर अपने कार्य को संपादित करेगे। कहा कि आए दिन अवर अभियंताओं का उत्पीड़न प्रबंधन एवम हटवादी तुगलकी फरमान, मनमानी दिशा निर्देश, धमकियां भरे पत्र जारी करने वाला पावर कारपोरेशन के ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज द्वारा किया जा रहा है जो पावर कारपोरेशन के खिलाफ है। अवर अभियंता उसी समय कार्य पर लौटेंगे जब इस चेयरमैन को पद से निष्कासित न किया जाय तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। बिजली कर्मियों को एलएमभी 10 की सुविधा जारी रखा जाय, वही समस्त बिजली कर्मियों /निविदा कर्मियों, संविदा कर्मियों को पिछले कई वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान किया जाय। सभी रेगुलर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना लागू किया जाय। इस हड़ताल में मुख्य रूप से अधीक्षण अभियंता मोहन राकेश,अधिशासी अभियंता हेमंत सिंह, चंद्रपाल सिंह, मनीष कुमार, आशीष चौहान, सहायक अभियंता सत्यम त्रिपाठी, अभिषेक राय, संतोष चौधरी, सुधीर सिंह, अवर अभियंता योगेंद्र प्रसाद दानी, तपस कुमार, प्रमोद यादव, महबूब अली, कुलदीप नैय्यर, अमित गुप्ता, एस के ओझा, नीरज सोनी, रमेश मौर्या, दीपक कुमार, सूर्यनाथ, मोहम्मद यामीन, हर्षित राय, पंकज सिंह, विनोद राम, गुड्डू चौहान, रामप्रवेश चौहान, अश्वनी पटेल, शशिकांत पटेल, विद्युत मजदूर पंचायत से अश्वनी सिंह, नौशाद खान, पिंटू दानी, अजय विश्वकर्मा, अनीश अहमद, भानु सिंह, प्रवीण सिंह, प्रवीण पाण्डेय, विष्णु राय, बिजेंद्र यादव, शशिकांत कुशवाहा, प्रकाश राम, सुधीर सिंह, अमित सिंह, मनीष राय, रामबिलास यादव, पवन कुमार, कपिल गुप्ता, मदन यादव, ज्योतिकान्त, सलीम, विश्वजीत, विनय तिवारी सहित समस्त विद्युत कर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजिनियर सुधीर कुमार एवम संचालन ई0 मिथिलेश यादव ने किया।

निकाली गई जागरूकता रैली, चलाया गया हस्ताक्षर अभियान

एड्स जागरूकता एवं बचाव के लिए निकाली गई रैली चलाया गया हस्ताक्षर अभियान

गाजीपुर। हर साल 1 दिसंबर को दुनिया भर में विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। यह एचआईवी से संक्रमित लोगों के लिए समर्थन दिखाने और इस बीमारी से जान गंवाने वाले रोगियों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है। इसी को लेकर गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से एड्स जागरूकता एवं बचाव के उद्देश्य को लेकर एक रैली निकाली गई। जो गोरा बाजार के विभिन्न इलाकों से होते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचा। जहां पर रैली में शामिल लोगों ने हस्ताक्षर अभियान में शामिल हुए और इसके पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभागार में एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। जिसमें एड्स की भयावहता और बचाव के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि साल 1988 में विश्व एड्स दिवस को पहले इंटरनेशनल हेल्थ डे के रूप में मनाना शुरू किया गया। यह दिन एचआईवी टेस्टिंग, रोकथाम और देखभाल लोगों को विश्व स्तर पर खुद को एक साथ जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के बारे में है।
यह दुनिया भर के लोगों के लिए एचआईवी के खिलाफ लड़ाई में एक साथ आने, एचआईवी के साथ जी रहे लोगों को सपोर्ट करने और इससे जान गंवाने वालों को याद करने का एक दिन है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य राष्ट्रीय और स्थानीय सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और व्यक्तियों के बीच एड्स और एचआईवी के बारे में जानकारी के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद के अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि विश्व एड्स दिवस को लेकर कई स्वास्थ्य केंद्रों पर पोस्टर के माध्यम से आने वाले मरीजों उनके परिजनों को जागरूक करने का काम किया गया।

एड्स का खतरा एक से अधिक लोगों से यौन संबंध रखने वाला व्‍यक्ति।वेश्‍यावृति करने वालों से यौन सम्‍पर्क रखने वाला व्‍यक्ति।नशीली दवाईयां इन्‍जेकशन के द्वारा लेने वाला व्‍यक्ति।यौन रोगों से पीडित व्‍यक्ति।पिता/माता के एच.आई.वी. संक्रमण के पश्‍चात पैदा होने वाले बच्‍चें।बिना जांच किया हुआ रक्‍त ग्रहण करने वाला व्‍यक्ति

एड्स से बचाव ,जीवन-साथी के अलावा किसी अन्‍य से यौन संबंध नही रखे।यौन सम्‍पर्क के समय निरोध(कण्‍डोम) का प्रयोग करें।मादक औषधियों के आदी व्‍यक्ति के द्वारा उपयोग में ली गई सिरिंज व सूई का प्रयोग न करें।एड्स पीडित महिलाएं गर्भधारण न करें, क्‍योंकि उनसे पैदा होने वाले‍ शिशु को यह रोग लग सकता है।रक्‍त की आवश्‍यकता होने पर अनजान व्‍यक्ति का रक्‍त न लें, और सुरक्षित रक्‍त के लिए एच.आई.वी. जांच किया रक्‍त ही ग्रहण करें।डिस्‍पोजेबल सिरिन्‍ज एवं सूई तथा अन्‍य चिकित्‍सीय उपकरणों का 20 मिनट पानी में उबालकर जीवाणुरहित करके ही उपयोग में लेवें, तथा दूसरे व्‍यक्ति का प्रयोग में लिया हुआ ब्‍लेड/पत्‍ती काम में ना लेंवें।एड्स-लाइलाज है- बचाव ही उपचार है।

कार्यक्रम में एचआईवी टीबी प्रोग्राम के चार पार्टनर संस्था, ज्योति ग्रामीण संस्था, सेंटर ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योर ,अहाना के साथ ही सुभेछा परियोजना के लोग शामिल रहे। साथ ही जनपद में चलने वाले 9 आईसीटीसी सेंटर के कर्मचारी और एआरटी सेंटर के कर्मचारी के साथ ही एसीएमओ डॉ मनोज सिंह ,डॉ जे एन सिंह, डॉ एसडी वर्मा, डॉ सुजीत मिश्रा, डॉ मिथिलेश सिंह ,अनुराग पांडे , संजय सिंह यादव, श्वेताभ गौतम, रविप्रकाश, सुनिल वर्मा, अंजु सिंह स्वर्ण लता सिंह, श्वेता, संगीता और अन्य लोग शामिल रहे।

कार्य से नाराज डीएम, दिया निर्देश

गाजीपुर। बुधवार को जनपद में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप पेयजल योजना के कुल 288 ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक जिला अधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कार्य की धीमी गति के कारण काफी नाराजगी व्यक्त की गई, साथ ही साथ कार्यदाई संस्था को कार्य में तेजी लाने हेतु सख्त निर्देश दिए गए। इस मौके पर तत्काल 20 भूमि विवादों का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने जिन-जिन स्थानो पर कार्य प्रारम्भ नही हुआ वहा अगले दिन से ही कार्य प्रारम्भ कराने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता मोहम्मद कासिम हाशमी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, डीपीएमयू , टीपीआई एवं कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।